Category: देहरादून

  • कुमाऊँ में महिला सुरक्षा का ‘ट्रिपल लेयर कवच’ तैयार,,, अब संकट में अकेली नहीं होगी कोई बेटी,,।

    कुमाऊँ में महिला सुरक्षा का ‘ट्रिपल लेयर कवच’ तैयार,,, अब संकट में अकेली नहीं होगी कोई बेटी,,।

    हल्द्वानी—   कुमाऊँ मंडल में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गई है। अब पीड़ित महिलाओं को केवल कानूनी मदद ही नहीं, बल्कि तत्काल चिकित्सा, मानसिक संबल और सुरक्षित माहौल भी एक साथ उपलब्ध कराया जाएगा।

    इसी उद्देश्य से हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग और सीडीएस जनरल बिपिन रावत के संयुक्त तत्वावधान में राज्य स्तरीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।

    उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में कुमाऊँ मंडल के सभी जनपदों से वन स्टॉप सेंटरों की काउंसिलर्स, केस वर्कर्स, महिला पुलिसकर्मी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के अधिवक्ता और संरक्षण अधिकारी शामिल हुए।

    कार्यशाला का शुभारंभ लालकुआँ विधायक मोहन सिंह बिष्ट, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी और उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया।

    विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने इस पहल को महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।

    “सिर्फ न्याय नहीं, मानसिक संबल भी जरूरी”

    महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि जब कोई प्रताड़ित महिला सामाजिक भय और मानसिक आघात के बीच मदद की उम्मीद लेकर आती है, तो सबसे पहले उसकी पहचान की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।

    उन्होंने कहा कि अदालत की लंबी प्रक्रिया के दौरान पीड़ित महिलाएं अक्सर निराश हो जाती हैं, इसलिए महिला आयोग, पुलिस और विधिक सेवा प्राधिकरण को एक मजबूत सुरक्षा दीवार बनकर काम करना होगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसे ‘मास्टर ट्रेनर्स’ तैयार करना है, जो आगे समाज में महिला अधिकारों की रक्षा का प्रभावी तंत्र विकसित कर सकें।

    तीन स्तर पर मिलेगा सुरक्षा कवच

    कार्यशाला में पुलिस, विधिक और मनोवैज्ञानिक सहायता को एक साथ जोड़कर ‘त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र’की कार्यप्रणाली समझाई गई।

    पुलिस सहायता_आपात स्थिति में ‘महिला चीता’ वाहिनी और डायल 112 की त्वरित कार्रवाई।

    विधिक सहायता_भारतीय न्याय संहिता, पोक्सो एक्ट और घरेलू हिंसा से जुड़े नए कानूनों की जानकारी।

    मनोवैज्ञानिक सहायता_ ट्रॉमा से पीड़ित महिलाओं को संभालने और उनका आत्मविश्वास लौटाने की तकनीक।

    उप निरीक्षक सुनीता कुंवर ने साइबर स्टॉकिंग, ब्लैकमेलिंग और डिजिटल फ्रॉड जैसे अपराधों से बचाव और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की जानकारी दी।

    ‘गोल्डन आवर’ में त्वरित मदद पर जोर

    डॉ. ऐश्वर्या कांडपाल ने कहा कि यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में पीड़िता की पहचान को पूरी तरह गुप्त रखना और शुरुआती ‘गोल्डन आवर’ में तत्काल चिकित्सा सहायता देना बेहद जरूरी है।

    वहीं, मनोविज्ञान विभाग के डॉ. ललित मोहन पंत ने काउंसिलर्स को ट्रॉमा पीड़ित महिलाओं को मानसिक रूप से संभालने और उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए।

    महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की प्रतिनिधि आरती बलोदी ने बताया कि समाज के पूर्वाग्रहों के कारण केवल 17% पीड़ित महिलाएं ही रिपोर्ट दर्ज कराने का साहस जुटा पाती हैं। इसलिए सभी कर्मियों को सर्वाइवर-सेंट्रिक अप्रोच अपनाने और पीड़िताओं को पुनर्वास योजनाओं का तत्काल लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।

    इस कार्यशाला के माध्यम से कुमाऊँ मंडल में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए एक ऐसा मजबूत और संवेदनशील तंत्र तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है, जो पीड़िताओं को न्याय के साथ-साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता का भरोसा भी देगा।

    यह संस्करण खबर को भावनात्मक, संवेदनशील और पाठकों को जोड़ने वाले अंदाज़ में पेश करता है, साथ ही समाचार की गंभीरता और महत्व को भी पूरी मजबूती से उभारता है।

  • उत्तराखंड में अगले 72 घंटे भारी,,,,अत्यधिक बारिश और बिजली गिरने का खतरा ,,, दो किसानों की मौत..।

    उत्तराखंड में अगले 72 घंटे भारी,,,,अत्यधिक बारिश और बिजली गिरने का खतरा ,,, दो किसानों की मौत..।

    देहरादून—  उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले 24 घंटों से राज्य के अधिकांश जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है, जबकि नैनीताल और देहरादून में रविवार सुबह तेज बारिश दर्ज की गई।

    मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

    मौसम विभाग के अनुसार नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी और अत्यंत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।

    वहीं देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

    इसके अलावा अल्मोड़ा और चमोली जिलों में येलो अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश की संभावना जताई गई है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज से अति तीव्र बारिश के दौर पड़ने की भी चेतावनी दी गई है।

    आकाशीय बिजली से दो किसानों की मौत

    लगातार खराब मौसम के बीच हरिद्वार जिले से दुखद खबर सामने आई है। शनिवार को खेतों में काम कर रहे दो किसानों पर आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान डालूवाला मजबता निवासी नगिन (53) और खाला टीरा निवासी रणधीर सिंह (42) के रूप में हुई है।

    बताया गया कि अचानक मौसम खराब होने और तेज बारिश के दौरान दोनों अलग-अलग खेतों में काम कर रहे थे, तभी उन पर बिजली गिर गई। गंभीर रूप से झुलसे दोनों किसानों को ग्रामीण रुड़की के विनय विशाल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    देहरादून में तेज बारिश का दौर जारी

    देहरादून में सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने दिनभर आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। कई इलाकों में भारी बारिश के एक-दो दौर पड़ सकते हैं। राजधानी में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

    अगले तीन दिनों का अलर्ट

    20 जुलाई – देहरादून, हरिद्वार और टिहरी के कुछ क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी, उत्तरकाशी और पौड़ी में ऑरेंज अलर्ट रहेगा।

    21 जुलाई – देहरादून और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ में येलो अलर्ट रहेगा।

    22 जुलाई – राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बौछारें पड़ने की संभावना है।

    नैनीताल जिले में बारिश का असर

    नैनीताल जिले में बीते 24 घंटे के दौरान मौसम का असर अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिला है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रविवार सुबह 8 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, हल्द्वानी में सबसे अधिक 67 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि रामनगर में 16.4 मिमी और कालाढूंगी में 33 मिमी वर्षा हुई।

    नैनीताल और आसपास के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं, जबकि हल्द्वानी, लालकुआं और रामनगर में हल्की बारिश का दौर जारी है। कैचीधाम में 11.1 मिमी और खनस्यू/ओखलकांडा क्षेत्र में 24 मिमी बारिश दर्ज की गई। बेतालघाट में वर्षा नहीं हुई।

    बारिश के चलते जिले के दो ग्रामीण मार्ग बाधित हो गए हैं। इनमें भौर्सा-पिनरो मोटर मार्ग और पंगोट-दैचोरी मोटर मार्ग शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार, दोनों मार्गों को आज ही खोलने की कार्रवाई जारी है।

    वहीं, जमरानी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई है, जिसे बहाल करने के लिए संबंधित विभाग कार्यरत है। राहत की बात यह है कि जिले में नालों की स्थिति फिलहाल सामान्य बनी हुई है।

    जिला प्रशासन ने बताया कि मार्गों को खोलने और बिजली आपूर्ति सुचारू करने के लिए संबंधित विभागों द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है।

    प्रशासन की अपील

    मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। साथ ही जलभराव और फिसलन वाले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

  • CM धामी का बड़ा फैसला,,, ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना में पेड़ों की कटान पर रोक,,।

    CM धामी का बड़ा फैसला,,, ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना में पेड़ों की कटान पर रोक,,।

    देहरादून—   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश क्षेत्र में प्रस्तावित देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के तहत होने वाले पेड़ों के कटान पर बड़ा और संवेदनशील फैसला लेते हुए फिलहाल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

    पिछले कुछ दिनों से पर्यावरण प्रेमियों, स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की ओर से लगातार उठ रही चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में विकास की गति जारी रहेगी, लेकिन प्रकृति और जनभावनाओं की कीमत पर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी आवश्यक वैधानिक और पर्यावरणीय स्वीकृतियों का पालन करते हुए कार्य किया जा रहा था। इसके बावजूद आम लोगों की आशंकाओं और सुझावों को सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ सुन रही है।

    उन्होंने प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परियोजना से जुड़े सभी पक्षों—स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पर्यावरण विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों – के साथ दोबारा विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए, ताकि सभी पहलुओं पर सहमति और विश्वास का वातावरण बन सके।

    मुख्यमंत्री धामी ने यह भी बताया कि परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा हाथी अंडरपास बनाया जाना प्रस्तावित है।

    इसके अलावा छोटे वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट की व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मौत की घटनाओं को कम किया जा सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर केवल पर्यावरण की नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान भी है। इसलिए सरकार विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पूरा सम्मान करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी, लेकिन जब तक सभी पक्षों के बीच संतोषजनक सहमति और विश्वास का माहौल तैयार नहीं हो जाता, तब तक परियोजना के दायरे में आने वाले पेड़ों का कटान स्थगित रहेगा।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि उनके लिए उत्तराखंड की प्रकृति, जनभावनाएं और प्रदेश का विकास – तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। सरकार संवाद, सहमति और व्यापक जनहित के सिद्धांत पर आगे बढ़ेगी ताकि विकास की रफ्तार भी बनी रहे और देवभूमि की हरियाली भी सुरक्षित रह सके।

    मुख्यमंत्री के इस फैसले को पर्यावरण संरक्षण और जनभावनाओं के सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे उन लोगों को भी राहत मिली है जो लंबे समय से परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ों की कटाई को लेकर चिंता जता रहे थे।

  • चढ़ावा चोरी :- बद्रीनाथ धाम मामले में बड़ी कार्रवाई,,,।

    चढ़ावा चोरी :- बद्रीनाथ धाम मामले में बड़ी कार्रवाई,,,।

    बद्रीनाथ—  उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने मामले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के पूर्व टेंपल अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया है।

    एसआईटी ने करीब चार घंटे तक पूछताछ करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया। अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की जा सकती है।

    गिरफ्तारी के बाद एसआईटी ने राजेंद्र सिंह चौहान से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान जांच टीम को अलग-अलग देशों की विदेशी मुद्रा , महंगी केसर और अन्य सामग्री बरामद हुई है।

    एसआईटी ने पुष्टि की है कि विदेशी मुद्रा और केसर समेत कुछ अन्य सामान जांच के दौरान मिला है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इन वस्तुओं का इस मामले से क्या संबंध है और इन्हें किन परिस्थितियों में रखा गया था।

    सोशल मीडिया से शुरू हुआ मामला, जांच तक पहुंचा

    बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित गड़बड़ियों के आरोप सबसे पहले सोशल मीडिया पर सामने आए। इसके बाद भैरव सेना’ नामक संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई। मामला तूल पकड़ने पर उत्तराखंड सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए।

    राज्य सरकार ने गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने विस्तृत जांच के बाद अपनी 18 पन्नों की रिपोर्ट सरकार को सौंपी। रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए, जिनमें गिनती के दौरान ड्रेस कोड, अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे मजबूत निगरानी व्यवस्था और पारदर्शी प्रक्रिया लागू करने की सिफारिश शामिल है।

    पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

    इस मामले में इससे पहले BKTC अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित किया गया था। बाद में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। वहीं चढ़ावे के रजिस्टर में ओवरराइटिंग पाए जाने के बाद मंदिर के कोषाध्यक्ष का भी तबादला कर दिया गया था।

    पुराने CCTV फुटेज भी खंगाल रही SIT

    जांच एजेंसी अब पुराने सीसीटीवी फुटेज की गहन पड़ताल कर रही है। डिलीट किए गए वीडियो को रिकवर करने का प्रयास भी जारी है। एसआईटी का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों से पूरे मामले की कई और अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं और जांच का दायरा आगे बढ़ सकता है।

    जांच अभी जारी है

    एसआईटी का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण से आगे बढ़ रही है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी व्यक्ति की अंतिम जिम्मेदारी या दोष का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि इस कथित अनियमितता में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

    आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है। श्रद्धालुओं की अपेक्षा है कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर पूरी हो, ताकि सच सामने आए और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

  • निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहींः- डाॅ. धन सिंह रावत

    निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहींः- डाॅ. धन सिंह रावत

    देहरादून–  सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने समग्र शिक्षा परियोजना के तहत कार्य कर रही कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी देते हुये दो टूक कहा कि समय पर निर्माण कार्य पूर्ण न करने की स्थिति में संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

    परियोजना के अंतर्गत जो निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाये, उनको शीघ्र शुरू कर निश्चित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने को कहा गया है।

    विद्यालयी शिक्षा महानिदेशलाय स्थित सभागार में समग्र शिक्षा की समीक्षा बैठक में डाॅ. रावत ने समग्र शिक्षा के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 से लेकर वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा की।

    जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों व विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिये कि समय पर निर्माण कार्य पूर्ण न करने, गुणवत्ता में लापरवाही बरतने पर कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी, और उनसे निर्माण कार्य छीन लिये जायेंगे।

    विभागीय मंत्री ने कहा कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 व वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा के लिये 1367 विभिन्न निर्माण कार्यों स्वीकृत किये गये थे, जिसमें से 625 निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं, जिन्हें शीघ्र पूरा कराने के लिये सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की।

    उन्होंने निर्माण कार्याें की निरंतर माॅनिटिरिंग कर प्रत्येक सप्ताह रिपोर्ट महानिदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। डाॅ. रावत ने उक्त वित्तीय वर्षों में स्वीकृत 120 निर्माण कार्यों के शुरू न होने पर सख्त नाराजगी जताई, उन्होंने कहा कि नये कार्य शीघ्र शुरू किए जाय यदि चिन्हित विद्यालयों में जगह की कमी या अन्य व्यावहारिक दिक्कते आ रही है तो इन निर्माण संबंधी कार्यों को जरूरतमंद विद्यालयों में शुरू किया जाय।

    विभागीय मंत्री डाॅ. रावत ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावासों के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुये कहा कि चिन्यालीसौड़, बाजपुर, आराकोट, नाभाहाउस ़ऋषिकेश, एवं हल्दूचैड़ में निर्माणाधीन कार्र्याें को शीघ्र पूरा कर विभाग को हैंडओवर किया जाय। साथ ही पीएम जनमन योजना के तहत कुल्हा (ऊधमसिंहनगर) में निर्माणाधीन आवासीय छात्रावास के कार्यों में भी तेजी लाने को कहा।

    विभागीय मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 12 स्पोर्ट्स काॅम्पलैक्स, डिजिटल लाइब्रेरी, आईसीटी क्लासेज तथा स्मार्ट क्लासेज के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

    बैठक में विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक आकांक्षा कोण्डे, अपर परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा एवं निदेशक प्राथमिक शिक्षा के.एस. रावत, उप राज्य परियोजना निदेशक पल्लवी नैन, अजीत भण्डारी, प्रद्युमन सिंह रावत सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • उत्तराखंड में बारिश का हाई अलर्ट:-  इस जिले में कल सभी स्कूल रहेंगे बंद.।

    उत्तराखंड में बारिश का हाई अलर्ट:- इस जिले में कल सभी स्कूल रहेंगे बंद.।

    देहरादून—  उत्तराखंड में लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और नेशनल डिजास्टर अलर्ट पोर्टल (NDMA) द्वारा जारी ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटों में जिले के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश ,आकाशीय बिजली और अत्यंत तीव्र वर्षा की संभावना जताई गई है।

    इसे देखते हुए 18 जुलाई 2026 (शनिवार) को जिले के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक अवकाश घोषित कर दिया गया है।

    मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है। आदेश के अनुसार जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी 18 जुलाई को बंद रहेंगे।

    जिला प्रशासन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि सभी शिक्षण संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।

    अपील:खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक सलाह का पालन करें।

  • राहुल गांधी के देहरादून आगमन पर भाजपा महिला मोर्चा का जोरदार विरोध प्रदर्शन,,, प्रदेशभर से पहुंची मातृशक्ति ने महिला विरोधी सोच के खिलाफ बुलंद की आवाज।

    राहुल गांधी के देहरादून आगमन पर भाजपा महिला मोर्चा का जोरदार विरोध प्रदर्शन,,, प्रदेशभर से पहुंची मातृशक्ति ने महिला विरोधी सोच के खिलाफ बुलंद की आवाज।

    देहरादून—  भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट के नेतृत्व में आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी के देहरादून आगमन का प्रदेशभर से पहुंची हजारों मातृशक्ति ने कड़ा विरोध किया।

    बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सीएमआई चौक पर एकत्रित हुईं और कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता के विरुद्ध जोरदार प्रदर्शन किया।

    प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने किया। उनके साथ प्रदेश महामंत्री हिमानी वैष्णव, राज्य मंत्री विनोद उनियाल, राज्य मंत्री मधु भट्ट सहित महिला मोर्चा की अनेक प्रदेश, जिला एवं मंडल स्तर की पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

    इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने कहा कि कांग्रेस ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर देश की करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का अपमान किया है।

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी का ऐतिहासिक अधिकार दिया, जबकि कांग्रेस ने हमेशा महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर दोहरा चरित्र अपनाया है।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति राहुल गांधी के आगमन का विरोध कर यह स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि देवभूमि की महिलाएं महिला सम्मान और सशक्तिकरण के विषय में किसी प्रकार की राजनीति स्वीकार नहीं करेंगी।

    महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर कांग्रेस के विरोध में जोरदार नारे लगाए तथा नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वाली कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता के विरुद्ध अपना आक्रोश व्यक्त किया।

    जब महिला मोर्चा की कार्यकर्ता आगे बढ़ने लगीं तो पुलिस ने सीएमआई चौक पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखा और बैरिकेडिंग पर डटे रहकर कांग्रेस के खिलाफ अपना संदेश बुलंद किया।

    बाद में पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारी महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों के माध्यम से वहां से हटाया।

    भाजपा महिला मोर्चा ने कहा कि कांग्रेस को महिलाओं के सम्मान और अधिकारों पर राजनीति करने के बजाय अपने महिला विरोधी इतिहास पर आत्ममंथन करना चाहिए।

    उत्तराखंड की मातृशक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे कार्यों के साथ मजबूती से खड़ी है और भविष्य में भी महिला विरोधी मानसिकता का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी।

    इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर मातृशक्ति की एकजुटता का परिचय दिया।

  • देहरादून:- राहुल गांधी के दौरे से पहले  हुआ कार्यक्रम स्थल पर बड़ा हादसा,,,।

    देहरादून:- राहुल गांधी के दौरे से पहले हुआ कार्यक्रम स्थल पर बड़ा हादसा,,,।

    उत्तराखंड–  देहरादून में राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले राजधानी देहरादून में बड़ा हादसा हो गया। कार्यक्रम स्थल पर अचानक एक लोहे का पिलर गिरने से कांग्रेस नेता अमर सिंह मेहता उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे के तुरंत बाद उन्हें इलाज के लिए CMI अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. महेश कुड़ियाल ने उनकी मौत की पुष्टि की है।

    इस दर्दनाक घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    इस खबर को अपडेट किया जा रहा है

  • उत्तराखंड:- पूर्व मुख्य सचिव का बेटा गिरफ्तार,,, कभी IPS तो कभी CBI,,, पुलिस ने खोल दी पूरी कुंडली,,।

    उत्तराखंड:- पूर्व मुख्य सचिव का बेटा गिरफ्तार,,, कभी IPS तो कभी CBI,,, पुलिस ने खोल दी पूरी कुंडली,,।

    देहरादून—  उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के बेटे आर. यशोवर्धन (35) को देहरादून पुलिस ने फर्जी IPS अधिकारी बनकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

    आरोपी खुद को कभी IPS, कभी RAW, CBI, CRPF, NIA और यहां तक कि भारतीय सेना का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों का भरोसा जीतता था और नौकरी, सरकारी काम, स्टार्टअप फंडिंग तथा टेंडर दिलाने के नाम पर मोटी रकम ऐंठता था।

    देहरादून के राजपुर थाना पुलिस ने एसएसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम की कार्रवाई में आरोपी को मसूरी रोड स्थित CSI तिराहे से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से अलग-अलग पहचान बनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहा था।

    UPSC में असफलता के बाद चुना ठगी का रास्ता

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पिता राज्य के वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी रहे हैं। बचपन से अधिकारियों के रुतबे को देखकर उसने भी IPS बनने का सपना देखा और कई वर्षों तक UPSC की तैयारी की। लेकिन सफलता नहीं मिलने के बाद उसने फर्जी पहचान बनाकर लोगों के बीच खुद को बड़ा अधिकारी बताना शुरू कर दिया।

    उसने फर्जी पहचान पत्र, विजिटिंग कार्ड, वर्दियां और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के प्रतीक चिह्न तैयार कराए। इसके बाद वह प्रभावशाली बातचीत और सरकारी संपर्कों का झूठा दावा कर लोगों का विश्वास जीतता और फिर उनसे मोटी रकम ठग लेता था।

    दो मामलों में 19.60 लाख रुपये की ठगी का आरोप

    राजपुर थाने में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में आरोपी पर कुल 19.60 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।

    एक MBBS छात्र से कंपनी रजिस्ट्रेशन और स्टार्टअप फंडिंग दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपये लिए।

    एक महिला वैज्ञानिक से रक्षा मंत्रालय में डेटा साइंस कंसल्टेंट की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 4.60 लाख रुपये ठग लिए।

    इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

    छापेमारी में बरामद हुआ चौंकाने वाला सामान

    गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में फर्जी सरकारी सामग्री बरामद की। इनमें 5 फर्जी पहचान पत्र,,8 फर्जी विजिटिंग कार्ड,,पुलिस एवं सेना के 25 लोगो/बैज,,सेना एवं पैरामिलिट्री की 3 जोड़ी वर्दियां,,3 फर्जी रैंक रिबन,,एक वायरलेस सेट,,एक लैपटॉप बरामद किया गया है।

    रौबदार अंदाज से जीतता था भरोसा

    एसपी सिटी के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह वर्दी, फर्जी आईडी कार्ड और प्रभावशाली व्यक्तित्व का इस्तेमाल कर लोगों का विश्वास जीतता था। इसके बाद नौकरी, सरकारी परियोजनाओं, टेंडर और अन्य सुविधाएं दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठ लेता था।

    अब पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस

    पुलिस का कहना है कि अभी जांच जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और क्या इस पूरे नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है। साथ ही उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संभावित मामलों की भी गहन जांच की जा रही है।

  • देहरादून परेड ग्राउंड पर टकराव,,, राहुल गांधी के कार्यक्रम का बदला वेन्यू ,, कांग्रेस ने कहा सरकार में घबराहट..

    देहरादून परेड ग्राउंड पर टकराव,,, राहुल गांधी के कार्यक्रम का बदला वेन्यू ,, कांग्रेस ने कहा सरकार में घबराहट..

    देहरादून—  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 17 जुलाई को प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का आयोजन स्थल बदल दिया गया है। अब यह कार्यक्रम परेड ग्राउंड की बजाय बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित होगा।

    आयोजन स्थल को लेकर कांग्रेस और प्रशासन आमने-सामने आ गए। देर रात कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने परेड ग्राउंड के बाहर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

    देर रात परेड ग्राउंड पहुंचे कांग्रेसी

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से परेड ग्राउंड पहुंचे। इस दौरान पुलिस पहले से तैनात थी और आयोजन स्थल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। बैरिकेडिंग के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।

    धरने में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, विधायक प्रीतम सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

    कांग्रेस का आरोप- सरकार दबाव बना रही है

    कांग्रेस का कहना है कि नगर निगम ने पहले ही 15 से 17 जुलाई तक परेड ग्राउंड की अनुमति दे दी थी और तय शुल्क से अधिक 1.77 लाख रुपये भी जमा करा दिए गए थे। इसके बावजूद अंतिम समय में कार्यक्रम स्थल बदलने की नौबत आ गई।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार राहुल गांधी के नाम से घबराई हुई है और प्रशासन पर दबाव डालकर अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि छात्रों और उनके अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसलिए कांग्रेस ने स्वयं कार्यक्रम का स्थान बदलने का फैसला लिया।

    DM ने बताया प्रशासन का पक्ष

    वहीं जिलाधिकारी आशीष चौहान ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परेड ग्राउंड पहले से भारत सरकार के ‘लोक संवर्धन पर्व’ कार्यक्रम के लिए आरक्षित था, जिसकी अवधि बढ़ा दी गई है।

    उन्होंने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, स्थल की उपलब्धता और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस को बन्नू स्कूल मैदान सहित अन्य वैकल्पिक स्थानों का प्रस्ताव दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह प्रशासनिक निर्णय है और इसका किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम को रोकने से कोई संबंध नहीं है।

    अब बन्नू स्कूल मैदान में होगा कार्यक्रम

    कांग्रेस ने घोषणा की है कि 17 जुलाई को राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम अब बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित होगा। पार्टी का दावा है कि कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में छात्रों ने पंजीकरण कराया है।

    कांग्रेस के अनुसार, यह पारंपरिक राजनीतिक सभा नहीं होगी। मंच पर राहुल गांधी के अलावा कोई अन्य राजनीतिक नेता मौजूद नहीं रहेगा। कार्यक्रम में छात्र शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक, बेरोजगारी और रोजगार जैसे मुद्दों पर सीधे राहुल गांधी से सवाल पूछ सकेंगे।

    पहले भी टल चुका है दौरा

    गौरतलब है कि इससे पहले राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा खराब मौसम के कारण स्थगित हो गया था। कांग्रेस इस बार कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारी में जुटी हुई है।