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देहरादून—  उत्तराखंड में लगातार शुष्क बने मौसम के कारण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मैदानी इलाकों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने दिन के समय लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है, जबकि रात में उमस भरी गर्मी से भी राहत नहीं मिल रही।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताते हुए हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है।

प्रदेशभर में इन दिनों मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। पहाड़ से लेकर मैदान तक सूरज की तीखी किरणें लोगों को झुलसा रही हैं। लगातार बढ़ते तापमान के चलते मैदानी क्षेत्रों में पारा 38 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। दोपहर के समय चल रही गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।

राजधानी देहरादून और जनपद नैनीताल में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। सुबह से ही तेज धूप खिलने के कारण दिन चढ़ने के साथ तापमान में तेजी से इजाफा हुआ। बीते 24 घंटों में तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

पर्वतीय क्षेत्रों में भी चिलचिलाती धूप महसूस की जा रही है, हालांकि सुबह और शाम के समय हल्की हवाओं के चलते मौसम कुछ हद तक राहत भरा बना हुआ है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है और तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है।

विभाग ने हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं लू चलने की चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।

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गर्मी बढ़ने के साथ देहरादून समेत कई इलाकों में पेयजल संकट भी गहराने लगा है। कई क्षेत्रों में लोगों को पानी की आपूर्ति के लिए टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। बारिश की कमी और लगातार बढ़ते तापमान का असर जल स्रोतों पर भी दिखाई देने लगा है।

मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक दर्ज किया गया, जहां दिन का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार से पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम बदल सकता है।

कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई है, हालांकि मैदानी क्षेत्रों में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।


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