हल्द्वानी—-   स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और रोगी-केंद्रित बनाने के लिए विभिन्न विशेषज्ञों के बीच समन्वय जरूरी है। यह बात राज्य स्तरीय राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य एवं निगरानी परिषद के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट ने कही।

MIETCON-I 2026 :-  स्वास्थ्य सेवाओं में अंतर्विषयक समन्वय समय की आवश्यकता :-  सुरेश भट्ट

वे शुक्रवार को एमआईईटी कुमाऊं कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज, हल्द्वानी में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन *MIETCON-I 2026* का शुभारंभ करने के बाद बोल रहे थे। सम्मेलन का विषय “Interdisciplinary Approaches in Allied Health Sciences” रखा गया है।

मुख्य अतिथि सुरेश भट्ट ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा किसी एक व्यक्ति का कार्य नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास है। डॉक्टर, फिजियोथेरेपिस्ट, नर्सिंग कर्मी, लैब और रेडियोलॉजी विशेषज्ञ जब समन्वय के साथ काम करेंगे तभी मरीजों को बेहतर सेवा मिलेगी। उन्होंने कहा कि एआई और आधुनिक तकनीक विशेषज्ञों की क्षमता बढ़ाने का माध्यम है, उनका विकल्प नहीं।

हाइब्रिड मोड में हुआ आयोजन-
सम्मेलन हाइब्रिड माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें सभागार में करीब 250 और ऑनलाइन 60 से अधिक प्रतिभागी जुड़े। सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस दौरान MIETCON-I 2026 स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

अकादमिक सत्र में प्रो. डॉ. मोहम्मद उस्मान खान ने एलाइड हेल्थ साइंसेज के भविष्य पर, तो इमरान अहमद अंसारी ने विजन केयर में टीम वर्क पर व्याख्यान दिया।

MIETCON-I 2026 :-  स्वास्थ्य सेवाओं में अंतर्विषयक समन्वय समय की आवश्यकता :-  सुरेश भट्ट

पांच देशों के विशेषज्ञ ऑनलाइन जुड़े-
तकनीकी सत्र में न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इंग्लैंड और फ्रांस के विशेषज्ञों ने ऑनलाइन अनुभव साझा किए। डॉ. कोमल, डॉ. ओलिविया गैलिया, सुश्री अंचल देवानि, श्रीमती दीपिका खनाल और डॉ. नम्रिता ने गर्दन दर्द, न्यूरो पुनर्वास, रेडियोलॉजी और फिजियोथेरेपी के वैश्विक अवसरों पर जानकारी दी।

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