Category: देहरादून

  • उत्तराखंड में SIR से पहले बड़ी अपडेट,,,, सियासी हलचल तेज़..।

    उत्तराखंड में SIR से पहले बड़ी अपडेट,,,, सियासी हलचल तेज़..।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड में आगामी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से पहले राजनीतिक दलों ने जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी है। बूथ लेवल एजेंट (BLA) की नियुक्ति को लेकर राज्यभर में तेजी देखी जा रही है, जहां अब तक 20 हजार से अधिक नियुक्तियां हो चुकी हैं।

    BLA नियुक्ति में कौन कितना आगे?

    मुख्य निर्वाचन कार्यालय के प्रयासों के बाद:

    भारतीय जनता पार्टी (BJP): 10,551 BLA

    भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress): 9,869 BLA

    CPI(M): 326 BLA

    बहुजन समाज पार्टी: 117 BLA

    कुल मिलाकर राज्य में 20,863 BLA तैनात किए जा चुके हैं। प्रतिशत के हिसाब से भाजपा 89% और कांग्रेस 84% बूथ कवर कर चुकी है।

    5 जिलों में शत-प्रतिशत नियुक्ति

    राज्य के 13 में से 5 जिलों में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने सभी बूथों पर BLA तैनात कर दिए हैं। इससे इन क्षेत्रों में मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में तेजी आने की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में प्रक्रिया जारी है।

    मतदाता सूची शुद्धिकरण में अहम भूमिका

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम के अनुसार, SIR अभियान में BLA की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।वे बूथ स्तर पर मतदाताओं का सत्यापन,,नए नाम जोड़ना,,अपात्र नाम हटाना जैसे कार्यों में सहयोग करेंगे, जिससे मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके।

    राजनीतिक सक्रियता चरम पर

    SIR से पहले BLA नियुक्ति को लेकर जिस तरह की प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है, उससे साफ है कि आगामी चुनावों को लेकर सभी दल बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गए हैं।

  • शिक्षकों का विरोध,,, स्कूलों की टाइमिंग पर उठाए सवाल,,,।

    शिक्षकों का विरोध,,, स्कूलों की टाइमिंग पर उठाए सवाल,,,।

    उत्तराखंड—  नई समय सारणी के विरोध में उतरे शिक्षक, बच्चों के स्वास्थ्य और भौगोलिक परिस्थितियों का दिया हवाला

    उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन की हल्द्वानी शाखा ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी नई समय-सारणी का विरोध जताया है। संगठन ने उपशिक्षा अधिकारी हल्द्वानी को ज्ञापन सौंपते हुए इसे अव्यवहारिक बताया।

    संगठन के अध्यक्ष मदन सिंह बर्तवाल के नेतृत्व में शिक्षकों ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए नई समय-सारणी उपयुक्त नहीं है। उनका कहना है कि मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी के दौरान सुबह 7:45 से दोपहर 2:05 बजे तक बच्चों का स्कूल में रहना कठिन है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में दूर-दराज से आने वाले छात्रों के लिए भी यह समय असुविधाजनक है।

    शिक्षक संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले सुझाव मांगे जाने पर भी उन्होंने वर्तमान समय-सारणी का विरोध करते हुए पूर्व व्यवस्था को ही जारी रखने की सिफारिश की थी।

    संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए पुराने समय अनुसार ही विद्यालय संचालन सुनिश्चित करने के लिए उच्च अधिकारियों से पत्राचार किया जाए।

  • मौसम ने ली करवट– उत्तराखंड में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट..।

    मौसम ने ली करवट– उत्तराखंड में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट..।

    देहरादून— उत्तराखंड में मौसम ने करवट ले ली है। राज्य के अधिकांश जिलों में आज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में।

    कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट

    मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और उत्तरकाशी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 60 किमी/घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने का खतरा है।

    वहीं अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी है, जहां 40–50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

    पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी

    रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
    करीब 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के भी आसार हैं।

    सोमवार को हुई बर्फबारी

    केदारनाथ धाम में लगातार तीसरे दिन बर्फबारी दर्ज हुई, वहीं धारचूला की व्यास घाटी (छियालेख, नाबी, कुटी, आदि कैलाश, ओम पर्वत) में भारी हिमपात हुआ। गुंजी क्षेत्र में भी लगातार तीसरे दिन बर्फबारी और औली में ताजा बर्फबारी देखने को मिली।

    अगले तीन दिन का मौसम पूर्वानुमान

    8 अप्रैल –
    पांच जिलों-उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश, गरज-चमक और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना। अन्य जिलों में भी हल्की बारिश हो सकती है।

    9 अप्रैल –
    इन पांच जिलों में मौसम सक्रिय रहेगा, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है।

    10 अप्रैल –
    कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ 3700 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी के आसार।

    जरूरी सलाह

    तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतें।

    किसानों और पर्यटकों को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गयी है।

  • महत्वपूर्ण सूचना—उत्तराखंड में स्कूलों की टाइमिंग तय,,,, अभिभावक,स्टूडेंट और टीचर ध्यान दें…,,,।

    महत्वपूर्ण सूचना—उत्तराखंड में स्कूलों की टाइमिंग तय,,,, अभिभावक,स्टूडेंट और टीचर ध्यान दें…,,,।

    देहरादून—  उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के सभी राजकीय और निजी स्कूलों के लिए नई समय-सारिणी लागू कर दी है। यह फैसला छात्रों की दिनचर्या को बेहतर और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

    निदेशक, अकादमिक, शोध एवं प्रशिक्षण, उत्तराखण्ड के प्रस्ताव पर विचार करने के बाद शासन ने पुराने आदेश में आंशिक बदलाव करते हुए यह नई टाइमिंग लागू की है।

    ग्रीष्मकालीन (Summer) टाइमिंग

    (1 अप्रैल से 30 सितंबर तक)

    प्रार्थना सभा: सुबह 7:45 – 8:05
    पहली क्लास: 8:05 – 8:45
    दूसरी क्लास: 8:45 – 9:25
    तीसरी क्लास: 9:25 – 10:05
    चौथी क्लास: 10:05 – 10:45
    मध्यान्तर: 10:45 – 11:25
    पांचवीं क्लास: 11:25 – 12:05
    छठी क्लास: 12:05 – 12:45
    सातवीं क्लास: 12:45 – 1:25
    आठवीं क्लास: 1:25 – 2:05

    शीतकालीन (Winter) टाइमिंग

    (1 अक्टूबर से 31 मार्च तक)

    प्रार्थना सभा: सुबह 8:50 – 9:10
    पहली क्लास: 9:10 – 9:50
    दूसरी क्लास: 9:50 – 10:30
    तीसरी क्लास: 10:30 – 11:10
    चौथी क्लास: 11:10 – 11:50
    मध्यान्तर: 11:50 – 12:30
    पांचवीं क्लास: 12:30 – 1:10
    छठी क्लास: 1:10 – 1:50
    सातवीं क्लास: 1:50 – 2:30
    आठवीं क्लास: 2:30 – 3:10

    क्या है खास ?

    अब पूरे प्रदेश में सभी स्कूलों की टाइमिंग अब एक समान और स्पष्ट होगी।

    मौसम के अनुसार समय तय किया गया है, जिससे बच्चों की सेहत और पढ़ाई दोनों का ध्यान रखा जा सके,, पढ़ाई के बीच पर्याप्त ब्रेक दिया गया है, ताकि बच्चों पर ज्यादा दबाव न पड़े।

  • प्रवर्तन इकाइयों की सख्ती से बढ़ा राजस्व,,,, लक्ष्य के करीब पहुंचा राज्य कर विभाग,,,।

    प्रवर्तन इकाइयों की सख्ती से बढ़ा राजस्व,,,, लक्ष्य के करीब पहुंचा राज्य कर विभाग,,,।

    उत्तराखंड—  राज्य के राजस्व संवर्द्धन और निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति में प्रवर्तन इकाइयों द्वारा वसूले गए अर्थदण्ड/जुर्माना की धनराशि का महत्वपूर्ण योगदान सामने आया है।

    वित्तीय वर्ष 2025-26 के निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए आयुक्त कर महोदया के निर्देश, अपर आयुक्त राज्य कर के मार्गदर्शन तथा संयुक्त आयुक्त (वि. अनुसंधान/प्रवर्तन) राज्य कर काशीपुर के नेतृत्व में उधम सिंह नगर की तीन प्रमुख सचल दल इकाइयों ने कर अपवंचन में लिप्त ट्रांसपोर्ट कंपनियों और व्यक्तियों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए उल्लेखनीय राजस्व अर्जित किया है।

    उधम सिंह नगर की तीन प्रमुख सचल दल इकाईयों में से रुद्रपुर के द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान माल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा -130 के तहत करीब सात करोड़ 51 लाख रुपये की वसूली कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है जबकि विभाग का लक्ष्य आठ करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये निर्धारित था, जिसके मुकाबले वसूली लक्ष्य के काफी करीब रही।

    उल्लेखनीय है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले इस बार स्पष्ट वृद्धि दर्ज की गई है।

    इससे यह साबित होता है कि प्रवर्तन इकाई रुद्रपुर ने अपने करापवंचन विरोधी कार्यों में तेजी लाते हुए राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय सुधार किया है।

    किच्छा सचल दल के द्वारा भी अपने प्रवर्तन क्षेत्र अधिकार में भी राज्य कर वसूली के मामले में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला है। यहां करीब तीन करोड़ 95 लाख एक हजार रुपये की वसूली की गई, जो निर्धारित लक्ष्य का 94.30 प्रतिशत है।

    इसके अलावा काशीपुर सचल दल इकाई के द्वारा वर्ष के दौरान 537.32 लाख रुपये की धनराशि राजकोष में जमा कराई गई, जो विभागीय प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। रुद्रपुर, काशीपुर एवं किच्छा क्षेत्र राज्य कर संग्रह के लिहाज से जिले में महत्वपूर्ण रहे हैं।

    विभाग की विशेष अनुसंधान इकाई एवं सचल दल की टीमों ने लगातार अभियान चलाकर कर चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाया और अर्थदण्ड की वसूली सुनिश्चित की गई। विभिन्न क्षेत्रों में की गई जांच और सख्त कार्रवाई के चलते राजस्व में बढ़ोतरी संभव हो सकी है।

    वर्जन:
    प्रवर्तन इकाईयों की ओर से नियमित जांच, प्रवर्तन कार्रवाई और परिवहनकर्ताओं को जागरूक करने के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आया है। आने वाले समय में 2026-27 हेतु निर्धारित होने वाले लक्ष्य को पूरी तरह हासिल करने के लिए और अधिक सख्ती और रणनीति के साथ कार्य किया जाएगा। कर चोरी पर रोक लगाने के लिए विशेष टीमें लगातार सक्रिय हैं और संदिग्ध संव्यवहार/गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
    — श्याम तिरूआ, संयुक्त आयुक्त, राज्य कर विभाग

  • इसी महीने मिलेगा अप्रैल, मई , जून का राशन,,,,, 15 अप्रैल तक विशेष मौका।

    इसी महीने मिलेगा अप्रैल, मई , जून का राशन,,,,, 15 अप्रैल तक विशेष मौका।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड सरकार ने राशनकार्ड धारकों को बड़ी राहत देते हुए अहम फैसला लिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निर्देशानुसार राज्य में अप्रैल 2026 के दौरान ही लाभार्थियों को अप्रैल, मई और जून—तीनों महीनों का राशन एक साथ वितरित किया जाएगा।

    यह व्यवस्था विशेष रूप से अंत्योदय और प्राथमिक परिवारों के लिए लागू की गई है, जिससे उन्हें बार-बार राशन लेने की जरूरत न पड़े और वितरण प्रक्रिया अधिक सुगम हो सके।

    योजना के तहत अग्रिम वितरण

    यह कदम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है। योजना के लाभार्थियों को तीन महीने का खाद्यान्न अग्रिम रूप से अप्रैल में ही उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें समय पर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

    पारदर्शिता के लिए डिजिटल व्यवस्था

    राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने ई-पॉस मशीनों के माध्यम से ऑनलाइन वितरण की व्यवस्था लागू की है। प्रत्येक लाभार्थी को बायोमेट्रिक सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।

    ध्यान देने वाली बात यह है कि तीनों महीनों के राशन के लिए लाभार्थियों को अलग-अलग तीन बार बायोमेट्रिक ट्रांजेक्शन करना होगा, ताकि सही व्यक्ति तक ही खाद्यान्न पहुंचे और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकी जा सके।

    मार्च का राशन छूट गया? अभी भी मौका

    सरकार ने उन लोगों को भी राहत दी है जो मार्च 2026 में राशन नहीं ले पाए थे। ऐसे लाभार्थी 15 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से अपना राशन प्राप्त कर सकते हैं। यह कदम इस उद्देश्य से उठाया गया है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।

     

    विभाग ने सभी पात्र राशनकार्ड धारकों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी उचित दर की दुकान से समय पर तीनों महीनों का राशन प्राप्त करें और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें।

  • Nainital – भीषण ओलावृष्टि से फूल और फलों की फसलें तबाह ,,, किसानों की भारी नुकसान,,,।

    Nainital – भीषण ओलावृष्टि से फूल और फलों की फसलें तबाह ,,, किसानों की भारी नुकसान,,,।

    उत्तराखंड—-  उत्तराखण्ड में नैनीताल के ओखलकांडा, धारी और रामगढ़ क्षेत्र के कई गांवों में भीषण ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचा दी है।

    यहां किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है, इससे आलू, मटर, सेब, नाशपाती, प्लम, आड़ू और नाशपाती, चुस्किया जैसी फल फूल बुरी तरह से बर्बाद हो गई हैं।

    आपदा पहाड़ की रीढ़ कहे जाने वाले किसानों के लिए अब गहरा संकट पैदा हो गया है। अब उनके सामने आजीविका और भविष्य दोनों पर खतरा मंडरा रहा है।

    काश्तकार चंदन नयाल ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित किसानों का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा जल्द से जल्द दिया जाए, ताकि उन्हें इस मुश्किल घड़ी में राहत मिल सके।

  • धामी सरकार ने सात और नेताओं को बांटे दायित्व, देखें,,,,, किसको कहां और क्या मिली ज़िम्मेदारी..।

    धामी सरकार ने सात और नेताओं को बांटे दायित्व, देखें,,,,, किसको कहां और क्या मिली ज़िम्मेदारी..।

    उत्तराखंड–  उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने कैबिनेट विस्तार के बाद संगठन और शासन के बीच तालमेल मजबूत करने की दिशा में तेज़ी दिखाई है। इसी क्रम में सरकार ने दायित्वधारियों की दूसरी सूची जारी करते हुए सात और नेताओं को विभिन्न आयोगों, परिषदों और समितियों में अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

    इससे पहले शुक्रवार को 14 नेताओं को दायित्व दिए गए थे, जिसके बाद अब कुल 21 नेताओं को जिम्मेदारी देकर सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि संगठनात्मक संतुलन और प्रशासनिक मजबूती उसकी प्राथमिकता में है।

    दूसरी सूची में इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी

    रविवार को जारी सूची में सात नेताओं को विभिन्न संस्थाओं में सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।

    राव खाले खां – किसान आयोग

    योगेश रजवार – बाल संरक्षक आयोग

    दीप प्रकाश नेवलिया – समाज कल्याण अनुश्रवण समिति

    मनोज गौतम – अनुसूचित जाति आयोग

    प्रेमलता – महिला आयोग

    रूचि गिरी – अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग

    राजपाल कश्यप – अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद

    पहले चरण में 14 नियुक्तियां

    पहले चरण में भी सरकार ने विभिन्न जिलों के नेताओं को प्रमुख पदों पर तैनात किया था।

    कुलदीप सुटोला – राज्य स्तरीय खेल परिषद (अध्यक्ष)

    ध्रुव रौतेला – मीडिया सलाहकार समिति (उपाध्यक्ष)

    हरिप्रिया जोशी – राज्य महिला आयोग

    विनोद सुयाल – राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद

    मुकेश महराना – चाय विकास सलाहकार परिषद

    इसके अलावा

    चारु कोठारी – राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद

    प्रेम सिंह राणा – जनजाति आयोग

    खेम सिंह चौहान – ओबीसी कल्याण परिषद

    सोना सजवाण – जड़ी-बूटी सलाहकार समिति

    गोविंद पिलखवाल – हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद

    बलजीत सोनी – अल्पसंख्यक आयोग

    सीमा चौहान – मत्स्य विकास प्राधिकरण (उपाध्यक्ष)

    भावना मेहरा और अशोक वर्मा को भी दायित्व सौंपे गए

    राजनीतिक संतुलन का संदेश

    सरकार के इस कदम को क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। विभिन्न जिलों और वर्गों से नेताओं को शामिल कर धामी सरकार ने संगठन को साधने के साथ-साथ प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूती देने का संकेत दिया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ये नियुक्तियां आगामी राजनीतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक ऊर्जा बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

  • बढ़ते अपराध पर सख्त सरकार,,उत्तराखंड में शस्त्र लाइसेंस की होगी दोबारा जांच,,,,सभी जिलों के डीएम से रिपोर्ट तलब।

    बढ़ते अपराध पर सख्त सरकार,,उत्तराखंड में शस्त्र लाइसेंस की होगी दोबारा जांच,,,,सभी जिलों के डीएम से रिपोर्ट तलब।

    उत्तराखंड–  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद उत्तराखंड में शस्त्र लाइसेंस को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है।

    राज्य के गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश जारी करते हुए शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक समीक्षा और पुनः सत्यापन कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की गई है।

    हाल के दिनों में प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। खासतौर पर उन लाइसेंसों की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं, जो अन्य राज्यों से ट्रांसफर होकर उत्तराखंड में आए हैं। इसके अलावा हाल ही में जारी किए गए नए शस्त्र लाइसेंस भी जांच के दायरे में रहेंगे।

    गृह सचिव शैलेश बगौली ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी जिलाधिकारी लाइसेंस धारकों की पूरी जांच-पड़ताल कर रिपोर्ट शासन को भेजें। साथ ही एक व्यक्ति के पास एक से अधिक शस्त्र होने की स्थिति में उसकी वैधता और प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाएगी।

    नई व्यवस्था के तहत अब केवल शूटिंग खिलाड़ियों को ही दो से अधिक शस्त्र रखने की अनुमति दी जाएगी, वह भी उनके प्रदर्शन के आधार पर तय होगी। इसके अलावा गन हाउस की नियमित जांच, उनके स्टॉक का सत्यापन और कारतूस के उपयोग की भी निगरानी की जाएगी।

    सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि शस्त्र लाइसेंस का दुरुपयोग न हो और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

  • रि. ब्रिगेडियर हत्याकांड में दो और गिरफ्तार,,,  एक बदमाश को लगी गोली।

    रि. ब्रिगेडियर हत्याकांड में दो और गिरफ्तार,,, एक बदमाश को लगी गोली।

    देहरादून—  उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मौत मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनसे हुई मुठभेड़ में एक आरोपी को गोली लगी है। पुलिस इससे पहले सात आरोपियों गिरफ्तार कर चुकी है।

    एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल ने बताया कि शुक्रवार रात दो आरोपियों के गुनियाल गांव में होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने दबिश दी तो बदमाशों में फायरिंग शुरू कर दी।

    इसमें एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया है, जबकि दूसरे को गिरफ्तार कर लिया गया है। घायल की पहचान खालापार मुजफ्फरनगर निवासी मोहम्मद कवीश और दूसरे की पहचान सहारनपुर के बेहट निवासी शान्तनु त्यागी के रूप में हुई है। मोहम्मद कवीश को गोली लगी है।

    बता दें कि ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी (75) अपने साढू और एक साथी के साथ तुलाज ग्रीन सोसाइटी स्थित अपने निवास से मसूरी रोड की तरफ सुबह टहलने के लिए निकले थे।

    वह घर से करीब 200 मीटर दूर पहुंचे तो मसूरी रोड की तरफ से आ रहीं दो तेज रफ्तार कार पास से गुजरी। दोनों कार में बैठे युवक एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ गोलियां चला रहे थे। इसी दौरान एक गोली जोशी के सीने में जा लगी, जिससे उनकी मौत हो गई थी।