उत्तराखंड– हल्द्वानी में नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामले में पुलिस ने गंभीर धाराओं के साथ POCSO Act की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पूरी घटना तफ़सील से जानिए
पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को हल्द्वानी क्षेत्र की एक महिला ने कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बेटी बिना बताए घर से चली गई है।
शिकायत के आधार पर कोतवाली हल्द्वानी में मामला दर्ज किया गया और जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक संजीत राठौर को सौंपी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने तत्काल नाबालिग की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस एक्शन के लिए कोतवाल विजय सिंह मेहता की अगुवाई में विशेष पुलिस टीम तैयार की गई।
पुलिस टीम ने वारदात के मौके पर वहां आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और लगातार बारीकी से इंवेष्टिगेशन की। जांच के दौरान दो संदिग्धों की पहचान होते ही पुलिस ने दोनों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान,,विक्रम सिंह (29 वर्ष) निवासी हरिपुरनायक, कुसुमखेड़ा, थाना मुखानी। सौरभ बिष्ट (21 वर्ष) निवासी त्रिलोकपुर दानी, गौलापार, काठगोदाम हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में क्या बताया
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी विक्रम सिंह ने बताया कि उसने नाबालिग को बर्फ वाली गली से अपनी कार में बैठाया और उसे अपने स्टूडियो ले गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने वहां रात बिताने की बात स्वीकार की और अगली सुबह उसे दोबारा बर्फ वाली गली के पास छोड़ दिया।
इसके बाद, पुलिस के अनुसार, नाबालिग डी.के. पार्क पहुंची, जहां उसकी मुलाकात आरोपी सौरभ बिष्ट से हुई। पूछताछ में सौरभ ने कथित तौर पर बताया कि वह उसे सितारगंज के शक्ति फार्म क्षेत्र में ले गया।
इन बयानों और जांच के आधार पर पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 65(1), 115(2), 352 के साथ POCSO Act की धारा 5/6 भी जोड़ दी है।
पुलिस ने बताया कि विक्रम सिंह जिस वाहन से नाबालिग को अपने साथ ले गया था, उसे बरामद कर नियमानुसार सीज कर दिया गया है।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा। बताया गया है कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
