
उत्तराखंड— देवभूमि उत्तराखंड में जहां नारी को एक देवी के रूप में पूजा जाता है। हमारे संस्कार हमें नारी सम्मान के लिए नतमस्तक होकर अपनी मर्यादा में रहना सिखाते हैं। वहां पर एक बेटी दरिंदगी का शिकार हो जाती है यह बहुत शर्मनाक और देवभूमि के लिए कलंक है। जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है।
प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड की प्रदेश भर में 383 नगर इकाइयां कार्यरत हैं। किसी भी मुद्दे को हमारी नगर इकाइयों की सहभागिता से आगे बढ़ाने के लिए लोग आशान्वित रहते हैं। विशेष रूप से जब प्रदेश बंद जैसे आन्दोलन किए जाते हैं तो व्यापार मंडल के माध्यम से उसे सफल बनाने का प्रयास किया जाता है।
उत्तराखंड राज्य को शर्मशार करने वाली अंकित हत्याकांड ने एक बार फिर से जन-मानस के ज़हन में शंका पैदा करने की घटनाओं और किसी VIP की संलिप्तता पर संदेह होने की बात ने प्रदेश में आन्दोलन की स्थिति पैदा कर दी। प्रदेश के सामाजिक संगठनों, महिला संगठनों के साथ साथ राजनैतिक दलों ने भी CBI जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन आदि के माध्यम से दबाव बनाना शुरू कर दिया था।

कई संगठनों ने इस मुद्दे पर 11 जनवरी को प्रदेश बंद की अपील की थी। इस विषय पर हमें सामाजिक संगठनों और महिला संगठनों के द्वारा बंद में सहयोग करने के लिए फोन आ रहे थे ताकि हम अपनी नगर इकाइयों को बंद में सहयोग के लिए कह दें।
इस प्रकरण पर हमारे कुछ जिलाध्यक्ष भी गहन चिंतन कर रहे थे। लेकिन कल शाम जब इस संवेदनशील विषय पर हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा अंकिता हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है ।
ऐसे में अब बंद का कोई औचित्य नहीं रह जाता है।
हम इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपने संगठन के पदाधिकारियों से अपील करते हैं कि अब 11 जनवरी के प्रस्तावित बंद का अब कोई औचित्य नहीं रह गया है ।
अतः किसी प्रकार के भ्रम में न रह कर अपना व्यवसाय रोज की तरह करें। हम सामाजिक एवं राजनैतिक संगठन से भी अपील करते हैं कि अब इस प्रकरण पर बंद के लिए व्यापार मंडल से संपर्क ना करें।
नवीन चन्द्र वर्मा (प्रदेश अध्यक्ष),प्रमोद गोयल (कार्यकारी अध्यक्ष), राजेश अग्रवाल (कोषाध्यक्ष), नवनीत राणा (संयुक्त महामंत्री), चंद्रशेखर पंत (प्रदेश उपाध्यक्ष), विपिन गुप्ता (जिलाध्यक्ष नैनीताल), योगेश शर्मा (नगर अध्यक्ष , हल्द्वानी) मनोज जायसवाल ( नगर महामंत्री, हल्द्वानी ) मौजूद रहे।
