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हल्द्वानी—   शहर में बढ़ती बिजली चोरी और भारी लाइन लॉस को लेकर प्रशासन ने अब कड़ा रुख अपनाया है। आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने हल्द्वानी कैंप कार्यालय में विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में सामने आया कि आज़ादनगर विद्युत फीडर में 87 प्रतिशत और गांधीनगर विद्युत फीडर में 70 प्रतिशत तक लाइन लॉस हो रहा है। इस गंभीर स्थिति पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताते हुए इसे विभागीय लापरवाही और अवैध विद्युत उपयोग का परिणाम बताया।

नियमित छापेमारी, एफआईआर अनिवार्य–

आयुक्त ने निर्देश दिए कि विद्युत विभाग प्रशासन व विजिलेंस के सहयोग से विशेष टीमें गठित कर नियमित चेकिंग अभियान चलाए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांटा डालकर या अवैध तरीके से बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। कार्रवाई के दौरान टीमों को प्रशासन की ओर से पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

वर्षों से तैनात लाइनमैन बदले जाएंगे—

आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में लाइनमैन लंबे समय से तैनात हैं, उनका तत्काल स्थानांतरण किया जाए।

उन्होंने कहा कि केवल अधिकारियों ही नहीं, बल्कि उस क्षेत्र के लाइनमैनों की भी जवाबदेही तय की जाएगी, ताकि मिलीभगत या लापरवाही पर रोक लग सके।

भारी लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए। आयुक्त ने विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता को स्पष्ट कहा कि तकनीक के माध्यम से चोरी पर लगाम लगाना अब जरूरी है।

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आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि लाइन लॉस कम करना विद्युत विभाग का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए, ताकि ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सके और सरकार को होने वाले राजस्व नुकसान पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी रोकने में प्रशासन हर स्तर पर सहयोग करेगा।

विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता आर.सी. गुंज्याल ने बताया कि हल्द्वानी क्षेत्र में सर्वाधिक लाइन लॉस आज़ादनगर और गांधीनगर फीडर में दर्ज किया गया है, जिस पर आयुक्त ने तत्काल ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बैठक में विद्युत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

दोषियों पर एफआईआर, कर्मचारियों पर जवाबदेही और तकनीक के जरिए सख्त निगरानी तय है।


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