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हल्द्वानी–  “जल की गुणवत्ता आंकड़ों के आधुनिक उपयोग एवं प्रबंधन” विषय पर दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला का समापन।

 

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के हल्द्वानी स्थित मुख्य परिसर पर “जल की गुणवत्ता आंकड़ों के आधुनिक उपयोग एवं प्रबंधन” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आज सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।

 

कार्यशाला के अंतिम दिन आज चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए जिनमें से प्रथम सत्र में डॉ. मनीन्द्र मोहन, वैज्ञानिक एवं तकनीकी अधिकारी श्री अनुज कुमार, यू.सी.बी. पंतनगर, ने प्रयोगशाला में पेयजल की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले जैवीय कारकों के परीक्षण के विषय में व्याख्यान दिया।

 

द्वितीय तकनीकी सत्र में डॉ. भवतोष, यूसर्क, देहरादून एवं अर्चित पाण्डे, परियोजना प्रबंधक, यूकोस्ट ने जल के भौतिक – रासायनिक कारकों के विश्लेषण के संदर्भ में अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया एवं परीक्षण विधि का प्रदर्शन किया।

 

इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों को जल परीक्षण किट के माध्यम से जल की गुणवत्ता का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया।

 

समापन सत्र के दौरान अध्यक्षता कर रहे कार्यशाला संयोजक एवं निदेशक, भौमिकी एवं पर्यावरण विज्ञान विद्याशाखा प्रोफेसर पी. डी. पंत एवं कार्यशाला समन्वयक प्रोफेसर प्रशांत सिंह ने अपने विचार रखे एवं प्रतिभागियों से आह्वान किया कि इस कार्यशाला से प्राप्त प्रशिक्षण एवं अनुभव को भविष्य में शिक्षण एवं शोध के साथ साथ दैनिक जीवन में उपयोग में लाए।

 

कार्यशाला के स्थानीय समन्वयक डॉ. एच० सी० जोशी ने कार्यशाला का सार प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस कार्यशाला में 08 से अधिक संस्थानों / विश्वविद्यालयों से आए 130 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

See also  महापौर गजराज बिष्ट की अध्यक्षता में कार्यकारणी समिति की बैठक हुई सम्पन्न।

 

इस दौरान प्रतिभागियों को जल परीक्षण किट भी वितरित किए। सत्र के अंत में डॉ कृष्ण कुमार टमटा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान डॉ बीना तिवारी फुलारा, डॉ नेहा, भावना, सुबोध, धनंजय चमोला, रोहिंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।


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