हल्द्वानी— प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश सचिव राकेश गुप्ता टीटू ने कहा कि व्यापारी संघर्ष का दूसरा नाम प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल है। व्यापारी उत्पीड़न ही संगठन के निर्माण की वजह बना है।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के समय में व्यापारी उत्पीड़न चरम पर था, तब 1982 में व्यापारी उत्पीड़न से निजात के लिए व्यापार मंडल का गठन हुआ। 1984-85 के आसपास हल्द्वानी में भी व्यापार मंडल अस्तित्व में आया और उसके बाद पूरे कुमाऊं मंडल में संगठन का विस्तार हुआ।
हल्द्वानी में संगठन के गठन में स्व. अम्बा दत्त शर्मा, स्व. बाबूलाल, वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सुभाष मोंगा, केंद्रीय संयोजक डॉ. धर्म यादव व दिनेश चंद्र की अहम भूमिका रही।
डॉ. धर्म यादव 1987 में उत्तर प्रदेश में युवा व्यापार मंडल के पहले अध्यक्ष बने और उन्होंने व्यापारी उत्पीड़न का पुरजोर विरोध किया। डॉ. यादव 9 वर्ष हल्द्वानी के अध्यक्ष और 9 वर्ष जिला नैनीताल के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं और आज भी केंद्रीय संयोजक के रूप में सक्रिय हैं।
राकेश गुप्ता ने कहा कि प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल रजिस्टर्ड संस्था है जो व्यापारी हितों के साथ-साथ सामाजिक हित और पर्वतीय संस्कृति की रक्षा के लिए कटिबद्ध है। संगठन में सभी धर्म, जाति और वर्ग के छोटे-बड़े व्यापारियों का समावेश है। उन्होंने कहा कि जिन व्यापारी नेताओं ने संगठन के गठन में मेहनत की, उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
