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हल्द्वानी—   रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी टकराव का रूप लेता जा रहा है। रविवार शाम कांग्रेस ने इसी मुद्दे को लेकर रामलीला मैदान में मौन प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मैदान में जुटे और मौन रहकर कथित शुद्धिकरण की घटना पर अपना विरोध जताया।

कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्टी नेताओं का कहना था कि किसी राजनीतिक कार्यक्रम के बाद सार्वजनिक स्थल का कथित तौर पर शुद्धिकरण किया जाना गंभीर और आपत्तिजनक है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रामलीला मैदान किसी एक राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल होने वाला स्थल है। ऐसे में यहां कथित शुद्धिकरण की घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं, इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

पार्टी नेताओं ने कहा कि यह मामला महज राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पुलिस और प्रशासन को तथ्यों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि दोषियों की पहचान होने तक पार्टी इस मुद्दे को लेकर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।

राहुल गांधी के बयान के बाद बढ़ी सियासी गर्मी

रामलीला मैदान का विवाद अब स्थानीय राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है। कांग्रेस पहले से ही इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमलावर है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान हल्द्वानी की घटना का जिक्र करते हुए इसे दलित सम्मान से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

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राहुल गांधी के बयान के बाद मामले ने और राजनीतिक तूल पकड़ लिया। इसके बाद कांग्रेस ने स्थानीय स्तर पर भी भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी सार्वजनिक स्थल पर राजनीतिक कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर इस तरह की कार्रवाई समाज में गलत संदेश देती है।

कांग्रेस ने पुलिस-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द कार्रवाई की मांग की। पार्टी नेताओं ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी मामले को राजनीतिक प्रभाव के चलते दबाया नहीं जाना चाहिए।

बारिश के बीच भी जारी रहा मौन प्रदर्शन

रविवार शाम हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिना नारेबाजी किए मौन रहकर अपना विरोध दर्ज कराया। बारिश के बावजूद कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने प्रदर्शन को खासा राजनीतिक संदेश दिया।

मौन प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, खटीमा विधायक भुवन कापड़ी, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, नारायण पाल, रंजीत रावत, पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, पूर्व सांसद महेंद्र पाल, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव संजीव आर्य, कांग्रेस नेता ललित जोशी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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