हल्द्वानी– उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ द्वारा “Foreign Contribution Regulation Act (FCRA)” विषय पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य FCRA के कानूनी प्रावधानों, इसके नियामक पक्षों तथा समकालीन संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता पर अकादमिक विमर्श को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने विषय की समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में प्रो. हरबंस दीक्षित मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने FCRA से संबंधित विभिन्न कानूनी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तारपूर्वक विचार रखते हुए प्रतिभागियों को विषय की व्यापक समझ प्रदान की।
कार्यक्रम का स्वागत वक्तव्य स्कूल ऑफ लॉ के निदेशक प्रो. कमल देवओलाल द्वारा दिया गया, जबकि डॉ. दीपांकर जोशी, समन्वयक, स्कूल ऑफ लॉ ने विषय की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए FCRA के महत्व एवं वर्तमान संदर्भ में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर प्रो. पी.डी. पंत, प्रोफेसर अकादमिक भी उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की अकादमिक गरिमा को और बढ़ाया।
कार्यक्रम का संचालन सुश्री अंशु जोशी द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया। अंत में सुश्री स्वाति उपाध्याय, सहायक प्राध्यापक (ए.सी.), स्कूल ऑफ लॉ द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

राष्ट्रीय वेबिनार में शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में FCRA के माध्यम से विदेशी अंशदान के विनियमन, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों पर सार्थक अकादमिक चर्चा हुई। वेबिनार का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
