Category: देहरादून

  • धामी सरकार ने दी दायित्वों की जिम्मेदारी ,, 14 नेताओं को मिली सौगात ,,,,,।

    धामी सरकार ने दी दायित्वों की जिम्मेदारी ,, 14 नेताओं को मिली सौगात ,,,,,।

    देहरादून—  कैबिनेट विस्तार के बाद अब धामी सरकार ने नेताओं को अलग-अलग आयोगों, परिषदों और समितियों में दायित्व सौंपने शुरू कर दिए हैं। शासन की ओर से जारी आदेश में 14 नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं।

    शुक्रवार को विभिन्न आयोगों, परिषदों और समितियों में 14 लोगों को नियुक्त कर दिया गया है। गृह एवं गोपन सचिव शैलेश बगौली की ओर से इस बाबत आदेश जारी किए गए।

    देहरादून से कुलदीप सुटोला को राज्य स्तरीय खेल परिषद में अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है जबकि नैनीताल से ध्रुव रौतेला को मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है।

    वहीं, चंपावत से हरिप्रिया जोशी को राज्य महिला आयोग में, टिहरी से विनोद सुयाल को राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद में, चंपावत से मुकेश महराना को चाय विकास सलाहकार परिषद में स्थान दिया गया है।

    देहरादून से चारु कोठारी को राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद में.चमोली से प्रेम सिंह राणा को जनजाति आयोग में, टिहरी से खेमसिंह चौहान को ओबीसी आयोग कल्याण परिषद में, टिहरी से ही सोना सजवाण को जड़ी बूटी सलाहकार समिति में, अल्मोड़ा से गोविंद पिलखवात को हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषाद में, देहरादून से बलजीत सोनी को अल्पसंख्यक आयोग, काशीपुर की सीमा चौहान को मत्स्य विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष बनाया गया है।

    इनके अलावा वरिष्ठ भाजपा नेता भावना मेहरा और अशोक वर्मा को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    सीएम पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सभी नवनियुक्त दायित्वधारियों को शुभकामनाएं दी हैं।

  • IPS अधिकारियों के हुए ट्रांसफर,,, योगेंद्र रावत को कुम्भ की कमान,,, टिहरी को नई कप्तान।

    IPS अधिकारियों के हुए ट्रांसफर,,, योगेंद्र रावत को कुम्भ की कमान,,, टिहरी को नई कप्तान।

    देहरादून—  उत्तराखंड शासन ने IPS अधिकारियों के तबादलों में बड़ा फेरबदल किया है। आगामी व्यवस्थाओं, खासकर कुम्भ मेला को देखते हुए ये बदलाव अहम माने जा रहे हैं।

    प्रमुख बदलाव एक नजर में

    योगेन्द्र सिंह रावत ➝ अब पुलिस महानिरीक्षक (IG) कुम्भ मेला

    आयुष अग्रवाल ➝ अब SSP कुम्भ मेला (पहले SSP टिहरी)

    श्वेता चौबे ➝ बनीं SSP टिहरी

    अशोक भदाणे विशाखा ➝ बनीं सेनानायक IRB द्वितीय

    सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

    क्यों अहम है ये बदलाव?

    आगामी कुम्भ मेला और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने अनुभवी अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इससे सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

  • आज रहे संभल कर ,,,,  5 जिलों में मौसम का ऑरेंज अलर्ट ।।

    आज रहे संभल कर ,,,, 5 जिलों में मौसम का ऑरेंज अलर्ट ।।

    उत्तराखंड—   भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार दिनांक 04 अप्रैल, 2026 को उत्तराखण्ड राज्य के जनपद उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि तथा झोंकेदार हवाएं (40-50 किमी/घंटा, जो बढ़कर 60 किमी/घंटा तक) चलने की संभावना व्यक्त की गई है। उक्त जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जनपदों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

    मौसम विभाग द्वारा जारी एलर्ट के दृष्टिगत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून द्वारा संबंधित जनपदों को सावधानी बरतने हेतु पत्र जारी किया गया है। पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि मौसम की स्थिति को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों को प्रतिकूल मौसम के दौरान प्रतिबंधित/नियंत्रित रखा जाए,

    संवेदनशील क्षेत्रों में आवागमन को नियंत्रित करते हुए प्रत्येक स्तर पर सतर्कता बनाए रखी जाए तथा किसी भी आपदा/दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थानीय कार्रवाई के साथ सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए।

    आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के अंतर्गत नामित समस्त अधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहें तथा सभी संबंधित विभाग सक्रिय रूप से फील्ड में कार्यरत रहें।

    इसके साथ ही मोटर मार्ग बाधित होने की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने, राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों की क्षेत्र में सक्रिय उपस्थिति बनाए रखने तथा सभी चैकियों/थानों में आपदा प्रबंधन संबंधी उपकरण एवं वायरलेस प्रणाली के साथ हाई अलर्ट बनाए रखने को कहा गया है।

    इस अवधि में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के मोबाइल/फोन स्विच ऑफ न रहने, अधिकारियों द्वारा आवश्यक उपकरण जैसे बरसाती, छाता, टॉर्च, हेलमेट आदि अपने स्तर पर उपलब्ध रखने तथा संभावित स्थिति में लोगों के फंसने पर खाद्य सामग्री एवं चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। पत्र में यह भी अपेक्षा की गई है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक सावधानी बरती जाए,

    असामान्य मौसम एवं भारी वर्षा की चेतावनी के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के आवागमन को नियंत्रित किया जाए तथा नगर एवं कस्बाई क्षेत्रों में नालियों एवं कल्वर्ट के अवरोधों को हटाकर जल निकासी व्यवस्था सुचारू रखी जाए।

    सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने आम जनमानस से मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने, सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

  • उत्तराखंड पुलिस:- प्रोमोशन और तबादले,,, 10 अधिकारी बने सीओ,,,,,।

    उत्तराखंड पुलिस:- प्रोमोशन और तबादले,,, 10 अधिकारी बने सीओ,,,,,।

    देहरादून—  उत्तराखंड पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर पदोन्नति और तबादले किए गए हैं। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ द्वारा जारी आदेश के अनुसार निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को पुलिस उपाधीक्षक (CO) के पद पर पदोन्नत किया गया है।

    इन पदोन्नतियों के साथ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं, जिससे पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

    ये 10 अधिकारी बने CO (पुलिस उपाधीक्षक)

    पदोन्नति के बाद निम्नलिखित अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है।

    चन्द्र मोहन – टिहरी गढ़वाल
    भावना कैंथोला – अल्मोड़ा
    होशियार सिंह – PTC नरेंद्रनगर
    देवेन्द्र सिंह – चम्पावत
    चंचल शर्मा – उत्तरकाशी
    अंजना नेगी – नैनीताल
    उमेश मलिक – पिथौरागढ़
    संतोष कुमार बगडवाल – अभिसूचना मुख्यालय
    वेद प्रकाश – रुद्रप्रयाग
    संजय कुमार उप्रेती – SDRF

    इन अधिकारियों के हुए ट्रांसफर

    जनहित को ध्यान में रखते हुए कुछ पुलिस उपाधीक्षकों के तबादले भी किए गए हैं।

    अनुज – GRP हरिद्वार
    अनुज कुमार – देहरादून
    रीना राठौर – IRB द्वितीय, देहरादून
    विमल प्रसाद – चम्पावत
    नितिन लोहानी – देहरादून

    DGP ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह बदलाव पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • धामी सरकार का बड़ा कदम,, हो सकता है ‘पॉपुलेशन कंट्रोल बिल’।

    धामी सरकार का बड़ा कदम,, हो सकता है ‘पॉपुलेशन कंट्रोल बिल’।

    देहरादून—  उत्तराखण्ड सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून की चर्चा शुरू करते हुए भाजपा हाईकमान से इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की अनुमती मांगी है। धामी सरकार को अब सहमति मिलने का बेसब्री से इंतजार है।

    भारत में अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि को देखते हुए इस क्षेत्र में एक सख्त कानून बनाने और इसपर नीतिगत लगाम लगाने की अवयश्यक्ता महसूस की गई थी।

    राष्ट्र में सबसे पहले यू.सी.सी., नकल कानून आदि कई लोकहित के निर्णय लेने के लिए मशहूर ऊत्तराखण्ड सरकार अब जनसंख्या पर नियंत्रण के विषय पर गहनता से विचार कर रही है।

    बीते विधानसभा सत्र में उत्तराखंड की तेजी से बदलती डैमोग्राफी की समस्या पर रुद्रपुर से भाजपा विधायक शिव अरोरा ने ‘जनसंख्या नियंत्रण कानून’ लाने की मांग अपनी सरकार से की।

    नीति निर्धारकों ने इस मांग का स्वागत किया तो विपक्ष ने इसे छोटी मानसिकता बताया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस विषय पर और वैचारिक मंथन करने की जरूरत माना।

    ऐसा प्रतीत होता है कि धामी सरकार, यू.सी.सी.और मदरसा बोर्ड खत्म करने की तर्ज पर ‘जनसंख्या नियंत्रण बिल’ लाकर एक नया प्रयोग करने पर विचार कर रही है। जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर न सिर्फ उत्तराखंड की राजनीति में बल्कि सामाजिक तौर पर भी बहस शुरू हो गई है।

    विधायक शिव अरोरा ने विधानसभा में अपनी बात रखते हुए ध्यान दिलाया कि राज्य में वर्ग विशेष(मुस्लिम)की आबादी वर्ष 2011 में 14 प्रतिशत थी जोकि अब बढ़कर 18 फीसदी तक पहुंच गई है।

    शिव ने यू.पी.से लगे तराई के जिलों के साथ साथ पहाड़ के कुछ ऐसे क्षेत्रों का भी जिक्र किया जहां मुस्लिम आबादी अत्यधिक तेजी से बड़ी है।

    उन्होंने, विशेष समुदाय के “हम पांच हमारे पच्चीस” के अभियान को देवभूमि उत्तराखंड के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि राज्य के बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है, लिहाजा यहां जनसंख्या नियंत्रण कानून लाया जाए। कहा कि तीन से अधिक बच्चे वालों को सरकारी योजनाओं से वंचित किया जाए। उन्होंने ये भी कहा की गैस, मकान, राशन जैसी सब्सिडी वाली सुविधाएं वर्ग विशेष को मिलने से उत्तराखंड राज्य सरकार का बजट बिगड़ रहा है।

    सी.एम.पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में अपने विधायक द्वारा जनसंख्या नियंत्रण कानून को उनका निजी विचार और मांग बताया। कहा कि अभी इसपर और वैचारिक मंथन करने की जरूरत है।, डेमोग्राफी चेंज, उत्तराखंड की समस्या है और हमारी सरकार इसपर सजग होकर काम भी कर रही है।

    हम उत्तराखंड की देव स्वरूप सांस्कृतिक और स्वच्छ वातावरण को बनाए रखने के लिए वचनबद्ध हैं। हम अपने बच्चों को सांस्कृतिक रूप से एक मजबूत उत्तराखंड देने का संकल्प लिए हैं।

  • उत्तराखंड में चलेगा‘ऑपरेशन प्रहार’,,, , डीजीपी ने अपराधियों पर सख्त एक्शन के दिए निर्देश,,,।

    उत्तराखंड में चलेगा‘ऑपरेशन प्रहार’,,, , डीजीपी ने अपराधियों पर सख्त एक्शन के दिए निर्देश,,,।

    देहरादून—  उत्तराखंड में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में ‘ऑपरेशन प्रहार’ चलाया जाएगा। इसी क्रम में दीपम सेठ, पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड ने देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक कर अधिकारियों को सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी किए।

    पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने कहा कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। निर्धारित समय के बाद संचालित हो रहे बार और पब्स पर सख्ती बरतने को के निर्देश दिए। कहा, किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।

    प्रदेशभर में तत्काल प्रभाव से व्यापक चेकिंग अभियान चलाया जाए और सभी अवांछित और हुड़दंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। रोड रेज, फायरिंग व देर रात की अवैध गतिविधियों पर पूर्ण अंकुश लगाएं। डीजीपी ने पुलिस अफसरों को निर्देशों पर तत्काल पूर्ण अमल करने के आदेश दिए।

    पूरी सख्ती व मुस्तैदी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। कहा, ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

    आला अधिकारियों की जिम्मेदारी तय

    आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप को देहरादून की कानून-व्यवस्था की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

    एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल को अधीनस्थ अधिकारियों की स्पष्ट टास्किंग कर उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा गया, साथ ही क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग बनाए रखने के निर्देश दिए।

    आईजी एसटीएफ नीलेश आनन्द भरणे और एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह को देहरादून में सक्रिय आपराधिक तत्वों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

    सभी क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों को स्वयं फील्ड में सक्रिय रहकर चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने और बैरियर्स पर सघन चेकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से प्रातःकालीन समय में क्षेत्राधिकारी पुलिसबल की उपस्थिति और सक्रियता बढ़ाएंगे।

    सत्यापन अभियान के अंतर्गत पीजी एवं किरायेदारों का सघन सत्यापन कराने तथा होम-स्टे में संचालित गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।

  • धामी सरकार की बड़ी उपलब्धि :- ऋषिकेश बाईपास 4-लेन के लिए ₹1105 करोड़ की मंजूरी।

    धामी सरकार की बड़ी उपलब्धि :- ऋषिकेश बाईपास 4-लेन के लिए ₹1105 करोड़ की मंजूरी।

    उत्तराखंड—  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निरंतर प्रयासों और प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण कार्य को भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से बड़ी स्वीकृति प्राप्त हुई है। मंत्रालय द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।

    यह बहुप्रतीक्षित परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक विकसित की जाएगी। लगभग 12.670 किलोमीटर लंबा यह बाईपास भट्टोवाला एवं ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा और इसे EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) मोड पर क्रियान्वित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश बाईपास परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा, जाम की समस्या से राहत मिलेगी और स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को भी बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा, “ *यह परियोजना उत्तराखंड के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार राज्य के दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”

     

    मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना के लिए प्रारंभिक अनुमान ₹1151.18 करोड़ था, जिसे संशोधित कर ₹1139.40 करोड़ किया गया और अंततः ₹1105.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।

    परियोजना को तीन वर्षों की समयावधि में पूरा किया जाएगा और कार्य में किसी प्रकार की लागत या समय वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी। निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी तथा सभी कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएंगे।

    इस परियोजना के लिए व्यय वित्त वर्ष 2025-26 में भारत सरकार के बजट प्रावधान (GBS) के अंतर्गत किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस कार्य के लिए ड्रॉइंग एवं डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है।

    इस परियोजना के पूर्ण होने से ऋषिकेश क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुगम होगी, जाम की समस्या में कमी आएगी तथा राज्य के आर्थिक और पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी।

  • दून में गोलीबारी,,,,  रिटायर्ड ब्रिगेडियर के सीने में लगी गोली, मौत,,,,,।

    दून में गोलीबारी,,,, रिटायर्ड ब्रिगेडियर के सीने में लगी गोली, मौत,,,,,।

    देहरादून—  उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से फायरिंग की घटना सामने आ रही है ताबड़तोड़ गोलियों की आवाजों से इलाके में हड़कंप मच गया।

    आज सुबह रोड रेज में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की गोली लगने से मौत हो गई। घटना राजपुर रोड के पास सिनोला और जौहरी गांव के बीच की है। तुला ग्रीन अपार्टमेंट जाखन निवासी 74 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी रोज की तरह सुबह करीब 6:39 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले थे।

    जानकारी के मुताबिक, मसूरी रोड पर मालसी के पास दो कार सवारों के बीच ओवरटेक को लेकर विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि स्कॉर्पियो में सवार युवकों ने दूसरी कार (फॉर्च्यूनर) को रोकने के लिए उसके टायरों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक गोली वहां से गुजर रहे ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के सीने में लग गई।

    गंभीर रूप से घायल ब्रिगेडियर को तुरंत मैक्स अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    पुलिस के अनुसार, फायरिंग के बाद फॉर्च्यूनर कार जोहड़ी गांव के पास बेकाबू होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। इसके बाद स्कॉर्पियो सवार आरोपियों ने कार में मौजूद लोगों के साथ मारपीट की और गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना में फॉर्च्यूनर सवार दो लोग भी घायल हुए हैं।

    देहरादून पुलिस के मुताबिक, आज सुबह 6:50 बजे कंट्रोल रूम को जोहड़ी गांव में फायरिंग की सूचना मिली थी। सूचना पर तत्काल कंट्रोल के उच्च अधिकारियों और थाना राजपुर को जानकारी दी गई।

    घटना की सूचना पर एसएसपी देहरादून, एसपी सिटी व अन्य अधिकारी एवं राजपुर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि मसूरी रोड स्थित मालसी क्षेत्र में एक दिल्ली नंबर की फॉर्च्यूनर कार और एक स्कॉर्पियो में सवार व्यक्तियों के बीच वाहन को पास न देने को लेकर विवाद हुआ था।

    राजपुर रोड (सिनोला) जौहरी गांव के पार्षद सागर लामा ने बताया कि सुबह करीब 6:40 बजे सूचना मिली कि सिनोला की ओर से तेज रफ्तार में एक सफेद फॉर्च्यूनर और एक काली स्कॉर्पियो आ रही हैं। स्कॉर्पियो में सवार एक युवक अंधाधुंध फायरिंग कर रहा था।

    दोनों वाहन एक सहकारी बैंक के पास से गुजरे, जहां रिटायर्ड ब्रिगेडियर अपने साथियों के साथ मॉर्निंग वॉक पर थे। इसी दौरान उन्हें सीने में गोली लग गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क पर अन्य लोगों की जान को भी खतरा पैदा हो गया और इसी दौरान फॉर्च्यूनर कार बेकाबू होकर एक पेड़ से टकरा गई। इसके बाद स्कॉर्पियो में सवार करीब 10-12 लोगों ने लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से लोगों पर हमला कर दिया, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना के बाद स्कॉर्पियो कार में सवार सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पूरे जनपद में नाकेबंदी कर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

  • दो नाबालिक बालिकाओं ले लापता होने पर  बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने व्यक्त की चिंता, दिए आवश्यक निर्देश ।

    दो नाबालिक बालिकाओं ले लापता होने पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने व्यक्त की चिंता, दिए आवश्यक निर्देश ।

    देहरादून—   उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने बीते दिनों थाना पटेल नगर क्षेत्र में एक गंभीर घटना प्रकाश में आई, जिसमें दो नाबालिग बालिकाएँ लापता हो गई थीं। इस संबंध में थाना पटेल नगर द्वारा विधिवत मुकदमा दर्ज किया गया है।

    पुलिस की तत्परता से एक 16 वर्षीय बालिका को बरामद कर लिया गया है, जबकि 14 वर्षीय बालिका अभी भी लापता है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उक्त बालिका के बिहार में होने की आशंका जताई जा रही है। यह भी संज्ञान में आया है कि दोनों बालिकाओं का अपहरण बिहार के कुछ युवकों द्वारा किया गया है।

    अधिकतर आपराधिक गतिविधियां बाहर से आये हुए व्यक्तिओं द्वारा घटित की जा रही हैं बाहर के प्रदेश से आये प्रवासी महिल्ला और बच्चे जो बस्तियों में रह रहे हैं वो अधिकतर हिंसा का शिकार हो रहे हैं पुलिस के द्वारा सत्यापन की अति आवश्यकता है

    डॉ. खन्ना ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं, जो अत्यंत गंभीर विषय है। इन घटनाओं को देखते हुए आयोग द्वारा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान सभी ग्राउंड लेवल कार्यकर्ताओं के सहयोग से प्रत्येक बस्ती में संचालित किया जाएगा, जिससे अभिभावकों एवं बच्चों को सतर्क किया जा सके।

    इसके अतिरिक्त, यह तथ्य भी सामने आया है कि उक्त बालिकाएँ विद्यालय नहीं जा रही थीं। इस पर आयोग विशेष रूप से ध्यान देगा कि स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉप-आउट) बच्चों को समय पर चिन्हित क्यों नहीं किया जा रहा है और उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

    साथ ही, हाल ही में रिस्पना पुल पुर तीन बहने मिली जो घर से नाराज हो कर आ गई र्थी ऐसा हमारे प्रदेश के बच्चे भी कर रहे हैं और missing children में ये आंकड़े बहुत सा हिस्सा बनते हैं ट्रैफिकिंग और अन्य बहुत से बस्ल अपराध इससे जुड़े हैं

    इस प्रकार की गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए आयोग द्वारा इसकी लिए भी विद्यालय को जागरूकता का हिस्सा बनना होगा साथ ही माता पिता को बच्चों के साथ स्वस्थ संवाद करते रहना अति आवश्यक है जिससे वो बच्चों के मन की थाह रख सकें और उनकी शंका का समाये रहते समाधान हो जाए

    डॉ. खन्ना ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या अपुष्ट जानकारी प्रसारित न करें तथा बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहें। आयोग द्वारा शीघ्र ही व्यापक जागरूकता अभियान भी प्रारंभ किया जाएगा।

    अंत में, आयोग ने संबंधित प्रकरण में पुलिस विभाग को निर्देशित किया है कि मामले की त्वरित एवं निष्पक्ष जांच कर शीघ्र आख्या आयोग को प्रेषित की जाए।

  • महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रयास,,,  21 नौनी बुआरियो को दिए निशुल्क ब्यूटी टिप्स,,,।

    महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रयास,,, 21 नौनी बुआरियो को दिए निशुल्क ब्यूटी टिप्स,,,।

    देहरादून—  हर महिला में एक खास खूबसूरती और आत्मविश्वास छिपा होता है… बस जरूरत है उसे सही दिशा देने की। कुछ इसी उद्देश्य से उत्तराखंड की नौनी सोसाइटी और कादंबनी सैलून की ओर से रविवार को एक खास ब्यूटी टिप्स वर्कशॉप का आयोजन किया गया।

    रविवार को नेहरू कालोनी स्थित कादम्बिनी सैलून में 21 नौनी-बुआरियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से इस निशुल्क वर्कशॉप का आयोजन किया गया।

    इस एक दिवसीय वर्कशॉप में उन्होंने खुद को निखारने के लिए नए ब्यूटी स्किल्स सीखे, साथ ही उन्हें बताया गया कि कैसे वे आत्मनिर्भर बन सकती है। एक खास बात ये कि ये वर्कशॉप बिल्कुल निशुल्क रखी गई थी और इसके लिए कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं था। यानी सीधी एंट्री के साथ नौनी बुआरियो ने ये सब सीखा।

    इस मौके पर उत्तराखंड की नौनी सोसायटी की अध्यक्ष नलिनी गोसाईं ने कहा कि सोसाइटी का उद्देश्य जरूरतमंद नौनी बुआरियो की मदद कर उनको आत्मनिर्भर बनाना है। साथ ही कादम्बिनी सैलून की ऑनर मंजुला शर्मा ने कहा कि खुद को पहचानें, निखारें और आत्मनिर्भर बने, क्योंकि जब महिला सशक्त होती है, तो पूरा समाज आगे बढ़ता है।

    इस मौके पर नौनी बुआरियो को गिफ्ट भी दिए गए।

    वर्कशॉप में मेकअप आर्टिस्ट इंदिरा, नीलू, नीलम,ज्योतिष कल्पना, सिंगर कृष्णा, साक्षी, निधि, अस्मिता, आकांक्षा, शालू, सुहानी, रुखसाना, अदम्या आदि ने उपस्थित थे।