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रुद्रपुर—-  प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती, और जब हौसले बुलंद हों, तो विपरीत परिस्थितियां भी कामयाबी का रास्ता नहीं रोक सकतीं।

ऐसा ही कुछ ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कर दिखाया है उत्तराखंड की होनहार बेटी प्राची मटेला ने। प्राची ने बोर्ड परीक्षा में 98.6% अंक लाकर न सिर्फ अपने जिले उद्यमसिंह नगर रुद्रपुर में पहला (टॉप) स्थान हासिल किया है, बल्कि पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त कर देवभूमि और मातृशक्ति का मान सम्मान पूरे देश में रोशन किया है।

प्राची की इस अद्वितीय और प्रेरणादायी सफलता पर सामाजिक सरोकारों और युवा कल्याण के लिए सदैव समर्पित रहने वाले ड्रीमर्स केयर फाउंडेशन ने उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया।

​ड्रीमर्स केयर फाउंडेशन की फाउंडर ममता पांडे और दीपक पांडे ने प्राची मटेला की इस शानदार उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और स्मृति चिह्न, पुष्प गुच्छ व सम्मान वस्त्र से सम्मानित किया।

इस भावुक और गौरवपूर्ण क्षण पर दीपक पांडे ने कहा कि प्राची ने जो मुकाम हासिल किया है, वह उसकी माता जी दीपा मटेला जी व पिताजी और उनके पूरे परिवार के दिन-रात के कड़े त्याग और अटूट संघर्ष का ही परिणाम है।

उन्होंने कहा कि इष्ट देवी-देवताओं के आशीर्वाद और गुरुजनों के कुशल मार्गदर्शन व सहयोग से प्राची ने सफलता का यह नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

​प्राची ने अपनी इस जादुई सफलता का मंत्र साझा करते हुए बताया कि उन्होंने बिना किसी बाहरी कोचिंग या ट्यूशन के, केवल खुद पर भरोसा रखकर यह सफलता पाई है।

वह रोजाना पूरी एकाग्रता के साथ खुद के नोट्स बनाती थीं और लगातार प्रैक्टिस के जरिए अपनी कमियों को दूर करती थीं। फाउंडर ममता पांडे ने बताया प्राची के संघर्ष की कहानी हर युवा के लिए एक मिसाल है।

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उन्होंने बताया कि उनकी माता जी दिनभर उत्तराखंड की समृद्ध और आध्यात्मिक लोक कला ‘ऐपण’ एक पारंपरिक कुमाऊंनी लोक कला, जो शुभ अवसरों और पूजा-पाठ में घरों के मुख्य द्वार व आंगन को सजाने के लिए बनाई जाती है का कार्य करती हैं।

कई लोगों को अपने कार्य से प्रेरित और प्रभावित करती है। इस वजह से घर पर लगातार लोगों का आना-जाना लगा रहता था। वहीं, उनके पिता जी सरकारी नौकरी में होने के कारण ज्यादातर समय घर से बाहर ही रहते थे। उसके बाद भी प्राची ने युवाओं के लिए मार्गदर्शक बनी।

प्राची ने मां दीपा मटेला ने बताया ​ऐसी स्थिति में दिन के समय पढ़ाई करना बेहद चुनौतीपूर्ण था। लेकिन प्राची ने हार नहीं मानी; उन्होंने विपरीत परिस्थितियों को अपने पक्ष में मोड़ा और रात के सन्नाटे को अपनी ताकत बनाया। अक्सर रात से लेकर सुबह 4:00 बजे तक कड़ी मेहनत और पढ़ाई करती थीं। प्राची के इस अद्भुत जज्बे और संघर्ष से ड्रीमर्स केयर फाउंडेशन के सदस्य इस कदर प्रभावित हुए कि वे खुद को उनके घर जाने और उनसे मिलने से अपने आप को रोक नहीं पाए।

​इस गरिमामयी सम्मान समारोह में प्राची की हौसलाअफजाई करने के लिए ड्रीमर्स केयर फाउंडेशन परिवार की ओर से फाउंडर ममता पांडे, दीपक पांडे, सुमित पांडे, लवी पांडे, प्रज्वल पांडे, परिधि पांडे, अवनी पांडे और अक्षत पांडे मुख्य रूप से मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने और बच्चों ने प्राची और उनके परिवार के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

​फाउंडेशन का अटूट संकल्प: ड्रीमर्स केयर फाउंडेशन ने इस मौके पर एक बड़ा और दृढ़ संकल्प लिया है। फाउंडेशन ऐसे प्रतिभावान, जुझारू और मेधावी युवा बच्चों के लिए अपने स्तर पर निरंतर धरातल पर कार्य करता रहेगा। फाउंडेशन का एकमात्र लक्ष्य है कि समाज के हर उस बच्चे को आगे बढ़ाया जाए, जिसके पास हुनर और जज्बा तो है, लेकिन संसाधनों की कमी है। ड्रीमर्स केयर फाउंडेशन इन बच्चों के सपनों को पंख देने के लिए पूरी ताकत से कार्य करेगा।

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​ड्रीमर्स केयर फाउंडेशन का मानना है कि युवाओं के विकास से ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। लेकिन इस भगीरथ प्रयास और महान उद्देश्य को अकेले पूरा नहीं किया जा सकता। फाउंडेशन को अपने इस मिशन में समाज के सभी प्रबुद्ध, जागरूक और मददगार लोगों के सहयोग व समर्थन की अत्यंत आवश्यकता है।

आइए, हम सब मिलकर ड्रीमर्स केयर फाउंडेशन के हाथ मजबूत करें और समाज के ऐसे होनहार बच्चों के सुनहरे भविष्य की नींव रखें, ताकि कोई भी प्रतिभा पैसों या सही मार्गदर्शन की कमी के कारण पीछे न छूटे।


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