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कोटद्वार–  राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में गढ़भोज महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने मोटे अनाजों से बने विभिन्न व्यंजनों को प्रदर्शित किया गया।

 

इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के गृह विज्ञान , बीएड विभाग , भूगोल विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गढ़वाली साहित्य में अपना अमूल्य योगदान देने वाले धाद संस्था के पूर्व अध्यक्ष श्री जगमोहन सिंह बिष्ट जी ,विशिष्ट अतिथि सिद्धबली मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉक्टर जे पी ध्यानी थे।

 

 

अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम की संयोजक डॉ सरिता चौहान द्वारा किया गया। तत्पश्चात श्री बिष्ट जी ने विद्यार्थियों को मोटे अनाज से बनने वाले विभिन्न व्यंजनों के लाभ के साथ-साथ उनके बनाने हेतु सामाजिक परिप्रेक्ष्य से भी अवगत करवाया।

 

 

श्री ध्यानी जी ने मोटे अनाज से बने व्यंजनों के औषधीय गुना एवं आयुर्वेदिक लाभों से विद्यार्थियों को अवगत करवाया। साथ ही महाविद्यालय को इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए साधुवाद दिया।

 

व्यंजनों की प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रकार के व्यंजन जैसे झंगोरे की खीर, छन्च्या, कपुलु, दाल के पकौड़े, सुन्दर कला , मुंगरी की रोटी, सोयाबीन की चुटकानी , चैंसा, स्वाले , गुलगुले , पहाड़ी नमक , भट्ट की चटनी , पकौड़े , गहथ की रोटी अरसे और रोट , आलू के गुटके आदि व्यंजन बनाए ।

 

सभी आगंतुकों ने व्यंजनों का लुत्फ उठाया विद्यार्थियों की भूरि –भूरि प्रशंसा की। आगंतुक अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ आदेश कुमार द्वारा किया गया।

 

इस अवसर पर महाविद्यालय के डा. रोशनी असवाल, डा. मीनाक्षी वर्मा , डा. ममता रावत, डा. संदीप किमोठी , डा. हीरा सिंह, श्रीमती अर्चना भंडारी, अनिता धस्माना, श्री माहेश्वरी जी, श्री अरविंद धूलिया जी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सहसंयोजक रश्मि बहुखंडी द्वारा किया गया।


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