Category: देहरादून

  • धामी सरकार का बड़ा फेरबदल,,, कई बड़े अधिकारी पदमुक्त,,,, अब इनको मिली कमान।

    धामी सरकार का बड़ा फेरबदल,,, कई बड़े अधिकारी पदमुक्त,,,, अब इनको मिली कमान।

    देहरादून—   पुष्कर सिंह धामी सरकार ने ऊर्जा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए कई शीर्ष अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है और नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

    किन अधिकारियों पर गिरी गाज?

    अनिल कुमार को उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के प्रबंध निदेशक पद से हटाया गया
    अजय कुमार अग्रवाल को निदेशक (परियोजना), UPCL पद से पदमुक्त किया गया।

    संदीप सिंघल को उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) के प्रबंध निदेशक पद से हटाया गया

    अब किसे मिली कमान ?

    गजेन्द्र सिंह बुदियाल को UPCL के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया

    अजय कुमार सिंह को UJVNL के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया

    खास बात: दोनों अधिकारियों को यह जिम्मेदारी नियमित नियुक्ति होने तक सौंपी गई है, और इसके लिए कोई अतिरिक्त वेतन नहीं मिलेगा।

    ऊर्जा सेक्टर में यह बदलाव सरकार की कार्यशैली और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

  • उत्तराखंड में होटल-ढाबों से लेकर अस्पतालों तक कमर्शियल सिलेंडर का कोटा तय,,,, SOP जारी।

    उत्तराखंड में होटल-ढाबों से लेकर अस्पतालों तक कमर्शियल सिलेंडर का कोटा तय,,,, SOP जारी।

    देहरादून—  उत्तराखंड में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर सरकार ने नई एसओपी जारी कर दी है। उत्तराखंड शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने आदेश जारी करते हुए विभिन्न व्यवसायों और सेवाओं के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों का कोटा तय कर दिया है।

    सरकार का कहना है कि राज्य में जारी शीतकालीन यात्रा और अगले महीने से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के चलते पर्यटन से जुड़े व्यवसायों में गैस की मांग बढ़ रही है। ऐसे में गैस की कमी से पर्यटन और जरूरी सेवाओं पर असर न पड़े, इसके लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।

    दैनिक जरूरत का 20% तक होगा वितरण

    Ministry of Petroleum and Natural Gas (भारत सरकार) के निर्देशों के तहत राज्य में अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों की जरूरतों के अलावा दैनिक आवश्यकता का 20 प्रतिशत तक कमर्शियल एलपीजी उपलब्ध कराया जाएगा।

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समिति और जिलाधिकारियों के साथ बैठक के बाद विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता तय की गई है।

    किस क्षेत्र को कितने सिलेंडर मिलेंगे

    | श्रेणी | सिलेंडर | प्रतिशत |
    | ——————————— | ——- | ——- |
    | फार्मास्युटिकल (लाइफ सेविंग ड्रग) | 190 | 7% |
    | होटल और रिजॉर्ट | 750 | 28% |
    | रेस्टोरेंट और ढाबे | 1000 | 37% |
    | सरकारी गेस्ट हाउस | 150 | 6% |
    | डेयरी और फूड प्रोसेसिंग | 130 | 5% |
    | औद्योगिक कैंटीन | 150 | 6% |
    | पेइंग गेस्ट छात्र आवास | 150 | 6% |
    | होमस्टे और स्वयं सहायता समूह | 130 | 5% |

    कुल आवंटन : 2650 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर

    जिलों के अनुसार गैस वितरण का प्रतिशत

    राज्य में कमर्शियल गैस सिलेंडरों का आवंटन जिलों में मौजूद गैस कनेक्शनों की संख्या के आधार पर तय किया गया है।

    देहरादून – 31% ,, हरिद्वार – 13% ,, नैनीताल – 6% ,, ऊधमसिंह नगर – 4% ,, पौड़ी – 4% ,, रुद्रप्रयाग – 4% ,, चमोली – 4% ,, उत्तरकाशी – 5% ,, पिथौरागढ़ – 9% ,, बागेश्वर – 3% ,, अल्मोड़ा – 2%
    चम्पावत – 2% ,, टिहरी – 3%

    तीन तेल कंपनियां करेंगी आपूर्ति

    राज्य में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पैट्रोलियम और हिंदुस्तान पैट्रोलियम के माध्यम से की जाएगी। इन कंपनियों को बाजार में उनकी हिस्सेदारी के अनुसार सिलेंडर वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं।

    सरकार ने सभी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे इस वितरण व्यवस्था की जानकारी संबंधित जिलाधिकारियों को भी दें और निर्धारित प्राथमिकता के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करें।

    यह व्यवस्था पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं और जरूरी व्यवसायों को बिना बाधा चलाने के लिए लागू की गई है, ताकि चारधाम यात्रा के दौरान राज्य में किसी भी तरह की गैस आपूर्ति की समस्या न आए।

  • चार साल में 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी :- मुख्यमंत्री

    चार साल में 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी :- मुख्यमंत्री

    देहरादून—  उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग के तहत चयनित 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शहरी विकास निदेशालय के नए भवन का वर्चुअल शिलान्यास भी किया और कूड़ा निस्तारण के लिए नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले चार वर्षों में लगभग 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की है। उन्होंने नवनियुक्त सफाई निरीक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उनके कंधों पर शहरों की स्वच्छता और व्यवस्था को मजबूत बनाने की अहम जिम्मेदारी है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य गठन के समय प्रदेश में 63 स्थानीय निकाय थे, जो अब बढ़कर 108 हो चुके हैं, जिनमें 11 नगर निगम, 46 नगर पालिका परिषद और 51 नगर पंचायत शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नगर निकाय शहरों के विकास की मजबूत कड़ी हैं और सरकार उनकी प्रशासनिक व तकनीकी क्षमता को लगातार मजबूत कर रही है।

    उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। आगामी चारधाम यात्रा और वर्ष 2027 के कुंभ मेले को देखते हुए शहरों और तीर्थस्थलों में स्वच्छता और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

    इस अवसर पर विधायक खजान दास, बंशीधर भगत , उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

  • उत्तराखंड में बदला मौसम,,,,बारिश और तेज हवाओं से लौटी ठंड,,, पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट।

    उत्तराखंड में बदला मौसम,,,,बारिश और तेज हवाओं से लौटी ठंड,,, पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट।

    देहरादून—  उत्तराखंड में रविवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ले ली। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से ठंड एक बार फिर लौट आई है।

    नैनीताल में सुबह अचानक मौसम बदला और गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और बारिश हुई, जिससे तापमान गिर गया। वहीं कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में तेज हवाओं और बूंदाबांदी के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों को हल्की ठंड का एहसास होने लगा।

    कई जिलों में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी

    प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का असर साफ देखा जा रहा है।

    पौड़ी में हल्की बारिश शुरू हो गई है।

    रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ समेत ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश दर्ज की गई।
    बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की चोटियों पर बर्फबारी हुई है।

    ऋषिकेशऔर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बादल छाए हैं और हल्की बारिश शुरू हो गई है।

    नई टिहरी और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने से मौसम में ठंडक बढ़ गई है।
    कोटद्वार , चंपावत और पिथौरागढ़ में भी बूंदाबांदी और तेज हवाएं चल रही हैं, जबकि ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की खबर है।

    मौसम विभाग की चेतावनी

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अगले कुछ समय तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। वहीं 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है।

    पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट

    मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

  • उत्तराखंड को 264.50 करोड़ रुपये का फंड मंजूर,,, , विकास को मिलेगी नई रफ्तार..।

    उत्तराखंड को 264.50 करोड़ रुपये का फंड मंजूर,,, , विकास को मिलेगी नई रफ्तार..।

    देहरादून—-  केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के शहरी विकास को गति देने के लिए राज्य को बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की है। पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना (SASCI) 2025–26 के अंतर्गत Urban Land and Planning Reforms (भाग–XA) के तहत उत्तराखंड को 264.50 करोड़ रुपये की विशेष सहायता (ऋण) स्वीकृत की गई है।

    यह सहायता आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की अनुशंसा के आधार पर राज्य सरकार को प्रदान की गई है। उत्तराखंड सरकार ने इस प्रोत्साहन राशि के लिए PFMS पोर्टल के माध्यम से प्रस्ताव भेजा था, जिसे स्वीकार करते हुए सक्षम प्राधिकारी ने राज्य को यह वित्तीय सहायता जारी करने की स्वीकृति दे दी।

    सरकार के अनुसार यह राशि राज्य में प्रस्तावित विभिन्न पूंजीगत परियोजनाओं पर खर्च की जाएगी, जिससे शहरी विकास, भूमि प्रबंधन और नियोजन सुधारों को नई गति मिलेगी। केंद्र सरकार द्वारा यह पूरी राशि एकमुश्त किस्त में राज्य सरकार को जारी कर दी गई है।

    मुख्यमंत्री ने जताया आभार–

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्यों के बुनियादी ढांचे के विकास को निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है।

    उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहायता उत्तराखंड में योजनाबद्ध शहरी विकास, आधुनिक भूमि प्रबंधन प्रणाली और मजबूत आधारभूत ढांचे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में बेहतर नियोजन, सुव्यवस्थित विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयासरत है। इस सहायता से प्रदेश के शहरों में संतुलित, टिकाऊ और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

  • देहरादून में “भारतीय सौंदर्य परंपरा” विषय पर व्याख्यान का किया गया आयोजन।

    देहरादून में “भारतीय सौंदर्य परंपरा” विषय पर व्याख्यान का किया गया आयोजन।

    देहरादून—   अंग्रेजी विभाग ने कन्या गुरुकुल परिसर, देहरादून में “भारतीय सौंदर्य परंपरा” विषय पर एक विशेष अकादमिक व्याख्यान का आयोजन किया।

    इस व्याख्यान का उद्देश्य छात्रों को भारतीय सौंदर्य चिंतन की समृद्ध विरासत और दार्शनिक आधारों से परिचित कराना था।

    कार्यक्रम का आयोजन कन्या गुरुकुल परिसर, देहरादून स्थित अंग्रेजी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. रीना वर्मा द्वारा किया गया।

    सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में थलीसैन स्थित सरकारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के डॉ. हरिओम रावत उपस्थित थे।

    कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथि व्याख्याता सुश्री सृष्टि मलकोटी के संक्षिप्त परिचयात्मक भाषण से हुआ, जिन्होंने अतिथि वक्ता और प्रतिभागियों का स्वागत किया और व्याख्यान के विषय का परिचय दिया।

    अपने व्याख्यान के दौरान, डॉ. रावत ने भारतीय सौंदर्य परंपरा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और भारतीय कला, साहित्य, रसऔर दर्शन को समझने में इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सौंदर्य, भावना और कलात्मक अभिव्यक्ति से संबंधित शास्त्रीय अवधारणाओं की व्याख्या करते हुए भारतीय सौंदर्य चिंतन की गहराई और समृद्धि की बहुमूल्य जानकारी प्रदान की।

    कैंपस के विभिन्न विभागों के छात्रों ने व्याख्यान में भाग लिया, जिन्होंने ध्यानपूर्वक सुना और चर्चा में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।

    सत्र में एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र था जिसमें छात्रों ने अपने विचार साझा किए और आगे स्पष्टीकरण मांगा।

    कार्यक्रम का समापन डॉ. रीना वर्मा द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने डॉ. हरिओम रावत को उनके ज्ञानवर्धक और शिक्षाप्रद व्याख्यान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।

  • गैस किल्लत के बीच बड़ा फैसला :-  कमर्शियल LPG सप्लाई बंद, ESMA लागू।

    गैस किल्लत के बीच बड़ा फैसला :- कमर्शियल LPG सप्लाई बंद, ESMA लागू।

    नैनीताल/देहरादून—  पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते संभावित गैस संकट को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उत्तराखंड में फिलहाल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग और आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। साथ ही केंद्र सरकार ने आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) लागू करते हुए घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    पूर्ति विभाग के एडिशनल कमिश्नर पी.एस. पांगती ने बताया कि राज्य में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की पर्याप्त सप्लाई नहीं होने के कारण यह निर्णय लिया गया है।

    वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए केवल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को ही कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि जरूरी सेवाएं बाधित न हों।

    इस फैसले से राज्य के होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फिलहाल परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विभाग का कहना है कि जैसे ही सिलेंडरों की सप्लाई सामान्य होगी, सभी उपभोक्ताओं के लिए नियमित आपूर्ति फिर से शुरू कर दी जाएगी।

    जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए ESMA लागू–

    केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से ESMA लागू किया है। इसके तहत गैस की आपूर्ति को नियंत्रित कर आवश्यक सेवाओं और घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

    सरकार का कहना है कि हाल के महीनों में गैस सिलेंडरों की जमाखोरी की घटनाएं बढ़ने लगी थीं, जिससे आम उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही थी।

    आवश्यक सेवाओं को मिलेगी प्राथमिकता—

    ESMA लागू होने के बाद अस्पताल, स्कूल, सरकारी संस्थान और अन्य जरूरी सेवाओं को एलपीजी और अन्य ईंधन की सप्लाई में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

    रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश–

    घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। यह कदम पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण संभावित आपूर्ति बाधाओं से निपटने के लिए उठाया गया है।

    आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की कुल एलपीजी खपत 3.13 करोड़ टन रही, जबकि घरेलू उत्पादन केवल 1.28 करोड़ टन था। शेष जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत को बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर रहना पड़ता है।

    पश्चिम एशिया के तनाव से बढ़ी चिंता–

    विशेषज्ञों के मुताबिक भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का 85–90 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा सऊदी अरब और अन्य पश्चिम एशियाई देशों से आता है। यह सप्लाई मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होती है।

    हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच बढ़ते संघर्ष के चलते इस अहम समुद्री मार्ग के बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर गैस और तेल संकट की संभावना गहराने लगी है।

    सरकार का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

    हालांकि राहत की बात यह है कि अत्यावश्यक सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। पूर्ति विभाग के अनुसार उपलब्ध स्टॉक से केवल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को ही कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ीं–

    वहीं, कमर्शियल गैस सप्लाई बंद होने से होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। रेस्टोरेंट एसोसिएशन देहरादून के सदस्य रमन चड्ढा ने बताया कि फिलहाल गैस सिलेंडरों की शॉर्टेज है, लेकिन होटल और रेस्टोरेंट अभी उपलब्ध स्टॉक से चल रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि जब तक स्टॉक खत्म नहीं होता, तब तक काम चलता रहेगा, लेकिन अगर सरकार की तरफ से गैस मिलनी पूरी तरह बंद हो गई तो होटल और रेस्टोरेंट बंद करना मजबूरी हो जाएगी। फिलहाल इंडक्शन और अन्य विकल्पों से काम चलाया जा रहा है।

    अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो प्रदेश के पर्यटन और होटल उद्योग को बड़ा झटका लग सकता है। ढाबों, रेस्टोरेंट और होटलों में खाना बनाना मुश्किल हो जाएगा, जिसका असर आम लोगों और पर्यटकों पर भी पड़ सकता है।

  • जंगलों में वाटर होल बनाने की तैयारी,,,,  वन्य जीव और पक्षियों की प्यास बुझायेंगे ये जलकुंड।

    जंगलों में वाटर होल बनाने की तैयारी,,,, वन्य जीव और पक्षियों की प्यास बुझायेंगे ये जलकुंड।

    उत्तराखंड—  नैनीताल में वन विभाग ने जंगली पशु पक्षियों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए छोटे छोटे नए जलकुंड बनाने के साथ ही पुराने जल कुंडों की सफाई की है। मार्च में ही बढ़ती गर्मी को देखते हुए इन बेजुबानों को ध्यान में रखते हुए ये व्यवस्था की गई है।

    नैनीताल से कालाढूंगी मार्ग स्थित बॉटनिकल गार्डन के चारों तरफ घना वन क्षेत्र है। बॉटनिकल गार्डन के वनरक्षक अरविंद कुमार ने बताया की गर्मियों में वन्यजीवों और पक्षियों को भी अधिक प्यास लगती है।

    उनकी प्यास बुझाने के लिए विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं तांकि वन्यजीवों और पक्षियों का हलक न सूखे। इसके लिए बॉटनीकल गार्डन और इसके आसपास के घने जंगल में छोटे छोटे जलकुंड बनाकर उसमें पानी भरा जा रहा है।

    उन्होंने बताया गर्मियों में हर 2-3 दिनों में जलकुंडों में पानी भरा जाता है, ताकि पक्षियों समेत जंगली जानवरों को पानी मिल सके। यहां कई पक्षी तो गर्मियों में माइग्रेट कर पहुँचते हैं जिस वजह से यह स्थान पक्षी प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए एक पसंदीदा स्थान है।

    यहां, स्थानीय चीर फीजेंट, कलिज फीजेंट के अलावा विभिन्न किंगफिशर और ड्रंगो जैसी प्रजातियों के पक्षी भी देखे जा सकते हैं।

    ये ठीक उसी तरह किया जा रहा है जैसे कॉर्बेट नैशनल पार्क में वन्यजीवों के लिए वाटर होल बनाए जाते हैं। उन वाटर होलों को समय समय में भरा जाता है।

    वाटर होल में कई बार पानी की प्यास बुझाते बाघ, तेंदुआ, हाथी, हिरन आदि की तस्वीर आंखों को सुकून देती है। इतना ही नहीं उस वाटर होल में स्नान और अटखेलियां करते वन्यजीव आकर्षण का केंद्र भी होते हैं। अब उम्मीद करी जा रही है कि पहाड़ों के बढ़ते तापमान में ये जलकुंड वन्यजीवों को प्यास रूपी कष्ट से निजात दिलाएंगे।

  • सतपुली के पास पिकअप दुर्घनाग्रस्त,,, पुलिस एवं SDRF टीम द्वारा रेस्क्यू।

    सतपुली के पास पिकअप दुर्घनाग्रस्त,,, पुलिस एवं SDRF टीम द्वारा रेस्क्यू।

    सतपुली–  थाना सतपुली को सूचना प्राप्त हुई कि मल्ली सतपुली क्षेत्र में होटल हिमालय के पास गुमखाल की ओर से आ रहा एक पिकअप वाहन (वाहन संख्या: UP 13 CT 9549) अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में गिर गया है।

     

    सूचना प्राप्त होते ही थाना सतपुली पुलिस एवं SDRF की टीम तत्काल मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल पर पहुंचकर संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान प्रारम्भ किया गया। रेस्क्यू के दौरान एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है, जिसकी पहचान वाहन चालक के रूप में हुई है। पुलिस एवं SDRF टीम द्वारा रेस्क्यू एवं आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार उक्त वाहन पिलखुवा से पौड़ी की ओर जा रहा था, जिसमें आयुर्वेदिक दवाइयां लदी हुई थीं और वाहन में केवल वाहन चालक मौजूद था।

    मृतक चालक हरि ओम (उम्र: 42 वर्ष) पुत्र जगदीश सिंह, निवासी: पिलखुवा जिला हापुर (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला हैं।

  • सीएम पुष्कर धामी ने 1.11 लाख करोड़ का बजट किया पेश,,,, जानें किसको क्या मिला ??

    सीएम पुष्कर धामी ने 1.11 लाख करोड़ का बजट किया पेश,,,, जानें किसको क्या मिला ??

    देहरादून—  उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आज बजट पेश किया. मुख्यमंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव पेश किया।

    इस बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वित्त मंत्री के रूप में अपना पहला पूर्ण बजट पेश किया. इससे पहले उन्होंने पिछले वर्ष अनुपूरक बजट पेश किया था. दरअसल, पूर्व वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद से वित्त विभाग की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री धामी ही संभाल रहे हैं।

    सीएम धामी ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक चुनौतियों के बाद भी पिछले 25 साल में मातृ शक्ति, कर्मठ अन्नदाता, युवा शक्ति की सक्रिय सहभागिता से विकास सुशासन और लोक कल्याण के मानक स्थापित किए।

    सीएम ने कहा कि जेल गए या राज्य आंदोलन के दौरान घायल हुए आंदोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 6 हजार से बढ़ाकर 7 हजार करने का प्रस्ताव किया गया है. तथा जेल या घायल आंदोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 4500 से बढ़ाकर 5,500 रुपये किए जाने का प्रस्ताव किया।

    मुख्यमंत्री धामी ने पेश किया 1.11 लाख करोड़ का बजट,, जानिए किसको क्या मिला..

    सीएम धामी ने सदन में 111703.21 का बजट पेश किया। यह पिछले बजट से 11.41 फीसदी ज्यादा है।

    वित्तीय वर्ष 2026 – 27 के लिए बजट किया गया पेश

    1 लाख 11 हजार 703.21 करोड रुपए का बजट किया गया पेश

    विभागवार बजट प्रावधान

    माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए 542.84 करोड़

    उच्च शिक्षा विभाग के लिए 146.30 करोड़

    तकनीकी शिक्षा विभाग के लिए 98.50 करोड़

    खेल विभाग के लिए 69.94 करोड़ रुपए

    चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग 195.46 करोड़

    पेयजल विभाग 1827.91 करोड़

    आवास विभाग 291 करोड़

    शहरी विकास विभाग 1401.85 करोड़

    ग्रामीण विकास विभाग 1642.20 करोड़

    ऊर्जा विभाग 1609.43 करोड़

    लोक निर्माण विभाग 2501.91 करोड़

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