Category: देहरादून

  • उत्तराखंड :- बी टेक के छात्र की फावड़ा मारकर हत्या,,, तीन गिरफ्तार।

    उत्तराखंड :- बी टेक के छात्र की फावड़ा मारकर हत्या,,, तीन गिरफ्तार।

    उत्तराखंड—  राजधानी देहरादून से हिंसक झड़प की खबर सामने आ रही है। जिसमें एक छात्र की मौत होना बताया जा रहा है प्राप्त जानकारी के मुताबिक देहरादून में उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के छात्र दिव्यांशु जटराणा की सिर पर फावड़ा मारकर हत्या कर दी गई।

    दिव्यांशु यूपी के मुजफ्फरनगर से B.Tech की पढ़ाई करने देहरादून आया था। देहरादून पुलिस के अनुसार, छात्रों के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प के दौरान यह घटना हुई, जिसमें दिव्यांशु गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।

    एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

    घटना सोमवार (23 मार्च) की रात केहरी गांव, प्रेमनगर की है, जहां उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों के दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश और वर्चस्व को लेकर विवाद हुआ था।

    देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों गुटों के बीच लाठी-डंडों से मारपीट शुरू हो गई, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था।
    पुलिस के मुताबिक, घटना सोमवार की रात करीब 8:30 बजे की है। केहरी गांव बैंड मेन रोड पर स्थित ‘बावा की रसोई’ में मुजफ्फरनगर निवासी छात्र दिव्यांशु जटराणा खाना खाने गया था। वहां पहले से मौजूद कॉलेज के ही दूसरे गुट के छात्रों के साथ उसका विवाद हुआ।

    दिव्यांशु जटराणा के दोस्तों ने बताया कि देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि आर्यन शर्मा, शिवम शर्मा, मधुर, अंकुर, प्रह्यलादराज शान्तनू, उज्जवल, आकाश, वैभव मिश्रा, ऋतिक राजपुत, अकुर सिंह, वैभव शर्मा, अंकित भारद्वाज, युवराज चौहान, आदित्य राज समेत अज्ञात छात्रों ने षड्यंत्र करते हुए एक राय होकर लाठी-डंडों और फावड़े से दिव्यांशु पर जानलेवा हमला कर दिया।

    घटना के बाद आस-पास मौजूद लोग उसे पहले प्रेमनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर दून अस्पताल रेफर किया गया। एम्बुलेंस खराब होने पर पुलिस ने अपने वाहन से उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के परिजनों को सूचना दी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। मृतक के चाचा गौरव राणा की शिकायत पर प्रेमनगर पुलिस ने 15 नामजद छात्रों के खिलाफ हत्या (BNS की धारा 103(1)) सहित दंगा करने और साजिश रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार में लिया है, जिनकी पहचान युवराज कुमार (BBA सेकंड ईयर), मधुर खंडेलवाल (B.Tech थर्ड ईयर) और शिवम शर्मा (B.Tech थर्ड ईयर) के रूप में हुई है। तीनों छात्र प्रेमनगर क्षेत्र में किराए पर रह रहे थे। पुलिस ने मामले में कुछ बच्चों को हिरासत में भी ले लिया है।

  • उत्तराखंड पर केंद्र का विशेष  फोकस,,,,,,

    उत्तराखंड पर केंद्र का विशेष फोकस,,,,,,

    नई दिल्ली/उत्तराखंड—   लोकसभा में उत्तराखंड के पर्वतीय पर्यटन को लेकर अहम सवाल उठाते हुए नैनीताल-उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र से सांसद अजय भट्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या देश में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पर्वतीय पर्यटन परिपथ विकसित करने की योजना है और क्या इसमें उत्तराखंड को भी शामिल किया गया है।

    इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट किया कि पर्यटन स्थलों का विकास मुख्य रूप से राज्य सरकारों का विषय है, लेकिन केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्यों को वित्तीय सहायता देकर उनके प्रयासों को मजबूत करती है।

    उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में शुरू की गई स्वदेश दर्शन योजना के तहत देशभर में 76 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जिसे अब स्वदेश दर्शन 2.0 के रूप में और अधिक सस्टेनेबल एवं जिम्मेदार पर्यटन विकास के उद्देश्य से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत 53 नई परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही प्रशाद योजना और चुनौती आधारित गंतव्य विकास (CBDD) के तहत भी कई अहम परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।

    केंद्र सरकार ने ‘विशेष सहायता योजना’ के अंतर्गत देश के 23 राज्यों में 3295.76 करोड़ रुपये की 40 परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्रों का विकास करना है। बजट 2026-27 में उत्तराखंड समेत हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में पर्वतीय ट्रेल्स, ट्रैकिंग और हाइकिंग को बढ़ावा देने की भी घोषणा की गई है।

    उत्तराखंड में तेज हुए विकास कार्य

    केंद्र की योजनाओं के तहत उत्तराखंड में भी पर्यटन ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। टिहरी झील क्षेत्र में इको-टूरिज्म और एडवेंचर स्पोर्ट्स के विकास के लिए 69.17 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    इसके अलावा चंपावत में टी गार्डन एक्सपीरियंस (19.89 करोड़), पिथौरागढ़ के गुंजी क्षेत्र में ग्रामीण पर्यटन क्लस्टर (17.86 करोड़) और जादूंग व माना गांव में भी पर्यटन विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है।

    धार्मिक पर्यटन को भी विशेष प्राथमिकता देते हुए कैची धाम, केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम, गंगोत्री और यमुनोत्री में तीर्थ सुविधाओं के विस्तार के लिए करोड़ों रुपये जारी किए गए हैं। वहीं ऋषिकेश में राफ्टिंग बेस स्टेशन के विकास हेतु 100 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना भी स्वीकृत है।

    कुल मिलाकर, केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए उत्तराखंड में पर्यटन को नया आयाम देने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है, जिससे राज्य को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान मिलने की उम्मीद है।

  • उत्तराखंड :-  10 साल की बच्ची के साथ शर्मनाक हरकत।

    उत्तराखंड :- 10 साल की बच्ची के साथ शर्मनाक हरकत।

    उत्तराखंड—  महिलाओं और बच्चों के खिलाफ क्राइम के एक बहुत ही सेंसिटिव मामले में, देहरादून पुलिस ने सहसपुर इलाके में घटना वाले दिन ही आरोपी को गिरफ्तार करके तेज़ और अहम एक्शन दिखाया।

    22 मार्च, 2026 को, एक महिला ने सहसपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी 10 साल की नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर घराट के अंदर ले जाया गया और उसके साथ रेप किया गया।

    तुरंत केस रजिस्टर किया गया

    अपराध की गंभीरता को समझते हुए, पुलिस ने तुरंत सहसपुर पुलिस स्टेशन में केस नंबर 55/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) एक्ट की धारा 3/4 के तहत केस रजिस्टर किया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने जांच को प्राथमिकता दी। देहरादून के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) के निर्देशों के तहत, मामले को संभालने के लिए तुरंत एक स्पेशल टीम बनाई गई। टीम ने मिलकर काम शुरू किया, बिना देर किए संदिग्ध को पकड़ने के लिए तलाश शुरू की और इंटेलिजेंस नेटवर्क को एक्टिवेट किया।

    पुलिस की मुस्तैदी का नतीजा यह हुआ कि आरोपी, जिसकी पहचान बलजीत (65) के तौर पर हुई, को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया, जिस दिन वारदात हुई थी। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है, और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    उसे जल्द से जल्द कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • महिला उत्थान के बेमिसाल चार साल,,,, धामी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि :- रुचि भट्ट

    महिला उत्थान के बेमिसाल चार साल,,,, धामी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि :- रुचि भट्ट

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट ने राज्य सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कहा कि उत्तराखंड में बीते चार वर्षों के दौरान महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक कार्य हुए हैं, जिन्हें “महिला उत्थान के बेमिसाल चार साल” के रूप में देखा जाना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने महिलाओं को केवल योजनाओं की लाभार्थी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाकर विकास की मुख्यधारा में अग्रणी भूमिका दी है।

    रुचि भट्ट ने बताया कि राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप आज 5 लाख से अधिक महिलाएं विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।

    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत इन समूहों को 500 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया है, जिससे महिलाओं की आय में औसतन 30 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।

    स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए विशेष मंच विकसित किए गए हैं, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों की महिलाओं को अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर मिला है।

    उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए कई प्रभावी योजनाएं लागू की हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत लाखों गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता दी गई है, जबकि मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के माध्यम से नवजात शिशुओं और माताओं को आवश्यक पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    इन प्रयासों के परिणामस्वरूप राज्य में मातृ मृत्यु दर में निरंतर कमी आई है, जो बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता का प्रमाण है।

    शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिला है और महिला साक्षरता दर में निरंतर वृद्धि हुई है, जो कई जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच चुकी है।

    महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला हेल्पलाइन 1090 और गौरा शक्ति ऐप जैसी पहलें लागू की गई हैं, जिससे महिलाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।

    रुचि भट्ट ने कहा कि रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में भी महिलाओं को व्यापक अवसर प्रदान किए गए हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत हजारों महिलाओं को ऋण और प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया गया है।

    मिलेट्स (श्री अन्न), हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं, वहीं पर्यटन और होमस्टे योजनाओं में भी महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है।

    उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी को सुदृढ़ किया गया है। पंचायतों और स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं नेतृत्वकारी भूमिकाओं में सामने आई हैं और ग्राम विकास से लेकर नीति निर्माण तक सक्रिय योगदान दे रही हैं।

    रुचि भट्ट ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के समन्वय से महिलाओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का प्रभाव और अधिक व्यापक हुआ है। उज्ज्वला योजना के तहत लाखों महिलाओं को गैस कनेक्शन, जन धन योजना के माध्यम से बैंकिंग सुविधाएं और स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण से महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।

    अंत में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में इन चार वर्षों के दौरान महिला सशक्तिकरण केवल एक नीतिगत लक्ष्य नहीं रहा, बल्कि यह जमीनी स्तर पर वास्तविक परिवर्तन के रूप में सामने आया है।

    आज प्रदेश की महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तराखंड महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।

  • उत्तराखंड– आज इन जिलों में बर्फबारी के आसार,,, एवलॉन्च का भी खतरा..।

    उत्तराखंड– आज इन जिलों में बर्फबारी के आसार,,, एवलॉन्च का भी खतरा..।

    देहरादून—  उत्तराखंड में मौसम का रुख बदला हुआ है। दो दिनों की बारिश और बर्फबारी के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। शनिवार को जहां मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली, वहीं पहाड़ी जिलों में आज फिर आंशिक बादल और ऊंची चोटियों पर बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

    मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का असर बना रहेगा, जबकि मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा।

    बारिश-बर्फबारी के बाद लौटी ठंड

    पिछले दो दिनों में हुई मूसलाधार बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ गई है।

    हालांकि शनिवार को निकली तेज धूप से लोगों को कुछ राहत मिली, लेकिन ठंडी हवाएं अब भी चल रही हैं। देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से मौसम साफ रहा और दिनभर धूप खिली रही।

    इन जिलों में बर्फबारी के आसार

    मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में मौसम सामान्य और शुष्क रहने का अनुमान है।

    हिमस्खलन का खतरा, प्रशासन अलर्ट पर

    राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तराखंड ने पर्वतीय जिलों में हिमस्खलन (एवलॉन्च) का खतरा जताया है। इसके चलते उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ को डेंजर लेवल-3 में रखा गया है, जबकि रुद्रप्रयाग और बागेश्वर को डेंजर लेवल-1 में शामिल किया गया है। शनिवार शाम से रविवार शाम 5 बजे तक के लिए अलर्ट जारी किया गया है और जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

    हाईवे बंद, जनजीवन प्रभावित

    भारी बर्फबारी और भूस्खलन के चलते कई महत्वपूर्ण मार्ग बाधित हो गए हैं। बद्रीनाथ धाम बर्फ की मोटी चादर से ढका हुआ है। बदरीनाथ हाईवे गोविंदघाट के पास पिनोला में बड़े पत्थर गिरने से पूरी तरह बंद हो गया है। इसके अलावा नीति-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग भी भूस्खलन के कारण बंद है, जबकि यमुनोत्री हाईवे जंगलचट्टी क्षेत्र में अवरुद्ध है।

    जोशीमठ क्षेत्र में बढ़ी चिंता

    बारिश और बर्फबारी के बाद चमोली जिले के ज्योर्तिमठ (जोशीमठ) क्षेत्र में पहाड़ी दरकने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

    सावधानी बरतने की अपील

    प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम व प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। ऊंचाई वाले इलाकों में अधिक बर्फबारी के चलते हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है, इसलिए विशेष सतर्कता जरूरी है।

  • सीएम ने बांटे विभाग,,,, कैड़ा को शहरी, उनियाल को स्वास्थ्य, नए मंत्रियों को बड़ी पावर।

    सीएम ने बांटे विभाग,,,, कैड़ा को शहरी, उनियाल को स्वास्थ्य, नए मंत्रियों को बड़ी पावर।

    देहरादून—  उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार के बाद नए मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास, पर्यावरण और जलागम प्रबंधन, मदन कौशिक को पंचायतीराज और आपदा प्रबंधन, प्रदीप बत्रा को परिवहन और आईटी, खजान दास को समाज कल्याण व भाषा, जबकि भरत सिंह चौधरी को ग्राम्य विकास और MSME जैसे विभाग सौंपे गए हैं।

    इस फेरबदल में सिर्फ नए मंत्रियों को जिम्मेदारी देने तक सीमित बदलाव नहीं हुआ, बल्कि कई अहम विभाग पुराने मंत्रियों से लेकर नए चेहरों को दिए गए हैं। स्वास्थ्य जैसा बड़ा विभाग डॉ. धन सिंह रावत से लेकर अब सुबोध उनियाल को सौंपा गया है। इसके अलावा भाषा, ग्राम्य विकास और जलागम प्रबंधन जैसे विभागों में भी बदलाव किया गया है।

    वहीं, जो विभाग पहले किसी मंत्री को आवंटित नहीं थे, वे मुख्यमंत्री के पास थे। अब उनमें से भी कई अहम विभाग नए मंत्रियों को दे दिए गए हैं, हालांकि गृह और वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग अब भी मुख्यमंत्री के पास ही रहेंगे।

    खजान दास को समाज कल्याण और भाषा विभाग

    खजान दास को समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण और भाषा विभाग सौंपे गए हैं। ये विभाग सीधे सामाजिक योजनाओं और शिक्षा से जुड़े हैं, जिससे उनकी जिम्मेदारी कमजोर वर्गों तक योजनाएं पहुंचाने की है।

    भरत सिंह चौधरी के पास ग्रामीण विकास और उद्योग

    भरत सिंह चौधरी को ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम (MSME) और खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग दिए गए हैं। इन विभागों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी उन्हें मिली है।

    मदन कौशिक को पंचायत और आपदा प्रबंधन

    मदन कौशिक के पास पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन और जनगणना विभाग हैं। ये विभाग सीधे प्रशासन और आपदा से जुड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाते हैं।

    प्रदीप बत्रा को परिवहन और IT सेक्टर

    प्रदीप बत्रा को परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सुशासन, विज्ञान प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभाग दिए गए हैं। इन विभागों के जरिए टेक्नोलॉजी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े फैसलों की जिम्मेदारी उनके पास है।

    राम सिंह कैड़ा को शहरी और पर्यावरण विभाग

    राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन और जलागम प्रबंधन विभाग सौंपे गए हैं। इन विभागों के जरिए शहरों के विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े काम उनकी जिम्मेदारी में आते हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास सबसे ज्यादा विभाग

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास मंत्रिपरिषद, कार्मिक एवं सतर्कता, सचिवालय प्रशासन, नियोजन, राज्य सम्पत्ति और सूचना जैसे प्रमुख विभाग हैं। इसके अलावा गृह, कारागार, नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड, सैनिक कल्याण और राजस्व भी उनके पास हैं।

    साथ ही औद्योगिक विकास (खनन सहित), श्रम, पेयजल, ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा, आबकारी, न्याय, नागरिक उड्डयन, वित्त, वाणिज्य कर, स्टाम्प एवं निबंधन और आवास जैसे अहम विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही रखे गए हैं।

    सतपाल महाराज के पास निर्माण और पर्यटन से जुड़े विभाग

    सतपाल महाराज को लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण निर्माण, संस्कृति, धर्मस्व और पर्यटन की जिम्मेदारी दी गई है। इनके साथ ही भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजनाएं, सिंचाई और लघु सिंचाई भी उनके पास हैं। इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग भी उन्हें सौंपा गया है।

    गणेश जोशी के पास कृषि से जुड़े सभी प्रमुख विभाग

    गणेश जोशी के पास कृषि, कृषि शिक्षा और कृषि विपणन जैसे मुख्य विभाग हैं। इसके साथ ही उद्यान एवं कृषि प्रसंस्करण, उद्यान एवं फलोद्योग और रेशम विकास भी उन्हें दिया गया है। सैनिक कल्याण विभाग भी उनके पास है, जिससे कृषि के साथ-साथ सैनिकों से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी भी उनके पास रहती है।

    धन सिंह रावत संभाल रहे शिक्षा और स्वास्थ्य

    डॉ. धन सिंह रावत को विद्यालयी शिक्षा (बेसिक और माध्यमिक), संस्कृत शिक्षा और उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा और सहकारिता भी उनके पास है। इस तरह राज्य में शिक्षा से जुड़े लगभग सभी बड़े विभाग उनके पास केंद्रित हैं।
    सुबोध उनियाल के पास वन और स्वास्थ्य से जुड़े विभाग
    सुबोध उनियाल को वन, निर्वाचन, विधायी एवं संसदीय कार्य और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग दिए गए हैं। इन विभागों के जरिए वन प्रबंधन के साथ-साथ स्वास्थ्य और विधायी कार्यों की जिम्मेदारी भी उनके पास रहती है।

    रेखा आर्य के पास महिला, खाद्य और खेल विभाग

    रेखा आर्य के पास महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, खेल और युवा कल्याण विभाग हैं। ये सभी विभाग सीधे समाज और युवाओं से जुड़े हैं, जिससे उनकी भूमिका सामाजिक योजनाओं में अहम रहती है।
    सौरभ बहुगुणा के पास पशुपालन और कौशल विकास
    सौरभ बहुगुणा को पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन और गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग दिए गए हैं। इसके अलावा प्रोटोकॉल और कौशल विकास एवं सेवायोजन भी उनके पास है, जो रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े हैं।

  • मातृशक्ति का सम्मान और अधिकार राष्ट्र की उन्नति का आधार :- जगद्गुरु शंकराचार्य, स्वामी राजराजेश्वरम

    मातृशक्ति का सम्मान और अधिकार राष्ट्र की उन्नति का आधार :- जगद्गुरु शंकराचार्य, स्वामी राजराजेश्वरम

    ऋषिकेश/देहरादून—   उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस “दान से लाभ” के अवसर पर ऋषिकेश स्थित एम्स के मुख्य सभागार में पहाड़ की नारी देश की शक्ति के नारे के साथ एक भव्य एवं गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आध्यात्मिक चेतना के पुंज परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य (शारदापीठाधीश्वर) स्वामी श्री राजराजेश्वरम जी महाराज का पावन सान्निध्य रहा।

    प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में उपस्थित न हो पाने पर वर्चुअल माध्यम से जुड़ते हुए अपने संबोधन में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस महत्वपूर्ण अवसर पर कार्यक्रम के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।

    उत्तराखंड की महिलाओं के संघर्ष और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और कानूनी सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिलाओं की उदारता सहयोग भावना तथा उनके बहुआयामी योगदान को सम्मानित करना तथा इस प्रकार की सकारात्मक पहलें न केवल समाज में सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करती हैं बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त कदम भी बढ़ती है।

    पूज्य जगतगुरू शंकराचार्य जी ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति में नारी के स्थान को रेखांकित करते हुए कहा, हमारे देश में माताओं का 100% सम्मान है और प्रत्येक क्षेत्र में उनका 100% अधिकार है। यह गौरव की बात है कि आज उत्तराखंड की बेटियाँ हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं।

    उन्होंने सम्मानित होने वाली 12 महिलाओं को आशीर्वाद देते हुए कहा, मैं उन सभी के लिए प्रार्थना करता हूँ जिन्हें आज यहाँ सम्मानित किया गया है। मुझे आप सभी से यह आशा और उम्मीद है कि आप भविष्य में भी समाज में माताओं के कल्याण के लिए और भी बेहतर कार्य करेंगे।
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    उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कण्डवाल जी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित महिलाओं को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, “आयोग का मुख्य लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़ी महिला तक न्याय और स्वरोजगार के अवसर पहुँचाना है। आज का यह सम्मान समारोह केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति हमारे कृतज्ञ भाव का प्रतीक है।

    समारोह में मा. विधायक ऋषिकेश श्री प्रेमचन्द अग्रवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, डॉ. रीमा पंत, एम्स निदेशक डॉ. मीनू सिंह एवं महापौर श्री शम्भू पासवान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने ‘दान से लाभ’ विषय की प्रासंगिकता पर चर्चा की और समाज निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य बताया।
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    कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सेवा में मील का पत्थर स्थापित करने वाली 12 विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें श्रीमती जया बलूनी (एसपी देहात), श्रीमती साक्षी सिंह (IIS), श्रीमती गीता चंदोला, श्रीमती तुलसी मेहरा, सुश्री नेहा सिंह, श्रीमती दर्शनी देवी नेगी, श्रीमती रेखा रयाल, श्रीमती कमला नेगी, श्रीमती चन्द्रिका पुंज, कुमारी मुस्कान (स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी), श्रीमती रेखा राणा और डॉ. अर्पिता नेगी शामिल रहीं।

    इस भव्य आयोजन में आयोग की उपाध्यक्ष सायरा बानो, वरिष्ठ प्रबुद्धजन दिनेश सेमवाल, आयोग की सदस्य सदस्य कमला जोशी, विमला नैथानी, किरण देवी, वैशाली नरूला, कंचन कश्यप, सरोज बहुगुणा, सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, विधि अधिकारी दयाराम सिंह, प्रशासनिक अधिकारी नारायण तोमर, सरोज डिमरी, माधवी गुप्ता, सुंदरी कंडवाल, लक्ष्मी सेमवाल, दिव्या बेलवाल, नीलम चमोली, पूनम व्यास, निवेदिता सरकार, कविता शाह, शकुंतला बेलवाल जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, सीडीपीओ शिखा कंडवाल सहित आयोग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • देहरादून: धामी कैबिनेट का विस्तार,,, 5 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ।

    देहरादून: धामी कैबिनेट का विस्तार,,, 5 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ।

    उत्तराखंड—  देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया है। लोकभवन में आयोजित गरिमामयी समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पांच विधायकों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। पूरा कार्यक्रम सादगी और अनुशासन के साथ महज 15 मिनट में संपन्न हुआ।

    इन नेताओं को मिला मंत्री पद

    मंत्रिमंडल में शामिल किए गए

    मदन कौशिक

    प्रदीप बत्रा

    खजान दास

    राम सिंह कैड़ा

    भारत सिंह चौधरी

    विशेष रूप से भरत सिंह चौधरी ने संस्कृत में शपथ लेकर समारोह को अलग पहचान दी।

    सभी रिक्त पद हुए भरे

    इस विस्तार के साथ ही मंत्रिमंडल में लंबे समय से खाली चल रहे सभी पांच पद भर दिए गए हैं।

    पहले से तीन पद रिक्त थे, जबकि स्वर्गीय चंदन रामदास के निधन और प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद दो और पद खाली हो गए थे।

    संतुलन और प्रदर्शन पर आधारित चयन_ मंत्रियों का चयन पिछले चार वर्षों के कार्यों और प्रदर्शन के आधार पर किया गया है।

    इसके साथ ही गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक एवं जातीय संतुलन और युवा और प्रतिनिधित्व।
    इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नई टीम तैयार की गई है। बताया जा रहा है कि इस सूची को अंतिम रूप अमित शाह के हरिद्वार दौरे के दौरान दिया गया।

    सरकार अब जल्द ही निगमों, बोर्ड और आयोगों में भी नियुक्तियां कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक करीब दो दर्जन पदों पर दायित्वधारी बनाए जाने की तैयारी है।

  • आंधी और तूफानी बारिश :-  नैनीताल-देहरादून समेत कई जिलों में अलर्ट।

    आंधी और तूफानी बारिश :- नैनीताल-देहरादून समेत कई जिलों में अलर्ट।

    देहरादून—  उत्तराखंड में मौसम बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के साथ खराब मौसम की संभावना बनी हुई है। इसी के चलते कई क्षेत्रों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    पहाड़ से मैदान तक असर, तापमान में गिरावट

    राज्य के पहाड़ी और मैदानी दोनों इलाकों में मौसम का प्रभाव साफ नजर आ रहा है। निचले क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो रही है, जबकि कुछ स्थानों पर बादलों के बीच धूप भी देखने को मिल रही है। लगातार बदलते मौसम के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड का एहसास बढ़ गया है।

    तेज हवाएं, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी

    मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि राज्य में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। साथ ही आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।

    इन जिलों में अलर्ट जारी

    येलो अलर्ट : हरिद्वार, उधम सिंह नगर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत

    मौसम प्रभावित क्षेत्र : उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़

    विशेष चेतावनी : बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना

    ऊंचाई वाले क्षेत्रों (3000 मीटर से अधिक) में बर्फबारी होने के भी आसार हैं, जिससे पहाड़ी इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

    तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट संभव

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 1-2 दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

    प्रशासन की अपील -सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

    प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

  • सीएम धामी ने “‘प्रयास बेहतर कल के लिए’’ का सचिवालय में किया विमोचन।

    सीएम धामी ने “‘प्रयास बेहतर कल के लिए’’ का सचिवालय में किया विमोचन।

    उत्तराखंड—   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में उत्तराखण्ड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा प्रकाशित स्मारिका “प्रयास बेहतर कल के लिए” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने इस पहल को सराहनीय बताते हुए क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बधाई दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां केवल खेलों को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक सकारात्मक और ऊर्जावान कार्य संस्कृति के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि खेल मानव जीवन में अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जैसी महत्वपूर्ण गुणों को विकसित करते हैं।

    उन्होंने सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, खेलों से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी मजबूत होता है, जिसका सीधा प्रभाव कार्यक्षमता और उत्पादकता पर पड़ता है।

    स्मारिका में प्रकाशित लेखों, उपलब्धियों और विभिन्न गतिविधियों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि यह प्रकाशन भविष्य में अधिक से अधिक लोगों को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा और एक स्वस्थ कार्य वातावरण को बढ़ावा देगा।

    इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव विनय शंकर पांडेय, बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा, प्रधान संपादक भूपेंद्र सिंह बसेड़ा सहित कई अधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

    यह कार्यक्रम न केवल खेल भावना को प्रोत्साहित करने का संदेश देता है, बल्कि कार्यस्थल पर स्वास्थ्य और संतुलन की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में भी देखा जा रहा है।