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हल्द्वानी—-    विश्व हृदय दिवस पर वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश पंत ने हृदय रोगों के बढ़ते खतरे पर चिंता जाहिर की, और कहा कि दौड़भाग भरी जिंदगी और असंतुलित आहार, चिंताओ से भरी जीवनशैली हार्ट अटैक के मामलों में तेजी का मुख्य कारण बन रही है।

डॉ. पंत ने बताया कि जिंदगी को संतुलित बनाना अतिआवश्यक हैं, अगर अटेक से बचना है तो संतुलित आहार, नियमित व्यायाम आवश्यक हैं। तथा धूम्रपान और शराब से परहेज़ तथा तनावमुक्त जीवन ही स्वस्थ हृदय का आधार होता हैं।

डॉ पंत ने बताया  कि हृदय रोग की आशंका को टालने के लिए लोगों को अपने दैनिक जीवन में सुधार करना  आवश्यक हैं,तभी इससे बचा जा सकता हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि अचानक हार्ट अटैक की स्थिति में घबराना नहीं चाहिए। मरीज को आरामदायक स्थिति में लिटाकर तुरंत सीपीआर देने और नज़दीकी अस्पताल ले जाने से जीवन बचाया जा सकता है।

डॉ. पंत ने अभिभावकों को आगाह किया कि बच्चे जंक और चाइनीस फूड पर निर्भर हो रहे हैं, जो भविष्य में हृदय रोगों का और अन्य  रोगो का खतरा बढ़ा देता है। ऐसे में बच्चों को संतुलित भोजन और स्वस्थ दिनचर्या की आदत डालने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है।

डॉ पंत ने हार्ट अटैक आने से पहले हार्ट कुछ लक्षण नजर आते हैं, सांस फूलना, सीने में घुटन होना और दर्द होना, बाएं हाथ मे दर्द होना, चलने में दिक्कत होना आदि लक्षण नजर आते हैं, तो ईनको नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता हैं।

कार्यक्रम में डॉ पंत के साथ उनके सहायक यमुना प्रसाद जोशी, पूजा अधिकारी, ममता, अनिता हेमलता, रचना, बिनीता, भावना, खस्त्ति जोशी, लीला और सोनम आदि स्टाफ मौजूद रहे।

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