
हल्द्वानी— जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की हल्द्वानी ब्लॉक इकाई ने लंबित मांगों को लेकर उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय हल्द्वानी में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर जोरदार नारेबाजी की।
‘महा-आंदोलन’ के दूसरे चरण के तहत आयोजित इस प्रदर्शन में शिक्षकों ने शासन पर लगातार उपेक्षा का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
धरने के दौरान शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि वर्षों से लंबित मांगों को लेकर कई बार शासन-प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

शिक्षकों की प्रमुख मांगें
धरना प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने 13 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया। इनमें मुख्य रूप से_
शिक्षकों को टीईटी (TET) परीक्षा की अनिवार्यता से पूर्णतः मुक्त किया जाए।
17,140 वेतनमान का लाभ दिया जाए और पूरी सेवा अवधि में तीन पदोन्नतियां सुनिश्चित की जाएं।
एक ही विज्ञप्ति के आधार पर नियुक्त सभी शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।
जूनियर हाईस्कूलों में अंग्रेजी विषय के अनिवार्य पद सृजित किए जाएं।
अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की सुविधा अनिवार्य रूप से दी जाए।
5400 ग्रेड वेतन प्राप्त शिक्षकों को बोनस भुगतान किया जाए अथवा राजपत्रित अधिकारी घोषित किया जाए।
अब पीछे हटने वाले नहीं” शिक्षक संघ
धरने में मौजूद शिक्षक नेताओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले शिक्षकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा।
धरना प्रदर्शन में जिला मंत्री डॉ. डी.एन. भट्ट, जिला उपाध्यक्ष दयाकिशन आर्या, ब्लॉक अध्यक्ष खीमेश भट्ट, ब्लॉक मंत्री मतलूब हुसैन, कोषाध्यक्ष प्रेम प्रकाश दानी, भुवन चंद्र गुणवंत, प्रकाश देवरानी, सुशीला उप्रेती, जिला मीडिया प्रभारी ठाकुर दत्त पाण्डेय, नारायण दत्त कफल्टिया, ललित जोशी, जीवन सिंह चगेठा, चंदन सिंह बर्गली और गणेश दत्त सती सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
18 मई को निकलेगी विशाल रैली
संघ के जिला मंत्री Dr. D. N. Bhatt ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में जनपद नैनीताल के सभी विधायकों और सांसदों को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
इसके बाद 18 मई को विशाल रैली निकालकर जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार तक शिक्षकों की मांगें पहुंचाई जाएंगी।
