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रुद्रपुर – सचिव, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में आगामी 15 नवंबर 2025 को प्रस्तावित भूकंप विषयक मॉक अभ्यास की तैयारियों को लेकर जनपद स्तरीय Coordination and Orientation Program की वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य व जिला स्तर के समस्त आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने सहभागिता की।

बैठक में सचिव सुमन ने कहा कि मॉक अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने की राज्य की तैयारी, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का मूल्यांकन करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मॉक ड्रिल के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की रीयल-टाइम सिमुलेशन की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सके।

बैठक में शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार जनपदों को भूकंप की स्थिति में राहत एवं बचाव तंत्र को सक्रिय करने, राहत शिविरों में भोजन, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने, तथा सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। सचिव ने बताया कि इस मॉक ड्रिल में कई संभावित आपदा परिदृश्यों पर काम किया जाएगा — जैसे बहुमंजिला इमारतों का ढहना, स्कूलों व अस्पतालों में फंसे लोगों का रेस्क्यू, पुलों के क्षतिग्रस्त होने से यातायात बाधित होना, तथा मोबाइल नेटवर्क और संचार व्यवस्था का प्रभावित होना।

अपर सचिव आनंद स्वरूप ने कहा कि सभी जिलों को 5 नवंबर तक पांच संवेदनशील स्थलों की पहचान कर, विगत वर्षों की आपदाओं के संदर्भ में GIS मैपिंग सहित विस्तृत परिदृश्य प्रस्ताव शासन को भेजना होगा। इसके अलावा “भू-देव ऐप” को अधिक से अधिक लोगों के मोबाइल में डाउनलोड कराने का लक्ष्य भी तय किया गया है, ताकि आपदा की स्थिति में शीघ्र सूचना और राहत कार्य सुनिश्चित हो सके।

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उन्होंने मॉक ड्रिल से पूर्व स्टेजिंग एरिया, कंट्रोल रूम, राहत शिविर और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, ओसी गौरव पांडेय, एसीएमओ डॉ. हरेन्द्र मलिक, मुख्य अग्निशमन अधिकारी ईशान कटारिया, जिला कमांडेंट होमगार्ड जुगल किशोर भट्ट, जिला युवा कल्याण अधिकारी बीएस रावत, तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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