हल्द्वानी— उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती काफी हद तक शुरू हो चुकी है, कालाढूंगी विधानसभा सीट पर भाजपा के गढ़ में भी चुनाव की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। टिकट की दावेदारी को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार तेज हो रही है। अब पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवं पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष आनंद सिंह दरमवाल उर्फ अन्नू बादशाह ने अपनी दावेदारी पेश कर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
दरमवाल ने भाजपा की कोर कमेटी के सदस्य एवं कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के समक्ष कालाढूंगी विधानसभा सीट से पार्टी का टिकट दिए जाने की मांग रखी है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि वह 30 साल से भाजपा के सिपाही हैं और पार्टी के लिए पूरी मजबूती से काम कर रहे हैं।
छह सीटें जिताने का दावा, पार्टी को दिया बड़ा संदेश-
आनंद सिंह दरमवाल ने अपनी राजनीतिक ताकत का दावा करते हुए कहा कि यदि भाजपा नेतृत्व उन पर भरोसा जताकर कालाढूंगी से प्रत्याशी बनाता है तो वह न केवल इस सीट पर भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे, बल्कि नैनीताल जिले की छह विधानसभा सीटों पर भी भाजपा को जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों को मजबूत करना और पार्टी को प्रदेश में और मजबूती देना है।
दरमवाल ने दावा किया कि वह लंबे समय से क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय हैं और जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ है। क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को लेकर वह लगातार काम करते आ रहे हैं।
कालाढूंगी के मौजूदा विधायक बंशीधर भगत के पुत्र विकास भगत को टिकट दिए जाने की चर्चाओं पर दरमवाल ने कहा कि भाजपा में परिवारवाद नहीं चलता। हालांकि उन्होंने बंशीधर भगत को पार्टी का वरिष्ठ नेता बताते हुए उनके प्रति सम्मान भी जताया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि टिकट का फैसला पार्टी संगठन करता है, किसी व्यक्ति विशेष का नहीं।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कालाढूंगी में मौजूदा विधायक बंशीधर भगत के राजनीतिक उत्तराधिकारी और आगामी चुनाव में संभावित चेहरे को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
कालाढूंगी में किसका ह जोर ?
अब, कालाढूंगी विधानसभा सीट पर भाजपा के सामने इस बार सिर्फ चुनाव जीतने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि टिकट के दावेदारों के बीच संतुलन बनाने की भी परीक्षा होगी।

