Category: देहरादून

  • प्रशासनिक फेरबदल:– उत्तराखंड में आईएएस – पीसीएस के तबादले।

    प्रशासनिक फेरबदल:– उत्तराखंड में आईएएस – पीसीएस के तबादले।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड शासन ने प्रशासनिक फेरबदल किया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा, राज्य सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) तथा सचिवालय सेवा के कई अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती दी गई है।

    जारी आदेश के अनुसार, संजय कुमार (IAS-2014) को निदेशक-सेवायोजन पद से अवमुक्त करते हुए उनके दायित्वों में परिवर्तन किया गया है।

    सौरभ गहरवार (IAS-2016) और नरेन्द्र सिंह भंडारी (IAS-2016) की तैनाती में भी बदलाव किया गया है। विनोद गिरी गोस्वामी (IAS-2017) को अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-पर्यटन विकास परिषद एवं निदेशक-सेवायोजन, देहरादून की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    प्रतीक जैन (IAS-2018) को प्रबंध निदेशक-GMVN, मिशन निदेशक-जल जीवन मिशन, परियोजना निदेशक-नमामि गंगे एवं KFW परियोजना का दायित्व दिया गया है। वहीं विशाल मिश्रा (IAS-2018) की तैनाती में भी संशोधन किया गया है।

    राज्य सिविल सेवा के अंतर्गत गिरधारी सिंह रावत (PCS) को अपर सचिव अल्पसंख्यक कल्याण, निदेशक-अल्पसंख्यक कल्याण, निदेशक-उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद एवं प्रबंध निदेशक-अल्पसंख्यक कल्याण निगम की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुरेश जोशी (सचिवालय सेवा) को अपर सचिव, जनगणना विभाग में तैनात किया गया है।

    इसी क्रम में त्रिलोक सिंह मर्तोलिया (PCS) को आयुक्त, गन्ना चीनी तथा प्रधान प्रबंधक शुगर मिल, किच्छा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अब्ज प्रसाद बाजपेयी (PCS) को सिटी मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी नियुक्त किया गया है।

    शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारी अपने वर्तमान पदभार से अवमुक्त होकर तत्काल नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करेंगे तथा इसकी सूचना कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-01 को उपलब्ध कराएंगे।

  • देहरादून पुलिस का एक्शन,,,, शहीद कर्नल के बेटे को मारने वालों का एनकाउंटर..

    देहरादून पुलिस का एक्शन,,,, शहीद कर्नल के बेटे को मारने वालों का एनकाउंटर..

    देहरादून—  उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के तिब्बती मार्केट में शहीद कर्नल आरसी शर्मा के पुत्र और गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा की हत्या के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

    दोनों आरोपी पुलिस संग मुठभेड़ में घायल हुए हैं। शहर में चल रही सघन नाकेबंदी और तलाशी अभियान के दौरान यह कार्रवाई दो अलग-अलग स्थानों पर हुई।

    पुलिस के अनुसार, पहली मुठभेड़ रायपुर थाना क्षेत्र के लाडपुर जंगल में हुई, जहां संदिग्धों ने घेराबंदी के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे मौके से पकड़ लिया गया।

    इसके बाद मिली सूचना के आधार पर दूसरी कार्रवाई लालतप्पड़ क्षेत्र की एक खंडहर पड़ी फैक्ट्री में की गई। यहां भी पुलिस टीम पर फायरिंग की गई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दूसरे आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।

    दोनों घायलों को उपचार के लिए कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने अस्पताल पहुंचकर आरोपियों की स्थिति और पूरी कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से तमंचे और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की गई है।

    एसएसपी के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम और साजिश के पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात के पीछे किसका इशारा या सहयोग था।

    हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस का दावा है कि जिस तरह से हत्या की गई है, यह भाड़े के शूटरों का काम है। पुलिस के अनुसार, शूटरों ने घटना को अंजाम देने से पहले पूरी रेकी की थी।

    पुलिस ने बताया कि अर्जुन फल खरीदकर अपनी गाड़ी की तरफ बढ़े, तब कार से करीब दस कदम पहले घात लगाकर खड़े हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। फल विक्रेता अयान और उम्मीद ने पुलिस को बताया कि अर्जुन तीन अनानास लेकर लौट रहे थे तभी उन्हें गोली मार दी गई।

  • धामी कैबिनेट की बैठक में बड़े प्रस्तावों को मंजूरी..  देखिए कैबिनेट के प्रमुख फैसले,,,,,,,

    धामी कैबिनेट की बैठक में बड़े प्रस्तावों को मंजूरी.. देखिए कैबिनेट के प्रमुख फैसले,,,,,,,

    देहरादून– कैबिनेट में हुए यह बड़े फैसले,,,,

    1.एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मजबूती- गृह विभाग के अंतर्गत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए 22 नए पदों के सृजन को कैबिनेट ने मंजूरी दी। इस फैसले से राज्य में नशे के खिलाफ अभियान को और बल मिलने की उम्मीद है।

    2.पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 वापस- श्रम विभाग से जुड़े निर्णय में पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 को वापस लेने का फैसला लिया गया। यह प्रावधान कोविड काल के दौरान लाया गया था, जिसमें उद्योगों के सरप्लस में होने पर ही बोनस देने का नियम था।

    अब चूंकि केंद्रीय पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 प्रभावी है, इसलिए राज्य का संशोधित एक्ट वापस लिया गया। इससे कर्मचारियों को केंद्रीय कानून के तहत बोनस का लाभ मिलेगा।

    3.ईएसआई डॉक्टरों के पदों पर मंजूरी- कैबिनेट ने उत्तराखंड एम्प्लॉयी स्टेट इंश्योरेंस सर्विस स्कीम 2026 पर मुहर लगाई। इसके तहत ईएसआई डॉक्टरों के कुल 94 पदों को मंजूरी दी गई। इनमें:
    मेडिकल ऑफिसर- 76 पद

    असिस्टेंट डायरेक्टर- 11 पद

    लेवल 12-6 पद

    एडिशनल डायरेक्टर (लेवल 13)- 1 पद
    इस फैसले से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    4.आदतन अपराधी की परिभाषा में बदलाव- कैबिनेट ने उत्तराखंड कारागार एक्ट से जुड़े प्रावधान में संशोधन करते हुए तय किया कि आदतन अपराधियों को अब पूर्व के एक्ट के अनुसार परिभाषित किया जाएगा।

    5.वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को राहत- वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने शेष 589 श्रमिकों को भी न्यूनतम वेतनमान देने को मंजूरी दी। कुल 893 में से पहले ही कई श्रमिकों को यह लाभ मिल चुका था।

    6.सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना जारी- प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के साथ राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया। जब तक केंद्र की योजना (2025-26 तक) प्रभावी रहेगी, तब तक राज्य की योजना भी चलती रहेगी।

  • राजधानी में स्कूल के बाहर किडनैपिंग की अफवाह,,, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों से पैनिक।

    राजधानी में स्कूल के बाहर किडनैपिंग की अफवाह,,, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों से पैनिक।

    देहरादून—  राजधानी देहरादून में स्कूल के बाहर छात्रा के अपहरण की कोशिश की अफवाह ने सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा दिया। वायरल पोस्ट और वीडियो के चलते कई अभिभावक दहशत में आ गए, हालांकि पुलिस जांच में इस तरह की किसी भी घटना की पुष्टि नहीं हुई है।

    मामला शनिवार 7 फरवरी का बताया जा रहा है, लेकिन मंगलवार को सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए यह खबर फैली। दावा किया गया कि एक निजी स्कूल के बाहर बच्ची को जबरन वैन में बैठाने और इंजेक्शन लगाने की कोशिश की गई, लेकिन स्कूल प्रबंधन और पुलिस दोनों ने इसे फर्जी बताया है।

    स्कूल और पुलिस का साफ बयान

    दून इंटरनेशनल स्कूल के चेयरपर्सन डी.एस. मान ने स्पष्ट कहा कि स्कूल परिसर या बाहर कोई अपहरण की घटना नहीं हुई, न ही स्कूल की ओर से कोई लिखित एडवाइजरी जारी की गई। उन्होंने कहा कि केवल सामान्य सतर्कता की अपील की गई थी।

    CCTV में दिखी महिला का पक्ष

    वायरल सीसीटीवी फुटेज में दिख रही महिला और उसके पति से पुलिस ने पूछताछ की। महिला ने बताया कि वह पास स्थित गांधी शताब्दी अस्पताल में इलाज के लिए आई थी और स्कूल छुट्टी के समय बाहर बैठी थी। उसने किसी छात्रा से केवल स्कूल की फीस और पढ़ाई को लेकर सामान्य बातचीत की थी।
    पुलिस ने अस्पताल और डॉक्टर से भी क्रॉस-वेरिफिकेशन किया।

    एसएसपी का बयान: कोई गैंग सक्रिय नहीं

    एसएसपीअजय सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि बच्चों के बीच हुई सामान्य बातचीत को गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे अफवाह फैली।

    उन्होंने साफ कहा कि देहरादून में किसी किडनैपिंग गैंग की कोई जानकारी नहीं है और अपहरण जैसी कोई घटना नहीं हुई।

    पुलिस की अपील

    पुलिस ने अभिभावकों और आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें, ऐसी अफवाहें समाज में डर और भ्रम पैदा करती हैं।

  • उत्तराखंड में बड़ा सड़क हादसा :- पिकअप खाई में गिरा,,, तीन महिलाओं की मौत पांच घायल।

    उत्तराखंड में बड़ा सड़क हादसा :- पिकअप खाई में गिरा,,, तीन महिलाओं की मौत पांच घायल।

    देहरादून—  उत्तराखंड बड़े हादसे की खबर सामने आ रही है। सवारी से भरी पिकअप खाई में गिरने से तीन महिलाओं की मौत और पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं खबर देहरादून के विकास नगर से है।

    देहरादून के विकासनगर में एक पिकअप के खाई में गिरने से तीन महिलाओं की मौत हो गई। हादसे में पांच लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    हादसा उस समय हुआ, जब सवारियों से भरा वाहन विकासनगर की ओर जा रहा था। वाहन में चालक समेत करीब आठ लोग सवार बताए जा रहे हैं।

    सूचना मिलने के बाद प्रशासन की टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू अभियान चलाकर घायलों को खाई से बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया।

    वायाधार के पास खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन

    हादसा देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र में बैराटखाई-गागंरोऊ मोटर मार्ग पर वायाधार के पास हुआ। सवारियों से भरा बोलेरो पिकअप वाहन गागंरोऊ गांव से विकासनगर की ओर जा रहा था। इसी दौरान चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और गाड़ी गहरी खाई में जा गिरी।

    वाहन में चालक समेत 8 लोग थे सवार

    हादसे के समय पिकअप वाहन में चालक समेत करीब 8 लोग सवार बताए जा रहे हैं। हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
    अस्पताल ले जाते समय दो और महिलाओं की मौत
    हादसे की सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे।

    रेस्क्यू अभियान चलाकर घायलों को खाई से बाहर निकाला गया। अस्पताल ले जाते समय एक महिला ने दम तोड़ दिया, जबकि हायर सेंटर रेफर के दौरान एक अन्य महिला की भी मौत हो गई।

    हादसे में जान गंवाने वाली महिलाएं

    इस हादसे में लूसो देवी (65) पत्नी नंदूदास, निवासी गागंरोऊ; गीता देवी (35) पत्नी प्रकाश खन्ना, निवासी खुसियो और धनो देवी पत्नी संतू दास, निवासी चिट्टाड की मौत हुई है। सभी कालसी क्षेत्र की रहने वाली थीं।

    नायब तहसीलदार ने दी हादसे की जानकारी

    कालसी के नायब तहसीलदार रविंद्र असवाल ने बताया कि लूसो देवी की मौत मौके पर ही हो गई थी। गीता देवी ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा, जबकि धनो देवी की मौत हायर सेंटर रेफर के दौरान हुई। घायलों को विकासनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

  • सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क बढ़ा रहा,, साइबर अपराध और अनैतिक रिश्तों का जाल :- कुसुम कंडवाल

    सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क बढ़ा रहा,, साइबर अपराध और अनैतिक रिश्तों का जाल :- कुसुम कंडवाल

    देहरादून—   आधुनिकता की दौड़ में सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव अब समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में बढ़ते दुष्प्रभावों और बिखरते पारिवारिक ताने-बाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

    राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी और बच्चे सोशल मीडिया की चकाचौंध में अपनी वास्तविक राह से भटक रहे हैं। आयोग ने इस समस्या की मुख्य जड़ ‘पारिवारिक समन्वय की कमी’ को माना है।

    उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने समाज में सोशल मीडिया के बढ़ते घातक प्रभावों और उससे उपजी गंभीर समस्याओं पर संज्ञान लिया है।

    उन्होंने अनुभव के आधार पर विश्लेषण के साथ भयावह पहलू पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के संपर्क में आने से महिलाएं और बेटियां लगातार साइबर अपराध और अनैतिक रिश्तों के जाल में फंस रही हैं।

    ‘डिजिटल फ्रेंडशिप’ के नाम पर बन रहे ये अवैध रिश्ते न केवल वैवाहिक जीवन को तबाह कर रहे हैं, बल्कि मासूम जिंदगियों को भी गलत रास्ते पर ले जा रहे हैं।

    आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी और बच्चे सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में इस कदर फंस गए हैं कि उनका अपने परिवार, अपनी संस्कृति और संस्कारों से नाता पूरी तरह टूटता जा रहा है।

    घर के बुजुर्गों और माता-पिता के साथ बच्चों का रिश्ता अब नाममात्र का रह गया है क्योंकि बच्चे मोबाइल की चकाचौंध में अपनी एक अलग ही काल्पनिक दुनिया बना लेते हैं और उसे ही अपना सब कुछ मान बैठते हैं।

    उन्होंने कहा कि संस्कारों से यही कटाव बेटियों और महिलाओं के भटकने की मुख्य कड़ी बन रहा है। सोशल मीडिया के मायाजाल में फंसकर लड़कियां धीरे-धीरे परिवार से भावनात्मक रूप से कट जाती हैं और इस दलदल में धंसती चली जाती हैं।

    विशेष रूप से जो लड़कियां घर से बाहर पढ़ाई या नौकरी के लिए दूसरे शहरों में रह रही हैं, वे अक्सर अनजान लोगों के संपर्क में आकर बिना सोचे-समझे ‘लिव-इन’ जैसे रिश्तों में बंध रही हैं। आयोग ने चेतावनी दी है कि ऐसे रिश्तों के परिणाम प्रायः दुखद और असफल होते हैं, जो न केवल एक जीवन को बर्बाद करते हैं बल्कि पूरे परिवार को मानसिक और सामाजिक पीड़ा देते हैं।

    विकट स्थिति को देखते हुए कुसुम कंडवाल ने बतौर राज्य महिला आयोग अध्यक्ष अभिभावकों के लिए एक विशेष अपील की है कि माता-पिता अपने बच्चों से नियमित संवाद करें और उनके साथ दोस्ताना व्यवहार रखते हुए उनके दिनभर की गतिविधियों की जानकारी लें।

    यह अत्यंत आवश्यक है कि समय-समय पर बच्चों के रहन-सहन, उनकी संगत और उनकी बदलती आदतों को बारीकी से परखा जाए। माता-पिता की सक्रिय निगरानी और बच्चों के साथ उनका मजबूत भावनात्मक रिश्ता ही उन्हें इस डिजिटल दलदल से बाहर निकाल सकता है और समाज को पतन की ओर जाने से रोक सकता है।

    ​उन्होंने महिलाओं और बेटियों को कहा कि ​”स्क्रीन की चमक से रिश्ते नहीं चमकते, रिश्तों की चमक अपनों के साथ समय बिताने और संवाद से आती है। तकनीक का उपयोग स्वयं की उन्नति के लिए, अपनी संस्कृति और संस्कारों को समझने के लिए करें।”

    उन्होंने कहा कि राज्य महिला आयोग इस मामले पर संज्ञान लेते हुए हर प्रकार से हमारी भावी पीढ़ी सहित उनके अभिभावकों एवं परिजनों को भी जागरूक करने का प्रयास करेगा।

    उन्होंने कहा महिलाओं एवं बेटियों की सुरक्षा के सरकार एव आयोग पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है, परंतु परिवार के लोगों को भी इसमें अपनी अहम भूमिका निभानी होगी।

    सोशल मीडिया के माध्यम से समाज की मुख्य धारा से जुड़ने के साथ साथ हमें अपने परिवार में समन्वय बनाकर संस्कृति के नैतिक मूल्यों और संस्कारों को सीखना एवं समझना होगा।

  • उत्तराखंड—-   बारिश-बर्फबारी का अलर्ट,,,  पर्वतीय जिलों में बदलेगा मौसम, तापमान में गिरावट के आसार।

    उत्तराखंड—- बारिश-बर्फबारी का अलर्ट,,, पर्वतीय जिलों में बदलेगा मौसम, तापमान में गिरावट के आसार।

    देहरादून—   उत्तराखंड में आज से मौसम करवट लेने जा रहा है। लंबे समय से चले आ रहे शुष्क मौसम के बाद प्रदेश के कई पर्वतीय जनपदों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम में इस बदलाव से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे फरवरी में बढ़ती गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

    इन जिलों में बारिश के आसार

    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। वहीं देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और अल्मोड़ा में भी बहुत हल्की से हल्की बारिश के आसार बने हुए हैं।

    3000 मीटर से ऊपर बर्फबारी की संभावना

    मौसम विभाग ने बताया कि 3000 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। इससे बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब और आसपास के ऊंचाई वाले इलाकों में एक बार फिर बर्फ की चादर बिछने की उम्मीद है। सोमवार को भी बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई थी।

    मैदानी इलाकों में कोहरे की चेतावनी

    प्रदेश के मैदानी जिलों हरिद्वार और उधम सिंह नगर में सुबह के समय छिछले से मध्यम कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित हो सकती है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    11 फरवरी तक बना रह सकता है ऐसा मौसम

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 फरवरी तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है, हालांकि अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। वहीं 12 फरवरी से प्रदेशभर में मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है।

    दिन में गर्मी, सुबह-शाम ठंड बरकरार

    बीते दिनों शुष्क मौसम के चलते तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली थी, जिससे दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ गया है। दिन में तेज धूप से गर्मी महसूस हो रही है, जबकि सुबह और शाम ठंड बनी हुई है। सोमवार को देहरादून में अधिकतर समय बादल छाए रहे, बीच-बीच में धूप निकलने से हल्की गर्माहट भी महसूस हुई।

  • अलर्ट : उत्तराखंड के इन जिलों में आज बारिश- बर्फबारी के आसार।

    अलर्ट : उत्तराखंड के इन जिलों में आज बारिश- बर्फबारी के आसार।

    देहरादून—  उत्तराखंड में आज 5 जिलों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 2 जिलों में घना कोहरा छाने की चेतावनी जारी गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) देहरादून के मुताबिक उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।

    वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की आशंका है, जिससे सुबह के समय सड़कों पर विजिबिलिटी कम हो सकती है और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

    इधर ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड अपने चरम पर पहुंच चुकी है। पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी में न्यूनतम तापमान माइनस 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो प्रदेश में सबसे कम है। तापमान के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के 7 शहरों में न्यूनतम तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। इसी ठंड के बीच चमोली जिले के औली में टावर नंबर-10 के पास जमी बर्फ देखने के लिए लगातार पर्यटक पहुंच रहे हैं और स्कीइंग का आनंद ले रहे हैं।

    3000 मीटर से ऊपर बर्फ, अगले दो दिन भी राहत के आसार नहीं
    मौसम विभाग के अनुसार जिन जिलों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट जारी किया गया है, वहां 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है, जबकि निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। ऊंचाई ज्यादा होने के कारण इन इलाकों में तापमान लगातार माइनस में बना हुआ है।
    मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक मौसम का यही मिजाज बने रहने की आशंका है।

    मैदानों में दिन गर्म, रातें अब भी ठंडी
    मैदानी इलाकों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, लेकिन रात की ठंड अभी पूरी तरह कम नहीं हुई है। ऋषिकेश में अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 11 डिग्री के आसपास बना हुआ है।

    इसी तरह हल्द्वानी में दिन का तापमान 20 डिग्री और रात का 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

    राजधानी देहरादून में आज मौसम मुख्यतः साफ से आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। IMD देहरादून के अनुसार दिन के समय धूप निकल सकती है, जिससे तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

    आज देहरादून में अधिकतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 10 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। फिलहाल शहर के लिए बारिश या कोहरे को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

    अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम…

    10 फरवरी: मंगलवार को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश हो सकती है। 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के आसार हैं। राज्य के अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

    11 फरवरी: बुधवार को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत हल्की बारिश दर्ज हो सकती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। शेष जिलों में मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है।

    12 फरवरी: राज्य के सभी जिलों में गुरुवार को मौसम साफ रहेगा। बारिश या बर्फबारी को लेकर किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

  • उत्तराखंड मौसम अपडेट –  पहाड़ों पर फिर करवट बदलेगा मौसम..।

    उत्तराखंड मौसम अपडेट – पहाड़ों पर फिर करवट बदलेगा मौसम..।

    देहरादून—  उत्तराखंड में लंबे इंतजार के बाद जनवरी में हुई बारिश और बर्फबारी से जहां सूखी ठंड से राहत मिली थी, वहीं फरवरी की शुरुआत में ही मौसम ने एक बार फिर रंग बदलना शुरू कर दिया है। मैदानी इलाकों में दिन के समय गर्मी का अहसास बढ़ने लगा है, हालांकि सुबह और शाम की ठंड अब भी बनी हुई है।

    इन दिनों प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है। अधिकांश क्षेत्रों में तेज धूप खिलने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आज भी प्रदेशभर में मौसम साफ रहेगा और अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है।

    देहरादून समेत मैदानी इलाकों में बढ़ा तापमान-

    शनिवार को राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में चटक धूप के कारण गर्मी महसूस की गई। देहरादून का अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
    उधम सिंह नगर में भी दिन के तापमान में इजाफा देखा गया, जहां अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री और न्यूनतम 7.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

    पहाड़ों में अभी कायम है ठंड-

    जहां मैदानी इलाकों में गर्माहट बढ़ रही है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड का असर अभी भी बरकरार है। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 18.2 डिग्री और न्यूनतम 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नई टिहरी में अधिकतम तापमान 18.0 डिग्री और न्यूनतम 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

    आज सुबह मैदानी इलाकों में छा सकता है कोहरा-

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज देहरादून समेत कई मैदानी क्षेत्रों में सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है, जिससे ठंड अधिक महसूस हो सकती है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ धूप निकलने से ठंड का असर कम हो जाएगा। पूरे प्रदेश में आज मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

    सोमवार से पहाड़ों में बदलेगा मिजाज-

    मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि सोमवार से पर्वतीय जिलों में मौसम बदल सकता है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं 3000 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है।
    अन्य जिलों में मौसम शुष्क बने रहने की उम्मीद जताई गई है।

    कुल मिलाकर, प्रदेश में अभी मैदानी इलाकों में गर्मी और पहाड़ों में ठंड का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है, जबकि आने वाले दिनों में पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है।

  • रैश ड्राइवर सावधान– अब 5 बार से ज्यादा हुआ चालान, तो जाएगा D.L ,,,जान लें नए नियम।

    रैश ड्राइवर सावधान– अब 5 बार से ज्यादा हुआ चालान, तो जाएगा D.L ,,,जान लें नए नियम।

    देहरादून—  उत्तराखंड के वाहन चालकों के लिए यह खबर बेहद अहम है। अब पांच बार से ज्यादा चालान कटना भारी पड़ सकता है, क्योंकि नए नियमों के तहत चालक का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रद्द किया जा सकेगा।

    केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट के संशोधित प्रावधान उत्तराखंड में लागू हो चुके हैं। इसके साथ ही परिवहन विभाग चालान न चुकाने वालों (डिफॉल्टर) की सूची तैयार करेगा और ऐसे वाहनों को जब्त करने का अधिकार भी पुलिस को दिया गया है।

    संशोधित नियमों के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 के बीच यदि कोई चालक एक वर्ष में पांच या उससे अधिक बार यातायात नियमों का उल्लंघन करता है, तो इसे गंभीर श्रेणी का अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकेगा।

    हालांकि राहत यह है कि पिछले वर्ष के उल्लंघन अगले वर्ष की गणना में शामिल नहीं होंगे।

    चालान भुगतान को लेकर नए स्पष्ट नियम

    चालान की सूचना एसएमएस या ई-मेल से 3 दिन के भीतर दी जाएगी।

    भौतिक चालान 15 दिन में जारी किया जाएगा।

    चालान जारी होने के 45 दिन के भीतर भुगतान या पोर्टल पर चुनौती देनी होगी।

    45 दिन तक कोई कार्रवाई न करने पर चालान स्वीकार मान लिया जाएगा और अगले 30 दिन में भुगतान अनिवार्य होगा।

    यदि चालान गलत लगता है, तो दस्तावेजों के साथ पोर्टल पर चुनौती दी जा सकती है।

    चुनौती खारिज होने पर कोर्ट जाने का विकल्प रहेगा, लेकिन इसके लिए चालान राशि का 50% पहले जमा करना होगा।

    डिफॉल्टरों पर कड़ा शिकंजा_ साफ किया है कि लंबित चालान रहते हुए…

    वाहन रजिस्ट्रेशन या ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ा कोई आवेदन स्वीकार नहीं होगा।

    वाहन को पोर्टल पर ‘संव्यवहार न किया जाए’ श्रेणी में डाल दिया जाएगा, यानी बेचा नहीं जा सकेगा।

    नियम तोड़ने वाले वाहनों को जब्त करने का अधिकार भी अधिकारियों को मिल गया है।

    इन नियमों के जरिए सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर चालान भुगतान और नियमों का पालन ही जुर्माने, जब्ती और लाइसेंस रद्द होने से बचने का एकमात्र रास्ता है।