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उत्तराखंड—  उत्तराखंड के बुजुर्ग की हरियाणा पुलिस कस्टडी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। खबर चमोली से है। परिजनों का आरोप है कि बिना वर्दी पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उन्हें घर से उठाया और रास्ते में मारपीट की, जिससे उनकी जान चली गई। मामले में कार्रवाई होने तक परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया है।

मृतक की पहचान मोलटा गांव निवासी 65 वर्षीय बलवंत सिंह के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, रविवार सुबह तक वह पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य थे, लेकिन कुछ ही घंटों में हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें श्रीनगर के बेस अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया। परिवार का कहना है कि घर से ले जाने के बाद से लेकर अस्पताल पहुंचने तक क्या हुआ, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही।

कुछ घंटों में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मौत
मृतक के पुत्र आशीष पंवार और प्रवेश पंवार के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 7 बजे कुछ लोग बिना वर्दी के गोपेश्वर स्थित घर पहुंचे। उन्होंने खुद को हरियाणा पुलिस का बताकर बलवंत सिंह को अपने साथ ले लिया।

परिजनों का आरोप है कि इस दौरान घर की तलाशी ली गई और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया। पुलिस ने बताया था कि बलवंत सिंह के खिलाफ एक मामला दर्ज है और उन्हें थाने ले जाया जा रहा है।

कुछ समय बाद कर्णप्रयाग से परिजनों को फोन आया कि बलवंत सिंह की तबीयत खराब हो गई है और दवाइयों की जानकारी मांगी गई। जब तक परिवार वहां पहुंचा, उन्हें श्रीनगर के बेस अस्पताल रेफर किया जा चुका था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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परिजनों का कहना है कि सुबह तक बलवंत सिंह पूरी तरह स्वस्थ थे। उन्हें शक है कि रास्ते में उनके साथ मारपीट या प्रताड़ना की गई, जिससे उनकी मौत हुई।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि हरियाणा पुलिस के अधिकारी अब फोन नहीं उठा रहे और न ही मामले में कोई स्पष्ट जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, वे शव नहीं लेंगे।

मृतक के जमाई रोशन सिंह का कहना है कि मेरे ससुर बलवंत सिंह को ले जाने वाले लोगों की पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। परिवार लगातार संपर्क करने की कोशिश करता रहा, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।

उन्होंने कहा, सुबह अपने पैरों से गए थे, फिर अचानक मौत कैसे हो गई? अस्पताल में शव लावारिस की तरह पड़ा था।
मृतक के पुत्र प्रवेश पंवार के अनुसार, कुछ लोग घर आए और थाने ले जाने की बात कहकर बलवंत सिंह को साथ ले गए, लेकिन इसके बाद परिवार को कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई। कर्णप्रयाग से तबीयत बिगड़ने की सूचना जरूर मिली, लेकिन श्रीनगर पहुंचने तक संपर्क पूरी तरह टूट गया।

नाती शुभम बिष्ट ने बताया कि सिविल ड्रेस में आए लोगों ने घर की तलाशी ली और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे हरियाणा से हैं, लेकिन अपनी पहचान स्पष्ट नहीं की।

श्रीनगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह के अनुसार, हरियाणा पुलिस बलवंत सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर रही थी और इसी सिलसिले में उन्हें हिरासत में लिया गया था।

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उन्होंने बताया कि रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर पहले कर्णप्रयाग अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें बेस अस्पताल श्रीकोट, श्रीनगर रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा के रोहतक से आई पुलिस टीम के साथ एक अन्य आरोपी भी मौजूद था। बताया जा रहा है कि टीम स्थानीय पुलिस को सूचना देकर वापस लौट गई।


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