
नैनीताल— राज्यपाल ले.जर्नल(से.नि.)गुरमीत सिंह ने ‘एक शाम सैनिकों के नाम’ के 4वें संस्करण का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। वनदे मातरम और राष्ट्रगान से शुरू हुए कार्यक्रम में देशभक्ति के गीतों ने जान भर दी।
नैनीताल के लोकभवन में अयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के साथ ऑपरेशन सिंदूर, आतंकवादी एम्बुश, एनकाउंटर, तलाशी समेत अन्य शौर्य पराक्रमों में शामिल वीरों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया।
इसमें, आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के अधिकारियों/जवानों को शामिल किया गया था। सैनिक कल्याण मंत्रालय द्वारा हर वर्ष देहरादून के साथ नैनीताल में अयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेश के वर्तमान व सेवानिवृत्त फौजियों को परिवारों समेत आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम को पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जर्नल(से.नि.)स्व.भुवन चंद खंडूड़ी को श्रद्धांजलि स्वरूप समर्पित किया गया था।

आर्मी बैंड ने देशभक्ति के गीत से सभी को भावुक कर दिया। “ए मेरी जमीन, सरसों से भरे बागान मेरे, फीका न पड़े कभी रंग तेरा, केसरी रंग चढ़ाया है” तेरी मिट्टी में मिल जावां, गुल खिलकर में मर जांवां”
निजी बैंड ने “वन्दे मातरम”, “मेरा रंग दे बसंती चोला”, “हर करम अपना करेंगे, ए वतन तेरे लिए, दिल दिया है जान भी देंगे, ए वतन तेरे लिए”, “मोहे तू रंग दे बसंती,
थोड़ी सी धूल तेरी, तू सपने रंग दे”, “लुक्का छुप्पी बहुत हुई, मुझे तेरी फिक्र आ जा ना”, गाया।
सैनिक मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि हमारी एयर फोर्स विश्व की सर्वश्रेष्ठ फौज में से एक है। यहां एयरफोर्स, आर्मी और नेवी के अधिकारियों/कर्मचारियों को सम्मान के दौरान देखकर गर्व महसूस हुआ। 1734 शहीदों के घरों की मिट्टी, 28 नदियों का जल लेकर शहीद स्मारक निर्माण में लगाई। शहीद को पांच लाख की जगह बढ़ाकर 50 लाख रुपया कर दिया। जब हम जवानों के कुछ करते हैं, तो वो हम स्वयं के लिए करते हैं।
