Category: देहरादून

  • राष्ट्रपति की मौजूदगी में देश को मिलीं पहली 9 महिला सैन्य अफसर,,,  सॉर्ड ऑफ ऑनर जीतकर विशाल कुमार बने बेस्ट कैडेट,।

    राष्ट्रपति की मौजूदगी में देश को मिलीं पहली 9 महिला सैन्य अफसर,,, सॉर्ड ऑफ ऑनर जीतकर विशाल कुमार बने बेस्ट कैडेट,।

    देहरादून—  भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की प्रतिष्ठित पासिंग आउट परेड (POP) ने इस बार इतिहास रच दिया। अकादमी के गौरवशाली इतिहास में पहली बार 9 महिला कैडेट सैन्य अधिकारी बनकर भारतीय सेना का हिस्सा बनीं।

    यह उपलब्धि भारतीय सेना में महिला सशक्तिकरण और बदलते सैन्य परिदृश्य का प्रतीक बन गई है।

    देहरादून स्थित IMA में आयोजित 158वें नियमित एवं 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की भव्य पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मौजूद रहीं। उन्होंने परेड की सलामी ली और नवप्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों को राष्ट्रसेवा के लिए शुभकामनाएं दीं।

    राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि IMA के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक क्षण है। पहली बार महिला कैडेटों का अधिकारी बनना महिला-नेतृत्व वाले विकास और सशक्त भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी केवल देश की सीमाओं के प्रहरी नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों, सम्मान और विश्वास के भी संरक्षक हैं।

    इस बार पासिंग आउट परेड में कुल 515 जेंटलमैन कैडेट शामिल हुए। इनमें 9 महिला कैडेट सहित 481 कैडेट भारतीय सेना में अधिकारी बने, जबकि 16 मित्र देशों के 34 कैडेट प्रशिक्षण पूर्ण कर अपनी-अपनी सेनाओं का हिस्सा बने।

    राष्ट्रपति ने कैडेट्स को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को जीवनभर आत्मसात करने का संदेश दिया। उन्होंने इसे भारत की वैश्विक मित्रता, रक्षा सहयोग और अंतरराष्ट्रीय विश्वास का भी प्रतीक बताया।

    उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट हुए सम्मानित

    सॉर्ड ऑफ ऑनर एवं गोल्ड मेडल – ऑफिसर कैडेट विशाल कुमार

    सिल्वर मेडल – अंडर ऑफिसर कैडेट प्रिंस राज

    ब्रॉन्ज मेडल – ऑफिसर कैडेट तेजस भट्ट

    टेक्निकल एंट्री अवॉर्ड – कैप्टन करण पाण्डेय

    टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स अवॉर्ड – ऑफिसर कैडेट ऋषभ मिश्रा

    भारतीय सैन्य अकादमी की यह पासिंग आउट परेड केवल एक सैन्य समारोह नहीं रही, बल्कि महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव के नए युग की ऐतिहासिक शुरुआत के रूप में याद की जाएगी।

  • सूबे के सहकारिता क्षेत्र में होंगे बड़े सुधार :- डॉ धन सिंह रावत

    सूबे के सहकारिता क्षेत्र में होंगे बड़े सुधार :- डॉ धन सिंह रावत

    देहरादून—  प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सहकारी बैंकों को आधुनिक, आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

    यमुना कॉलोनी स्थित शासकीय आवास पर आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने सहकारिता क्षेत्र में व्यापक सुधारों के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

    बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय जिला एवं राज्य सहकारी बैंकों के वेतन संरचना, मानव संसाधन प्रबंधन और वित्तीय व्यवस्थाओं के अध्ययन हेतु 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति के गठन के निर्देश दिये। यह समिति देश के उन राज्यों के सहकारी बैंकिंग मॉडल का अध्ययन करेगी, जहां उल्लेखनीय और सफल कार्य हुए हैं। समिति एक माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।

    डॉ. रावत ने प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों की एनपीए स्थिति की समीक्षा करते हुए बकाया ऋणों की वसूली के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंकों की वित्तीय मजबूती के लिए एनपीए में कमी लाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    बैठक में उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ (यूसीएफ) की निरंजनपुर स्थित बहुमूल्य भूमि के व्यावसायिक उपयोग पर भी चर्चा हुई। डॉ रावत ने इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

    प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंकों, राज्य सहकारी बैंक और बहुउद्देशीय सहकारी समितियों की एक समान पहचान विकसित करने के लिए “एक बैंक-एक रंग” की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, इसके तहत संस्थानों में एक समान कलर कोड एवं ड्रेस कोड लागू करने पर विचार किया जाएगा।

    डॉ. रावत ने प्रदेश में प्रस्तावित तीन नए जिला सहकारी बैंकों की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। ऊर्जा संरक्षण एवं व्यय में कमी के लिए सभी जिला सहकारी बैंकों और सहकारी समितियों के भवनों पर चरणबद्ध रूप से सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।

    विभागीय मंत्री ने कहा कि सहकारी बैंकों को आधुनिक बैंकिंग प्रणाली के अनुरूप विकसित करना समय की आवश्यकता है। इसके लिए ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, डिजिटल ट्रांजैक्शन सहित सभी आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं को शीघ्र लागू किया जाएगा। साथ ही सहकारी बैंकों के लिए दीर्घकालिक व्यावसायिक रोडमैप तैयार कर उन्हें अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

    बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद ए.डी. शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, रमिंद्री मंद्रवाल, वित्त नियंत्रक नीलू वर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • 18 साल की उम्र में दुनिया को चौंकाने वाले निशानेबाज़ “जसपाल राणा” का हुआ निधन,, खेल जगत में शोक की लहर,,।

    18 साल की उम्र में दुनिया को चौंकाने वाले निशानेबाज़ “जसपाल राणा” का हुआ निधन,, खेल जगत में शोक की लहर,,।

    देहरादून—  निशानेबाज जसपाल राणा अब हमारे बीच नहीं रहे। वह देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। यहां उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उनके निधन की पुष्टि की।

    जसपाल भारत के पिस्टल निशानेबाजों के लिए श्हाई-परफॉर्मेंस कोचश् के रूप में कार्यरत थे,। म्यूनिख में आईएसएसएफ विश्व कप से भारत लौटते समय वह असहज महसूस कर रहे थे। महज 18 साल की उम्र में विश्व रिकॉर्ड बनाकर दुनिया को चौंकाने वाले जसपाल राणा ने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में भारत का परचम हमेशा बुलंद रखा।

    2006 दोहा एशियन गेम्स में उनके तीन स्वर्ण पदक और वर्ल्ड रिकॉर्ड को कोई नहीं भूल सकता।

    हाल ही में म्यूनिख में हुए आइएसएसएफ वर्ल्ड कप के दौरान उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई थी, जिसके बाद दिल्ली के मैक्स अस्पताल में उनकी स्टेंट सर्जरी भी हुई थी। वे रिकवर हो रहे थे, लेकिन गुरुवार रात अचानक आए इस दुखद मोड़ ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया।

    खेल के साथ-साथ उन्होंने सियासत में भी कदम रखा था। उन्होंने 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर टिहरी गढ़वाल संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। लेकिन हार गए थे। 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान वे कांग्रेस के स्टार प्रचारक बने।

    पीएम मोदी ने जताया शोक
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जसपाला राणा के निधन पर गहरा शोक जताया। मोदी ने एक्स पर लिखा, जसपाल राणा जी के निधन से गहरा दुख हुआ है। उनका जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।

    उन्होंने निशानेबाजी में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश का मान बढ़ाया। एक मेंटर के तौर पर भी उनका योगदान बहुत अहम रहा। उन्होंने पूरी लगन से युवा खिलाड़ियों को तराशा और उनका मार्गदर्शन किया।

    बेहतरीन प्रदर्शन, अनुशासन और खेल जगत की सेवा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा के कारण उन्हें बहुत सम्मान मिला। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, दोस्तों और पूरे खेल जगत के साथ हैं। ओम शांति।

  • उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज,,,, इन जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी,,

    उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज,,,, इन जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी,,

    देहरादून—  उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली है, लेकिन अब तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने का खतरा बढ़ गया है।

    मौसम विभाग ने राज्य के 8 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। देहरादून, अल्मोड़ा समेत कई जिलों में सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं और तेज बारिश का दौर जारी है।

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधम सिंह नगर और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने, तेज से अति तेज बारिश तथा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। वहीं 4200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के भी आसार हैं।

    राज्य के शेष जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज हवाओं और बारिश के दौर की संभावना बनी हुई है। बुधवार को भी नैनीताल, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में बारिश दर्ज की गई थी।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 12 जून को राज्यभर में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।

    13 जून को पर्वतीय जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। 14 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश के आसार हैं, जबकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

  • मसूरी में भीषण सड़क हादसा :- चार लोगों की मौत,।

    मसूरी में भीषण सड़क हादसा :- चार लोगों की मौत,।

    देहरादून/मंसूरी—   उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की जान चली गई।

    झड़ीपानी रोड स्थित कोल्हुखेत क्षेत्र में दिल्ली नंबर की एक मारुति सिलेरियो कार अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

    जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:16 बजे 112 कंट्रोल रूम को हादसे की सूचना मिली। सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस, SDRF, फायर सर्विस और 108 एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से खाई में उतरकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे से कुछ देर पहले कार सवारों ने पास की एक दुकान से सामान खरीदा था। बताया जा रहा है कि जैसे ही सभी लोग कार में बैठे, तीव्र ढलान पर वाहन अचानक तेज़ी से आगे बढ़ने लगा। चालक के नियंत्रण पाने से पहले ही कार सड़क किनारे खाली प्लॉट को पार करते हुए सीधे गहरी खाई में समा गई।

    प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह ब्रेक फेल होना मानी जा रही है। रेस्क्यू टीमों ने दुर्गम खाई में कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकालने का अभियान चलाया।

    मृतकों की पहचान सत्यप्रकाश (सोनीपत, हरियाणा), मनीत (19), सविता (48) निवासी गाजियाबाद और संगीता (46) निवासी करोलबाग, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस ने घटना की सूचना परिजनों को दे दी है

  • एक पासपोर्ट फोटो रखें तैयार,,,, उत्तराखंड में SIR की हुई शुरुआत..Book A Call with BLO।

    एक पासपोर्ट फोटो रखें तैयार,,,, उत्तराखंड में SIR की हुई शुरुआत..Book A Call with BLO।

    देहरादून;—  उत्तराखंड में सोमवार से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत होने जा रही है। इसके तहत प्रदेशभर के बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना फार्म वितरित करेंगे और मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने प्रदेश के सभी मतदाताओं से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 11,733 बीएलओ को गणना फार्म उपलब्ध करा दिए गए हैं और 8 जून से प्रत्येक मतदाता तक यह फार्म पहुंचाया जाएगा।

    एक पासपोर्ट साइज फोटो रखें तैयार

    निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो तैयार रखें और गणना फार्म भरते समय बीएलओ को उपलब्ध कराएं। हालांकि 8 जून से 7 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के दौरान मतदाताओं से किसी अन्य दस्तावेज की मांग नहीं की जाएगी।

    घर पर नहीं हैं तो करें ‘Book A Call’

    यदि कोई मतदाता नौकरी या अन्य कारणों से दिन में घर पर उपलब्ध नहीं है तो वह “Book A Call with BLO” सुविधा का उपयोग कर सकता है। इसके लिए मतदाता ECI की वोटर सेवा वेबसाइट या ECI-Net मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने बीएलओ के साथ कॉल बुक कर सकते हैं। कॉल बुक होने के दो दिनों के भीतर बीएलओ स्वयं संपर्क करेंगे।

    तीन बार घर आएंगे BLO

    निर्वाचन विभाग के अनुसार यदि किसी घर पर पहली बार में मतदाता नहीं मिलता है तो बीएलओ तीन बार वहां जाएंगे। साथ ही घर पर एक स्टीकर लगाकर अगली विजिट की तारीख और अपना मोबाइल नंबर भी छोड़ेंगे, ताकि मतदाता सुविधानुसार संपर्क कर सकें।

    जानिए आगे का पूरा कार्यक्रम

    8 जून से 7 जुलाई: गणना फार्म वितरण और संग्रहण

    14 जुलाई: ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन

    14 जुलाई से 13 अगस्त: दावे और आपत्तियां दर्ज करने का समय

    14 जुलाई से 11 सितंबर: दावे-आपत्तियों का निस्तारण

    15 सितंबर 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

    निर्वाचन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पात्र नागरिक स्वयं भी ECI-Net ऐप के जरिए गणना फार्म डाउनलोड, भरकर अपलोड कर सकते हैं। वहीं नए मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फार्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं।

    निर्वाचन आयोग का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना और मतदाता रिकॉर्ड को पूरी तरह अद्यतन करना है।

  • अरे भाई, राहुल गांधी को इतनी गंभीरता से क्यों लेते हो ?”- सी.एम.धामी

    अरे भाई, राहुल गांधी को इतनी गंभीरता से क्यों लेते हो ?”- सी.एम.धामी

    देहरादून–  उत्तराखण्ड के नैनीताल पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राहुल गांधी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।

    उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब राजनीति में आए थे तब पार्टी उन्हें लांच और री-लॉन्च करती थी, लेकिन वो वर्षों से लांच नहीं हो पाए।

    वो सैनिकों के बारे में जिस तरह से बोलते हैं, ऊत्तराखण्ड के लोग उन्हें गंभीरता से नहीं लेंगे।

    सेना से सर्जिकल स्ट्राइक या ऑपरेशन सिंदूर का सबूत मांगेगा क्या कोई ? सेना के शौर्य साहस का प्रमाणपत्र मांगेगा क्या ?

    वो हमारा विरोध करें, लेकिन वो विदेशों में जाकर राष्ट्र का अपमान करते हैं।

    उनके और उनकी पार्टी द्वारा देश के पहले सी.डी.एस.जर्नल विपिन रावत के लिए अमर्यादित भाषा कौन भूल सकता है ?

  • IPS के ट्रांसफर :- आईजी से लेकर एसपी स्तर तक बदलाव,,, बड़ी लिस्ट जारी,।

    IPS के ट्रांसफर :- आईजी से लेकर एसपी स्तर तक बदलाव,,, बड़ी लिस्ट जारी,।

    देहरादून—   उत्तराखंड पुलिस महकमे में शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। शासन और पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेशों के तहत भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के नौ वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए महत्वपूर्ण विभागों में तैनाती बदली गई है।

    कुमाऊं परिक्षेत्र, अपराध एवं कानून व्यवस्था, एसडीआरएफ, साइबर क्राइम, पुलिस दूरसंचार, यातायात और पीएसी जैसे अहम विभागों में नई कमान सौंपे जाने को पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब तक एसडीआरएफ की जिम्मेदारी संभाल रहीं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी निवेदिता कुकरेती कुमार को कुमाऊं परिक्षेत्र, नैनीताल का नया पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) नियुक्त किया गया है।

    वहीं कुमाऊं परिक्षेत्र की आईजी रहीं रिद्धिम अग्रवाल को अपराध एवं कानून व्यवस्था, सीसीटीएनएस और एससीआरबी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

    इसी क्रम में विम्मी सचदेवा को पुलिस दूरसंचार एवं फायर सर्विस का आईजी बनाया गया है, जबकि कृष्ण कुमार वी.के. को यातायात एवं जीआरपी की कमान सौंपी गई है।

    राज्य में साइबर अपराध और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से नीलेश भरणे को साइबर क्राइम, एसटीएफ, एएनटीएफ और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) का दायित्व दिया गया है।

    वहीं सुनील कुमार मीणा को पुलिस कार्मिक, पीएसी और पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनंत शंकर ताकवाले को सीआईडी का नया आईजी बनाया गया है, जबकि योगेंद्र सिंह रावत को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की कमान दी गई है।

    इसके अलावा प्रतीक्षारत चल रहे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बरिंदरजीत सिंह को पुलिस मुख्यालय में आईजी मुख्यालय एवं पी एंड एम के पद पर तैनात किया गया है।

    शासन ने सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कार्यभार ग्रहण करने का प्रमाण पत्र पुलिस महानिदेशक के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

    प्रमुख नियुक्तियां एक नजर में

    निवेदिता कुकरेती कुमार – आईजी, कुमाऊं परिक्षेत्र नैनीताल

    रिद्धिम अग्रवाल – आईजी, अपराध एवं कानून व्यवस्था / CCTNS / SCRB

    योगेंद्र सिंह रावत – आईजी, एसडीआरएफ

    कृष्ण कुमार वी.के. – आईजी, यातायात एवं जीआरपी

    विम्मी सचदेवा – आईजी, पुलिस दूरसंचार एवं फायर सर्विस

    अनंत शंकर ताकवाले – आईजी, सीआईडी

    नीलेश भरणे – आईजी, साइबर क्राइम, एसटीएफ, एएनटीएफ एवं निदेशक एफएसएल

    सुनील कुमार मीणा -आईजी, पुलिस कार्मिक, पीएसी एवं पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड

    बरिंदरजीत सिंह – आईजी, मुख्यालय एवं पी एंड एम

  • पीसीएस के ट्रांसफर,,,  मनीष कुमार सिंह की नैनीताल वापसी,।

    पीसीएस के ट्रांसफर,,, मनीष कुमार सिंह की नैनीताल वापसी,।

    देहरादून—  उत्तराखंड में हुए PCS अधिकारियों के तबादलों के तहत मनीष कुमार सिंह की एक बार फिर नैनीताल जिले में वापसी हुई है।

    हरिद्वार विकास प्राधिकरण के सचिव पद पर तैनात मनीष कुमार सिंह को अब नैनीताल झील विकास प्राधिकरण का सचिव बनाया गया है। साथ ही उन्हें कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) के महाप्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

    मनीष कुमार सिंह इससे पहले हल्द्वानी में एडीएम के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वहीं, वर्तमान में नैनीताल झील विकास प्राधिकरण के सचिव और KMVN के महाप्रबंधक की जिम्मेदारी संभाल रहे विजय नाथ शुक्ला को ऋषिकेश नगर निगम का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है।

  • उत्तराखंड में प्रशासनिक फेरबदल,,, आईएएस- पीसीयस के तबादले,,।

    उत्तराखंड में प्रशासनिक फेरबदल,,, आईएएस- पीसीयस के तबादले,,।

    देहरादून—   उत्तराखंड शासन ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ IAS, PCS और सचिवालय सेवा अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

    देखें किसको कहां मिली जिम्मेदारी

    विनोद कुमार (IAS-2007)

    आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण समेत विभिन्न दायित्वों के साथ अब Uttarakhand Disaster Preparedness and Resilience Project (U-PREPARE) के परियोजना निदेशक बनाए गए हैं।

    सौरभ गहरवार (IAS-2016)

    अब तक उद्योग, आपदा प्रबंधन और U-PREPARE परियोजना से जुड़े दायित्व संभाल रहे थे। उन्हें अपर सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की नई जिम्मेदारी दी गई है।

    झरना कामठान (IAS-2016)

    ग्राम्य विकास विभाग एवं UGVS-REAP परियोजना निदेशक के पद से हटाकर अपर सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग बनाया गया है।

    प्रकाश चन्द्र (IAS-2017)

    समाज कल्याण और बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम से जुड़े दायित्वों के बाद अब उन्हें अपर सचिव, पेयजल विभाग एवं निदेशक स्वजल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    सुन्दर लाल सेमवाल (PCS)

    सचिवालय प्रशासन विभाग से स्थानांतरित कर अपर सचिव समाज कल्याण, प्रबंध निदेशक बहुउद्देशीय वित्त विकास निगम तथा आयुक्त दिव्यांगजन, उत्तराखंड बनाया गया है।

    विक्रम सिंह यादव (सचिवालय सेवा)
    बाध्य प्रतीक्षा से हटाकर अपर सचिव समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण एवं सचिवालय प्रशासन विभागकी जिम्मेदारी दी गई है।

    शासन ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने वर्तमान पदभार से कार्यमुक्त होकर नई तैनाती वाले विभागों में तत्काल कार्यभार ग्रहण करें तथा इसकी सूचना कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग को उपलब्ध कराएं।