Category: देहरादून

  • मौसम अपडेट : उत्तराखंड में 2 फरवरी तक बिगड़ रहेगा मौसम, रहें सतर्क ..।

    मौसम अपडेट : उत्तराखंड में 2 फरवरी तक बिगड़ रहेगा मौसम, रहें सतर्क ..।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर बदलेगा, लंबे समय के बाद 23 जनवरी को बारिश और बर्फबारी हुई थी और एक बार 2 फरवरी तक उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी मौसम विभाग ने दी है.

    उत्तराखंड मौसम केंद्र ने राज्य में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की सम्भावना बताई है, मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक कई इलाकों में भारी बर्फबारी होगी।

    मौसम केंद्र के मुताबिक, उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है.

    मौसम केंद्र ने राज्य के अन्य जिलों में, जिनमें देहरादून, पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा और उधम सिंह नगर शामिल हैं, वहां ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ऑरेंज अलर्ट दिया है।

    उत्तराखंड मौसम केंद्र ने 28 जनवरी को उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की भविष्यवाणी की है.

    मौसम केंद्र के मुताबिक, 2,500 मीटर या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है और राज्य के गढ़वाल मंडल में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की भी उम्मीद है. 2,500 मीटर या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी होने की संभावना है।

    7 दिनों को लेकर दिया अलर्ट

    29 जनवरी को, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश और 2,800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है. 30 जनवरी को, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश और 2,800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है. 31 जनवरी को उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. मौसम केंद्र ने 1 फरवरी से 2 फरवरी के दौरान राज्य के पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और 2800 मीटर या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की भविष्यवाणी की है।

    तेज हवाएं और ओलावृष्टि की भी संभावना

    उत्तराखंड मौसम केंद्र ने 27 और 28 जनवरी के लिए एक एडवाइजरी भी जारी की है. मौसम केंद्र की सलाह में कहा गया है कि इन दो दिनों के दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. इसलिए, सतर्कता जरूरी है क्योंकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से सड़कें बंद हो सकती हैं. इन इलाकों में जेसीबी मशीनों या स्नो कटर की जरूरत है. मौसम केंद्र की एडवाइजरी में कहा गया है कि इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना है।

  • मौसम का रेड सिग्नल :- उत्तराखंड के कई जिलों में 28 जनवरी को छुट्टी.. बारिश- बर्फबारी के चेतावनी ।

    मौसम का रेड सिग्नल :- उत्तराखंड के कई जिलों में 28 जनवरी को छुट्टी.. बारिश- बर्फबारी के चेतावनी ।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बिगड़ने का अंदेशा है जिसकी चेतावनी जारी की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 28 जनवरी 2026 को राज्य के कई जनपदों में तेज बारिश, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली, झोकेंदार हवाएं (30–40 किमी प्रति घंटा) और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की प्रबल संभावना जताई गई है। बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अतिवृष्टि के कारण भूस्खलन, बोल्डर गिरने, जलभराव और सड़कों के बंद होने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के दृष्टिगत अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर, चम्पावत, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में अधिकारियों को खासतौर से अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।

    इन जिलों में अवकाश घोषित-

    खराब मौसम के मद्देनजर 28 जनवरी यानी बुधवार को अल्मोड़ा, उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जनपदों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है।

    पिथौरागढ़ में बारिश और ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने प्राथमिक से लेकर इंटर कॉलेज तक सभी शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। खराब मौसम के चलते जिले में पहले भी स्कूलों में अवकाश घोषित किया जा चुका है।

    इसमें उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग पौड़ी गढ़वाल, टीहरी गढ़वाल में भी छुट्टी है।

    वहीं उधम सिंह नगर में ऑरेंज अलर्ट के मद्देनजर जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी सरकारी व अर्धसरकारी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।

    प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    इधर, राज्य के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी भी जारी की गई है। डीजीआरई के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग को नारंगी श्रेणी (श्रेणी-3), पिथौरागढ़ को पीली श्रेणी (श्रेणी-2) और बागेश्वर को हरी श्रेणी (श्रेणी-1) में रखा गया है। इन क्षेत्रों में अस्थिर बर्फ के कारण प्राकृतिक हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है।

    सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के निर्देश पर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और आमजन को समय रहते सूचना उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे चेतावनी अवधि के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, हिमस्खलन संभावित ढलानों से दूर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

  • गणतंत्र दिवस पर दिव्य भारत शिक्षा मंदिर में भव्य आयोजन,,, यमकेश्वर निवासी उत्तराखंड स्टेट प्रेस क्लब अध्यक्ष विष्वजीत सिंह नेगी की रही गरिमामयी उपस्थिति।

    गणतंत्र दिवस पर दिव्य भारत शिक्षा मंदिर में भव्य आयोजन,,, यमकेश्वर निवासी उत्तराखंड स्टेट प्रेस क्लब अध्यक्ष विष्वजीत सिंह नेगी की रही गरिमामयी उपस्थिति।

    यमकेश्वर—-  26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर यमकेश्वर क्षेत्र में दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा संचालित दिव्य भारत शिक्षा मंदिर जूनियर हाई स्कूल में भव्य गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया।

    इस गरिमामय कार्यक्रम में यमकेश्वर निवासी एवं उत्तराखंड स्टेट प्रेस क्लब के अध्यक्ष विष्वजीत सिंह नेगी वरिष्ठ अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।

    समारोह के दौरान विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित अतिथियों को भावविभोर कर दिया।

    नन्हे बच्चों का आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम देखकर सभी ने हर्ष एवं गर्व की अनुभूति की। बच्चों की प्रस्तुतियों ने राष्ट्र के प्रति उनकी मजबूत सोच और उज्ज्वल भविष्य की झलक प्रस्तुत की।

    इस अवसर पर विष्वजीत सिंह नेगी द्वारा शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी बच्चों को किताबें एवं पेन वितरित किए गए तथा उन्हें पढ़ाई के महत्व, आत्मनिर्भरता और निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। बच्चों की आँखों में उत्साह और आत्मविश्वास देखकर यह विश्वास और भी सुदृढ़ हुआ कि देश की भावी पीढ़ी सशक्त हाथों में है।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और समाज में शिक्षा, संस्कार एवं राष्ट्रनिर्माण की भावना को मजबूती प्रदान करते हैं।

    इस सफल एवं प्रेरणादायक आयोजन के लिए विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण एवं सभी सहयोगियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं।

  • उत्तराखंड :- सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (संशोधन) अध्यादेश 2026 लागू किया..।

    उत्तराखंड :- सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (संशोधन) अध्यादेश 2026 लागू किया..।

    देहरादून—   उत्तराखंड सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) संशोधन अध्यादेश, 2026 को लागू कर दिया है।

    राज्यपाल की स्वीकृति के साथ यह अध्यादेश प्रदेश में प्रभावी हो गया है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य है और 27 जनवरी को इसके लागू होने का एक वर्ष पूरा होने जा रहा है।

    इस अवसर से पहले लाए गए संशोधनों का उद्देश्य यूसीसी को और अधिक सशक्त, पारदर्शी तथा सुचारू बनाना है।

    सरकार के अनुसार, संशोधन अध्यादेश के माध्यम से संहिता में प्रक्रियात्मक, प्रशासनिक और दंडात्मक सुधार किए गए हैं, ताकि नागरिकों की निजी जानकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और कानून का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।

    संशोधन के प्रमुख प्रावधान-

    कानूनी अद्यतन : अब आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 के स्थान पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 तथा दंडात्मक प्रावधानों के लिए भारतीय न्याय संहिता, 2023 लागू की गई है।

    सक्षम प्राधिकारी में बदलाव : धारा 12 के तहत ‘सचिव’ के स्थान पर ‘अपर सचिव’ को सक्षम प्राधिकारी नामित किया गया है।

    समय-सीमा का प्रावधान : उप-पंजीयक द्वारा निर्धारित समय में कार्रवाई न होने पर मामला स्वतः पंजीयक एवं पंजीयक जनरल को अग्रेषित होगा।

    अपील का अधिकार : उप-पंजीयक पर लगाए गए दंड के विरुद्ध अपील का अधिकार दिया गया है; दंड की वसूली भू-राजस्व की भांति की जाएगी।

    विवाह निरस्तीकरण का आधार : विवाह के समय पहचान से संबंधित गलत प्रस्तुति को विवाह निरस्तीकरण का आधार बनाया गया है।

    कठोर दंडात्मक प्रावधान : विवाह और लिव-इन संबंधों में बल, दबाव, धोखाधड़ी या विधि-विरुद्ध कृत्यों पर कठोर दंड सुनिश्चित किए गए हैं।

    लिव-इन संबंध की समाप्ति – लिव-इन संबंध समाप्त होने पर पंजीयक द्वारा समाप्ति प्रमाण पत्र जारी करने का प्रावधान।

    समावेशी शब्दावली – अनुसूची-2 में ‘विधवा’ के स्थान पर जीवनसाथी’ शब्द का प्रयोग।

    निरस्तीकरण की शक्ति – विवाह, तलाक, लिव-इन संबंध और उत्तराधिकार से जुड़े पंजीकरण को निरस्त करने की शक्ति पंजीयक जनरल को प्रदान की गई है।

    सरकार का कहना है कि इन संशोधनों से यूसीसी का क्रियान्वयन अधिक जवाबदेह, नागरिक-केंद्रित और सुरक्षित होगा। साथ ही, यह व्यवस्था कानून के दुरुपयोग को रोकने और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

  • पहाड़ से मैदान तक फिर अलर्ट:- बारिश- बर्फबारी की चेतावनी, स्कूल बंद..।

    पहाड़ से मैदान तक फिर अलर्ट:- बारिश- बर्फबारी की चेतावनी, स्कूल बंद..।

    देहरादून—   उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले रहा है। पर्वतीय इलाकों में बारिश और बर्फबारी को लेकर 27 जनवरी को पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी बारिश, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की आशंका है।

    इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट–

    मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

    इसके साथ ही देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

    वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

    स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद–

    मौसम की गंभीरता को देखते हुए अल्मोड़ा और देहरादून जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय और निजी विद्यालयों के साथ-साथ समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में 27 जनवरी को अवकाश घोषित किया गया है।

    अल्मोड़ा के जिलाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश की अवहेलना पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

    आगे कैसा रहेगा मौसम—

    28 जनवरी – उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश व 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी की संभावना।

    29 जनवरी – उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश व 2800 मीटर से ऊपर बर्फबारी के आसार।

    30 जनवरी – उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी।

    देहरादून का मौसम—

    राजधानी देहरादून में हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे। गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं और 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 9 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    प्रशासन और मौसम विभाग की अपील—

    मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, नदी-नालों के आसपास न जाने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

    प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

  • गणतंत्र दिवस पर पुलिस के जवानों को बड़ा तोहफा..।

    गणतंत्र दिवस पर पुलिस के जवानों को बड़ा तोहफा..।

    उत्तराखंड—   गणतंत्र दिवस से पहले उत्तराखंड पुलिस के जवानों को बड़ी सौगात मिली है। पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड ने 46 अपर उपनिरीक्षक (सशस्त्र पुलिस) एवं अपर गुल्मनायक पीएसी/आईआरबी को पदोन्नत करते हुए गुल्मनायक पीएसी/आईआरबी के पद पर नियुक्ति प्रदान की है।

    पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह पदोन्नति लंबे समय से प्रतीक्षित थी, जिससे पदोन्नत कार्मिकों में उत्साह और मनोबल में वृद्धि देखने को मिल रही है। सभी पदोन्नत जवान प्रदेश के विभिन्न जिलों, पीएसी वाहिनियों और आईआरबी इकाइयों में तैनात रहे हैं, जहां उन्होंने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और कार्यकुशलता का उत्कृष्ट परिचय दिया।

    प्रदेशभर से हैं पदोन्नत अधिकारी–

    पदोन्नति पाने वालों में देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर सहित कई जिलों तथा आईआरबी द्वितीय देहरादून, 31वीं, 40वीं और 46वीं पीएसी जैसी प्रमुख इकाइयों के कार्मिक शामिल हैं।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पदोन्नति विभागीय नियमों और वरिष्ठता के आधार पर की गई है। इससे न केवल जवानों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि पुलिस बल की नेतृत्व क्षमता और कार्यकुशलता को भी नई मजबूती मिलेगी।

  • वर्दी घोटाले में सीएम का सख्त एक्शन,,,,  डीआईजी अमिताभ श्रीवास्तव निलंबित।

    वर्दी घोटाले में सीएम का सख्त एक्शन,,,, डीआईजी अमिताभ श्रीवास्तव निलंबित।

    उत्तराखंड—-   उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है।

    होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी सामग्री खरीद से जुड़े घोटाले में संलिप्त पाए जाने पर निदेशक होमगार्ड्स (डिप्टी कमांडेंट) अमिताभ श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं।

    यह मामला वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान होमगार्ड्स के लिए की गई वर्दी सामग्री की खरीद प्रक्रिया से जुड़ा है। टेंडर प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं, पारदर्शिता के अभाव और नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आए थे।

    महानिदेशक की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई–

    महानिदेशक, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा, देहरादून द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट में टेंडर प्रक्रिया में गंभीर खामियों का खुलासा हुआ। रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद महानिदेशक की संस्तुति पर मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमांडेंट को निलंबित करने के साथ ही संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच की जा सके।

    भ्रष्टाचार पर कोई समझौता नहीं: CM धामी–

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं करेगी।

    उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे अधिकारी कितना ही वरिष्ठ क्यों न हो, यदि वह भ्रष्टाचार या अनियमितता में दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जनता के विश्वास के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • उत्तराखंड में सियासी हलचल तेज,,,, किसकी खुलेगी लॉटरी? दायित्वधारियों की पांचवीं सूची जल्द।

    उत्तराखंड में सियासी हलचल तेज,,,, किसकी खुलेगी लॉटरी? दायित्वधारियों की पांचवीं सूची जल्द।

    देहरादून—  उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दायित्वधारियों की पांचवीं सूची को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है और जल्द इसके जारी होने की संभावना जताई जा रही है। शासन और संगठन स्तर पर अंदरखाने बैठकों और समीकरणों की कसरत तेज कर दी गई है।

    इसी क्रम में गोपन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों से उनके अधीन रिक्त पड़े दायित्वधारी पदों का विस्तृत ब्योरा तलब किया है। इसे इस बात का संकेत माना जा रहा है कि सूची जारी करने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

    चुनावी समीकरण साधने की तैयारी

    आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार और संगठन के बीच संतुलन बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में न केवल दायित्वधारियों की नई सूची, बल्कि कैबिनेट विस्तार और संभावित नए मंत्रियों की एंट्री को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं।

    पार्टी के कई विधायक और वरिष्ठ नेता लंबे समय से किसी न किसी जिम्मेदारी की प्रतीक्षा में हैं। ऐसे में दायित्वों की नई सूची को संगठनात्मक मजबूती और राजनीतिक संतुलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

    नेताओं की नजरें टिकीं, उम्मीदें भी प्रबल

    विधायकों के बीच अपनी “लॉटरी खुलने” को लेकर उत्सुकता साफ देखी जा सकती है। वहीं संगठन से जुड़े अनुभवी नेता विभिन्न निगमों, परिषदों और समितियों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्य पदों पर नियुक्ति की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले पार्टी अधिक से अधिक नेताओं को जिम्मेदारी सौंपकर जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाना चाहती है, ताकि संगठन मजबूत हो और कार्यकर्ताओं में ऊर्जा बनी रहे।

    अधिकांश नामों पर बनी सहमति

    बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं के बीच यह चर्चा भी है कि अधिकांश नामों पर सहमति बन चुकी है और अब केवल अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। जैसे ही हरी झंडी मिलती है, पांचवीं सूची सार्वजनिक की जा सकती है।

    अब तक की दायित्वधारी सूचियों पर एक नजर

    27 सितंबर 2023 पहली सूची – 10 नेताओं को दायित्व

    14 दिसंबर 2023 दूसरी सूची – 11 नेताओं को जिम्मेदारी

    1 अप्रैल 2024 तीसरी सूची – 20 नेताओं को दायित्व

    4 अप्रैल 2024 चौथी सूची – 18 नेताओं को शामिल किया गया

    अब सभी की नजरें पांचवीं सूची पर टिकी हैं, जिसके जरिए सरकार और संगठन दोनों को नया संतुलन देने की तैयारी मानी जा रही है।

  • उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट,, 28 जनवरी तक बिगड़ा रहेगा मौसम का मिजाज..।

    उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट,, 28 जनवरी तक बिगड़ा रहेगा मौसम का मिजाज..।

    देहरादून—    उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही कई इलाकों में ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और तेज़ हवाओं की भी चेतावनी दी गई है।

    प्रदेश में लंबे समय से शुष्क मौसम बना हुआ है, जिससे सूखे जैसे हालात उभरने लगे हैं। किसान और आमजन दोनों ही बारिश का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। हालांकि बीते दिनों मौसम विभाग की भविष्यवाणियां पूरी तरह साकार नहीं हो पाईं, लेकिन अब सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।

    पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी की संभावना–

    मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज देहरादून के पर्वतीय क्षेत्रों सहित उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से 2300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना अधिक बताई गई है।

    तेज़ हवाएं और ओलावृष्टि का खतरा—

    प्रदेश के अन्य जिलों में ओलावृष्टि, गर्जन के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने के आसार हैं। इसे देखते हुए कई जनपदों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

    देहरादून में दिन गर्म, शाम ठंडी—

    राजधानी देहरादून में गुरुवार को सुबह से तेज धूप खिली रही, जिससे दिन में गर्मी महसूस की गई। वहीं शाम होते ही सर्द हवाओं ने मौसम को ठंडा कर दिया और लोगों को ठिठुरन का अहसास हुआ।

    तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा–

    हरिद्वार और उधम सिंह नगर में कई स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि इसके बाद दो-तीन दिनों में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने के भी संकेत हैं।

    मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। प्रदेश में 28 जनवरी तक मौसम का मिज़ाज अस्थिर बने रहने की संभावना है।

  • अमित शाह ने किया पतंजलि के पहले इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन..।

    अमित शाह ने किया पतंजलि के पहले इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का उद्घाटन..।

    उत्तराखंड—  भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने पतंजलि के देश के पहले हाइब्रिड हॉस्पिटल का उद्घाटन किया, जहां योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आधुनिक एलोपैथी को एक ही छत के नीचे एकीकृत किया गया है।

    उद्घाटन के बाद अस्पताल का निरीक्षण करते हुए अमित शाह ने इस पहल की सराहना की और कहा कि “भारत अब शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व का मार्गदर्शक बनने की ओर अग्रसर है।”
    उन्होंने इसे ‘इंटीग्रेटेड हॉलिस्टिक ट्रीटमेंट’ के नए युग की शुरुआत बताया।

    अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल-

    250 बेड की क्षमता वाले इस अत्याधुनिक अस्पताल में
    कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और जनरल सर्जरी जैसे सुपर स्पेशियलिटी विभाग 24×7 सेवाएं प्रदान करेंगे।

    अस्पताल में फिलिप्स अज़ुरियन जैसी हाई-एंड कैथ लैब, एमआरआई, सीटी स्कैन, डायलिसिस और मॉडर्न लाइफ सपोर्ट सिस्टम जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि यह केंद्र उन जटिल परिस्थितियों में भी सक्षम होगा, जहां मरीज को तत्काल आधुनिक चिकित्सा हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है।

    गैर-जरूरी सर्जरी और दवाओं के खिलाफ स्पष्ट रुख-

    स्वामी रामदेव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पतंजलि
    अनावश्यक दवाओं, ऑपरेशनों और मेडिकल टेस्ट्स का विरोध करता है।

    उन्होंने कहा,“हमारा लक्ष्य 90 से 99 प्रतिशत रोगियों को योग, आयुर्वेद और सही आहार पद्धति से ठीक करना है। सर्जरी या स्टेंट का सहारा केवल अत्यंत गंभीर स्थिति में ही लिया जाएगा।

    स्वामी रामदेव ने दावा किया किईएमआर डेटा और क्लिनिकल एविडेंस के आधार पर बीपी, डायबिटीज और लिवर सिरोसिस जैसी बीमारियों को रिवर्स करने में पतंजलि को सफलता मिली है।

    वैश्विक शोध का नया केंद्र बनेगा अस्पताल-

    पतंजलि वर्तमान में दिल्ली और ऋषिकेश एम्स सहित दुनिया के 25 बड़े चिकित्सा संस्थानों के साथ मिलकर शोध कर रहा है।
    500 वैज्ञानिकों की टीम साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद को वैश्विक मंच पर स्थापित करने में जुटी है।

    इस अस्पताल के माध्यम सेगरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को कम लागत में विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।

    भारत को बनाएगा ‘हेल्थ डेस्टिनेशन’-

    यह हाइब्रिड हॉस्पिटल न केवल बीमारियों का इलाज करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक हेल्थ डेस्टिनेशन बनाने के संकल्पको भी मजबूती देगा।