Category: देहरादून

  • अंकिता भंडारी हत्याकांड :- CBI ने अज्ञात VIP के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा, जांच तेज।

    अंकिता भंडारी हत्याकांड :- CBI ने अज्ञात VIP के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा, जांच तेज।

    उत्तराखंड—  अंकिता भंडारी हत्याकांड में जांच का दायरा अब और बढ़ गया है। मामले से जुड़े कथित वायरल ऑडियो के बाद पैदा हुए राजनीतिक और सामाजिक विवाद के बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अज्ञात VIP के खिलाफ दिल्ली में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही इस हत्याकांड में लंबे समय से चर्चा में रहे VIP एंगल की आधिकारिक जांच शुरू हो गई है।

    FIR दर्ज होने के तुरंत बाद CBI की स्पेशल क्राइम ब्रांच (शाखा – 2) की एक टीम सोमवार को जांच के लिए उत्तराखंड पहुंची। सूत्रों के अनुसार, टीम स्थानीय पुलिस और SIT द्वारा अब तक जुटाए गए दस्तावेजों, सबूतों और गवाहों के बयानों की जांच करेगी। इसके अलावा, पहले से दर्ज बयानों और डिजिटल साक्ष्यों की भी नए सिरे से समीक्षा की जाएगी।

    पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर से जुड़े कथित वायरल ऑडियो सामने आने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया था। ऑडियो में उठाए गए सवालों के चलते हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका को लेकर नई बहस शुरू हुई, जिसके बाद CBI जांच की मांग तेज हो गई।

    सोशल मीडिया वीडियो से बढ़ा विवाद

    यह मामला उस समय और तूल पकड़ गया जब भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। वीडियो में उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक कथित VIP का जिक्र किया और यह भी कहा कि एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास इस मामले से जुड़ी अहम जानकारी है। इसके बाद राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए।

    मुख्यमंत्री की सिफारिश के बाद CBI ने संभाली जांच

    राज्य में बढ़ते दबाव के बीच 9 जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की CBI जांच की संस्तुति की थी। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अब CBI ने औपचारिक रूप से केस अपने हाथ में ले लिया है।

  • उत्तराखंड :- बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई,,,, भाजपा मंडल अध्यक्ष समेत 9 पर मुकदमा।

    उत्तराखंड :- बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई,,,, भाजपा मंडल अध्यक्ष समेत 9 पर मुकदमा।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड के रुद्रपुर में बिजली चोरी के खिलाफ चलाए गए अभियान में बड़ा खुलासा हुआ है। ऊर्जा निगम और विजिलेंस की संयुक्त छापेमारी में भाजपा के पटेलनगर मंडल अध्यक्ष धीरेश गुप्ता समेत नौ लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है।

    ट्रांजिट कैंप, खेड़ा और दरियागंज क्षेत्रों में औचक निरीक्षण के दौरान टीमों ने कटिया डालकर, मीटर से छेड़छाड़ कर और सीधे मुख्य लाइन से अवैध कनेक्शन लेकर बिजली चोरी किए जाने के प्रमाण पकड़े। कई मकानों में बिजली मीटर गायब मिले, जबकि कुछ घरों में मीटर से पहले केबल काटकर अवैध सप्लाई ली जा रही थी।

    ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता राजीव चक्रवर्ती के नेतृत्व में चले अभियान में 201 कनेक्शनों की जांच की गई, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आईं। कार्रवाई के तहत 41 घरों से अवैध केबल कनेक्शन काटकर जब्त किए गए।

    कोतवाल मोहन चंद्र पांडेय के अनुसार, भाजपा मंडल अध्यक्ष धीरेश गुप्ता सहित राजा कॉलोनी और ट्रांजिट कैंप क्षेत्र के अन्य आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी मामलों की गहन जांच की जा रही है।

    ऊर्जा निगम ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी से न केवल विभाग को भारी राजस्व नुकसान होता है, बल्कि ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव के कारण फाल्ट, लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं भी बढ़ती हैं। पुलिस और ऊर्जा निगम ने चेतावनी दी है कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और आने वाले दिनों में और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • मौसम विभाग की सटीक भविष्यवाणी,,, उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी का शुरू..।

    मौसम विभाग की सटीक भविष्यवाणी,,, उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी का शुरू..।

    देहरादून–  उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी सटीक साबित हुई, और प्रदेश के कई जिलों में बारिश व ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया है। शीत लहर के चलते लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है।

    पर्वतीय जनपद उत्तरकाशी में स्थित गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में बर्फबारी शुरू हो चुकी है। वहीं अल्मोड़ा, नैनीताल, देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में देर रात से रुक-रुककर बारिश जारी है।

    मौसम विभाग के अनुसार, 3000 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

    झोंकेदार हवाओं को लेकर यलो अलर्ट

    मौसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी की संभावना जताई है। इसे देखते हुए झोंकेदार हवाओं को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

    देहरादून और हल्द्वानी में रुक-रुककर बारिश

    राजधानी देहरादून और नैनीताल के हल्द्वानी में कहीं-कहीं रुक-रुककर बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर गरज वाले बादल विकसित हो सकते हैं। अधिकतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 8 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

    अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?

    2 फरवरी : उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना। अन्य जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश हो सकती है।

    3 फरवरी : राज्य के सभी जिलों में बारिश व बर्फबारी की संभावना। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने के आसार।

    4 फरवरी –
    उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की बारिश व बर्फबारी, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी रह सकती है।

  • उत्तराखण्ड में चावल की आत्मीय खुशबू से महकी राजनीति….कट्टा लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत से मिले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

    उत्तराखण्ड में चावल की आत्मीय खुशबू से महकी राजनीति….कट्टा लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत से मिले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

    देहरादून—   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को राजनीति से ऊपर उठकर आत्मीयता और परंपरा का संदेश दिया। कुछ माह पूर्व जिस खेत में उन्होंने स्वयं हल चलाकर धान की फसल तैयार की थी, उसी फसल से निकले चावल उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को भेंट किए।

    मुख्यमंत्री धामी डिफेंस कॉलोनी स्थित पूर्व सीएम हरीश रावत के आवास पहुंचे और उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने अपने खेत में उत्पादित चावल उन्हें सौंपे। उल्लेखनीय है कि खेत में हल चलाने और धान की रोपाई के समय हरीश रावत ने इस पर सियासी तंज कसा था, लेकिन आज वही प्रसंग सौहार्द और सम्मान की मिसाल बन गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भेंट उत्तराखंड की कृषि परंपरा, किसानों की मेहनत और स्थानीय उत्पादों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मानवीय रिश्ते और सांस्कृतिक मूल्यों की खुशबू हमेशा बनी रहनी चाहिए।

    इस मुलाकात ने जहां सियासी तल्खियों को नरम किया, वहीं खेत की खुशबू के साथ राजनीति में आत्मीयता का संदेश भी दिया।

  • उत्तराखंड में प्री-SIR की 75% मैपिंग पूरी,,, फरवरी में चलेगा विशेष अभियान।

    उत्तराखंड में प्री-SIR की 75% मैपिंग पूरी,,, फरवरी में चलेगा विशेष अभियान।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड में मतदाता सूची को दुरुस्त करने की दिशा में चुनाव आयोग ने तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं। स्पेशल रिवीजन (SR), जिसे राज्य में प्री-SIR के रूप में देखा जा रहा है, के तहत घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य वोटर लिस्ट में नाम, पता, उम्र और पारिवारिक संबंधों से जुड़ी त्रुटियों को समय रहते सुधारना है।

    अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (ACEO) डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने शुक्रवार को देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि प्रदेशभर में अब तक करीब 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जिसे संतोषजनक प्रगति बताया गया है।

    दो बड़े जिलों में रफ्तार धीमी

    हालांकि राज्य के दो प्रमुख जिले देहरादून और ऊधमसिंह नगर इस प्रक्रिया में पीछे चल रहे हैं।

    देहरादून में अब तक 57 प्रतिशत,

    ऊधमसिंह नगर में 59 प्रतिशत मैपिंग ही पूरी हो पाई है।

    निर्वाचन विभाग ने इन जिलों में कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं और नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि तय समयसीमा में कार्य पूरा हो सके।

    बीएलओ ऐप से घर-घर सत्यापन और जागरूकता

    डॉ. जोगदंडे ने बताया कि सभी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाताओं से लगातार संपर्क में हैं। BLO ऐप के माध्यम से न केवल मतदाता मैपिंग की जा रही है, बल्कि लोगों को नाम जोड़ने, संशोधन कराने और डुप्लीकेट प्रविष्टियों से जुड़ी जानकारी देकर जागरूक भी किया जा रहा है।

    1 से 15 फरवरी तक विशेष अभियान

    चुनाव आयोग 1 फरवरी से 15 फरवरी के बीच एक विशेष अभियान चलाने जा रहा है, जिसमें महिला मतदाताओं और युवाओं पर खास फोकस रहेगा।
    इस अभियान के तहत,,

    महिला मतदाताओं के मायके से जुड़े विवरण जुटाए जाएंगे
    उन युवाओं की पहचान की जाएगी, जिनका नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं था, लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी उस सूची में दर्ज थे

    बीएलओ घर-घर जाकर पारिवारिक कड़ी को “एज ए प्रोजेनी” के रूप में मैप करेंगे, जिससे फर्जी या अपूर्ण प्रविष्टियों को चिन्हित किया जा सके।

    जल्द सभी बूथों पर तैनात होंगे बीएलए

    राज्य में बूथ लेवल एजेंट (BLA) की नियुक्ति की प्रक्रिया भी तेज़ी से चल रही है। अब तक विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा 12,070 बीएलए नामित किए जा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक नामांकन भाजपा और कांग्रेस की ओर से हुआ है। निर्वाचन विभाग को उम्मीद है कि आने वाले एक महीने में सभी बूथों पर बीएलए की नियुक्ति पूरी कर ली जाएगी।

    SR (प्री-SIR) क्या है?

    स्पेशल रिवीजन (SR) को उत्तराखंड में प्री-SIR माना जा रहा है। यह वोटर लिस्ट की सफाई और तैयारी का पहला चरण है।

    इस दौरान बीएलओ यह जांच करते हैं कि..

    मतदाता का नाम सही है या नहीं

    पता बदला तो नहीं

    उम्र पात्रता के अनुरूप है या नहीं

    परिवार से जुड़ी जानकारी सही है या नहीं

    सरल शब्दों में, यह देखा जाता है कि मतदाता सूची में दर्ज नाम ज़मीनी हकीकत से मेल खाते हैं या नहीं।

    SR और SIR का सीधा संबंध

    SR के बिना SIR संभव नहीं है।
    SR में जुटाया गया डेटा ही आगे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की आधार फाइल बनता है। अगर इस स्तर पर गलतियां रह जाती हैं, तो SIR के दौरान गंभीर समस्याएं सामने आती हैं। इसी वजह से चुनाव आयोग SR को भविष्य की बड़ी प्रक्रिया की नींव मानता है।

    SIR क्या है और उत्तराखंड में कब होगा?

    स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मतदाता सूची की सबसे सख्त और गहन जांच प्रक्रिया है। इसमें – दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन

    डुप्लीकेट और अपात्र नामों को हटाना

    गलत प्रविष्टियों को सुधारना, जैसे कदम उठाए जाते हैं।
    चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले SIR कराई जाएगी, और वर्तमान में चल रहा SR उसी की तैयारी है।

    SIR का उद्देश्य

    कोई भी योग्य मतदाता सूची से वंचित न रहे

    और कोई भी अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो

  • मौसम का डबल अलर्ट,,,,  मैदानों में कोहरा, पहाड़ों में खतरे की घंटी..।

    मौसम का डबल अलर्ट,,,, मैदानों में कोहरा, पहाड़ों में खतरे की घंटी..।

    देहरादून—-  उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर चुनौती बढ़ा दी है। जहां मैदानी इलाकों में कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है, वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद हिमस्खलन (एवलॉन्च) का खतरा गहराता जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के पांच जनपदों में कोहरा छाने की संभावना जताई है, जबकि हरिद्वार और उधम सिंह नगर में कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    सुबह-शाम बढ़ी ठिठुरन, दिन में राहत-

    पिछले दिनों हुई बारिश के बाद सूखी ठंड से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन ठंड का असर अभी भी बना हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों में शीत लहर और मैदानी इलाकों में कोहरे के कारण सुबह और शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दिन में चटक धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिल रही है।
    राजधानी देहरादून में गुरुवार सुबह हल्का कोहरा देखने को मिला।

    मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत के कुछ हिस्सों में भी सुबह के समय हल्का कोहरा छा सकता है।

    बर्फबारी से गांवों का संपर्क टूटा-

    पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हुई बर्फबारी के चलते कई गांवों का संपर्क कट गया है। बिजली और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। तापमान में गिरावट के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त बना हुआ है।

    चार जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी-

    राज्य आपदा परिचालन केंद्र ने उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान, चंडीगढ़ ने शुक्रवार सुबह 5 बजे से शनिवार सुबह 5 बजे तक एवलॉन्च की आशंका जताई है।

    इन चारों जिलों को उच्च जोखिम श्रेणी में रखा गया है, जबकि बागेश्वर को मध्यम जोखिम क्षेत्र घोषित किया गया है। भारी बर्फबारी के कारण नए हिमस्खलन या पुराने एवलॉन्च के दोबारा सक्रिय होने का खतरा बना हुआ है।

    प्रशासन अलर्ट मोड पर-

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में आवाजाही पर नजर रखने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।

  • दून में कश्मीरी युवकों को रॉड से पीटा,आरोपी हिरासत में,,, पुलिस ने क्या बताया..।

    दून में कश्मीरी युवकों को रॉड से पीटा,आरोपी हिरासत में,,, पुलिस ने क्या बताया..।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में दो कश्मीरी युवकों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना में 18 वर्षीय दानिश और उसका नाबालिग रिश्तेदार घायल हुए हैं।

    नाबालिग युवक के हाथ में फ्रैक्चर और सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि दानिश को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें लगी हैं। दोनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

    घटना बुधवार शाम की बताई जा रही है, जब दोनों युवक बाजार में एक दुकान से सामान खरीदने पहुंचे थे।

    घायलों का आरोप है कि दुकानदार को युवकों की पहचान और कश्मीर से होने की जानकारी मिलने के बाद वह भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर उतर आया। आरोप है कि इसके बाद मौके पर मौजूद कुछ अन्य लोग भी इकट्ठा हो गए और लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से दोनों युवकों पर हमला किया गया। पीड़ितों ने मारपीट में एक महिला की मौजूदगी का भी दावा किया है।

    पुलिस ने बताया : व्यक्तिगत विवाद, आरोपी हिरासत में

    पीड़ितों की शिकायत पर कोतवाली विकासनगर में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मुख्य आरोपी दुकानदार संजय यादव को हिरासत में ले लिया।

    देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया – “प्राथमिक जांच में यह मामला दुकान पर हुए आपसी विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। इसका किसी धर्म, जाति या क्षेत्रीय पहचान से संबंध नहीं पाया गया है। आरोपी को हिरासत में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।”

    एसएसपी के अनुसार, दोनों युवक अपने पिता के साथ पोंटा साहिब में किराए पर रहते हैं और छुट्टियों में वहीं आए हुए थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने घायलों का मेडिकल कराया, जिसमें सभी जांच रिपोर्ट सामान्य पाई गईं।

    पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और हमलावर को हिरासत में लेकर मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सुसंगत धाराओं में न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से भी यह स्पष्ट हुआ है कि घटना में कोई और व्यक्ति शामिल नहीं था और यह एक व्यक्तिगत विवाद था।

     

    छुट्टियों में कश्मीर से आए थे युवक

    जानकारी के अनुसार, दोनों युवक छुट्टियों में कश्मीर से अपने पिता के पास आए थे जो पोंटा साहिब में किराए पर रहते हैं और फेरी लगाने का काम करते हैं। युवक अपने पिता के काम में सहायता कर रहे थे।

    घटना सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं।

    उमर अब्दुल्ला की कड़ी प्रतिक्रिया

    जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में कश्मीरियों के साथ हो रही ऐसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से मामले में एफआईआर और कड़ी कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उत्तराखंड में रह रहे जम्मू-कश्मीर के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया है।

    JKSA ने सख्त कार्रवाई की मांग की

    जम्मू एंड कश्मीर स्टूडेंट एसोसिएशन (JKSA) ने घटना को गंभीर बताते हुए आरोप लगाया कि युवकों से पहले उनकी पहचान को लेकर पूछताछ की गई और बाद में हमला किया गया। संगठन ने सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

    घटना के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है।

    कांग्रेस ने इसे बिगड़ती कानून व्यवस्था का उदाहरण बताते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

    वहीं बीजेपी ने कहा कि पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की है और किसी भी प्रकार की हिंसा या नफरत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    कश्मीरी युवकों के साथ मारपीट के मामले पर सियासत

    विपक्षी दल कांग्रेस इसे बिगड़ती कानून व्यवस्था बता रही. कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता गारिमा ने बताया कि इस तरह के सांप्रदायिक मामले प्रदेश में लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जो की चिंतनीय और शर्मनाक है।

    कानून व्यवस्था चरमारा चुकी है और सरकार केवल ऐसे मामलों कठोर कार्रवाई ना करते हुऐ केवल लीपापोती करने का काम करती है।

    बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों पर किया पलटवार

    वहीं BJP विधायक विनोद चमोली ने इस मामले में अपनी बात कहते हुए कहा इस तरह के सांप्रदायिक हिंसा के मुद्दों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साथ ही इस मामले पर पुलिस द्वारा विधिवत कार्रवाई की जा चुकी है।

    इम मामले को लेकर कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने X पर लिखा

    यह विरोधाभास चौंकाने वाला है। यही कश्मीरी शॉल पीएम और उनके करीबी लोगों के कंधों पर सार्वजनिक मंचों पर संस्कृति और विरासत के प्रतीक बनकर दिखाई देती हैं।

    कश्मीरी कारीगरी की प्रशंसा होती है, कश्मीरी सौंदर्य को अपनाया जाता है। लेकिन उस कारीगरी के पीछे खड़े लोग, बुनकर और विक्रेता- गरिमा, सुरक्षा और सम्मान से वंचित रह जाते हैं। यह कैसा संदेश देता है? कश्मीरी सुंदरता की कीमत है। कश्मीरी श्रम उपयोगी है। लेकिन कश्मीरी जिंदगियां महत्वहीन समझी जाती हैं। और फिर हमसे कहा जाता है कि “कश्मीर अब सामान्य है”, जबकि हकीकत यह है कि भारत में कहीं भी कश्मीरी होना ही असामान्य बना दिया गया है।

  • उत्तराखंड में मंत्रियों के ठाठ,,, सरकारी खजाने की खुली लूट,,, जनता बेहाल :- हेमंत साहू

    उत्तराखंड में मंत्रियों के ठाठ,,, सरकारी खजाने की खुली लूट,,, जनता बेहाल :- हेमंत साहू

    देहरादून—  उत्तराखंड सरकार द्वारा मंत्रियों के यात्रा भत्ते की सीमा में की गई बढ़ोतरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमंत साहू ने इस फैसले पर कड़ा आक्रोश जताते हुए इसे आम जनता के साथ अन्याय और सरकारी खजाने की “खुली लूट” करार दिया है।

    प्रेस को जारी बयान में हेमंत साहू ने कहा कि धामी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो चुकी है। प्रदेश आज कर्ज, महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पलायन जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन सरकार को इन मुद्दों से ज़्यादा चिंता अपने मंत्रियों की सुविधाएं बढ़ाने की है।

    उन्होंने कहा कि मंत्रियों के आवागमन पर होने वाले खर्च की सीमा को 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 90 हजार रुपये प्रतिमाह करना न सिर्फ असंवेदनशील है, बल्कि आम जनता की पीड़ा का मज़ाक उड़ाने जैसा है।

    साहू के मुताबिक, जब राज्य की विधवा महिलाएं, तलाकशुदा महिलाएं, दिव्यांगजन और बुजुर्ग आज भी महज 1500 रुपये की पेंशन में महंगाई के इस दौर में जीवन यापन करने को मजबूर हैं, तब मंत्रियों पर हर महीने लाखों रुपये खर्च करना सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर करता है।

    हेमंत साहू ने सवाल उठाया कि अगर सरकार के पास अतिरिक्त संसाधन हैं, तो उनका उपयोग पेंशन बढ़ाने, युवाओं को रोजगार देने और पलायन रोकने में क्यों नहीं किया जा रहा? उन्होंने कहा कि जनहित की योजनाओं की अनदेखी कर अपने नेताओं और मंत्रियों पर धन लुटाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और जनता के विश्वास के साथ धोखा है।

    युवा कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपनी नीतियों पर पुनर्विचार नहीं किया और जनकल्याण को प्राथमिकता नहीं दी, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने मांग की कि मंत्रियों के यात्रा भत्ते में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लिया जाए और कमजोर वर्गों की पेंशन व सुविधाओं में सम्मानजनक इज़ाफा किया जाए।

    यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी को लेकर जनता में असंतोष बढ़ता जा रहा है, और सरकार के फैसले लगातार सवालों के घेरे में हैं।

  • उत्तराखंड- क्रूर हत्या : खून से लथपथ मिला 12वीं की छात्रा का शव, , सीसीटीवी में दिखा चचेरा भाई_ फरार..।

    उत्तराखंड- क्रूर हत्या : खून से लथपथ मिला 12वीं की छात्रा का शव, , सीसीटीवी में दिखा चचेरा भाई_ फरार..।

    उत्तराखंड—-   उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक दिल दहला देने वाली और समाज को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। विकासनगर क्षेत्र में 12वीं कक्षा की छात्रा मनीषा तोमर (18 वर्ष) की अत्यंत क्रूर तरीके से हत्या कर दी गई। इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बुधवार शाम मनीषा अपने चचेरे भाई सुरेंद्र (30) के साथ दांत की दवा दिलाने के बहाने घर से निकली थी, लेकिन इसके बाद वह कभी लौटकर नहीं आई।

    झाड़ियों में मिला शव, हालत ने झकझोर दिया

    जब देर रात तक मनीषा घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे, जहां गांव से करीब 300–400 मीटर दूर ढालीपुर शक्ति नहर के किनारे झाड़ियों में छात्रा का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला।

    पुलिस के अनुसार हत्या अत्यंत निर्ममता से की गई,, गले पर धारदार हथियार से कई वार, हाथों की उंगलियां और नाक कटी हुई,सिर पर भारी पत्थर से वार कर चेहरा कुचला गया।

    शव की स्थिति से स्पष्ट है कि हत्या उसी स्थान पर की गई थी।

    CCTV फुटेज में साथ दिखे, फिर गायब

    परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि मनीषा और उसका चचेरा भाई एक पेट्रोल पंप के CCTV कैमरे में बाइक से जाते हुए कैद हुए हैं। इसके बाद दोनों की कोई लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी।

    घटनास्थल से – एक मोटरसाइकिल (HP17B6147) धारदार हथियार (हंसिया) बरामद किया गया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि यह हथियार आरोपी ने कुछ दिन पहले ही खरीदा था।

    आरोपी फरार – नहर में कूदने की आशंका

    हत्या के बाद से चचेरा भाई सुरेंद्र उर्फ माडू फरार है। घटनास्थल के पास शक्ति नहर होने के कारण पुलिस को आशंका है कि वारदात के बाद आरोपी नहर में कूद गया हो सकता है। इसी के चलते SDRF की टीम को भी सर्च ऑपरेशन में लगाया गया है।

    SSP अजय सिं – हर पहलू से हो रही जांच

    देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया- रात करीब 12 बजे छात्रा का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई। आरोपी अभी ट्रेस नहीं हुआ है। हत्या के पीछे की वजहों की गहन जांच की जा रही है। गांव में CCTV की सीमित उपलब्धता और पास में नहर होने के कारण जांच चुनौतीपूर्ण है, लेकिन पुलिस हर एंगल से काम कर रही है।

    इस जघन्य वारदात के बाद शोक का माहौल है। परिजन गहरे सदमे में हैं, वहीं लोग आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले में सभी तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज कर दी गई है।

  • धामी कैबिनेट की बड़े फैसलों पर मुहर,,, ट्रांसफर में राहत, , नई नियमावली को मंजूरी।

    धामी कैबिनेट की बड़े फैसलों पर मुहर,,, ट्रांसफर में राहत, , नई नियमावली को मंजूरी।

    उत्तराखंड—  देहरादून सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हो गई है। बैठक में कुल 8 अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद उन्हें मंजूरी दी गई।

    कैबिनेट के फैसलों में स्वास्थ्य, राजस्व, जनजाति कल्याण, भू-जल संरक्षण, उच्च शिक्षा, रक्षा, औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े निर्णय शामिल हैं। इन फैसलों को राज्य के प्रशासनिक सुधार और दीर्घकालिक विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।
    बैठक की शुरुआत शोक प्रस्ताव के साथ हुई, जबकि इसके बाद मंत्रिमंडल ने एजेंडे में शामिल सभी प्रस्तावों पर निर्णय लिया।

    8 प्रस्तावों पर मुहर…

    5 साल सेवा पूरी करने वालों को स्थानांतरण में राहत

    कैबिनेट ने निर्णय लिया कि स्वास्थ्य विभाग के ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता, जिनकी सेवा अवधि 5 वर्ष पूरी हो चुकी है, वे आपसी सहमति के आधार पर जिलों के भीतर स्थानांतरण का लाभ ले सकेंगे। इससे लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों को राहत मिलेगी।

    भूमि अर्जन की नई व्यवस्था

    राजस्व विभाग में आपसी समझौते के आधार पर भूमि अर्जन की नई व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे भूमि अर्जन की प्रक्रिया अधिक सरल और विवादरहित बनेगी।

    पद सृजन और नियमावली संशोधन

    जनजाति कल्याण विभाग को नए पदों के सृजन की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही विभाग की पूर्व नियमावली में संशोधन को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली है।

    भू-जल दोहन पर नियंत्रण: नई नियमावली लागू

    भू-जल के दोहन को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई नई नियमावली को मंजूरी दी गई है। इसके तहत व्यवसायिक उपयोग के लिए भू-जल दोहन की दरें तय की गई हैं। साथ ही रजिस्ट्रेशन फीस 5 हजार रुपये निर्धारित की गई है।

    जीआरडी उत्तराखंड को विश्वविद्यालय की अनुमति

    कैबिनेट ने जीआरडी उत्तराखंड को विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे राज्य में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

    रक्षा मंत्रालय को ट्रांसफर होंगी हवाई पट्टियां

    चिन्यालीसौड़ और गोचर की हवाई पट्टियों को रक्षा मंत्रालय को ट्रांसफर करने के प्रस्ताव को कैबिनेट से हरी झंडी मिल गई है।

    उद्योग: सिडकुल को सब-लीज की अनुमति

    उधम सिंह नगर स्थित पराग फर्म की भूमि पूर्व में सिडकुल को दी गई थी। अब कैबिनेट ने सिडकुल को इस भूमि को सब-लीज पर देने की अनुमति प्रदान कर दी है।

    ग्रीन हाइड्रोजन: हरित नीति को मंजूरी

    ग्रीन हाइड्रोजन के तहत राज्य की हरित नीति को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। सब्सिडी से जुड़े प्रावधानों के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें मुख्य सचिव को अध्यक्ष बनाया गया है।

    अजीत पवार के निधन पर दो मिनट का मौन
    कैबिनेट बैठक की शुरुआत महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन पर शोक जताने के साथ हुई। मंत्रिमंडल ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अजीत पवार ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए करुणा, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि इस दुखद हादसे में दिवंगत सभी पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान मिले।