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देहरादून—   भाजपा ने विशाल महिला जनआक्रोश महा पदयात्रा रैली के माध्यम से संसद में महिला आरक्षण के खिलाफ विपक्षी चेहरे को बेनकाब किया है।

इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने पदयात्रा को महिलाओं के अधिकारों और आत्मसम्मान के प्रति संकल्प बताया। कहा, महिलाएं अब किसी के बहकावे में आने वाली नहीं हैं और वे विकास, सुरक्षा और सम्मान की राजनीति को ही समर्थन देंगी।

राजधानी के परेड ग्राउंड में आयोजित भाजपा महिला मोर्चा की इस ऐतिहासिक रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज की यह पदयात्रा केवल विरोध नहीं, बल्कि उत्तराखंड की महिलाओं के आत्मसम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प है।

भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं—चाहे वह राजनीतिक भागीदारी हो, आर्थिक आत्मनिर्भरता हो या सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हों।

इसके विपरीत, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महिलाओं के मुद्दों को केवल चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।

उन्होंने कहा कि आज देहरादून की सड़कों पर उमड़ा यह जनसैलाब इंडी अलायंस के खिलाफ जनता के आक्रोश का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब किसी के बहकावे में आने वाली नहीं हैं और वे विकास, सुरक्षा और सम्मान की राजनीति को ही समर्थन देंगी।

वहीं महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट ने कहा कि “महिला जन आक्रोश महा पदयात्रा” महिलाओं की आवाज को बुलंद करने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस महिलाओं को उनका हक दिलाने में असफल रही, जबकि भाजपा ने महिलाओं को हर क्षेत्र में नेतृत्व का अवसर प्रदान किया है।

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उन्होंने यह भी कहा कि आज की यह पदयात्रा महिला जागरूकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है, जो आने वाले समय में और अधिक सशक्त रूप में सामने आएगा, जो आने वाले समय की राजनैतिक दिशा भी तय करेगी। उन्होंने कहा कि महिला शक्ति ही देश की सबसे बड़ी ताकत है और जब यही शक्ति सड़कों पर उतरती है, तो परिवर्तन अवश्य होता है।

आज की यह “महिला जन आक्रोश महा पदयात्रा” भव्य और अभूतपूर्व आयोजन हुई है, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आई हजारों महिलाओं ने भारी संख्या में भाग लिया। यह पदयात्रा परेड ग्राउंड से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई आगे बढ़ी, जहां महिलाओं का उत्साह, जोश और एकजुटता साफ दिखाई दी।

हाथों में तख्तियां, नारों की गूंज और महिला शक्ति का सैलाब इस बात का प्रतीक था कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग हैं और किसी भी प्रकार के अन्याय को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।

इस जन आक्रोश पदयात्रा के माध्यम से महिलाओं ने इंडी अलायंस और विशेष रूप से कांग्रेस की महिला विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने हमेशा महिला सशक्तिकरण के मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया, लेकिन जब वास्तविक निर्णय लेने का समय आया, तब उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को दरकिनार करने का काम किया।

पदयात्रा के दौरान महिलाओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे महिला विरोधी मानसिकता और नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेंगी तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगी।

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यह “जन आक्रोश महिला पदयात्रा” न केवल एक विरोध प्रदर्शन थी, बल्कि यह महिला शक्ति, एकता और जागरूकता का एक ऐतिहासिक उदाहरण बनकर उभरी, जिसने स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तराखंड की महिलाएं अब अपने अधिकारों के लिए पूरी ताकत के साथ खड़ी हैं।

इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद  महेंद्र भट्ट ,प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक आशा नौटियाल, विधायक सविता कपूर, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रदेश महिला मोर्चा के प्रभारी शैलेंद्र बिष्ट, प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट, प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष सुमन सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, महिला कार्यकर्ता एवं समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


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