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उत्तराखंड—-  उत्तराखण्ड में नैनीताल के पहाड़ी क्षेत्रों में हमला कर तीन महिलाओं को मौत के घाट उतारने वाले क्षेत्र से दो गुलदारों को पिंजरे में कैद किया गया है। वन विभाग के दस से अधिक पिंजरे, 50 से अधिक कैमरा ट्रैप और विभागीय टीम की गश्ती से हमलावर वन्यजीवों पर नजर रखी जा रही है।

#नैनीताल जिले में पिछले माह के अंत से गुलदार लगातार मवेशियों के लिए चारा और चूल्हे के लिए लकड़ी लेने जंगल जा रही महिलाओं पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार रहे हैं। गुस्साए ग्रामीण लगातार आंदोलन कर वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जता रहे हैं।

इन हमलावरों को काबू करने के लिए वन विभाग ने संभावित ठिकानों में पिंजरे और कैमरा ट्रैप लगाए हैं। इसके अलावा कई टीमें जंगलों में गश्त कर रही हैं। पिछले माह 26 दिसंबर को धारी के दीनी तल्ली में हमलावर गुलदार ने हेमा बरगली को मार डाला था।

इसके बाद, 30 दिसंबर को खन्स्यु के चमोली गांव में गुलदार ने चारा और लकड़ी लेने गई एक महिला को अपना निवाला बनाया था। विगत 11 जनवरी को नैनीताल के धारी ब्लॉक में गुलदार ने महिला को मौत के घाट उतारा और जंगल में रगड़कर ले गया था।

एस.डी.ओ.ममता चंद ने बताया कि आज, तल्ली दीनी के समीप लगे पिंजरे में एक और मवेशियों पर हमला करने वाले क्षेत्र से दूसरा गुलदार पिंजरे में कैद हुआ है।

इन्हें, रानीबाग स्थित रैस्क्यू सेंटर लाया जाएगा। बताया कि इनके सैम्पल मृतकों से मैच कराने के लिए भेजे जाएंगे। उन्होंने, ये भी कहा कि गश्त टीमें उन क्षेत्रों में लगातार बनी रहेंगी।

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