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उत्तराखंड—-नैनीताल जनपद में कानून-व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा और स्पष्ट संदेश देने वाला निर्णय लिया है। जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने गुंडा एक्ट से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा के बाद जहां छह व्यक्तियों के विरुद्ध चल रही/प्रस्तावित कार्रवाई को निरस्त कर दिया है,

वहीं दो व्यक्तियों को छह माह के लिए जनपद नैनीताल की सीमा से बाहर रखने का सख़्त आदेश जारी किया है।

जिला मजिस्ट्रेट ने यह निर्णय पुलिस आख्या, वर्तमान परिस्थितियों और व्यक्तियों के मौजूदा आचरण के आधार पर लेते हुए स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता निष्पक्षता के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखना है।

इन मामलों में गुंडा एक्ट की कार्रवाई निरस्त—

पुलिस रिपोर्ट और प्रशासनिक समीक्षा में यह पाया गया कि निम्नलिखित व्यक्तियों की वर्तमान गतिविधियां सामान्य हैं तथा उनसे सार्वजनिक शांति को कोई तात्कालिक खतरा नहीं है।

शाहरुख पुत्र मोहम्मद सलीम – थाना बनभूलपुरा (वर्तमान में सब्जी विक्रेता)

विजय शर्मा – थाना रामनगर (किसी अवांछित गतिविधि में संलिप्त नहीं)

लखन भोला – थाना बनभूलपुरा (परिवार सहित हरिद्वार में निवास)

विनायक पुत्र अनिल कुमार – थाना रामनगर (चाल-चलन सामान्य)

आशु श्रीवास्तव पुत्र श्याम श्रीवास्तव – थाना रामनगर (वर्तमान में शांत)

अमन गुप्ता पुत्र सीताराम – थाना लालकुआं (मजदूरी कर जीवनयापन)

इन सभी के विरुद्ध प्रस्तावित अथवा लंबित गुंडा एक्ट की कार्यवाही पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।

दो पर सख़्त कार्रवाई, जनपद से बाहर रहने का आदेश

वहीं दूसरी ओर, पुलिस रिपोर्ट के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट ने

शाहरुख पुत्र साजिद, निवासी इंदिरा नगर, थाना बनभूलपुरा

नवीन सिंह रावत पुत्र दीवान सिंह रावत, निवासी डाक बंगला वार्ड संख्या–1, थाना कालाढूंगी

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को छह माह के लिए गुंडा घोषित करते हुए जनपद नैनीताल की सीमा से बाहर रहने का आदेश पारित किया है।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश—

प्रशासन ने साफ किया है कि यह निर्णय तथ्यों, निष्पक्ष मूल्यांकन और कानून के दायरे में लिया गया है। जहां सुधार और सामान्य आचरण को महत्व दिया गया है, वहीं शांति व्यवस्था के लिए खतरा बने तत्वों के प्रति प्रशासन सख़्ती बरतने से पीछे नहीं हटेगा।


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