Category: देहरादून

  • उत्तराखंड स्टेट प्रेस क्लब चुनाव:- विश्वजीत नेगी पर फिर जताया विस्वास,,,,निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए।

    उत्तराखंड स्टेट प्रेस क्लब चुनाव:- विश्वजीत नेगी पर फिर जताया विस्वास,,,,निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए।

    देहरादून—  उत्तराखंड स्टेट प्रेस क्लब के वार्षिक चुनाव में एक बार फिर वरिष्ठ पत्रकार विश्वजीत सिंह नेगी को प्रदेशभर के पत्रकारों का मुखिया चुना गया है।

    देहरादून स्थित उत्तराखंड स्टेट प्रेस क्लब में संपन्न हुए इस चुनाव में वे निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जिससे पत्रकार जगत में उत्साह और एकजुटता का माहौल देखने को मिला।

    चुनाव प्रक्रिया निर्वाचन अधिकारी दिनेश शास्त्री की देखरेख में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई। इस चुनाव में प्रदेश के सभी जिलों से वरिष्ठ पत्रकारों, प्रेस क्लबों एवं प्रेस यूनियनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी सहभागिता निभाई।

    ये रहे नव-निर्वाचित पदाधिकारी—-

    अध्यक्ष-

    विश्वजीत सिंह नेगी (देहरादून)

    उपाध्यक्ष-

    संजय तलवाड़ (हल्द्वानी, नैनीताल)
    गोविंद सिंह बिष्ट (टिहरी गढ़वाल)
    दीपिका रावत (देहरादून)

    महामंत्री-

    चन्द्रशेखर जोशी (देहरादून)

    सचिव-

    साकेत अग्रवाल (नैनीताल)
    चिरंजीवी सेमवाल (उत्तरकाशी)
    हरीश मेहरा (उधम सिंह नगर)
    दीपक नौटियाल (हरिद्वार)

    कोषाध्यक्ष-

    ज्ञान प्रकाश पांडेय (हरिद्वार)

    संप्रेक्षक-

    कार्तिक बिष्ट (रामनगर)

    कार्यकारिणी सदस्य-

    शंकर दत्त घिल्डियाल (उत्तरकाशी)
    कृष्ण गोविंद कंसवाल (टिहरी)
    लक्ष्मण राणा (चमोली)
    हरि नारायण अग्रवाल (उधम सिंह नगर)
    रमेश चंद पांडे कृषक (बागेश्वर)
    जगदीश राय (चंपावत)
    हरीश भंडारी (अल्मोड़ा)
    राहुल सिंह दरम्याल (नैनीताल)
    बद्री नौटियाल (रुद्रप्रयाग)
    अनिल बहुगुणा (पौड़ी)
    निशांत चौधरी (हरिद्वार)

    विशेष आमंत्रित सदस्य-

    अनुज अग्रवाल (देहरादून)

    संरक्षक नियुक्त-

    सुभाष गुप्ता
    विजय धस्माना
    परमिंदर कुमार गोस्वामी (वरिष्ठ पत्रकार)

    निर्वाचन अधिकारी दिनेश शास्त्री ने निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने पर सभी पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त किया।

    वहीं निर्वाचित अध्यक्ष विश्वजीत सिंह नेगी ने विश्वास जताने के लिए प्रदेशभर के पत्रकारों का धन्यवाद करते हुए घोषणा की कि शीघ्र ही भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें उत्तराखंड के सभी जिलों से पत्रकार शामिल होंगे।

  • साल के पहले दिन ही बर्फ़ से ढका उत्तराखंड,,, बारिश और कोहरे का अलर्ट,,, ठंड में इज़ाफ़ा…।

    साल के पहले दिन ही बर्फ़ से ढका उत्तराखंड,,, बारिश और कोहरे का अलर्ट,,, ठंड में इज़ाफ़ा…।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड में नए साल की शुरुआत मौसम के बदले मिज़ाज के साथ हुई है। साल के पहले ही दिन पहाड़ों पर बर्फबारी ने दस्तक दे दी, जबकि मैदानी इलाकों में घना कोहरा और ठंड लोगों को परेशान कर रही है।

    चमोली जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ली। नीति घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी हुई, जिससे पूरा इलाका बर्फ की सफेद चादर से ढक गया। बर्फबारी के बाद पहाड़ों में ठंड और बढ़ गई है, वहीं पाले की वजह से जनजीवन पर भी असर दिखने लगा है।

    दूसरी ओर, देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल के निचले इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता कम होने से यातायात भी प्रभावित हुआ।

    आज बारिश-बर्फबारी की संभावना—

    मौसम विभाग के अनुसार आज यानी 2 जनवरी को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। 3200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिर सकती है।

    इसके साथ ही हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, देहरादून और पौड़ी के निचले क्षेत्रों में घने कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।

    देहरादून की हवा अब प्रदूषित—

    राजधानी देहरादून में ठंड के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी चिंता बढ़ा रहा है। गुरुवार को यहां AQI 176 दर्ज किया गया, जो खतरनाक श्रेणी में आता है। इससे एक दिन पहले AQI 250 के पार पहुंच गया था।

    आगे कैसा रहेगा मौसम—

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 3 और 4 जनवरी को प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा। इसके बाद 5 जनवरी को एक बार फिर मौसम बदल सकता है। वहीं 6 और 7 जनवरी को मौसम के फिर से शुष्क रहने की संभावना है।
    5 जनवरी तक खासतौर पर मैदानी इलाकों में सुबह और रात के समय हल्का कोहरा छाया रह सकता है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम सामान्यतः साफ बना रहेगा।

    देहरादून का मौसम—-

    राजधानी देहरादून में आसमान साफ से आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। निचले इलाकों में कोहरा बना रह सकता है।

    यहां अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

    1 जनवरी को प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)–

    देहरादून : अधिकतम 19.8 | न्यूनतम 7.8
    पंतनगर : अधिकतम 19.0 | न्यूनतम 3.4
    मुक्तेश्वर : अधिकतम 14.8 | न्यूनतम 3.9
    टिहरी : अधिकतम 14.2 | न्यूनतम 4.3

    कुल मिलाकर, उत्तराखंड में ठंड का असर तेज हो गया है। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में कोहरा व ठंड आने वाले दिनों में भी लोगों को सतर्क रहने का संकेत दे रहे हैं।

  • चलती रोडवेज की बस में लगी आग,,,, ड्राइवर की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा।

    चलती रोडवेज की बस में लगी आग,,,, ड्राइवर की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चलती रोडवेज बस में अचानक आग लग गई।

    गनीमत रही कि बस चालक की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और बस में सवार सभी 16 यात्री सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए।

    यह रोडवेज बस चम्पावत के लोहाघाट से देहरादून की ओर आ रही थी। घटना सुबह करीब 4 बजे डोईवाला क्षेत्र के लालतप्पड़ स्थित साईं मंदिर के सामने की है। बताया जा रहा है कि बस से अचानक धुआं निकलता देख चालक ने तुरंत ब्रेक लगाकर बस को सड़क किनारे रोक दिया।

    आग लगते ही बस में चीख-पुकार मच गई, लेकिन चालक ने बिना घबराए यात्रियों को शांत किया और सभी को सुरक्षित नीचे उतार दिया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

    इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, जो राहत की बात है। फिलहाल बस में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

  • नए साल में उत्तराखण्ड पुलिस में प्रमोशन की बयार,,,229 मुख्य आरक्षी बने अपर उपनिरीक्षक।

    नए साल में उत्तराखण्ड पुलिस में प्रमोशन की बयार,,,229 मुख्य आरक्षी बने अपर उपनिरीक्षक।

    उत्तराखंड—-  उत्तराखण्ड पुलिस के जवानों के लिए नया साल खुशखबरी लेकर आया है। पुलिस मुख्यालय ने नववर्ष के मौके पर नागरिक पुलिस के 229 मुख्य आरक्षियों को अपर उपनिरीक्षक (एएसआई) के पद पर पदोन्नत किया है।

    इनमें 25 महिला मुख्य आरक्षी भी शामिल हैं, जो विभाग में महिलाओं की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।

    वर्ष 2025 उत्तराखण्ड पुलिस के लिए पदोन्नतियों के लिहाज़ से ऐतिहासिक वर्ष साबित हुआ है। इस दौरान मुख्य आरक्षी से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक रिकॉर्ड 958 पदोन्नतियां हुईं, जबकि कुल मिलाकर विभिन्न संवर्गों में 1060 अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है।

    वर्ष 2025 में हुई प्रमुख पदोन्नतियां—

    निरीक्षक – 150
    उपनिरीक्षक – 92
    अपर/सहायक उपनिरीक्षक – 385
    मुख्य आरक्षी – 331

    वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर भी कई अहम पदोन्नतियां की गई–

    अपर पुलिस अधीक्षक (विशेष श्रेणी) – 05
    अपर पुलिस अधीक्षक श्रेणी-01 – 10
    अपर पुलिस अधीक्षक श्रेणी-02 – 28
    पुलिस उपाधीक्षक (ज्येष्ठ वेतनमान) – 18
    पुलिस उपाधीक्षक (कनिष्ठ वेतनमान) – 33
    अपर पुलिस अधीक्षक दूरसंचार – 02
    पुलिस उपाधीक्षक, दूरसंचार – 03
    मुख्य अग्निशमन अधिकारी 03

    उत्तराखण्ड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने पदोन्नत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि समयबद्ध और पारदर्शी पदोन्नति से जवानों का मनोबल बढ़ता है, जिससे वे और अधिक ऊर्जा, समर्पण और निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं।

    डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस मुख्यालय भविष्य में भी कर्मियों के कल्याण और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत समय पर पदोन्नति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • उत्तराखंड :- आठ आईएएस सचिव, नौ आइपीएस अफसरों को प्रमोशन..।

    उत्तराखंड :- आठ आईएएस सचिव, नौ आइपीएस अफसरों को प्रमोशन..।

    उत्तराखंड—   उत्तराखंड शासन में नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिलेगा।

    एक जनवरी से प्रदेश को आठ नए IAS सचिव मिलेंगे, जबकि नौ IPS अधिकारियों को भी पदोन्नति दी जाएगी।

    इसके अलावा भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों को भी उच्च ग्रेड का लाभ मिलेगा।

    उत्तराखंड में आठ IAS सचिव बनेंगे सचिव, नौ आईपीएस का भी होगा प्रमोशन

    पांच आईएफएस को कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड और तीन आईएफएस को सीनियर ग्रेड मिलेगा

    एक जनवरी से उत्तराखंड को आठ नए सचिव मिलने वाले हैं। सोमवार को मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन की अध्यक्षता में आईएएस और आईपीएस की अलग-अलग विभागीय पदोन्नति समिति(डीपीसी) की बैठक हुई।

    वहीं, चार आईएफएस की डीपीसी आज होगी। पांच आईएफएस को कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड और तीन आईएफएस को सीनियर ग्रेड मिलेगा।

    आठ आईएएस को पदोन्नति, पांच को सेलेक्शन ग्रेड
    2010 बैच के आईएएस डॉ. अहमद इकबाल, ईवा श्रीवास्तव, सोनिका, रंजना राजगुरु, आनंदस्वरूप, देवकृष्ण तिवारी, उमेश नारायण पांडे और राजेंद्र कुमार एक जनवरी से सचिव होंगे। वर्तमान में ये सभी अफसर अपर सचिव हैं।

    इनमें से आईएएस ईवा श्रीवास्तव प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में हैं। उन्हें परफॉर्मा पदोन्नति दी गई है। वहीं, पांच आईएएस मयूर दीक्षित, वंदना, विनीत कुमार, रीना जोशी और आनंद श्रीवास्तव को सेलेक्शन ग्रेड लेवल 12 से लेवल 13 दिया गया है।

    नौ आईपीएस को एक जनवरी से पदोन्नति—
    आईपीएस अभिनव कुमार को एडीजी से डीजी, निवेदिता कुकरेती को डीआईजी से आईजी, प्रहलाद मीणा को एसएसपी से डीआईजी, बरिंदरजीत सिंह और पी रेणुका देवी को डीआईजी से आईजी, प्रीति प्रियदर्शिनी को एसएसपी से डीआईजी, यशवंत चौहान को एसएसपी से डीआईजी, तृप्ति भट्ट और रामचंद्र राजगुरु को एसपी से एसएसपी पद पर पदोन्नति दी गई है। इनमें से बरिंदरजीत और पी रेणुका वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर हैं, जिन्हें परफॉर्मा पदोन्नति दी गई है।

    अर्पण यदुवंशी को सेलेक्शन ग्रेड दिया गया है जबकि इससे पूर्व निशा यादव व जितेंद्र चौहान को एसपी रैंक मिल चुकी है।

  • एंजेल चकमा की हत्या,,,, एक ऐसी मौत, जिसने देश की आत्मा को झकझोर दिया।

    एंजेल चकमा की हत्या,,,, एक ऐसी मौत, जिसने देश की आत्मा को झकझोर दिया।

    उत्तराखंड—   उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के 24 वर्षीय एमबीए छात्र एंजेल (येंजल) चकमा की हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।

    यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि समाज में गहराते नस्लभेद, असहिष्णुता और संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

    एंजेल चकमा एक साधारण, मेहनतकश परिवार से था। बेहतर भविष्य की तलाश में वह उत्तराखंड पढ़ने आया था। उसकी पहचान, नॉर्थ ईस्ट से होना और अलग चेहरा ही उसकी सबसे बड़ी “गलती” बन गई..? आरोप है कि उसे नस्लभेदी शब्दों से अपमानित किया गया और विरोध करने पर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी गई, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    हत्या या हेट क्राइम?—

    एंजेल चकमा की मौत को लेकर देशभर में गुस्सा और शोक है। ऑल इंडिया चकमा स्टूडेंट यूनियन समेत कई संगठनों ने इसे नस्लीय हमला (हेट क्राइम) करार देते हुए न्याय की मांग की है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने देहरादून पुलिस और प्रशासन को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है।

    हालांकि, देहरादून पुलिस ने नस्लीय टिप्पणी और हेट क्राइम के आरोपों को खारिज किया है, जिससे विवाद और गहरा गया है।

    पुलिस का बड़ा दावा, सवाल बरकरार—

    देहरादून के एसएसपी अजय सिंह का कहना है कि यह घटना नस्लीय नहीं, बल्कि बाजार में हुई अचानक कहासुनी के बाद हिंसक झड़प का नतीजा है।

    पुलिस जांच के मुताबिक, एंजेल चकमा और उसके भाई पर हमला करने वाले आरोपी भी पूर्वोत्तर और पर्वतीय क्षेत्रों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें मणिपुर, नेपाल क्षेत्र और बोक्सा जनजाति के युवक शामिल हैं।

    पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग हैं, जबकि एक आरोपी फरार है। फरार आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है और उसकी तलाश नेपाल तक की जा रही है।

    बाजार में हुई झड़प से गई जान—-

    पुलिस के अनुसार, एंजेल चकमा अपने भाई के साथ बाजार से सामान खरीदने गया था। पास में कुछ युवक शराब पी रहे थे। इसी दौरान मामूली कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। गंभीर रूप से घायल एंजेल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

    सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में हत्या की धाराएं जोड़ दी हैं, हालांकि छात्र संगठनों का आरोप है कि शुरू में पुलिस ने मामले को हल्के में लिया।

    राजनीति भी गर्माई—

    एंजेल चकमा हत्याकांड अब राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है।

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि समाज को इतना मृत नहीं हो जाना चाहिए कि अपने ही नागरिकों पर हो रहे अत्याचार पर आंखें मूंद ले।

    अखिलेश यादव ने इसे घृणित और विघटनकारी मानसिकता का परिणाम बताया।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे मानवता और संवेदनशीलता पर गहरा आघात बताते हुए पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की बात कही।

    सीएम धामी का भरोसा—-

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मृतक छात्र के पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बात कर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह घटना उन्हें व्यक्तिगत रूप से आहत करती है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी तरह पीड़ित परिवार के साथ है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    सवाल…….

    क्या यह वाकई सिर्फ एक झगड़ा था या गहरे नस्लीय पूर्वाग्रह का नतीजा ?

    एंजेल चकमा भारत का नागरिक था। वह भारत का भविष्य था।

  • आईजी सदानंद दाते की उत्तराखंड में हुई वापसी।

    आईजी सदानंद दाते की उत्तराखंड में हुई वापसी।

    देहरादून—  वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सदानंद दाते एक बार फिर उत्तराखंड पुलिस में वापसी कर रहे हैं।

    सोमवार को दाते उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय में फिर से ज्वाइनिंग करेंगे।

    पिछले छह साल से आईजी सदानंद दाते सीबीआई में डेपुटेशन पर  थे ।

    उत्तराखंड में रहते हुए सदानंद दाते नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून जैसे चार बेहद महत्वपूर्ण जिलों के पुलिस कप्तान रह चुके है।

    दाते की पहचान जनता की समस्या सहृदय तरीके से सुनने वाले और एक शशक्त अधिकारियों में रही है।

    वो उत्तराखंड में बेहद चर्चित अधिकारी रहे है।

  • 07 दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन, 57 एनसीसी कैडेट्स हुए प्रशिक्षित….

    07 दिवसीय युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन, 57 एनसीसी कैडेट्स हुए प्रशिक्षित….

    देहरादून – भारत सरकार की युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत 20 दिसंबर 2025 से संचालित 07 दिवसीय विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफल समापन हो गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सचिव, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों तथा जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), देहरादून के निर्देशों के क्रम में आयोजित किया गया।

    प्रशिक्षण में 03 यूके बटालियन एनसीसी के कुल 57 एनसीसी कैडेट्स ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान भारतीय सेना के अधिकारियों एवं जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण देहरादून के मास्टर ट्रेनर राजू शाही द्वारा कैडेट्स को आपदा प्रबंधन की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई।

    कैडेट्स को भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, त्वरित बाढ़, वज्रपात, सूखा, खोज एवं बचाव (रेस्क्यू), रस्सी आधारित तकनीकें, रिवर क्रॉसिंग, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन संचार उपकरणों के उपयोग, भोजन एवं जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

    प्रशिक्षण का समापन समारोह ओल्ड बुचडी, गढ़ी कैंट देहरादून में आयोजित किया गया, जहां कर्नल मानोष दास, कमान अधिकारी 03 यूके बटालियन एनसीसी द्वारा कैडेट्स को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। उन्होंने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को युवाओं में जागरूकता, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सेवा भावना विकसित करने वाला बताया।

    कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट कर्नल लोक बहादुर मल्ल, कैंप सूबेदार ललित सिंह, नायब सूबेदार मेहरबान सिंह सहित भारतीय सेना एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेट्स को एक सशक्त, प्रशिक्षित एवं जिम्मेदार “आपदा मित्र” के रूप में तैयार किया गया।

  • सरकार आपके द्वार: माजरी ग्रांट में बहुउद्देशीय शिविर, स्वास्थ्य से पेंशन तक मिली सुविधाएं….

    सरकार आपके द्वार: माजरी ग्रांट में बहुउद्देशीय शिविर, स्वास्थ्य से पेंशन तक मिली सुविधाएं….

    देहरादून – मुख्यमंत्री के निर्देशों पर चल रहे “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत डोईवाला ब्लॉक की दूरस्थ न्याय पंचायत माजरी ग्रांट में जिला प्रशासन ने शुक्रवार को वृहद बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया। अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में प्रशासन ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया। शिविर में कुल 110 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 23 का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों पर समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

    इस बहुउद्देशीय शिविर में 1310 से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सैकड़ों लोगों की निःशुल्क जांच कर दवाइयां वितरित की गईं, वहीं पशुपालन, कृषि, उद्यान, समाज कल्याण, पूर्ति, पंचायतीराज, राजस्व, श्रम और सेवायोजन सहित अनेक विभागों ने मौके पर सेवाएं प्रदान कीं। सड़क, पेयजल, विद्युत और सिंचाई जैसी बुनियादी समस्याओं पर भी प्रशासन ने गंभीरता से संज्ञान लिया।

    अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि “विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और जनता के अधिकारों की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी स्तर पर जनसमस्याएं लंबित न रहें। शिविर में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे शासन और जनता के बीच मजबूत सेतु बताया।

  • स्कूलों में गूंजेंगे श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक,,,, धामी सरकार ने किया अनिवार्य।

    स्कूलों में गूंजेंगे श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक,,,, धामी सरकार ने किया अनिवार्य।

    उत्तराखंड—  ‘देवभूमि’ उत्तराखंड में स्कूली शिक्षा को लेकर सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में श्रीमद्भागवत गीता के श्लोकों का पाठ अनिवार्य कर दिया है। इस निर्णय का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन जीने की कला से परिचित कराना है।

    क्या है नया आदेश?–

    शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह व्यवस्था राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू की जाएगी। यद्यपि अभी विस्तृत रूपरेखा सामने आनी बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा (मॉर्निंग असेंबली) के दौरान छात्रों द्वारा गीता के श्लोकों का सस्वर पाठ किया जाएगा। यह पाठ दैनिक दिनचर्या का हिस्सा होगा।

    सरकार का तर्क – नैतिक मूल्यों का होगा विकास—

    सरकार का मानना है कि श्रीमद्भागवत गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण मानवता के लिए जीवन जीने का एक मार्गदर्शक दर्शन है। सरकार का तर्क है कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में छात्रों को मानसिक तनाव से निपटने के लिए गीता की शिक्षाएं मददगार साबित होंगी।

    कर्तव्य बोध – गीता कर्म प्रधान ग्रंथ है, जो छात्रों को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करेगा।

    सांस्कृतिक जुड़ाव: इससे बच्चे अपनी जड़ों और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ सकेंगे।

    उत्तराखंड सरकार के इस कदम को शिक्षा में सांस्कृतिक मूल्यों को शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। कई शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, उनका कहना है कि इससे छात्रों के चरित्र निर्माण में मदद मिलेगी।

    हालाँकि, शिक्षा के धर्मनिरपेक्ष ढांचे में किसी एक धार्मिक ग्रंथ को अनिवार्य करने पर कुछ स्तरों पर बहस छिड़ने की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

    बहरहाल, अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस आदेश का जमीनी स्तर पर किस तरह से क्रियान्वयन किया जाता है और स्कूली पाठ्यक्रम के साथ इसका सामंजस्य कैसे बैठाया जाएगा।