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उत्तराखंड—  देहरादून-हिमाचल सीमा पर गुरुवार देर रात पैदा हुआ तनाव प्रशासन की सतर्कता और लगातार चली वार्ता के बाद शांत हो गया। जिला प्रशासन के अनुसार, पंजाब और चंडीगढ़ से आए अधिकांश निहंग पांवटा साहिब लौट गए हैं और सीमा क्षेत्र में स्थिति फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में है।

जिलाधिकारी आशीष चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने देर रात निहंग प्रतिनिधियों से कई दौर की बातचीत की। प्रशासन का कहना है कि वार्ता सकारात्मक रही, जिसके बाद निहंगों ने वापस लौटने का निर्णय लिया। रेसकोर्स गुरुद्वारे पहुंचे कुछ निहंगों से भी बातचीत के बाद उन्हें शांतिपूर्वक वापस भेज दिया गया।

इससे पहले सीमा पर कुछ निहंगों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की थी, जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम के दौरान संयम बरतते हुए हालात पर नजर बनाए रखी और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।

पूरा विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों और निहंग सिखों के बीच हुए टकराव से जुड़ा है। इस मामले में दर्ज एफआईआर, गिरफ्तार किए गए चार निहंगों की रिहाई और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर यह घटनाक्रम सामने आया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून के दायरे में रहकर मामले की जांच जारी है।

राज्य सरकार ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करने की अपील की है।

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