Category: देहरादून

  • उत्तराखंड : सरकार ने तीनों ऊर्जा निगमों में लगाई एस्मा, अधिसूचना जारी..।

    उत्तराखंड : सरकार ने तीनों ऊर्जा निगमों में लगाई एस्मा, अधिसूचना जारी..।

    उत्तराखंड—   प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने ऊर्जा निगमों में एस्मा की अधिसूचना जारी की है। इसके तहत तीनों ऊर्जा निगमों में हड़ताल को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

    सरकार ने उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल), पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) और उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) में हड़ताल पर प्रतिबंध लगा दिया है। तीनों ऊर्जा निगमों में उत्तर प्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम 1966 (एस्मा) लागू कर दिया गया है।

    प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने ऊर्जा निगमों में एस्मा की अधिसूचना जारी की है। इसके तहत तीनों ऊर्जा निगमों में हड़ताल को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस आदेश के बाद अगर कोई संगठन हड़ताल करेगा तो उसके खिलाफ एस्मा के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    अधिसूचना के बाद अब तीनों निगमों के प्रबंधन ने अपने स्तर पर भी इसका आदेश जारी कर दिया है। आपको बता दें कि हाल ही में यूजेवीएनएल की जमीनों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाते हुए डाकपत्थर में आंदोलन चल रहा है जबकि केंद्र के निजीकरण बिल के विरोध में एक दिवसीय हड़ताल हो चुकी है।

  • उत्तराखंड में फिर बर्फ गिरने की संभावना,,, कल से 5 जिलों में बारिश-बर्फबारी।

    उत्तराखंड में फिर बर्फ गिरने की संभावना,,, कल से 5 जिलों में बारिश-बर्फबारी।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड में मौसम फिलहाल स्थिर है, लेकिन आने वाले 48 घंटों में ऊंचाई वाले इलाकों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

    मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा जारी ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 16 फरवरी को प्रदेशभर में मौसम शुष्क बना रहेगा। किसी भी जिले में बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है।

    आसमान अधिकांशतः साफ रहेगा और दिन में हल्की धूप से राहत मिलेगी, हालांकि सुबह और शाम की ठंड बरकरार रहेगी। न्यूनतम तापमान में भी किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं।

    17 और 18 फरवरी – पांच जिलों में ऊंचाई पर बारिश-बर्फबारी

    मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 फरवरी को राज्य के पांच पर्वतीय जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की गतिविधि देखने को मिल सकती है।

    संभावित प्रभावित जिले_ उत्तरकाशी ,, रुद्रप्रयाग ,, चमोली ,, बागेश्वर ,, पिथौरागढ़

    क्या रहेगा असर…

    3300 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना,, अन्य जिलों और मैदानी क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा।

    Weather Update – पूर्वानुमान

    17 फरवरी –
    उच्च हिमालयी इलाकों में हल्की बारिश/बर्फबारी के आसार, बाकी प्रदेश में मौसम साफ।

    18 फरवरी –

    पर्वतीय ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बहुत हल्की से हल्की वर्षा/बर्फबारी की संभावना।

    19 फरवरी –

    प्रदेश के सभी जिलों में फिर से शुष्क मौसम, कहीं भी वर्षा या बर्फबारी के संकेत नहीं।

    यानी 2 दिन की हलचल के बाद आसमान साफ रहेगा।

    हिदायत दी गयी है कि,, ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा पर निकलने से पहले ताज़ा मौसम अपडेट अवश्य लें। सफर के दौरान तापमान में गिरावट को देखते हुए पर्याप्त गर्म कपड़ों की व्यवस्था रखें,, संवेदनशील पर्वतीय मार्गों पर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता ज़रूर बरतें।

  • केदारनाथ धाम:-  कपाट 22 अप्रैल को शुभ मुहूर्त में खुलेंगे..।

    केदारनाथ धाम:- कपाट 22 अप्रैल को शुभ मुहूर्त में खुलेंगे..।

    उत्तराखंड—   उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में स्थित केदारनाथ धाम के कपाट इस साल 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खुलेंगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर पंचकेदार गद्दी स्थल उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में वैदिक विधि-विधान और पंचांग गणना के बाद शुभ मुहूर्त की औपचारिक घोषणा की गई।

    इस वर्ष कपाट वृष लग्न में खुलेंगे, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है।

    इस साल केदारनाथ यात्रा पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हो रही है। 2025 में धाम के कपाट 2 मई को खुले थे, जबकि इस बार 22 अप्रैल को खुलेंगे। यानी श्रद्धालु इस बार 10 दिन पहले बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे।

    तिथि घोषित होते ही शासन-प्रशासन और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने यात्रा तैयारियों को तेज कर दिया है। पैदल मार्ग से बर्फ हटाने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और यात्रियों के लिए सुविधाएं दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर जारी है। इस बार यात्रा को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

  • 10 लाख में नौकरी” का खेल बेनकाब :- एसटीएफ ने तोड़ा हाईटेक नकल का नेटवर्क..।

    10 लाख में नौकरी” का खेल बेनकाब :- एसटीएफ ने तोड़ा हाईटेक नकल का नेटवर्क..।

    देहरादून—– उत्तराखंड की राजधानी में सरकारी भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स ने एसएससी एमटीएस परीक्षा में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई स्पेशल टॉस्क फोर्स मेरठ इकाई के साथ संयुक्त ऑपरेशन में की गई।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीतीश कुमार (देवरिया, उत्तर प्रदेश) और भास्कर नैथानी (देहरादून) के रूप में हुई है।

    पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी संगठित तरीके से परीक्षा प्रणाली में सेंधमारी कर अभ्यर्थियों को पास कराने का ठेका ले रहे थे। जिसकी कीमत 10 लाख रुपये प्रति उम्मीदवार तय थी।

    सूत्रों के मुताबिक, चार फरवरी से देहरादून में आयोजित Staff Selection Commission की एमटीएस परीक्षा के दौरान महादेव डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर मास्टर कंप्यूटर के जरिए हैकिंग की जा रही थी।

    जांच में सामने आया कि गिरोह ने लोकल नेटवर्किंग, प्रॉक्सी सर्वर सेटअप और रिमोट एक्सेस तकनीक का इस्तेमाल कर परीक्षा प्रणाली में हस्तक्षेप किया। यह पूरा ऑपरेशन बेहद सुनियोजित और तकनीकी रूप से उन्नत था।

    अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी Eduquity द्वारा स्थापित सिस्टम को निशाना बनाकर नेटवर्क में सेंध लगाई गई।

    बरामद हुआ हाईटेक सामान ,गिरफ्तार आरोपियों के पास से

    4 मोबाइल फोन
    2 लैपटॉप
    1 इंटरनेट राउटर
    बरामद किए गए हैं।

    इन उपकरणों के जरिए प्रॉक्सी सर्वर बनाकर रिमोट एक्सेस से नकल कराई जा रही थी। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर रही है, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित अभ्यर्थियों की पहचान की जा सके।

    एसटीएफ के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि पूछताछ में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। गिरोह में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

  • सीएम धामी ने अंतरराष्ट्रीय बॉडीबिल्डर प्रतिभा थपलियाल को किया सम्मानित।

    सीएम धामी ने अंतरराष्ट्रीय बॉडीबिल्डर प्रतिभा थपलियाल को किया सम्मानित।

    देहरादून—  । उत्तराखंड की बेटी और अंतरराष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डर प्रतिभा थपलियाल को उनके उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के लिए मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर एवं गमला भेंट कर सम्मान प्रदान किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतिभा की उपलब्धियों को उत्तराखंड की मातृशक्ति के गौरव और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त, प्रेरणादायक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि प्रतिभा की सफलता विशेषकर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की धरती मातृप्रधान रही है और पहाड़ की महिलाएं सदैव कृषि, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की धुरी रही हैं। समय-समय पर यहां की महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण, समाज सेवा, खेल और सुशासन जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा, “हमें अपनी मातृशक्ति पर गर्व है, जो हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही है।”

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश की ऐसी प्रतिभाशाली महिलाओं, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं, उन्हें राजकीय सेवा में अवसर प्रदान करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि वे समाज के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकें।

    राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रतिभा का परचम

    43 वर्षीय प्रतिभा थपलियाल ने पिछले चार वर्षों में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

    वर्ष 2023 में राष्ट्रीय बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।

    एशियाई बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक।

    9 फरवरी 2026 को तेलंगाना के करीमनगर में आयोजित राष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक।

    प्रतिभा थपलियाल महिला विश्व चैंपियनशिप एवं एशिया चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली विशिष्ट महिला बॉडीबिल्डरों में शामिल हैं। उनकी उपलब्धियां न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय हैं।

    प्रदेश सरकार ने महिला खिलाड़ियों को हर संभव प्रोत्साहन और सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि उत्तराखंड की बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर निरंतर सफलता का परचम लहराती रहें।

    इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी Ravindra Jugran भी उपस्थित रहे।

  • उत्तराखंड में आईपीएस के तबादले,,,, कई जिलों के कप्तान बदले गए।

    उत्तराखंड में आईपीएस के तबादले,,,, कई जिलों के कप्तान बदले गए।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड पुलिस में बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के कई वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

    इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल में कई महत्वपूर्ण जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बदले गए हैं, जिनमें देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और अल्मोड़ा शामिल हैं। साथ ही एसटीएफ, सतर्कता, अभिसूचना, सीबीसीआईडी, एसडीआरएफ तथा विभिन्न वाहिनियों में भी नई तैनातियां की गई हैं।

    फेरबदल के तहत कुछ अधिकारियों को पदोन्नति देते हुए उच्च दायित्व सौंपे गए हैं, जबकि कई को कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण जिलों में भेजा गया है।

    शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी अविलंब कार्यभार ग्रहण करें तथा कार्यभार ग्रहण प्रमाणक की प्रति पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड के माध्यम से शासन को उपलब्ध कराएं।

    यह प्रशासनिक बदलाव राज्य में पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

    किसे कहां मिली तैनाती

    निवेदिता कुकरेती ➝ पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ

    प्रल्हाद नारायण मीणा ➝ पुलिस उपमहानिरीक्षक, सतर्कता मुख्यालय

    यशवंत सिंह ➝ प्रधानाचार्य, पीटीसी नरेंद्रनगर

    प्रमेन्द्र डोबाल ➝ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून

    अजय सिंह ➝ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ

    नवनीत सिंह ➝ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, हरिद्वार

    अजय गणपति कुम्भार ➝ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ऊधमसिंहनगर

    मणिकान्त मिश्रा ➝ पुलिस अधीक्षक, अभिसूचना

    प्रदीप कुमार राय ➝ पुलिस अधीक्षक, सीबीसीआईडी

    अमित श्रीवास्तव ➝ सेनानायक, आईआरबी प्रथम, रामनगर

    अक्षय प्रहलाद कोण्डे ➝ पुलिस अधीक्षक, पिथौरागढ़

    चन्द्रशेखर आर. घोड़के ➝ पुलिस अधीक्षक, चम्पावत

    रेखा यादव ➝ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अल्मोड़ा

    देवेन्द्र पींचा ➝ सेनानायक, 31वीं वाहिनी पीएसी, रुद्रपुर

    निहारिका तोमर➝ पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग

    जितेन्द्र कुमार मेहरा ➝ पुलिस अधीक्षक, बागेश्वर

    जितेन्द्र चौधरी ➝ पुलिस अधीक्षक, अपराध एवं यातायात, ऊधमसिंहनगर

    निशा यादव ➝ पुलिस अधीक्षक, अपराध एवं यातायात, हरिद्वार

    मनोज ठाकुर ➝ अपर पुलिस अधीक्षक, कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल

    चन्द्रमोहन सिंह ➝ पुलिस अधीक्षक (क्षेत्रीय), अभिसूचना, देहरादून

  • उत्तराखण्ड के सांसद कंजूस…..केवल 18 प्रतिशत निधि खर्च ,,,देखिए रिपोर्ट कार्ड..

    उत्तराखण्ड के सांसद कंजूस…..केवल 18 प्रतिशत निधि खर्च ,,,देखिए रिपोर्ट कार्ड..

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड के लोकसभा तथा राज्यसभा के वर्तमान सांसदों की आवंटित सांसद निधि की कुल धनराशि में दिसंबर 2025 तक केवल 18 प्रतिशत धनराशि ही खर्च हुई है।

    इसमें पूर्ण कार्यों तथा चल रहे कार्यों पर खर्च धनराशि शामिल हैं। सांसदों द्वारा प्रस्तावित 232 कार्य अधिकारियों ने स्वीकृत ही नहीं किये है तथा स्वीकृत कार्यों में से 87 कार्य दिसम्बर 2025 तक प्रारंभ भी नहीं हुये है।

    यह खुलासा सांसद निधि के नोडल विभाग ग्राम्य विकास आयुक्त उत्तराखंड कार्यालय द्वारा नदीम उददीन एडवोकेट को उपलब्ध करायी गयी सूचना से हुआ।

    नदीम उद्दीन एडवोकेट ने उत्तराखंड के ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय से सांसद निधि खर्च सम्बन्धी सूचना चाही थी। जिसके उत्तर में लोक सूचना अधिकारी उपायुक्त प्रशासन, हेमन्ती गंुजियाल द्वारा अपने पत्रांक 245531 के साथ सांसद निधि खर्च के दिसम्बर 2025 के विवरण की प्रति उपलब्ध करायी है।

    जिसमें दिसम्बर 2025 के अंत तक की उत्तराखंड के लोक सभा सांसदों की सांसद निधि खर्च का विवरण दिया है। नदीम को उपलब्ध विवरण के अनुसार दिसम्बर 2025 तक

    उत्तराखंड के कुल 8 सांसदों को 95.90 करोड़ की सांसद निधि आवंटित हुई है। इसमें 49 करोड़ 5 लोकसभा सांसदों तथा 46.90 करोड़ 3 राज्यसभा सांसदों को आवंटित हुई है।

    उत्तराखंड के सांसदों के वर्तमान कार्यकाल में पूर्ण कार्यों पर कुल 7.08 करोड़ तथा चल रहे अपूर्ण कार्यों पर दिसम्बर 2025 तक कुल 10.65 करोड़ की धनराशि खर्च हुई है जो कुल आवंटित धनराशि का 18 प्रतिशत है।

    इसमें लोेकसभा के 5 सांसदों की पूर्ण कार्यों पर 2.089 करोड़ तथा अपूर्ण तथा चल रहे कार्यों पर 1.191 करोड़ की धनराशि खर्च दर्शायी गयी है जो कुल आवंटित धनराशि की केवल 7 प्रतिशत है।

    राज्यसभा के 3 सांसदों की आवंटित निधि में से पूर्ण कार्यों पर खर्च 4.99 करोड़ तथा चल रहे कार्यों पर 9.46 करोड़ दर्शाया गया है जो कुल आवंटित निधि का 31 प्रतिशत है।

    सांसद वार सांसद निधि खर्च के मामले में लोेकसभा सांसदों में सर्वाधिक निधि 18 प्रतिशत खर्च करने वाले नैनीताल-उधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट हैं जबकि दूसरे स्थान पर 14 प्रतिशत सांसद निधि खर्च टिहरी गढ़वाल सांसद माला राज लक्ष्मी शाह है। अन्य तीनों लोकसभा सांसदों गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की शून्य, अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा तथा हरिद्वार सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत की दिसम्बर 2025 तक सांसद निधि से एक प्रतिशत से कम धनरााशि खर्च दर्शायी गयी है।

    राज्यसभा सांसदों में सर्वाधिक सांसद निधि 47 प्रतिशत नरेश बंसल, दूसरे स्थान पर 27 प्रतिशत कल्पना सैनी तथा तीसरे स्थान पर 6 प्रतिशत महेन्द्र भट्ट की दिसम्बर 2025 तक खर्च हो सकी है।

    नदीम को उपलब्ध सांसद वार विवरण के अनुसार नैनीताल उधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट ने दिसम्बर 25 तक अपने वर्तमान कार्यकाल में सांसद निधि से कुल 316 कार्य प्रस्तावित किये हैैं जिसमें से 229 कार्य अधिकाारियों द्वारा स्वीकृत किये गये है उसमें से 54 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 154 कार्य चल रहे हैं तथा 21 कार्य प्रारंभ नहीं हो सके है।

    टिहरी गढ़वाल सांसद माला राज लक्ष्मी शाह ने 128 कार्य प्रस्तावित किये हैं जिसमें से 89 कार्य अधिकारियों द्वारा स्वीकृत किये गये हैं, 11 कार्य पूर्ण हो चुके है, 64 चल रहे हैं तथा 14 कार्य प्रारंभ नहीं हुये हैं।

    गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने अपने वर्तमान लोकसभा सांसद कार्यकाल में कुल 4 कार्य प्रस्तावित किये हैं। अधिकारियों द्वारा 2 कार्य स्वीकृत किये हैं, 1 कार्य पूर्ण तथा 1 कार्य चल रहा दर्शाया गया है लेकिन दिसम्बर 2025 तक खर्च शून्य दर्शाया गया है।

    अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा के स्वीकृत 4 कार्यों में से 2 कार्य प्रारंभ न होना तथा 2 कार्य चलना दर्शाया गया है तथा इस पर कुल निधि के 1 प्रतिशत से भी कम 0.041 करोड़ रू. खर्च होना दर्शाया गया है।

    हरिद्वार सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत के प्रस्तावित 16 कार्यों में से अधिकारियों ने 10 कार्य स्वीकृत किये है जिसमें मे 1 कार्य पूर्ण हुआ है 5 चल रहे है तथा 4 प्रारंभ नहीं हुुये हैं। इस पर कुल निधि का 1 प्रतिशत से कम 0.080 करोड़ धनराशि खर्च दर्शाया गया है।

    राज्यसभा सांसदों में नरेश बंसल ने 191 कार्य प्रस्तावित किये है जिसमें से 144 कार्य अधिकारियों द्वारा स्वीकृत किये गये हैं जिसमें 23 कार्य पूर्ण हुये है 92 चल रहे हैं तथा 29 दिसम्बर 2025 तक प्रारंभ नहीं हुये है।

    कल्पना सैनी द्वारा प्रस्तावित 121 कार्यों में से 89 कार्य अधिकारियों द्वारा स्वीकृत किये गये हैं 26 पूर्ण हुये है 60 चल रहे है तथा 3 प्रारंभ नहीं हुये हैं। महेन्द्र भट्ट द्वारा अपने दिसम्बर 25 तक पूर्व कार्यकाल में 44 कार्य प्रस्तावित किये हैं 23 स्वीकृत हुये हैं, 2 कार्य पूर्ण हुये, 7 चल रहे है तथा 14 कार्य प्रारंभ नहीं हो सके है।

  • सख्त निगरानी :- आईजी और एसएसपी खुद उतरे मैदान में_अपराध पर नकेल..।

    सख्त निगरानी :- आईजी और एसएसपी खुद उतरे मैदान में_अपराध पर नकेल..।

    हल्द्वानी/नैनीताल—   हालिया गंभीर आपराधिक घटनाओं के बाद कानून व्यवस्था को लेकर शासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की गई सख्त समीक्षा के बाद अब Visible Policing को जमीनी स्तर पर लागू करने की कवायद तेज हो गई है।

    इसी क्रम में रिधिम अग्रवाल (आईजी कुमायूँ) और डॉ. मंजुनाथ टीसी (एसएसपी नैनीताल) स्वयं सड़कों पर उतरे। वरिष्ठ अधिकारियों ने रात में गश्त, पिकेट ड्यूटी और चेकिंग व्यवस्था का औचक निरीक्षण कर स्पष्ट संदेश दिया कि ,, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

    हाई लेवल गोष्ठी में सख्त निर्देश

    12 फरवरी 2026 को आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अपराध नियंत्रण के लिए ठोस और समयबद्ध निर्देश जारी किए गए..

    सभी क्षेत्राधिकारी दिन-रात अपने क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे और लोकेशन/कार्य की जानकारी उच्चाधिकारियों को देंगे।

    थाना और चौकी प्रभारी स्वयं रात्रि गश्त में मौजूद रहेंगे।

    थानों में उपलब्ध बल के अनुसार अधिकतम रात्रि ड्यूटी लगाई जाएगी, जिसकी रोज मॉनिटरिंग होगी।

    रात 11 बजे तक सभी वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद कराए जाएंगे। शराब और जुए के अड्डों पर सघन छापेमारी होगी।

    रंजिश और आपसी विवाद वाले मामलों को चिन्हित कर निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    सक्रिय/अभ्यस्त अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर और गुंडा एक्ट के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    यह सिर्फ निर्देश नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने की चेतावनी भी है।

    SSP का सख्त संदेश

    एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने दो टूक कहा है,, आदेशों के पालन में कोताही हुई तो जिम्मेदारी तय कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस बल को स्पष्ट निर्देश है कि देर रात अनावश्यक रूप से घूमने वालों पर सख्ती बरती जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई हो।

    साथ ही आमजन से अपील की गई है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

    सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने ठोस कार्रवाई की..

    18 व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस एक्ट में कार्रवाई, ₹4150 संयोजन शुल्क वसूला गया।

    28 वाहन चालकों के चालान, ₹13,500 संयोजन शुल्क जमा।

    03 वाहन सीज।

    शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए यह स्पष्ट चेतावनी है। कानून से ऊपर कोई नहीं।

    पुलिस की यह सक्रियता न सिर्फ अपराधियों के लिए सख्त संदेश है, बल्कि आम नागरिकों में भरोसा बहाल करने की कोशिश भी।

  • देहरादून में फिर चली गोलियां :- मॉल के अंदर कारोबारी की हत्या.,,,

    देहरादून में फिर चली गोलियां :- मॉल के अंदर कारोबारी की हत्या.,,,

    उत्तराखंड—-  राजधानी देहरादून एक बार फिर गोलियों की आवाज़ से दहल उठी। शहर के बीचों-बीच स्थित सिल्वर सिटी मॉल में दिनदहाड़े एक कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है—क्योंकि महज़ 16 दिनों में यह पांचवीं हत्या है।

    मॉल की सीढ़ियों पर मौत

    सुबह करीब 10:30 बजे, जिम से नीचे उतरते समय 45 वर्षीय विक्रम शर्मा पर तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। तीन राउंड गोलियां चलीं, जिनमें दो सीधे उन्हें लगीं। पुलिस के मुताबिक हमलावर पूरी प्लानिंग के साथ आए थे। दो शूटर अंदर दाखिल हुए, जबकि तीसरा साथी मुख्य सड़क पर बाइक लेकर तैयार खड़ा रहा। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों फरार हो गए।

    घटना के बाद मॉल परिसर को सील कर दिया गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है, फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और एसटीएफ को जांच में लगाया गया है। वरिष्ठ अधिकारी खुद निगरानी कर रहे हैं।

    ‘जान का खतरा’ और जेब में पिस्टल

    प्राप्त हो रही प्रारंभिक जानकारी में बताया जा रहा है कि मृतक को पहले से खतरे की आशंका थी। उनके पास एक पिस्टल भी मिली, लेकिन हमलावरों ने उन्हें हथियार निकालने का मौका तक नहीं दिया। यह तथ्य इस वारदात को और भी संगठित और पूर्व-नियोजित बनाता है।

    विक्रम शर्मा मूल रूप से झारखंड के निवासी थे और काशीपुर में स्टोन क्रशर का व्यवसाय करते थे। हाल के दिनों में उनके व्यावसायिक संबंधों और संभावित रंजिशों की जांच की जा रही है। पुलिस व्यक्तिगत दुश्मनी, कारोबारी विवाद और अन्य एंगल से पड़ताल कर रही है।

    16 दिन में 5 मर्डर – डर का बढ़ता ग्राफ

    देहरादून और आसपास के इलाकों में हालिया घटनाएं चिंताजनक पैटर्न दिखाती हैं-

    29 जनवरी, विकासनगर – 18 वर्षीय छात्रा की हत्या।

    31 जनवरी, ऋषिकेश – घर में घुसकर महिला को गोली मारी गई।

    02 फरवरी, पलटन बाजार – 23 वर्षीय युवती की गला काटकर हत्या।

    11 फरवरी, तिब्बती मार्केट – कारोबारी अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या।

    13 फरवरी, सिल्वर सिटी मॉल – दिनदहाड़े फायरिंग में विक्रम शर्मा की मौत।

    लगातार हो रही इन वारदातों ने आम लोगों के मन में असुरक्षा की भावना गहरी कर दी है। बाजारों में दहशत है, व्यापारियों में आक्रोश है और आम नागरिकों के मन में सवाल,, क्या राजधानी सुरक्षित है ?

    सवाल सिर्फ एक घटना का नहीं

    राजधानी में इस तरह की आये दिन फायरिंग यह इशारा है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

  • अर्जुन की हत्या का मां ने 12 लाख में तय किया था सौदा,,,,सब पकड़े गए.।

    अर्जुन की हत्या का मां ने 12 लाख में तय किया था सौदा,,,,सब पकड़े गए.।

    उत्तराखंड–  देहरादून में हुए गैस संचालक के मर्डर के खुलासे ने लोगों को सन्न कर दिया है। संपत्ति विवाद के चलते एक मां ने अपने ही बेटे की मौत 12 लाख रुपये में सुपारी दे दी।

    हत्यारोपियों ने तीन लाख रुपये एडवांस लेकर युवक को मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पत्नी की तहरीर पर पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मामले के मास्टरमाइंड तक पहुंच गई और मृतक की मां बीना शर्मा सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया।

    देहरादून के कोतवाली डालनवाला क्षेत्र में तिब्बती बाजार के पास बुधवार को 10:30 बजे एक व्यक्ति को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। मृतक की पहचान अर्जुन शर्मा निवासी इंदिरा नगर, थाना बसंत विहार देहरादून के रूप में हुई थी।

    जो जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी के स्वामी थे। इस घटना को लेकर अर्जुन शर्मा की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने पुलिस को तहरीर देकर अपनी सास बीना शर्मा, उनके परिचित विनोद उनियाल, संगीता उनियाल पत्नी विनोद उनियाल, एसके मेमोरियल हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अजय खन्ना के साथ विवाद के बारे में जानकारी दी।

    पैसे के लेनदेन में हुई हत्या

    अभिलाषा शर्मा ने बताया था कि उनके पति अर्जुन शर्मा का अपनी मां बीना शर्मा के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था और यह मामला कोर्ट में है। अभिलाषा शर्मा ने इन सभी पर अपने पति की हत्या कराए जाने का संदेह जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। राजधानी में हुई इस हत्या को लेकर जहां पुलिस की किरकिरी हो रही थी तो वहीं घटना का जल्द खुलासे का दबाव भी पुलिस पर था।

    देहरादून पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया

    एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने तत्काल अलग-अलग टीमों का गठन कर नाकाबंदी करवा कर सघन चेकिंग अभियान चलवाया और देर रात मुठभेड़ में दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लाडपुर क्षेत्र में घायल बदमाश ने अपना नाम राजीव उर्फ राजू पुत्र अभय राम सिंह निवासी इंदिरा कॉलोनी चुक्खूवाला बताया, जबकि लाल थप्पड़ क्षेत्र में घायल बदमाश ने अपना नाम पंकज राणा पुत्र अभय सिंह निवास इंदिरा कॉलोनी बताया।

    पूछताछ में पुलिस को मिले इनपुट

    इन दोनों ने तिब्बती मार्केट के पास अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या करना स्वीकार किया। दोनों सगे भाइयों के कबूलनामे के बाद पुलिस ने इनसे पूछताछ की तो पता चला कि पंकज राणा, विनोद उनियाल के पास ड्राइवर का काम करता है, जबकि राजीव ऑटो चलाता है। विनोद उनियाल, उनके परिचित डॉक्टर अजय खन्ना और मृतक अर्जुन की मां बीना शर्मा का अर्जुन शर्मा से प्रॉपर्टी और पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था और पूर्व में भी इन लोगों ने एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

    मां ने बेचा बेटा कोर्ट पहुंच गया।

    डॉ. अजय खन्ना जो इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं और एसके मेमोरियल नाम से अस्पताल चलाते हैं, ने बीना शर्मा से जीएमएस रोड स्थित उनकी संपत्ति को खरीदने की एवज में 14 करोड़ रुपये में डील की थी, जिसमें से अब तक 8 करोड़ रुपये बीना शर्मा को दे दिए गए थे, लेकिन अर्जुन ने इस प्रॉपर्टी पर कोर्ट से स्टे ले लिया था।

    न मानने पर रास्ते से हटाने का प्लान बनाया

    प्रॉपर्टी पर कब्जा न मिलने के कारण डॉ. अजय खन्ना काफी परेशान चल रहा था और बीना शर्मा पर अपने पैसों के लिए दबाव बना रहा था। जिसके कारण मां-बेटे के बीच अक्सर झगड़ा हो रहा था। इसी झगड़े के चलते मृतक की मां बीना शर्मा ने अपने पुत्र से खुद को खतरा बताते हुए हाई कोर्ट से सुरक्षा भी ली थी। इस मामले में अर्जुन शर्मा के किसी भी तरह न मानने के बाद इन लोगों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

    बाकी पैसे काम होने के बाद मिलने थे

    इन लोगों ने पंकज और राजीव से 12 लाख रुपये में अर्जुन शर्मा की हत्या करने का सौदा तय किया, जिसमें से तीन लाख दोनों आरोपियों को एडवांस में दिए गए, जबकि बाकी पैसे काम होने के बाद दिए जाने थे। दोनों आरोपियों ने 11 फरवरी की सुबह तिब्बती मार्केट के पास अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी, लेकिन यह लोग ज्यादा देर तक पुलिस से बच नहीं सके और देर रात मुठभेड़ में पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

    हत्या से पहले मां ने ली थी पूरी जानकारी

    इन दोनों के बयान के बाद पुलिस ने जांच की तो पता चला कि मृतक अर्जुन शर्मा की मां बीना शर्मा ने अर्जुन शर्मा के मैनेजर विजय से कुछ दिन पहले उसकी दिनचर्या के बारे में जानकारी ली थी। मां से झगड़े के कारण अर्जुन शर्मा अपने परिवार के साथ इंदिरा नगर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। इन सभी तथ्यों के सामने आने पर पुलिस ने मुकदमे में नामजद बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना को गिरफ्तार कर लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है।