Category: देहरादून

  • खेल रत्न, द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए 24 जुलाई तक करें आवेदन :- रेखा आर्या

    खेल रत्न, द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए 24 जुलाई तक करें आवेदन :- रेखा आर्या

    देहरादून–   उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2025 के राज्य स्तरीय खेल पुरस्कारों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश के मूल निवासी पात्र खिलाड़ी और प्रशिक्षक 24 जुलाई, 2026 तक निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं।

    खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि पात्र अभ्यर्थी देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार, हिमालय रत्न खेल पुरस्कार, देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कार तथा लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    रेखा आर्या ने बताया कि खेल रत्न और हिमालय रत्न पुरस्कार खिलाड़ियों की कैलेंडर वर्ष 2025 की उपलब्धियों के आधार पर दिए जाएंगे। इसके लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करना अनिवार्य होगा।

    अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय टीम का हिस्सा रहे खिलाड़ियों के लिए भी चयन से पूर्व उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया होना आवश्यक है।

    आवेदन पत्र पर संबंधित मान्यता प्राप्त राज्य खेल संघ की संस्तुति तथा खेल प्रमाण-पत्रों का सत्यापन भी अनिवार्य रहेगा।

    उन्होंने बताया कि देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रशिक्षक द्वारा तैयार किए गए खिलाड़ियों की पिछले तीन वर्षों की उपलब्धियों के आधार पर दिया जाएगा, जबकि लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार के लिए प्रशिक्षक द्वारा तैयार किए गए श्रेष्ठ 10 खिलाड़ियों की उपलब्धियों का मूल्यांकन किया जाएगा।

    प्रशिक्षकों के लिए मान्यता प्राप्त खेल संस्थान से एक वर्षीय डिप्लोमा, छह सप्ताह का प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम अथवा संबंधित राष्ट्रीय खेल संघ से प्रमाणित होना आवश्यक है। इसके अलावा प्रशिक्षक के अधीन खिलाड़ी द्वारा न्यूनतम 180 दिन प्रशिक्षण प्राप्त करने का ₹10 के स्टाम्प पर नोटरी प्रमाणित प्रमाण-पत्र भी आवेदन के साथ देना होगा।

    खेल मंत्री ने बताया कि पुरस्कारों के लिए केवल ओलंपिक, विश्व कप, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, एफ्रो-एशियन खेल, एशियन, राष्ट्रमंडल एवं एफ्रो-एशियन चैंपियनशिप, सैफ खेल तथा राष्ट्रीय खेलों में प्राप्त उपलब्धियों को ही मान्यता दी जाएगी।

    इच्छुक खिलाड़ी और प्रशिक्षक निर्धारित आवेदन-पत्र के साथ अपने शैक्षणिक एवं खेल प्रमाण-पत्र, उत्तराखंड का मूल अथवा स्थायी निवास प्रमाण-पत्र तथा संबंधित राज्य खेल संघ की संस्तुति संलग्न कर 24 जुलाई तक निदेशक खेल कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

    *शपथ-पत्र देना होगा अनिवार्य*

    पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को ₹10 के नोटरी प्रमाणित स्टाम्प पेपर पर शपथ-पत्र देना होगा कि उन्होंने कभी डोपिंग नहीं की है, किसी न्यायालय द्वारा दोषी नहीं ठहराए गए हैं, उनके विरुद्ध यौन उत्पीड़न का कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। साथ ही भविष्य में कोई तथ्य गलत पाए जाने पर पुरस्कार की धनराशि वापस करनी होगी और नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।

  • उत्तराखंड – 13 जुलाई तक भारी बारिश रहने की संभावना,,, पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा…।

    उत्तराखंड – 13 जुलाई तक भारी बारिश रहने की संभावना,,, पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा…।

    देहरादून—   उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है।

    देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं तेज से भारी बारिश हो सकती है।

    बुधवार सुबह से ही नैनीताल और हल्द्वानी समेत कुमाऊं के कई इलाकों में रिमझिम बारिश का दौर जारी है। बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली है। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में ठंडक बढ़ गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर तेज से अति तेज बारिश होने की आशंका है।

    लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कें बंद होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के किनारे नहीं जाने की अपील की गई है।

    32 सड़कें बंद, राहत कार्य जारी

    मंगलवार की बारिश के बाद प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में मलबा और चट्टानें गिरने से 32 सड़कें बंद हो गईं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, संबंधित विभागों की टीमें सड़कें खोलने में जुटी हैं। तराई क्षेत्र में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि पंतनगर में सबसे अधिक 107 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

    अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?

    9 जुलाई – अधिकांश जिलों में बारिश जारी रहेगी। कुछ स्थानों पर भारी बारिश, बिजली चमकने और भूस्खलन की आशंका।

    10 जुलाई – कुमाऊं मंडल में अधिकांश स्थानों और गढ़वाल मंडल में कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।

    11 जुलाई – प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 13 जुलाई तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा, इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

  • मणिपुर में शहीद हुए उत्तराखंड के दो सपूत , सैन्य सम्मान के साथ आज पहुंचेगा पार्थिव शरीर।

    मणिपुर में शहीद हुए उत्तराखंड के दो सपूत , सैन्य सम्मान के साथ आज पहुंचेगा पार्थिव शरीर।

    देहरादून/अल्मोड़ा–  मणिपुर के उखरुल जिले में उग्रवादियों के कायराना हमले में उत्तराखंड के दो वीर सपूत मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गए।

    शहीदों में पौड़ी गढ़वाल के हवलदार (जीडी) चंद्रमोहन सिंह और अल्मोड़ा के वारंट ऑफिसर (जीडी) बलवंत सिंह शामिल हैं। दोनों के सर्वोच्च बलिदान से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर है।

    जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 1:50 बजे 40 असम राइफल्स का काफिला ड्यूटी पूरी कर शांगशाक बटालियन मुख्यालय लौट रहा था। इसी दौरान नुंगशांग कोंग के पास संदिग्ध उग्रवादियों ने घात लगाकर अत्याधुनिक हथियारों और आईईडी से हमला कर दिया।

    हमले में दोनों जवान वीरगति को प्राप्त हुए। इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।

    मणिपुर पुलिस के अनुसार, दोनों शहीदों का पोस्टमॉर्टम उखरुल में पूरा कर लिया गया है। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उनके पार्थिव शरीर सेना को सौंप दिए गए हैं और उन्हें सेना के हेलिकॉप्टर से उत्तराखंड लाया जा रहा है। पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांवों में अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    इस घटना ने शहीद हवलदार चंद्रमोहन सिंह के परिवार का दर्द और भी गहरा कर दिया है। उनके पिता गोविंद सिंह का 2 मई को निधन हुआ था। पारिवारिक क्रियाकर्म पूरा करने के बाद चंद्रमोहन सिंह 3 जुलाई को ड्यूटी पर लौटे थे और महज तीन दिन बाद देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। उनके परिवार में पत्नी मंजू देवी, एक बेटा और दो बेटियां हैं।

    मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजाम ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    उत्तराखंड आज अपने दो वीर बेटों को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा है। वीर सपूतों का सर्वोच्च बलिदान सदैव देशवासियों के लिए साहस, कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति की अमिट मिसाल बना रहेगा।

  • कैसी होगी खेल नीति, जनता देगी राय : रेखा आर्या

    कैसी होगी खेल नीति, जनता देगी राय : रेखा आर्या

    देहरादून–   प्रदेश की खेल नीति में क्या नई चीजें शामिल की जानी चाहिए, अब आप भी इस पर अपनी राय दे सकते हैं। खेल मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को विभागीय बैठक में नई खेल नीति तैयार करते समय आम लोगों, खिलाड़ियों व खेल प्रेमियों के सुझाव आमंत्रित करने के निर्देश दिए हैं।

    बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि नई खेल नीति में केंद्र की खेल नीति का समावेश करते हुए उत्तराखंड के परंपरागत खेलों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

    उन्होंने कहा कि नई खेल नीति कैसी हो इस बारे में विभाग जल्द आम लोगों के सुझाव आमंत्रित करेगा। उपयुक्त सुझावों को नई खेल नीति का हिस्सा बनाया जाएगा और अच्छे सुझाव देने वाले लोगों को सम्मानित करने की भी योजना है।

    खेल मंत्री ने बताया कि बैठक में खेल विश्वविद्यालय की तैयारी में तेजी लाने के निर्देश दिए गए । इसके अलावा पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी देने के मामले में तेजी से कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

    कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन खिलाड़ियों में से कुछ को खेल अकादमियों में भी समायोजित करने की तैयारी की जा रही है।

    बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक दीप्ति सिंह, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई आदि उपस्थित रहे।

  • बारिश की चेतावनी:- नैनीताल समेत 6 जिलों में भारी वर्षा के आसार,,,अगले तीन दिन रहेंगे भारी..।

    बारिश की चेतावनी:- नैनीताल समेत 6 जिलों में भारी वर्षा के आसार,,,अगले तीन दिन रहेंगे भारी..।

    देहरादून—   उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की संभावना जताते हुए देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारें पड़ सकती हैं। संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में कम समय में तेज से अति तीव्र वर्षा, आकाशीय बिजली और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।

    बारिश का कहर, पुल बहा और हाईवे बाधित

    सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित किया। पिथौरागढ़ के धारचूला में नेगल गाड़ पर बना अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे तीजम और उमचिया गांवों का संपर्क टूट गया।

    वहीं गंगोत्री हाईवे पर डबरानी और नेताला के पास मलबा और कीचड़ आने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी के समीप भूस्खलन के कारण लगभग पांच घंटे तक आवाजाही ठप रही। बाद में मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्ग को फिर से खोला गया।

    देहरादून में रुक-रुककर बारिश का दौर

    राजधानी देहरादून में सुबह से बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने दिनभर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बौछारों का अनुमान जताया है। शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

    अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?

    8 जुलाई: अधिकांश क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बौछारों का दौर जारी रहेगा।

    9 जुलाई: मानसून और अधिक सक्रिय रहेगा। कई स्थानों पर तेज बारिश, आकाशीय बिजली और पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।

    10 जुलाई: कुमाऊं मंडल के अधिकांश तथा गढ़वाल मंडल के अनेक क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ने की संभावना है।

    लोगों के लिए जरूरी सलाह

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदियों, बरसाती नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

    बारिश राहत भी है, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

  • उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के चयन ट्रायल 14 जुलाई से :- रेखा आर्या

    उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के चयन ट्रायल 14 जुलाई से :- रेखा आर्या

    देहरादून–   मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के चयन ट्रायल की तिथियां तय कर दी गई हैं।

    खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांव-गांव में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

    रेखा आर्या ने बताया कि मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के चयन ट्रायल 14 जुलाई से शुरू होंगे।

    चयन प्रक्रिया ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, वार्ड, विकासखंड और जनपद स्तर पर चरणबद्ध ढंग से आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी तथा प्रत्येक पात्र खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर मिलेगा।

    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के चयन ट्रायल 1 अगस्त से शुरू होंगे। दोनों योजनाओं के माध्यम से चयनित खिलाड़ियों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

    खेल मंत्री ने प्रदेश के सभी पात्र खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों से अपील की कि वे समय पर पंजीकरण कर निर्धारित तिथियों पर ट्रायल में भाग लें।

    उन्होंने जिला क्रीड़ा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चयन प्रक्रिया का सफल, पारदर्शी और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी खिलाड़ी को असुविधा न हो। सरकार का लक्ष्य खेलों को जन-जन तक पहुंचाना यक्षऔर उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।

    *जानिए किस योजना में क्या मिलेगी सुविधा?*

    मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना (8 से 14 वर्ष): इसके तहत प्रत्येक जनपद से 150-150 बालक एवं बालिकाओं का चयन किया जाएगा, जिन्हें ₹1500 प्रति माह छात्रवृत्ति दी जाएगी।

    मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना (14 से 23 वर्ष): इसके तहत प्रत्येक जनपद से 100-100 बालक एवं बालिकाओं को चुना जाएगा, जिन्हें ₹2000 प्रति माह छात्रवृत्ति और खेल उपकरण खरीदने के लिए ₹10,000 प्रति वर्ष अलग से दिए जाएंगे।

  • नशा रोकने पर माँ को गोली मारने की घटना से स्तब्ध महिला आयोग– अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश,,,

    नशा रोकने पर माँ को गोली मारने की घटना से स्तब्ध महिला आयोग– अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश,,,

    देहरादून/ऋषिकेश—   उत्तराखंड के ऋषिकेश में विस्थापित कॉलोनी से सामने आए एक हृदयविदारक मामले में जहां नशा करने से रोकने पर एक बेटे द्वारा अपनी ही बुजुर्ग माँ को गोली मार दी गई,

    उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने त्वरित स्वतः संज्ञान लिया है। विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित ख़बर के अनुसार, नशे के आदी आरोपी सुमित गौड़ ने अपनी 63 वर्षीय माता ऊषा देवी के सिर में तमंचे से गोली मार दी, जिसके बाद पीड़ित महिला को नाजुक हालत में एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है।

    इस अत्यंत संवेदनशील और अमानवीय घटना पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त करते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने तत्काल प्रभारी निरीक्षक (एसओ) ऋषिकेश से फोन पर वार्ता की।

    उन्होंने निर्देश दिए हैं कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले अपराधी के विरुद्ध बिना किसी ढिलाई के कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आयोग की अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि वह पीड़ित बुजुर्ग महिला से मिलने के लिए अस्पताल जाएंगे।

    ​इस निंदनीय घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने एक ऋषिकेश में नशा करने से रोकने पर बेटे द्वारा अपनी माँ पर गोली चलाना न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि यह हमारे सामाजिक ताने-बाने और संस्कारों पर भी एक बड़ा आघात है।

    नशाखोरी देवभूमि की युवा पीढ़ी को खोखला कर रही है और घरों को तबाह कर रही है, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

    देवभूमि उत्तराखंड की इस पवित्र माटी में नशाखोरी को समाप्त करने के लिए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग अब अपने स्तर पर एक बड़ा अभियान चलाने की बात कही है।

    उन्होंने कहा कि हमारा यह दृढ़ प्रयास रहेगा कि पूरे उत्तराखंड में नशे के विरुद्ध एक व्यापक और सघन जन जागरुकता अभियान चलाया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी माँ या परिवार इस तरह की प्रताड़ना का शिकार न होना पड़े।

    अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने समाज और युवाओं को इस सामाजिक बुराई से बचाने के लिए मातृशक्ति की अहम भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मातृभूमि की रक्षा और समाज सुधार में हमारी मातृशक्ति ने हमेशा बढ़-चढ़कर ऐतिहासिक भूमिका निभाई है और वर्तमान में भी वे अवैध नशाखोरी को कम करने के लिए लगातार धरातल पर प्रयास कर रही हैं।

    आयोग इस अभियान को मजबूत करने के लिए पुलिस के साथ मिलकर प्रदेश भर की मातृशक्ति इस विशेष मुहिम में शामिल करेगा। महिलाओं के सहयोग से गाँव-गाँव और शहर-शहर में अवैध नशे के खिलाफ एक सघन जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

    आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि युवाओं और परिवारों को इस अभिशाप से मुक्ति दिलाने वाले इस अभियान की शुरुआत वह स्वयं अपने शहर ऋषिकेश से करेंगी, जिसे बाद में जनभागीदारी के माध्यम से पूरे उत्तराखंड में एक बड़ी मुहिम का रूप दिया जाएगा।

  • मौसम उत्तराखंड :- कुमाऊं में भारी बारिश का अलर्ट,,,,  बेवजह यात्रा से बचें,,,।

    मौसम उत्तराखंड :- कुमाऊं में भारी बारिश का अलर्ट,,,, बेवजह यात्रा से बचें,,,।

    देहरादून/हल्द्वानी—   उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा चेतावनी के अनुसार आज (6 जुलाई) और कल (7 जुलाई) कुमाऊं मंडल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

    विशेष रूप से नैनीताल और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चंपावत, पिथौरागढ़, देहरादून, टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग सहित कई जिलों में तेज बारिश, गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

    आज और कल इन जिलों में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

    रविवार और सोमवार को उधम सिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश का खतरा बना रहेगा। पर्वतीय जिलों में कई स्थानों पर तेज बारिश के दौर, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार और उधम सिंह नगर में भी गरज के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है।

    बारिश के बीच उमस ने भी बढ़ाई परेशानी

    मानसून सक्रिय होने के बावजूद बारिश रुकते ही मैदानी इलाकों में उमस लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। शनिवार को देहरादून में कहीं धूप तो कहीं बादल और हल्की बारिश का मिला-जुला मौसम देखने को मिला। जिन इलाकों में बारिश नहीं हुई, वहां गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान किया।

    पंतनगर सबसे गर्म, पहाड़ों में राहत

    शनिवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 33.6°C और न्यूनतम 24.8°C दर्ज किया गया।
    पंतनगर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.0°C और न्यूनतम 27.6°C रिकॉर्ड किया गया।

    वहीं मुक्तेश्वर में अधिकतम 25.2°C और नई टिहरी में 26.8°C तापमान दर्ज हुआ।

    कुमाऊं में बारिश बनी आफत

    लगातार हो रही बारिश से कुमाऊं मंडल के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में हालात आपदा जैसे बन गए हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन होने से टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग सहित सीमांत क्षेत्रों की सड़कें बाधित हो गई हैं।

    आदि कैलाश मार्ग पर मेलघाट के पास लगातार पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण आवाजाही रोकनी पड़ी है। वहीं नैनीताल में मूसलाधार बारिश के चलते कई सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    प्रशासन हाई अलर्ट पर

    मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों पर रोक लगाने, संवेदनशील मार्गों की लगातार निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर यातायात नियंत्रित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

    आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के नामित अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

    लगातार हो रही भारी वर्षा के चलते प्रशासन ने आम नागरिकों से जोखिम न उठाने की अपील की है।

    कहां गया है मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।

    पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।

    नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहें।

    किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

  • एसआईआर के साथ विभागीय काम भी करें ,आंगनबाड़ी कार्यकत्री :- रेखा आर्या

    एसआईआर के साथ विभागीय काम भी करें ,आंगनबाड़ी कार्यकत्री :- रेखा आर्या

    देहरादून—  एसआईआर में व्यस्त होने के बहाने के चलते विभागीय कामकाज प्रभावित होने पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कड़ी नाराजगी जताई है।

    समीक्षा बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री हर दिन कम से कम 1 घंटा अपने केंद्र पर विभागीय कामकाज निपटाएंगी। इसके अलावा अगस्त माह के अंत तक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के रिक्त पदों पर शत प्रतिशत नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    शुक्रवार को विधानसभा स्थित सभागार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि विभाग की ज्यादातर योजनाएं केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है और उनकी रोजाना ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाती है।

    अगर इसकी डाटा फीडिंग में लापरवाही की गई तो विभाग को मिलने वाला आगामी बजट प्रभावित हो सकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रदेश की हर आंगनबाड़ी कार्यकत्री बीएलओ के रूप में काम करने के अलावा हर दिन कम से कम एक घंटा अपने केंद्र पर विभागीय कामकाज निपटाएंगी। इस बाबत विभागीय सचिव को सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखने के लिए कहा गया है।

    बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि कार्यकत्रियों के 438 और सहायिकाओं के 2773 पदों पर अगस्त माह के अंत तक नियुक्तियां कर दी जाएगी। इसके बाद प्रदेश में इन पदों पर शत प्रतिशत नियुक्तियां पूर्ण हो जाएंगी।

    कैबिनेट मंत्री ने प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों के आधार कार्ड और अपार आईडी कम संख्या में बनने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी जिला प्रोबेशन अधिकारियों को निर्देश दिया कि जुलाई माह के अंत तक सभी बच्चों के आधार कार्ड और अपार आईडी बनाना सुनिश्चित करें, अन्यथा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

    इसके साथ ही बैठक में आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकृत बच्चों का नियमित रूप से वजन लेने, पोषण ट्रैकर एप में नियमित रूप से डाटा फीड करने, सभी केंद्रों पर समय से पोषण सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित करने और आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिजली, पानी, शौचालय व किचन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी आदि उपस्थित रहे।

  • गजब— 12000 करोड़ के दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का पहली बारिश में हो गया हाल,,, हुए बड़े-बड़े गड्ढे।

    गजब— 12000 करोड़ के दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का पहली बारिश में हो गया हाल,,, हुए बड़े-बड़े गड्ढे।

    दिल्ली/देहरादून—  देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पहली ही भारी बारिश के बाद विवादों में आ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर बड़े और गहरे गड्ढे दिखाई देने के बाद निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे।

    मामला तूल पकड़ने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सफाई जारी करते हुए घटना की वजह बताई है और संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा की है।

    वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

    यह वीडियो उत्तर प्रदेश के शामली जिले के हाथी करौंदा गांव के पास का बताया जा रहा है। वीडियो बनाने वाले चालक ने दावा किया कि गहरे गड्ढों के कारण उसके सामने चल रही कई गाड़ियां असंतुलित हो गईं। उसके अनुसार दो कारों के अलॉय व्हील क्षतिग्रस्त हो गए और एक वाहन सड़क पर ही खराब हो गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    तीन महीने पहले हुआ था उद्घाटन

    करीब 212 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को किया था। लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना ने दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय लगभग 8 घंटे से घटाकर 2 घंटे कर दिया है।

    इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी विशेषता राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से होकर गुजरने वाला लगभग 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जिसे एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर माना जाता है।

    NHAI ने क्या दी सफाई?

    विवाद बढ़ने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि भारी बारिश के कारण एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर पानी भर गया था, जिससे सड़क का हिस्सा प्रभावित हुआ।

    NHAI के मुताबिक, वहां स्थायी क्रॉस-ड्रेनेज सिस्टम बनाया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के कारण उसे चालू नहीं किया जा सका। प्राधिकरण का कहना है कि बैलेंसिंग कलवर्ट को जोड़ने की अनुमति नहीं मिलने और उसके रास्ते का उपयोग वाहनों की आवाजाही के लिए किए जाने से बारिश के पानी की निकासी बाधित हुई, जिसके कारण सड़क का हिस्सा धंस गया।

    मरम्मत पूरी, ट्रैफिक सामान्य

    NHAI ने बताया कि क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कर दी गई है और एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य रूप से बहाल कर दिया गया है। साथ ही स्थायी ड्रेनेज सिस्टम चालू होने तक पानी की निकासी के लिए अस्थायी समानांतर नाला भी बनाया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

    अधिकारियों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई

    मामले को गंभीरता से लेते हुए NHAI ने संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और EPC कॉन्ट्रैक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा अथॉरिटी इंजीनियर के टीम लीडर और ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

    विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना

    वायरल वीडियो के बाद विपक्ष ने भी सरकार पर हमला बोला है कांग्रेस ने निर्माण कार्य में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जबकि आम आदमी पार्टी ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।

    सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल वीडियो लोगों के तीखे तीखे रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं। विपक्ष ने मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर सरकार पर जनता के पैसे डकारने का इल्ज़ाम लगा रही है। वहीं NHAI ने घटना के कारण, मरम्मत और की गई कार्रवाई के संबंध में अपना आधिकारिक पक्ष सार्वजनिक किया है।