Category: देहरादून

  • दून मैक्स अस्पताल पर ₹10 लाख का जुर्माना,,, डॉक्टर सस्पेंड,,,,  क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला, जानिए..।

    दून मैक्स अस्पताल पर ₹10 लाख का जुर्माना,,, डॉक्टर सस्पेंड,,,, क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला, जानिए..।

    देहरादून—   उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने चिकित्सकीय लापरवाही के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक और नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है।

    मसूरी डायवर्जन रोड स्थित मैक्स अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत के मामले में काउंसिल ने अस्पताल प्रबंधन पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाया है, जबकि इलाज कर रहे मुख्य चिकित्सक का पंजीकरण दो माह के लिए निलंबित कर दिया गया है।

    यह फैसला केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि राज्य के सभी निजी अस्पतालों के लिए स्पष्ट और कड़ा संदेश माना जा रहा है कि मरीजों की जान से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    इलाज में गंभीर चूक से गई मरीज की जान–

    यह मामला 7 अप्रैल 2025 का है। कर्नल अमित कुमार दोउली की पत्नी बिन्देश्वरी देवी को मैक्स अस्पताल के न्यूरोसर्जरी वार्ड में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद समय पर इलाज, आवश्यक निर्णय और तय मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया।

    आरोप है कि ‘गोल्डन ऑवर’ में चिकित्सकीय सतर्कता नहीं बरती गई, जिसके कारण मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः उनकी मृत्यु हो गई।

    पत्नी की मौत के बाद कर्नल अमित कुमार ने अस्पताल प्रशासन और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।

    जांच में उजागर हुई लापरवाही—

    मेडिकल काउंसिल की नैतिकता, अनुशासन एवं पंजीकरण समिति ने मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार संबंधी दस्तावेज, ट्रीटमेंट नोट्स और सीसीटीवी फुटेज सहित सभी उपलब्ध साक्ष्यों की गहन समीक्षा की। जांच में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि डॉ. आनंद मोहन ठाकुर, डॉ. मुकेश बिष्ट और डॉ. अपूर्वा रंजन द्वारा निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। समिति ने अपनी रिपोर्ट में इलाज को घोर उपेक्षा और पेशेवर लापरवाही करार दिया।

    डॉक्टर पर पूर्ण प्रतिबंध, अस्पताल पर मुआवजा—

    काउंसिल ने मुख्य उपचारकर्ता डॉ. आनंद मोहन ठाकुर (पंजीकरण संख्या 8540) के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उनका पंजीकरण दो महीने के लिए निलंबित कर दिया है। इस अवधि में वे किसी भी अस्पताल, नर्सिंग होम या निजी क्लिनिक में चिकित्सकीय प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।

    साथ ही, संस्थागत जिम्मेदारी तय करते हुए मैक्स अस्पताल प्रबंधन को मृतका के पति को ₹10 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।

    निजी अस्पतालों के लिए स्पष्ट संदेश—

    यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब अक्सर रसूखदार निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई ठंडे बस्ते में चले जाने के आरोप लगते रहे हैं।

    उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल के इस निर्णय ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून और नैतिकता से ऊपर कोई नहीं, और मरीज के अधिकार सर्वोपरि हैं।

    यह निर्णय न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि राज्य के समस्त निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए जवाबदेही और जिम्मेदारी की नई नजीर भी है।

  • उत्तराखंड में 19 लाख वोट अभी भी मैपिंग से बाहर,नहीं जागे तो पछताना पड़ेगा।

    उत्तराखंड में 19 लाख वोट अभी भी मैपिंग से बाहर,नहीं जागे तो पछताना पड़ेगा।

    देहरादून—  उत्तराखंड में करीब 19 लाख मतदाताओं के मताधिकार पर संकट है। चुनाव आयोग और प्रशासन की लगातार अपीलों के बावजूद ये मतदाता बीएलओ मैपिंग की प्री-एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया में शामिल नहीं हो रहे हैं। यदि समय रहते यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो एसआईआर के दौरान नोटिस जारी होने के बाद इनके वोट मतदाता सूची से काटे जा सकते हैं।

    84 लाख में से सिर्फ 64 लाख की ही हुई मैपिंग

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, प्रदेश में कुल 84,42,263 मतदाता पंजीकृत हैं। अब तक तमाम प्रयासों के बाद 64,63,099 मतदाताओं की बीएलओ मैपिंग हो सकी है। जबकि 19,79,164 मतदाता ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक संपर्क नहीं किया है।

    76 प्रतिशत काम पूरा, बाकी पर खतरा

    प्री-एसआईआर गतिविधियों के तहत प्रदेश में 76 प्रतिशत बीएलओ मैपिंग पूरी कर ली गई है। पहले उन मतदाताओं की मैपिंग की गई जिनके या उनके परिवार के नाम 2003 की उत्तराखंड मतदाता सूची में थे। अब उन मतदाताओं की मैपिंग भी शुरू की गई है, जिनके वोट 2003 में यूपी या अन्य राज्यों में दर्ज थे।

    एसआईआर में नहीं जुड़े तो कट सकता है वोट

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने साफ किया है कि जिन मतदाताओं की एसआईआर प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस का जवाब और आवश्यक प्रक्रिया पूरी न करने पर मतदाता सूची से नाम हटाया जा सकता है।

    उन्होंने अपील की है कि मतदाता अपने-अपने बीएलओ से तुरंत संपर्क करें। जिनकी मैपिंग हो चुकी है, उन्हें कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं देना होगा, केवल फॉर्म भरना होगा।

    जिलावार स्थिति चिंताजनक

    राज्य के कई जिलों में बड़ी संख्या में मतदाता अब भी मैपिंग से बाहर हैं। देहरादून, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल जैसे जिलों में सबसे अधिक मतदाता शेष हैं, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।

    अंतिम मौका

    जल्द ही एसआईआर की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। इसके बाद बीएलओ के माध्यम से घर-घर फॉर्म वितरित किए जाएंगे। जिन मतदाताओं की पहले मैपिंग नहीं हुई है, उन्हें 2003 के वोट से संबंधित दस्तावेज देने होंगे। ऐसा न करने पर मताधिकार खोने का खतरा तय है।

    लोकतंत्र में वोट सबसे बड़ा अधिकार है – अगर आज नहीं जागे, तो कल पछताना पड़ सकता है।

  • उत्तराखंड :- कैटेगरी कोड में चौकाने वाला खुलासा,,,, दोहरी पेंशन कैसे..?

    उत्तराखंड :- कैटेगरी कोड में चौकाने वाला खुलासा,,,, दोहरी पेंशन कैसे..?

    देहरादून—  उत्तराखंड में वित्तीय अनुशासन को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) ने अपने डेटा विश्लेषण और क्रॉस वेरिफिकेशन में पाया है कि राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों से सेवानिवृत्त 1,377 कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करते हुए दोहरी पेंशन का लाभ उठा रहे थे। ये कर्मचारी नियमित सरकारी पेंशन के साथ-साथ वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी प्राप्त कर रहे थे।

    CAG ने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं और सरकारी कर्मचारियों की पेंशन के डेटाबेस का आधार नंबर के माध्यम से मिलान किया। इस गहन सत्यापन में स्पष्ट हुआ कि नियमों के विपरीत बड़ी संख्या में पूर्व सरकारी कर्मचारी दो अलग-अलग पेंशन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।

    शासन को भेजी गई सूची, 15 दिन में रिपोर्ट तलब

    CAG ने इस अनियमितता को गंभीर मानते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और वित्त विभाग को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण में 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। नियमों के अनुसार, जो व्यक्ति सरकारी सेवानिवृत्ति पेंशन प्राप्त कर रहा है, वह किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का पात्र नहीं हो सकता।

    समाज कल्याण विभाग की जांच में अहम तथ्य

    समाज कल्याण निदेशालय के अधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि विभागीय जांच में सामने आए 1,377 मामलों में से 970 मामले एक्टिव पाए गए। इनका जब फिजिकल वेरिफिकेशन कराया गया तो अब तक 314 लाभार्थियों को सूची से हटाया जा चुका है, जिनमें 93 मृतक भी शामिल हैं। इससे पेंशन प्रणाली में निगरानी की कमजोरियों पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

    केटेगरी कोड में चौंकाने वाला खुलासा

    जांच के दौरान पेंशन केटेगरी कोड की पड़ताल में एक और गंभीर तथ्य सामने आया। सूची में 565 ऐसे लोग पाए गए जो स्वतंत्रता सेनानी पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। इस खुलासे के बाद शासन ने मामले को और गंभीरता से लेते हुए संबंधित जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों को सभी संदिग्ध पेंशनर्स का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) कराने के निर्देश दिए हैं।

    आगे की कार्रवाई

    जिलों से प्राप्त सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर एक विस्तृत समेकित रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। इसके बाद नियमों के अनुसार रिकवरी, पेंशन निरस्तीकरण और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • देहरादून पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल,,,,,,,,

    देहरादून पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल,,,,,,,,

    देहरादून—  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह ने पुलिस प्रशासन के सुचारु संचालन और थानों की कार्यप्रणाली को और मजबूत करने के उद्देश्य से चार निरीक्षकों व उप निरीक्षकों के तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं।

    जारी आदेश के अनुसार निरीक्षक अरविंद चौधरी को प्रभारी एसआईटी शाखा, पुलिस कार्यालय से स्थानांतरित कर प्रभारी निरीक्षक थाना कालसी नियुक्त किया गया है। वहीं उप निरीक्षक दीपक धारीवाल को थाना कालसी से हटाकर एसओजी शाखा, देहरादून में तैनात किया गया है।

    इसी क्रम में निरीक्षक बी.एल. भारती को प्रभारी सीनियर सिटीजन सेल, पुलिस कार्यालय से स्थानांतरित कर प्रभारी निरीक्षक थाना चकराता बनाया गया है। जबकि उप निरीक्षक शेखर चंद नौटियाल को थाना चकराता से स्थानांतरित कर कोतवाली विकासनगर में नई तैनाती दी गई है।

    उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय की दिशा-निर्देशों के तहत थाना प्रभारियों की नियुक्ति में सख्ती के बाद अब थानों में उप निरीक्षकों के स्थान पर अनुभवी निरीक्षकों को प्रभारी बनाए जाने की प्रक्रिया तेज की गई है। इसी कड़ी में एसएसपी देहरादून ने कालसी और चकराता थानों की कमान निरीक्षकों को सौंपते हुए यह प्रशासनिक निर्णय लिया है।

    यह फेरबदल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

  • उत्तराखंड मौसम:- तराई में घना कोहरा, पहाड़ों में कंपकंपाती ठंड_ जानिए अगले 3 दिन कैसा रहेगा मौसम..।

    उत्तराखंड मौसम:- तराई में घना कोहरा, पहाड़ों में कंपकंपाती ठंड_ जानिए अगले 3 दिन कैसा रहेगा मौसम..।

    उत्तराखंड—-उत्तराखंड में ठंड का असर लगातार बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के 5 जिलों में घने कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है।

    इनमें हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और नैनीताल शामिल हैं। कोहरे और पाले के चलते सुबह और शाम के समय ठिठुरन बढ़ने की संभावना जताई गई है, हालांकि दिन के समय मौसम शुष्क बना रहेगा।

    मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राज्य के किसी भी जिले में तेज बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन 6 फरवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी के भी आसार हैं।

    ऊंचाई वाले इलाकों में कड़ाके की ठंड

    प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं।

    बद्रीनाथ – न्यूनतम तापमान -20°C

    केदारनाथ – न्यूनतम तापमान -15°C

    इन तापमानों के चलते तीर्थ क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड महसूस की जा रही है।

    मैदानी और पर्यटन क्षेत्रों में भी ठंड का असर

    नैनीताल – 6°C
    हरिद्वार और श्रीनगर – 10°C
    ऋषिकेश – 11°C

    सुबह के समय कोहरे और रात में पाले से लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है।

    राजधानी देहरादून में मौसम मुख्यतः साफ रहेगा, हालांकि कुछ इलाकों में हल्का कोहरा या कुहासा छा सकता है।

    अधिकतम तापमान: 24°C
    न्यूनतम तापमान: 9°C

    वहीं हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है। दिन चढ़ने के साथ धूप निकलने से राहत मिल सकती है।

    बीते दिन ऐसा रहा मौसम

    बुधवार को प्रदेशभर में मौसम सामान्य रहा। दिन में धूप खिली रही, जबकि सुबह और रात में ठंड महसूस की गई।

    देहरादून – अधिकतम 23.6°C, न्यूनतम 8.8°C

    मसूरी – न्यूनतम 4.2°C

    पर्वतीय क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के साथ पाले और मैदानी इलाकों में कोहरे से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

    6 फरवरी: उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश हो सकती है। 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी के आसार हैं। हरिद्वार और उधम सिंह नगर में हल्का से मध्यम कोहरा छा सकता है।

    7 फरवरी: राज्य के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

    8 फरवरी: किसी भी जिले में बारिश-बर्फबारी की संभावना नहीं है। 13 जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।

  • बिगड़ती कानून व्यवस्था पर हाई-लेवल मीटिंग,,,, तीन चौकी प्रभारी निलंबित..।

    बिगड़ती कानून व्यवस्था पर हाई-लेवल मीटिंग,,,, तीन चौकी प्रभारी निलंबित..।

    देहरादून—  उत्तराखंड में बढ़ते अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय में सोमवार को डीजीपी उत्तराखंड दीपम सेठ की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, एडीजी विजिलेंस व कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन, एडीजी प्रशासन ए.पी. अंशुमान सहित गढ़वाल व कुमाऊँ रेंज, साइबर, दूरसंचार, अपराध, कार्मिक और अभिसूचना से जुड़े सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक में राज्य की मौजूदा कानून व्यवस्था, हालिया गंभीर आपराधिक घटनाओं, पुलिस की कार्यप्रणाली और लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।

    अपराध नियंत्रण में ढिलाई बर्दाश्त नहीं: डीजीपी

    डीजीपी दीपम सेठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध नियंत्रण, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में संवेदनशीलता और पुलिस की जवाबदेही से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने रेंज प्रभारियों, एसएसपी, एसटीएफ और पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाही, भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई तय है।

    महिला हत्याकांडों में लापरवाही पर दो चौकी प्रभारी निलंबित

    देहरादून जनपद के ऋषिकेश में महिला की गोली मारकर हत्या के मामले में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर एम्स चौकी प्रभारी एसआई साहिल वशिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

    वहीं कोतवाली नगर देहरादून क्षेत्र में युवती के जघन्य हत्याकांड में प्रथम दृष्टया लापरवाही पर खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी एसआई प्रद्युम्न नेगी को भी निलंबित किया गया है।

    दोनों मामलों की जांच एसपी क्राइम विशाखा अशोक भदाणे को सौंपी गई है, जबकि अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका पर 7 दिन में जांच रिपोर्ट तलब की गई है।

    हरिद्वार गोलीकांड में भी कार्रवाई

    हरिद्वार जनपद के भगवानपुर थाना क्षेत्र में रविदास जयंती के दौरान हुए संघर्ष और गोलीबारी की घटना में लापरवाही पर चुड़ियाला हल्का प्रभारी एसआई सूरत शर्मा को निलंबित किया गया है।

    इस मामले की जांच एसपी क्राइम हरिद्वार जितेंद्र मेहरा को सौंपी गई है और अन्य कार्मिकों की भूमिका पर भी 7 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है।

    लैंड फ्रॉड मामलों में नई सख्त व्यवस्था

    ऊधमसिंहनगर के सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण के बाद भूमि धोखाधड़ी मामलों में बड़ा फैसला लिया गया है। डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि अब लैंड फ्रॉड मामलों की अनिवार्य जांच सीओ स्तर पर की जाएगी।

    सीओ यह स्पष्ट करेगा कि मामला सिविल है या आपराधिक, उसके बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। सभी लंबित मामलों की निगरानी पुलिस मुख्यालय स्तर से की जाएगी।

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    सिविल मामलों में पुलिस दखल पर रोक, भ्रष्टाचार पर सख्त रुख

    डीजीपी ने दो टूक कहा कि सिविल प्रकृति के मामलों में अनावश्यक पुलिस हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
    मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सतर्कता विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि भ्रष्ट आचरण में लिप्त पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित और निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

  • कांग्रेस ने प्रवक्ता नीरज तिवारी को सौपी बड़ी जिम्मेदारी..।

    कांग्रेस ने प्रवक्ता नीरज तिवारी को सौपी बड़ी जिम्मेदारी..।

    उत्तराखंड—  अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने वरिष्ठ कांग्रेसी नेता, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं प्रदेश प्रवक्ता कांग्रेस नीरज तिवारी को राजीव गांधी पंचायती राज संगठन का कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया है।

    यह मनोनयन संगठन की संरचनात्मक मजबूती तथा पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से किया गया है। पार्टी नेतृत्व को विश्वास है कि तिवारी अपने अनुभव और संगठनात्मक क्षमता के बल पर इस दायित्व का कुशलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।

    नीरज तिवारी अपने नवीन दायित्व का कार्यभार तत्काल प्रभाव से ग्रहण करेंगे।

  • उत्तराखंड:- उपनल कर्मचारियों को बड़ा तोहफा,,, ‘समान कार्य–समान वेतन’ का शासनादेश जारी।

    उत्तराखंड:- उपनल कर्मचारियों को बड़ा तोहफा,,, ‘समान कार्य–समान वेतन’ का शासनादेश जारी।

    देहरादून—-  उत्तराखंड सरकार ने उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए ‘समान कार्य–समान वेतन’ को लेकर शासनादेश जारी कर दिया है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लिए गए इस ऐतिहासिक फैसले से 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर चुके 8,000 से अधिक उपनल कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।

    यह निर्णय उत्तराखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों और उपनल कर्मचारी संघ द्वारा दायर अवमानना याचिका के क्रम में लिया गया है। शासनादेश के तहत पात्र कर्मचारियों को संबंधित पद के प्रारंभिक वेतनमान के साथ महंगाई भत्ता जोड़कर मानदेय दिया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों के वेतन से GST या सर्विस टैक्स की कटौती नहीं होगी।

    मुख्य प्रावधान-

    प्रथम चरण में केवल 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके उपनल कर्मियों को लाभ

    मानदेय का निर्धारण वर्तमान कार्यरत पद के वेतनमान के आधार पर,

    भुगतान सीधे विभाग और कर्मचारी के बीच अनुबंध के तहत

    दो माह के भीतर पात्र कर्मचारियों का **सत्यापन और अनुबंध प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

    भविष्य में उपनल के माध्यम से केवल पूर्व सैनिकों के पुनर्वास संबंधी अस्थायी कार्य ही कराए जाएंगे

     

    सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने इसे कर्मचारियों के संघर्ष और सरकार की संवेदनशीलता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने हमेशा कर्मचारी हितों को प्राथमिकता दी है और यह आदेश उसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    उपनल कर्मचारी महासंघ ने शासनादेश जारी होने पर खुशी जताते हुए इसे कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और सम्मान की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

    यह शासनादेश वित्त विभाग की सहमति से ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से 29 जनवरी 2026 को जारी किया गया।

  • उत्तराखंड : सड़क हादसा,,, खाई में गिरी बस,,, दर्दनाक हादसे में चार की मौत, कई घायल..।

    उत्तराखंड : सड़क हादसा,,, खाई में गिरी बस,,, दर्दनाक हादसे में चार की मौत, कई घायल..।

    देहरादून—  उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से दर्दनाक और भीषण हादसे की खबर सामने आ रही है। देहरादून में हिमाचल प्रदेश की एचआरटीसी बस खाई में जा गिरी, जिससे 4 यात्रियों की मौत हो गई।

    जबकि 35 से ज्यादा लोग घायल है, जिनमें से 5 की हालत गंभीर है। मृतकों दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं।

    हादास त्यूणी क्षेत्र में हुआ। सुबह करीब 10 बजे हिमाचल प्रदेश के नेरवा-चौपाल से पांवटा साहिब जा रही एचआरटीसी की बस हरिपुर-क्वानू मीनस मार्ग पर क्वानू के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई।

    हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को रेस्क्यू कर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

    सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के आदेशानुसार, SDRF की टीमें पोस्ट डाकपत्थर, चकराता, मोरी एवं त्यूणी से तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं।

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  • शांति व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री शख्त,,,,शांति भंग करने वालों के खिलाफ होगी कठोर कार्यवाही  :- मुख्यमंत्री धामी

    शांति व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री शख्त,,,,शांति भंग करने वालों के खिलाफ होगी कठोर कार्यवाही :- मुख्यमंत्री धामी

    उत्तराखंड—  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यशैली और जनसेवा को लेकर अब किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने कहा कि राज्य में शांति, सुरक्षा और सुशासन से कोई समझौता नहीं होगा।

    सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय डीजी/आईजी सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर कानून व्यवस्था, पुलिसिंग, प्रशासनिक सुधार, पर्यटन प्रबंधन, नशा मुक्ति, अभियोजन व्यवस्था, राजस्व, कारागार सुधार और जनशिकायत निवारण जैसे अहम विषयों पर गहन मंथन किया।

    बैठक में मुख्य सचिव समेत सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और प्रशासनिक व पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।

    पुलिस को दो टूक निर्देश-

    मुख्यमंत्री ने पुलिस के वर्क कल्चर पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि थानों से लेकर चौकी स्तर तक व्यवहार में तत्काल सुधार किया जाए।
    आम नागरिकों के साथ संवेदनशील, मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार अनिवार्य हो। निर्दोष लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान करने की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    उन्होंने रात्रि गश्त बढ़ाने, निरंतर पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने और आपराधिक मामलों की विवेचना अनावश्यक रूप से लंबित न रखने के निर्देश दिए।

    लैंड फ्रॉड पर सख्त कानून-

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि से जुड़े अपराधों पर सरकार अब कठोर कानून लाएगी।
    लैंड फ्रॉड में शामिल किसी भी व्यक्ति को किसी भी सूरत में राहत नहीं दी जाएगी।

    नदी-नालों और सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण के मामलों में एसडीएम, लेखपाल और पटवारी की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए। संरक्षण देने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी।

    नशा मुक्ति बनेगी जन आंदोलन-

    मुख्यमंत्री ने नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए।
    प्रत्येक जनपद से मासिक नशा मुक्ति रिपोर्ट सीधे शासन को भेजी जाएगी, जिसकी नियमित समीक्षा गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक करेंगे।

    अभियोजन और कारागार व्यवस्था पर सख्ती-

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अभियोजन कमजोर नहीं होना चाहिए।
    अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराया जाएगा।

    कारागार विभाग को बंदियों के स्किल डेवलपमेंट, पुनर्वास योजनाओं और मानवाधिकारों के सख्त पालन के निर्देश दिए गए।

    पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस-

    दिल्ली – देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक प्लान और सुरक्षा व्यवस्था समयबद्ध रूप से दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने बताया कि कैंची धाम बाईपास जून तक पूरा कर लिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।

    1905 हेल्पलाइन और जनशिकायतों पर सख्ती-

    मुख्यमंत्री ने 1905 हेल्पलाइन पर जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
    मुख्यमंत्री घोषणाओं का 100 प्रतिशत क्रियान्वयन अनिवार्य बताते हुए कहा कि योजनाएं सिर्फ फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देनी चाहिए।

    अगले छह माह में विशेष अभियान चलाकर हर जनपद के गांवों को 100% योजनाओं से संतृप्त करने के निर्देश भी दिए गए।

    पीडब्ल्यूडी को सख्त निर्देश-

    लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए कि 15 फरवरी से सड़कों का डामरीकरण शुरू किया जाए और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।