नैनीताल– विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में बढ़ती भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए प्रशासन अब सख्ती बरतने जा रहा है। मंदिर में आवाजाही, प्रसाद और प्रवेश को लेकर कई कठोर फैसले लिए गए हैं।

नैनीताल जिला विकास प्राधिकरण सभागार में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें पर्यटन व्यवसायियों, स्टेक होल्डर्स, कैंची धाम ट्रस्ट और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में लिए गए बड़े फैसले:-
1. ट्रैफिक पर नियंत्रण: हल्द्वानी से भीमताल मार्ग में बॉटल नेक, क्रॉसिंग और बस्तियों वाले व्यस्त स्थानों पर पुलिस कांस्टेबल तैनात किए जाएंगे। वीकेंड पर हल्द्वानी और काठगोदाम से ऊपर टैक्सी और बाइक के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा।
2. ओवर रेटिंग पर रोक: आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कैंची धाम में बेतहाशा ओवर रेटिंग की शिकायतें मिल रही हैं। 150 रुपये का नींबू पानी, 50 रुपये की चाय और बाल्टी के पानी तक के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। इस पर रोक के लिए जिला पर्यटन अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई जाएगी। साथ ही PWD को बाईपास सड़क का डामरीकरण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
3. दर्शन व्यवस्था में बदलाव:-
– भक्तों को शटल सेवा से मंदिर तक लाया जाएगा।
– शिप्रा नदी में नहाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
– मंदिर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग द्वार होंगे।
– वीकेंड में व्यवस्था सुधारने के लिए SDM, RTO, पुलिस और टैक्सी यूनियन संयुक्त रूप से कैंप लगाकर निगरानी करेंगे।
