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नैनीताल—  उत्तराखण्ड में नैनीताल से जुड़े गांव में पेयजल ऐसा की न केवल 50%गांव के लोग पेट संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, बल्कि वहां के एक प्रतिष्ठित स्कूल के 20 से अधिक छात्र पीलिया के रोगी निकलने से स्कूल को बंद कर दिया गया है।

नैनीताल से चंद किलोमीटर की दूरी पर
वीरभट्टी, छिंडां मल्ला, गांजा, बगरीखोड़, छिंडां तल्ला, सड़ियाताल आदि गांव में जल संस्थान की पेयजल सप्लाई है। यहां के गांव में कई परिवार रहते हैं।

इन परिवारों के लगभग 200 लोगों में से 50प्रतिशत आबादी दूषित पानी पीने से बीमार हो गई है। इस पानी से उन्हें पीलिया, डायरिया, उल्टी दस्त, बुखार, पेचिस जैसी बीमारियों ने घेर लिया है।

इन गांव के बच्चे, बूढे, जवान और महिलाएं सभी बीमार पड़े हैं। उनकी शिकायत है कि नाले के पानी में सीवर मिलकर आता है जिसे उन्हें पेयजल के रूप में सप्लाई किया जाता है। देखने में गांव के लोग भी बेहद कमजोर और सुस्त नजर आए।

हल्द्वानी से नैनीताल मार्ग में बसे ज्यूलिकोट क्षेत्र के एक स्कूल में 20 से अधिक छात्रों को पेट दर्द समेत अन्य तकलीफें होने के बाद टैस्ट कराने पर पीलिया पाया गया।

स्कूल प्रबंधन ने स्कूल को आपातकालीन अवकाश कर आने वाली राखी कि छुट्टियों के साथ जोड़ दिया है। अब स्कूल पहली सितंबर से खुलने की जानकारी मिली है।

इसके अलावा इस क्षेत्र से जुड़े क्षेत्रों में पहले भी दूषित पेयजल सप्लाई के चलते क्षेत्रवासी पेट की गंभीर बीमारियों के शिकार हो चुके हैं। जल संस्थान ने सेंपल लिए थे। तब स्वास्थ्य शिविर में सैकड़ों लोग बीमार निकले थे।
पीड़ित ग्रामीण अब प्रशासन और जल संस्थान से इसका स्थायी समाधान मांग रहे हैं।

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