Category: देहरादून

  • उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले :- 5 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर,,, जुआ सट्टेबाजी पर रोक….

    उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले :- 5 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर,,, जुआ सट्टेबाजी पर रोक….

    देहरादून–  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में राज्यहित से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगा दी गई।

    बैठक में कुल पांच प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें अल्पसंख्यक आयोग, आरक्षण व्यवस्था, भाषा संस्थान, निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और सार्वजनिक द्यूत (जुआ) रोकथाम से जुड़े विधेयक शामिल हैं।

    सूत्रों के अनुसार, आगामी विधानसभा बजट सत्र से पहले कैबिनेट की एक और बैठक होने की संभावना भी जताई जा रही है, जिसमें अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए जा सकते हैं।

    अल्पसंख्यक आयोग संशोधन विधेयक को मंजूरी–

    कैबिनेट ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने की स्वीकृति दे दी है। संविधान के अनुच्छेद-29 के तहत अल्पसंख्यक वर्गों के हितों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह संशोधन किया गया है।

    राज्य में मुस्लिम, जैन, ईसाई, बौद्ध, पारसी और सिख समुदाय के अधिकारों की रक्षा और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से वर्ष 2002 में गठित आयोग के कार्यक्षेत्र को अब और प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही आयोग को पूर्णकालिक अवधि और बेहतर प्रतिनिधित्व देने की दिशा में भी यह संशोधन अहम माना जा रहा है।

    पूर्व सैनिकों को आरक्षण का लाभ–

    कैबिनेट ने उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आरक्षण) अधिनियम, 1993 (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी है। इसके तहत राज्य सेवाओं में पूर्व सैनिकों को आरक्षण का लाभ देने से संबंधित 22 मई 2020 के शासनादेश के प्रावधानों को विधिक स्वरूप दिया जाएगा। इससे पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार के अवसरों को और मजबूत आधार मिलेगा।

    भाषा संस्थान संशोधन को हरी झंडी–

    राज्य की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के उद्देश्य से उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है। यह कदम राज्य की स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित व प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    तीन निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी–

    उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार के उद्देश्य से कैबिनेट ने उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी स्वीकृति दी है। इसके तहत

    नैनीताल जिले में माउंट वैली विश्वविद्यालय

    देहरादून जिले में तुलाज विश्वविद्यालय तथा
    शिवालिक विश्वविद्यालय

    की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इससे राज्य में उच्च शिक्षा के नए अवसर खुलने और युवाओं को आधुनिक शिक्षा सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक को मंजूरी–

    कैबिनेट ने उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक, 2026 को अधिनियमित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप ब्रिटिश कालीन सार्वजनिक द्यूत अधिनियम, 1867 को निरस्त कर राज्य में एक नया कानून लागू किया जाएगा।
    इस कानून के तहत सार्वजनिक जुआ, जुआघर संचालन और खेलों में सट्टेबाजी पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और दंड का प्रावधान किया जाएगा।

    राज्यहित के फैसलों पर सरकार का फोकस–

    धामी सरकार के इन निर्णयों को सामाजिक न्याय, शिक्षा विस्तार और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कैबिनेट के फैसलों से जहां अल्पसंख्यक समुदाय और पूर्व सैनिकों को राहत मिलेगी, वहीं शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे में भी नई मजबूती आने की उम्मीद है।

  • न सुसाइड नोट, न कोई सुराग,,,,  हल्द्वानी की युवा टीचर का शव फंदे पर लटका मिला.,,

    न सुसाइड नोट, न कोई सुराग,,,, हल्द्वानी की युवा टीचर का शव फंदे पर लटका मिला.,,

    देहरादून—  राजधानी देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र के बालावाला इलाके से एक बेहद दर्दनाक और हैरतअंगेज़ मामला सामने आया है। यहां एक निजी स्कूल में पढ़ाने वाली 23 वर्षीय शिक्षिका ने अपने कमरे में पंखे से लटककर जान दे दी। घटना के बाद पूरे इलाके में ग़म का माहौल है।

    मृतका की पहचान राजलक्ष्मी पुत्री लोकेश पांडे के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हल्द्वानी के मोती नगर की रहने वाली थी। वह देहरादून के बालावाला स्थित शिव शक्ति एन्क्लेव में एक मकान की पहली मंजिल पर किराए के कमरे में अकेली रहती थी और एक निजी विद्यालय में बतौर टीचर अपनी सेवाएं दे रही थी।

    पुलिस के अनुसार, बुधवार को राजलक्ष्मी अपने दोस्तों के साथ होली का त्योहार मनाने बाहर गई थी। बताया जा रहा है कि वह पूरे समय खुश और सामान्य नजर आ रही थी। रात करीब 9 बजे उसके दोस्त उसे घर छोड़कर लौट गए।

    लेकिन महज़ 15 मिनट बाद नीचे रहने वाले किरायेदार विमल भट्ट की बेटी हर्षिता किसी काम से ऊपर गई, तो उसने कमरे के अंदर का मंज़र देखकर चीख़ पुकार मचा दी। राजलक्ष्मी पंखे से फंदा लगाकर लटकी हुई थी। हर्षिता की आवाज़ सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए।

    स्थानीय लोगों ने दरवाजे की जाली तोड़कर राजलक्ष्मी को नीचे उतारा और आनन-फानन में कैलाश अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    रायपुर थाना प्रभारी गिरीश नेगी के मुताबिक, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह फिलहाल साफ नहीं हो पाई है। पुलिस राजलक्ष्मी के दोस्तों से पूछताछ कर रही है और उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स भी खंगाली जा रही हैं।

    फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की तहकीकात में जुटी हुई है। इस अचानक हुई मौत ने परिवार, परिचितों और पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है।

  • देहरादून : शादी के 3 महीने अंदर ही गर्भवती बहु की मौत,,, दहेज ने ली एक और जान।

    देहरादून : शादी के 3 महीने अंदर ही गर्भवती बहु की मौत,,, दहेज ने ली एक और जान।

    देहरादून—   राजधानी देहरादून में शादी के महज तीन महीने बाद एक गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है।

    मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।

    यह मामला नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र के रिस्पना नगर का है। जानकारी के अनुसार मृतका कहकशां आलम (23) का निकाह 19 नवंबर 2025 को देहरादून निवासी शहबाज आलम से हुआ था।

    मृतका के भाई सलमान आसिफ, निवासी रुद्रप्रयाग, ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि शादी के समय ससुराल पक्ष की मांग के अनुसार दहेज दिया गया था, लेकिन कुछ समय बाद ही उनके व्यवहार में बदलाव आ गया।

    परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर कहकशां को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। परिवार के मुताबिक, सहस्रधारा रोड पर प्लॉट खरीदने के लिए करीब 50 लाख रुपये की मांग की जा रही थी और इसी को लेकर उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

    मायके पक्ष के अनुसार, 18 फरवरी 2026 को कहकशां ने फोन कर बताया था कि उससे प्लॉट खरीदने के लिए पैसों की मांग की जा रही है। इसके बाद 3 मार्च 2026 की सुबह करीब 11 बजे उसने दोबारा फोन कर बताया कि पति, सास-ससुर, देवर और ननद पैसे को लेकर बेहद गुस्से में हैं।

    उसी रात करीब 1:30 बजे मृतका के पिता को ससुर का फोन आया और बताया गया कि कहकशां की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और उसे अस्पताल ले जाया गया है।

    परिजन तुरंत देहरादून पहुंचे और दून अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बताया कि महिला को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। इससे मामला और अधिक संदिग्ध हो गया, जिसके बाद मायके पक्ष ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

    मृतका के भाई का दावा है कि पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि कहकशां करीब दो महीने की गर्भवती थी। साथ ही उसके शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि उसका एक हाथ भी टूटा हुआ था और यूट्रस में भी चोट के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई है।

    परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि उसे धीरे-धीरे नशे की दवाइयों की भारी खुराक दी जा रही थी। वहीं, भाई का यह भी दावा है कि आरोपी पति किसी अन्य लड़की से शादी करना चाहता था।

    परिजनों के अनुसार, शादी के समय करीब 10 तोला सोना, गाड़ी के लिए 14.5 लाख रुपये नकद और अन्य खर्चों के लिए भी रकम दी गई थी, इसके बावजूद लगातार और पैसों की मांग की जा रही थी। परिवार ने बताया कि 23 वर्षीय कहकशां ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास की थी और वह आगे चलकर पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बनने का सपना देख रही थी।

    नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर पति शहबाज आलम, सास खुशनुदा, ससुर यासीन, देवर सरताज और ननद शबनम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। गुरुवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    कहकशां की असमय मौत ने न केवल उसके परिवार बल्कि समाज को भी झकझोर कर रख दिया है। तीन महीने पहले ही नए सपनों के साथ शुरू हुई उसकी जिंदगी अचानक इस दर्दनाक मोड़ पर खत्म हो गई।

  • “वासन्तिकाम” कार्यक्रम का हुआ आयोजन।

    “वासन्तिकाम” कार्यक्रम का हुआ आयोजन।

    देहरादून—   कन्या गुरुकुल परिसर देहरादून के संस्कृत विभाग द्वारा दिनाङ्क 27 फरवरी 2026 को वासन्तिकम् कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मध्याह्न 12 बजे आरम्भ होकर 2 बजे तक चला। यह सम्पूर्ण कार्यक्रम संस्कृत भाषा में किया गया।

    कार्यक्रम का आरम्भ वेद के मन्त्र से हुआ। तदनन्तर शिवताण्डव स्तोत्र की तर्ज पर विभागस्थ ड़ॉ सुनीति आर्या द्वारा रचित लौकिक मङ्गलाचरण एव विभिन्न प्रदेशों के लोकगीत हुए।

    कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छावा मूवी पर आधारित सिंह शावकः नाटिका का मंचन रहा। विभिन्न विभागों की छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम के अन्तर्गत पंजाब, हरियाणा उत्तराखण्ड बिहार आदि राज्यों के लोकनृत्य प्रस्तुत किये गये। परिसर के सभी संकायों से उपस्थित छात्राओं एवं शिक्षिकाओं ने प्रत्येक कार्य़क्रम का पूर्ण आनन्द लिया।

    कार्यक्रम का संचालन विभागीय शोधच्छात्रा ऋतु एवं सोनिका द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने डॉ प्राची आर्या एवं सोनिया आदि विभागीय सभी छात्राओं का सहयोग रहा।

    परिसर की समन्वयिका प्रों हेमन् पाठक ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी कार्यक्रमों की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए विभागीय सभी सदस्यों का उत्साहवर्धन किया।

    कार्यक्रम का समापन रंगोत्सव होली की शुभकामनाओं के साथ किया गया।

  • उत्तराखंड : बजट पर धामी कैबिनेट की मुहर,,, 28 प्रस्तावों को मंजूरी..।

    उत्तराखंड : बजट पर धामी कैबिनेट की मुहर,,, 28 प्रस्तावों को मंजूरी..।

    देहरादून—   पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित उत्तराखंड मंत्रिपरिषद बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

    बैठक में कुल 32 विषयों पर चर्चा हुई, जिनमें से 28 प्रस्तावों को अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 1.11 लाख करोड़ रुपये के बजट आकार को हरी झंडी दे दी गई।

    सरकार ने आगामी बजट में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की है। मंत्रिमंडल ने बजट में आवश्यक संशोधन करने के अधिकार भी मुख्यमंत्री को प्रदान किए हैं। यह बजट आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।

    प्रशासनिक और संरचनात्मक फैसले

    कैबिनेट ने यूनाइटेड इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) के ढांचे में 14 नए पद सृजित करने की मंजूरी दी। इसके साथ ही पदनाम संशोधन और मानदेय सुधार जैसे प्रशासनिक निर्णय भी लिए गए। राज्य के सभी 11 नगर निगमों में संविदा के आधार पर पर्यावरण अभियंता तैनात किए जाएंगे।

    उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह ‘क’ और ‘ख’ कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली 2026 को भी स्वीकृति मिली। उपचारित जल के पुनः उपयोग के लिए नीति 2026 तथा विश्व बैंक पोषित ‘उत्तराखंड दक्ष जलापूर्ति कार्यक्रम’ को भी मंजूरी दी गई।

    शिक्षा और न्यायिक क्षेत्र में पहल

    उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का दायरा बढ़ाकर 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को शामिल किया गया है। ‘स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड पुस्तकालय योजना’ को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

    न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए विकासनगर, काशीपुर और नैनीताल में तीन नए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट स्थापित किए जाएंगे। नैनीताल हाईकोर्ट सहित जिला न्यायालयों के लिए कुल 14 कोर्ट मैनेजर पदों का सृजन किया गया है।

    कृषि, पोषण और सामाजिक योजनाएं

    सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026 और मौन पालन नीति 2026 को मंजूरी दी गई। ‘बाल पालाश’ अभियान के तहत बच्चों के पोषण आहार में नए तत्व जोड़े जाएंगे, जबकि मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना में भी अतिरिक्त पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल किए जाएंगे।

    विधायी और कर संबंधी निर्णय

    उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक को पुनः विधानसभा में लाने की अनुमति दी गई। जीएसटी अपीलीय अधिकरण की राज्यपीठ देहरादून में यथावत रखते हुए हल्द्वानी में अतिरिक्त पीठ स्थापित करने का निर्णय लिया गया। समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक 2026 और उत्तराखंड जन विश्वास विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी गई।

    कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि सरकार का फोकस संतुलित विकास, प्रशासनिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा पर है। 1.11 लाख करोड़ का यह बजट राज्य की आर्थिक गति को नई दिशा देने के साथ शिक्षा, पर्यावरण, कृषि और न्यायिक ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा।

  • बजट केवल आय-व्यय नहीं,, विकसित उत्तराखण्ड का रोडमैप : मुख्यमंत्री

    बजट केवल आय-व्यय नहीं,, विकसित उत्तराखण्ड का रोडमैप : मुख्यमंत्री

    उत्तराखंड—   पौड़ी गढ़वाल के रांसी स्थित बहुउद्देश्यीय भवन में आयोजित बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश का आगामी बजट जनसहभागिता के आधार पर तैयार किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा जनोन्मुखी बजट प्रस्तुत करेगी, जो जमीनी आवश्यकताओं, क्षेत्रीय विशेषताओं और जनअपेक्षाओं के अनुरूप हो।

    मुख्यमंत्री ने कहा, “बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण की दिशा तय करने वाला विज़न डॉक्यूमेंट है।”उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों, महिला समूहों, उद्यमियों, पर्यटन व्यवसायियों, युवाओं और सीमांत क्षेत्रों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    पर्वतीय विकास, रोजगार और आधारभूत संरचना पर विशेष फोकस

    संवाद में ग्रामीण और शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

    पंचायतों को सशक्त बनाने, ग्रामीण अनुदान बढ़ाने और सोलर प्लांट संचालन को बढ़ावा देने की मांग।

    शहरी निकायों के संसाधन बढ़ाने, सोलर सिटी अवधारणा, पार्किंग और सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर।

    पर्वतीय कृषि, बागवानी, क्लस्टर आधारित खेती, कोल्ड स्टोरेज और पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के सुझाव।

    एमएसएमई और उद्योगों को मिलेगा प्रोत्साहन

    पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योग स्थापना हेतु पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज अनुदान और मशीनरी पर विशेष छूट की मांग रखी गई। आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को उद्योगों से जोड़कर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और पलायन रोकने पर भी जोर दिया गया।

    महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार पर विशेष ध्यान

    प्रत्येक जनपद में महिला प्रशिक्षण केंद्र, ब्याज-मुक्त ऋण, गौशालाओं के लिए भूमि, जैविक खाद उत्पादन और आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों को बढ़ावा देने जैसे सुझाव दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

    पर्यटन, संस्कृति और ऊर्जा क्षेत्र में नई पहल

    होमस्टे को रियायती ऋण, हैली सेवा विस्तार, वैकल्पिक मार्ग निर्माण, छोटे पर्यटन स्थलों का विकास और एग्री-टूरिज्म को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। ऊर्जा नेटवर्क सुदृढ़ करने और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण व सौंदर्यीकरण के सुझाव भी प्राप्त हुए।

    2047 तक आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनेगा उत्तराखण्ड

    मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक राज्य को आत्मनिर्भर और अग्रणी बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि बजट पूर्व संवाद से प्राप्त सभी सुझावों का गंभीर परीक्षण कर उन्हें नीतिगत निर्णयों में शामिल किया जाएगा।

    कार्यक्रम में 200 से अधिक जनप्रतिनिधि, उद्यमी, कृषक और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जनभागीदारी से तैयार होने वाला यह बजट प्रदेश के समावेशी, संतुलित और सतत विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

  • शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने किया डायट भीमताल का औचक निरीक्षण, शिक्षकों को किया सम्मानित।

    शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने किया डायट भीमताल का औचक निरीक्षण, शिक्षकों को किया सम्मानित।

    हल्द्वानी/देहरादून—  सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज कुमाऊँ मण्डल के एक दिवसीय दौरे के दौरान जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) भीमताल का औचक निरीक्षण किया।

    उन्होंने विभागीय अधिकारियों से संस्थान में शैक्षिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। डाॅ. रावत ने भ्रमण के दौरान विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्थाओं को भी परखा।

    इसके अलावा उन्होंने हल्द्वानी में आयोजित सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया।

    विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि कुमाऊँ मण्डल के एक दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने डायट भीमताल सहित विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये।

    उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान भीमताल के औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान की शैक्षिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संसाधनों की उपलब्धता, शिक्षकों के प्रशिक्षण मॉड्यूल तथा संस्थान की कार्यप्रणाली की जानकारी भी ली।

    डाॅ. रावत ने निरीक्षण के दौरान डायट परिसर में निर्माणाधीन बहुउद्देशीय भवन एवं प्रशासनिक भवन के निर्माण कार्यों की जानकारी ली, साथ ही कार्यदायी संस्था एवं विभागीय अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये।

    इसके पश्चात उन्होंने एचजीएस स्कूल, भीमताल का भ्रमण कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं से मिलकर उनका उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही डाॅ. रावत ने भीमताल, नौकुचियाताल, हल्द्वानी, बागेश्वर में विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर शनिवार से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि परीक्षाएं नकलविहीन, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के निर्देश दिये।

    कुमाऊं दौरे के दौरान डाॅ. रावत ने हल्द्वानी में देश के अमर उजाला एवं देवभूमि फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘देवभूमि शिक्षा सम्मान’ के चतुर्थ संस्करण में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग कर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट, नवाचारी एवं समर्पित कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया।

    इस अवसर पर डाॅ. रावत ने कहा कि शिक्षक समाज की सबसे मजबूत नींव हैं। गुरु न केवल ज्ञान देते हैं, बल्कि संस्कार, प्रेरणा व राष्ट्र निर्माण की भावना भी जगाते हैं। उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं भ्रमण के दौरान नौकुचियाताल एवं बागेश्वर पहुँचने पर डाॅ. रावत का भाजपा कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया।

  • सीएम धामी ने किया ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ ,,,  विकास कार्यों की श्रृंखला की जारी।

    सीएम धामी ने किया ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ ,,, विकास कार्यों की श्रृंखला की जारी।

    चंपावत—  सीएम धामी ने किया ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ किया,और अभी तक किये गए विकास कार्यों की लंबी श्रृंखला जारी की।

    # जिला अस्पताल में 20 करोड़ से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माणाधीन — स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा बड़ा विस्तार।

    *मल्टीस्टोरी पार्किंग और सड़कों के सुदृढ़ीकरण से जाम की समस्या पर निर्णायक प्रहार*

    *मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत देवीधूरा वाराही मंदिर का विकास कार्य तेज*

    *माँ पूर्णागिरी मंदिर के लिए 45 करोड़ का रोपवे निर्माण — धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई*

    *टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट विकसित होगा — धार्मिक स्थलों को जोड़ेगा शारदा कॉरिडोर*

    *55 करोड़ से टनकपुर–जौलजीबी मार्ग पर स्पान आर्च पुल, 33 करोड़ से सड़क सुधारीकरण कार्य जारी*

    *भारत-नेपाल सीमा पर 177 करोड़ का ड्राई पोर्ट — क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ताकत*

    *57 करोड़ से बन रहा साइंस सेंटर — विज्ञान और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा*

    *वे-साइड एमेनिटीज सेंटर और चूका को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में तेज़ी से काम जारी*

    *चंपावत को साहसिक पर्यटन का राष्ट्रीय हब बनाने का लक्ष्य – पैराग्लाइडिंग से रिवर राफ्टिंग तक होंगे आयोजन*

    “ *विकास भी और विरासत भी” के संकल्प के साथ चंपावत को आदर्श जिला बनाने की घोषणा*

    *शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महोत्सव को “शीतकालीन कॉर्बेट महोत्सव” का स्वरूप*

    *माँ पूर्णागिरी रोपवे, देवीधूरा मंदिर विकास और शारदा रिवर फ्रंट से पर्यटन को नई उड़ान*

    *स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच – ‘Vocal for Local’ से ‘Local for Global’ की दिशा में बड़ा कदम*

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय, देहरादून से वर्चुअल माध्यम से ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ किया।

    इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि चंपावत के प्रत्येक घर में इन दिनों उत्साह और उमंग का वातावरण है। उन्होंने उल्लेख किया कि होली का पर्व समीप है और काली कुमाऊँ की होली अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के कारण पूरे देश में अलग स्थान रखती है। बैठकी होली, खड़ी होली, चौफुला, सुर-ताल और लोकसंस्कृति का ऐसा अद्भुत संगम देश में विरल ही देखने को मिलता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत की पुण्य भूमि इतिहास, अध्यात्म और संस्कृति की धरोहर रही है। उनके अनुसार ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ केवल सात दिनों का आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा, प्राकृतिक सौंदर्य, मातृशक्ति के सामर्थ्य, युवाओं के उत्साह और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प का जीवंत उत्सव है। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष महोत्सव को “शीतकालीन कॉर्बेट महोत्सव” के रूप में भी आयोजित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश में शीतकालीन पर्यटन को नई गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री  धामी ने कहा कि महोत्सव के अंतर्गत पैराग्लाइडिंग, माउंटेन बाइकिंग, हॉट एयर बलून, रिवर राफ्टिंग, पैरामोटरिंग, पक्षी अवलोकन और ट्रेकिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के माध्यम से चंपावत को राष्ट्रीय स्तर पर साहसिक पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन विकसित होंगे।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि जिम कॉर्बेट और उनकी कहानियाँ देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं। उनकी आत्मकथाओं के माध्यम से चंपावत-लोहाघाट क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर वन्यजीव प्रेमियों और टाइगर लवर्स के बीच पहचान मिली। वर्ष 1907 में चंपावत क्षेत्र में कुख्यात आदमखोर बाघिन का अंत कर उन्होंने सैकड़ों लोगों की जान बचाई और आगे चलकर वन्यजीव संरक्षण की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही कारण है कि यह क्षेत्र आज भी साहस, इतिहास और प्रकृति प्रेम का अद्भुत केंद्र माना जाता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव में मधुबनी चित्रकला एवं आधुनिक कला कार्यशालाएं, क्विज प्रतियोगिता, विज्ञान प्रदर्शनी, लोक संस्कृति कार्यक्रम और जागरूकता कार्यशालाएं इसे बहुआयामी स्वरूप प्रदान करेंगी। साथ ही आयोजित खाद्य उत्सव पारंपरिक व्यंजनों को नई पहचान देगा। स्थानीय उत्पादों और व्यंजनों का यह संगम नई पीढ़ी को अपनी खाद्य संस्कृति से परिचित कराने के साथ स्थानीय उत्पादकों की आय बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ‘Vocal for Local’ की भावना को सशक्त करते हुए ‘Local for Global’ का मार्ग प्रशस्त करेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चंपावत को आदर्श एवं श्रेष्ठ जिला बनाने के उद्देश्य से अनेक विकासपरक परियोजनाओं पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कराया जा रहा है। विभिन्न मोटर मार्गों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के साथ जाम की समस्या के समाधान हेतु मल्टीस्टोरी पार्किंग का निर्माण भी किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत देवीधूरा वाराही मंदिर का विकास कार्य किया जा रहा है तथा माँ पूर्णागिरी मंदिर के लिए लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे निर्माणाधीन है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शारदा कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट का विकास किया जाएगा। इस परिक्रमा मार्ग से माँ पूर्णागिरी धाम, चूका, श्यामलाताल और शारदा घाट जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़ा जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए चंपावत में वे-साइड एमेनिटीज केंद्र का निर्माण किया गया है तथा चूका क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है। अमोड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया है और अमोड़ी में हाउस ऑफ हिमालया के विपणन केंद्र की स्थापना की गई है। सूखीढांग से डाडामीनार मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण एवं डामरीकरण के साथ हनुमानगढ़ी से खेतखेड़ा के बीच स्पान आर्च पुल का निर्माण कराया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर से जौलजीबी मार्ग पर लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से स्पान आर्च पुल का निर्माण किया जा रहा है तथा 33 करोड़ रुपये की लागत से मार्ग का सुधारीकरण भी हो रहा है। भारत-नेपाल सीमा पर 177 करोड़ रुपये की लागत से ड्राई पोर्ट का निर्माण क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। विज्ञान और नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए 57 करोड़ रुपये की लागत से साइंस सेंटर का निर्माण भी प्रगति पर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों की सूची अत्यंत विस्तृत है और सभी का उल्लेख करना संभव नहीं, किंतु वे चंपावत को आदर्श जिला बनाने के अपने संकल्प को पूर्ण किए बिना विश्राम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ प्रदेश की पहचान, संस्कृति और सामाजिक संतुलन की रक्षा के लिए संकल्पित है। “विकास भी और विरासत भी” के विकल्प रहित संकल्प के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चंपावत की जनता का सहयोग और समर्थन इस संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

  • अब देहरादून डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी,,,, परिसर छावनी में तब्दील।

    अब देहरादून डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी,,,, परिसर छावनी में तब्दील।

    देहरादून—  राजधानी स्थित देहरादून डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को बुधवार सुबह बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया।

    एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर को खाली कराकर पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDDS) और खुफिया एजेंसियों ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी कर दी गई कि पूरा इलाका छावनी में तब्दील नजर आया।

    सिलसिलेवार मिल रहीं धमकियां…

    पिछले तीन दिनों से उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों के कोर्ट परिसरों को निशाना बनाते हुए धमकी भरे संदेश भेजे जा रहे है।

    सोमवार को हरिद्वार और रुद्रप्रयाग कोर्ट को धमकी।

    मंगलवार को उत्तरकाशी, टिहरी, पिथौरागढ़ और नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को धमकी भरे मैसेज।

    बुधवार को आज सुबह देहरादून डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को धमकी भरा मेल प्राप्त।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक हरिद्वार, नैनीताल और उत्तरकाशी समेत किसी भी परिसर में जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है।

    हाई अलर्ट पर प्रशासन

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जा रही है। कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, आईजी और एसएसपी स्तर के अधिकारी स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

    धमकी भरे ईमेल और संदिग्ध कॉल्स को ट्रेस करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड (STF) की मदद ली जा रही है। प्रारंभिक जांच में इसे शरारती तत्वों की हरकत मानकर भी देखा जा रहा है, लेकिन जांच पूरी होने तक सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता बरत रही हैं।

    प्रशासन ने आमजन से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने की अपील की है।

  • गैरसैण में 11 मार्च को सीएम धामी पेश करेंगे 2026-27 का बजट,,,,  राजनीतिक हलचल तेज।

    गैरसैण में 11 मार्च को सीएम धामी पेश करेंगे 2026-27 का बजट,,,, राजनीतिक हलचल तेज।

    उत्तराखंड—   गैरसैण (भराड़ीसैंण) स्थित विधानसभा भवन में उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 9 से 13 मार्च तक आयोजित होगा।11 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह धामी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा, इसलिए इसे सरकार के आर्थिक विजन और चुनावी दिशा तय करने वाले अहम दस्तावेज के रूप में देखा जा रहा है। अधिसूचना जारी कर दी गई है।

    1.20 लाख करोड़ तक बजट का अनुमान–

    सरकार बजट का आकार बढ़ाकर करीब 1.20 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने की तैयारी में है। ‘जीरो बेस्ड बजटिंग’ के जरिए अनुपयोगी योजनाओं को समाप्त कर संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर रहेगा। इसके बाद अगला बजट लेखानुदान (वोट ऑन अकाउंट) के रूप में पेश किया जाएगा।

    फोकस किन क्षेत्रों पर?-

    रोजगार सृजन, आधारभूत ढांचा, पर्यटन, कृषि, महिला और युवा केंद्रित योजनाओं पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है। वहीं विपक्ष बेरोजगारी, पलायन और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

    आधिकारिक कार्यक्रम (9 – 13 मार्च)-

    09 मार्च – सत्र का आगाज, महामहिम राज्यपाल का अभिभाषण

    10 मार्च – अध्यादेश पटल पर, अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव व चर्चा

    11 मार्च – धन्यवाद प्रस्ताव पारित; वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत

    12 मार्च – बजट पर सामान्य चर्चा, विभागवार अनुदान मांगों पर विचार व मतदान

    13 मार्च – बजट पारण, शेष अनुदान मांगों पर मतदान, गैर-सरकारी कार्य

    क्यों अहम है यह सत्र?-

    गैरसैंण में होने वाला यह सत्र राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 11 मार्च को पेश होने वाला बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि चुनाव से पहले सरकार की प्राथमिकताओं और विकास के एजेंडे का विस्तृत खाका भी होगा।

    आने वाले दिनों में सदन के भीतर तीखी बहस और बाहर सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।