Category: देहरादून

  • सरकार खुद पहुँचेगी जनता के द्वार, 17 दिसम्बर से 45 दिन का महाअभियान।

    सरकार खुद पहुँचेगी जनता के द्वार, 17 दिसम्बर से 45 दिन का महाअभियान।

    उत्तराखंड—   उत्तराखंड सरकार आम जनता तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुँचाने के उद्देश्य से एक व्यापक और जनकेंद्रित अभियान की शुरुआत करने जा रही है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में 17 दिसम्बर 2025 से 45 दिनों तक ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान संचालित किया जाएगा।

    इस अभियान के तहत प्रदेश की न्याय पंचायतों और ग्राम पंचायतों में विशेष कैम्प लगाकर लोगों को केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

    23 विभाग एक मंच पर—

    इस महत्त्वाकांक्षी अभियान में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण सहित कुल 23 विभाग शामिल होंगे। सभी विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक बिना किसी बाधा के पहुँच सके।

    कैम्प के जरिए मिलेगा सीधा लाभ—

    अभियान के दौरान न्याय पंचायत स्तर पर बहुउद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन कैम्पों में_

    विभिन्न सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दी जाएगी–

    पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही लाभ दिया जाएगा
    शेष लोगों से आवेदन पत्र भरवाकर त्वरित कार्यवाही की जाएगी

    यदि कोई न्याय पंचायत क्षेत्रफल या जनसंख्या की दृष्टि से बड़ी होगी, तो उसे दो भागों में विभाजित कर अलग-अलग कैम्प आयोजित किए जाएंगे, ताकि कोई भी गांव छूट न जाए।

    घर-घर पहुँचने की रणनीति—

    कैम्प के बाद अधिकारी नजदीकी गांवों का भ्रमण करेंगे और उन लोगों से आवेदन भरवाएंगे, जो किसी कारणवश कैम्प में नहीं पहुँच पाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर ग्राम पंचायत का प्रत्येक पात्र नागरिक किसी भी सरकारी योजना से वंचित न रहे।

    सख्त मॉनिटरिंग, वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी–

    सचिव सामान्य प्रशासन विनोद कुमार सुमन द्वारा सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि

    प्रत्येक सप्ताह कम से कम 2 से 3 दिन कैम्प लगाए जाएं

    हर तहसील की कम से कम एक न्याय पंचायत में साप्ताहिक आयोजन हो

    45 दिनों में सभी न्याय पंचायतों को कवर करना अनिवार्य होगा

    हर सप्ताह के एक कैम्प में जिलाधिकारी स्वयं उपस्थित रहेंगे

    अन्य कैम्पों में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी या उपजिलाधिकारी अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे

    पहले से होगी पूरी तैयारी—

    कैम्प से 2- 3 दिन पहले आवेदन पत्र ग्राम स्तर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा पहले ही यह सर्वे कराया जाएगा कि कौन-कौन से पात्र लोग योजनाओं से वंचित हैं, ताकि मौके पर ही कमियों को दूर किया जा सके।

    प्रचार-प्रसार और पारदर्शिता पर जोर—

    कैम्प आयोजित होने से पहले मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। हर कार्यक्रम के बाद किए गए कार्यों का विवरण मीडिया को साझा किया जाएगा

    साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी जाएगी

    साथ ही, प्रत्येक जनपद को निर्देशित किया गया है कि वह एक सप्ताह के भीतर पूरी कार्ययोजना शासन को भेजे, ताकि शासन स्तर से औचक निरीक्षण किया जा सके।

  • उत्तराखंड– बढ़ेगी ठंड,,,, मैदानी इलाकों में कोहरा और पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी के आसार।

    उत्तराखंड– बढ़ेगी ठंड,,,, मैदानी इलाकों में कोहरा और पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी के आसार।

    देहरादून—  उत्तराखंड में मौसम फिलहाल शुष्क बना हुआ है, लेकिन सर्दी का असर धीरे-धीरे तेज़ होने लगा है। मैदानी क्षेत्रों में सुबह और देर शाम घना कोहरा और ठिठुरन महसूस की जा रही है, जबकि दिन के समय तेज धूप निकलने से हल्की गर्माहट बनी हुई है।

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ ठंड का असर और बढ़ सकता है।

    दिन में धूप, सुबह-शाम ठिठुरन—-

    राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर दर्ज किया जा रहा है। हालांकि, सुबह और शाम के समय सर्द हवाओं के चलते लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है। देहरादून सहित कई मैदानी क्षेत्रों में सुबह हल्की धुंध और कोहरा छाया रहा, लेकिन कुछ ही देर में धूप निकल आई।

    प्रमुख शहरों का तापमान—-

    देहरादून – अधिकतम 24.0°C | न्यूनतम 8.7°C

    उधम सिंह नगर – अधिकतम 24.2°C | न्यूनतम 5.1°C
    मुक्तेश्वर – अधिकतम 17.0°C | न्यूनतम 6.2°C

    नई टिहरी – अधिकतम 16.2°C | न्यूनतम 5.0°C

    हरिद्वार और उधम सिंह नगर में घना कोहरा अधिक देखने को मिला, जिससे दृश्यता प्रभावित रही। वहीं पहाड़ों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक शाम होते ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    पहाड़ी इलाकों में बदल सकता है मौसम—

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा, हालांकि कहीं-कहीं आंशिक बादल छा सकते हैं। रविवार को पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिज़ाज बदलने की संभावना है। ऊंची चोटियों पर हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार जताए गए हैं।

    अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान—

    तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी संभव

    सुबह और रात के समय ठंड का असर रहेगा

    मैदानी इलाकों में कोहरा बढ़ा सकता है मुश्किलें

    पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड और तेज़ हो सकती है

    राज्य में भले ही दिन के समय धूप से राहत मिल रही हो, लेकिन उत्तराखंडवासियों को आने वाले दिनों में कड़ाके की ठंड के लिए तैयार रहना होगा।

    खासकर पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक करवट ले सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

  • उत्तराखंड में 9 नए डिप्टी कलेक्टरों की तैनाती,,,, देखें किसे मिला कौन सा जिला।

    उत्तराखंड में 9 नए डिप्टी कलेक्टरों की तैनाती,,,, देखें किसे मिला कौन सा जिला।

    उत्तराखंड—  डॉ. आर. एस. टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में 15 सितंबर 2025 से 6 दिसंबर 2025 तक व्यावसायिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद राज्य सिविल सेवा के 9 प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों को उनकी प्रथम तैनाती दे दी गई है।

    शासन ने सभी अधिकारियों को उनके गृह जनपदों से अलग जिलों में नियुक्त किया है।

    नए डिप्टी कलेक्टरों की तैनाती इस प्रकार है——–

    1.आशीष जोशी – डिप्टी कलेक्टर, पिथौरागढ़

    2.वैभव काण्डपाल – डिप्टी कलेक्टर, बागेश्वर

    3.पंकज भट्ट – डिप्टी कलेक्टर, चमोली

    4.अनिल सिंह रावत – डिप्टी कलेक्टर, रुद्रप्रयाग

    5.अल्केश नौडियाल- डिप्टी कलेक्टर, टिहरी गढ़वाल

    6.याक्षी अरोड़ा – डिप्टी कलेक्टर, अल्मोड़ा

    7.कृष्णा त्रिपाठी- डिप्टी कलेक्टर, पौड़ी गढ़वाल

    8.अंकित राज – डिप्टी कलेक्टर, टिहरी गढ़वाल

    9.सौम्या गर्थ्याल – डिप्टी कलेक्टर, अल्मोड़ा

  • स्वदेशी उद्यमिता का आधार है महिलाएं :– रेखा आर्या।

    स्वदेशी उद्यमिता का आधार है महिलाएं :– रेखा आर्या।

    देहरादून—   परेड ग्राउंड में आयोजित स्वदेशी महोत्सव उत्तराखंड विकास प्रदर्शनी में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को महिला सम्मेलन का उद्घाटन किया।

    इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की महिला उद्यमियों को सम्मानित भी किया।

    स्मृति विकास संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि महिलाएं हमारे स्वदेशी अभियान का आधार है, क्योंकि उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पाद देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि हम सभी को स्वदेशी के भाव को अपने रोजमर्रा के आचरण और दिनचर्या में शामिल करना होगा तभी देश स्वदेशी आंदोलन पर आगे बढ़ सकेगा।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अगर हम भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना चाहते हैं तो इसमें स्वदेशी उत्पादों और कौशल की सबसे बड़ी भूमिका रहने वाली है ।

    उन्होंने कहा कि एक समय में स्वदेशी आंदोलन ने हमारे देश को आजादी दिलाने में योगदान किया था लेकिन अब समय है कि हम इस आजादी को और मजबूत और सुरक्षित बनाएं। यह भी स्वदेशी के भाव को मजबूत करने से ही संभव हो सकेगा।

    कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली महिला उद्यमियों को सम्मानित भी किया।

    इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक सुरेंद्र सिंह, संस्कृति विभाग से मधु भट्ट, बीएस नेगी महिला पॉलिटेक्निक की प्रधानाचार्य नमिता
    मंमगाई, उत्तरांचल महिला संगठन अध्यक्ष साधना शर्मा, नीति कांडपाल, सुविधा स्टोर से अमिता व विभिन्न स्कूलों की छात्राएं उपस्थित रही।

  • धामी कैबिनेट बैठक में बड़े फैसलों पर मुहर,,,,नैनी सैनी हवाई अड्डा अब AAI को..।

    धामी कैबिनेट बैठक में बड़े फैसलों पर मुहर,,,,नैनी सैनी हवाई अड्डा अब AAI को..।

    उत्तराखंड—  देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली। फैसले विकास, निवेश, किसानों और रोजगार को ध्यान में रखते हुए लिए गए। संक्षेप में मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

    ऊर्जा विभाग–

    PTCUL के तहत बनने वाले टावरों और उनके 1 मीटर दायरे की जमीन का मुआवजा दोगुना किया गया।

    बिजली लाइन के नीचे आने वाली खेती की जमीन का मुआवजा भी बढ़ाया गया।

    जन विश्वास एक्ट लागू, जिसके तहत 7 एक्ट में संशोधन किए गए।

    आवास व पर्यटन विभाग—

    ग्रीन बिल्डिंग निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

    FAR रेट बढ़ाने की संस्तुति की गई।

    रिसॉर्ट और ईको-रिसॉर्ट निर्माण को छूट व प्रोत्साहन।

    मोटल श्रेणी समाप्त।
    टाउन प्लानिंग और लैंड पुलिंग स्कीम पर सरकार काम करेगी, लोग स्वैच्छिक रूप से शामिल हो सकेंगे।

     

    कर विभाग—

    उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन अध्यादेश को मंजूरी।

    शिक्षा—-

    टेक्निकल यूनिवर्सिटी में फैकल्टी भर्ती अब आयोग नहीं, यूनिवर्सिटी स्वयं करेगी।

    PWD—

    समूह ‘ग’ कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ किया गया।

     

    नागरिक उड्डयन—

    पिथौरागढ़ का नैनी-सैनी हवाईअड्डा अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) संचालित करेगी।

  • दून में भड़का आक्रोश ,,,, नर्सिंग भर्ती विवाद के बीच कॉन्स्टेबल ने प्रदर्शनकारी पर जड़ा थप्पड़।

    दून में भड़का आक्रोश ,,,, नर्सिंग भर्ती विवाद के बीच कॉन्स्टेबल ने प्रदर्शनकारी पर जड़ा थप्पड़।

    उत्तराखंड—-  राजधानी देहरादून में नर्सिंग कर्मचारियों के सीएम आवास कूच के दौरान हालात अचानक बिगड़ गए, जब झड़प के बीच एक महिला कॉन्स्टेबल ने प्रदर्शन कर रही महिला नर्सिंग अधिकारी को जोरदार थप्पड़ मार दिया

    । घटना का वीडियो वायरल होते ही नर्सिंग समुदाय और बेरोजगार संगठनों में जोरदार आक्रोश फैल गया। कई संगठन खुलकर नर्सिंग कर्मचारियों के समर्थन में आ गए हैं।

    क्या है मामला?—-

    5 दिसंबर से नर्सिंग कर्मचारी नर्सिंग अधिकारी भर्ती प्रक्रिया में बदलाव के विरोध में देहरादून के एकता विहार में धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को वे अपनी मांगों को लेकर सीएम आवास की ओर कूच कर रहे थे। दिलाराम चौक के पास भारी पुलिस बल तैनात था। दोपहर के वक्त पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति गर्म हो गई।

    महिला कॉन्स्टेबल और प्रदर्शनकारी के बीच..

    झड़प के दौरान महिला कॉन्स्टेबल ने हरिद्वार निवासी सपना चौधरी को हटाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं हटीं तो पुलिसकर्मी ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अन्य महिला प्रदर्शनकारी भी बीच-बचाव के लिए आगे आईं। अंततः पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिला को गाड़ी में बैठाकर मामला शांत किया।

    घटना मोबाइल में रिकॉर्ड हो गई, जिसके बाद वीडियो वायरल होने पर विरोध और ज्यादा तेज हो गया।

    क्यों नाराज़ हैं नर्सिंग कर्मचारी?–

    नर्सिंग एकता मंच और बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी सरकार द्वारा की गई नई भर्ती प्रक्रिया के विरोध में हैं। उनकी मांग है कि-

    नर्सिंग कर्मचारियों की 5 मुख्य मांगें—-

    1.वर्षवार/सीनियरिटी आधारित भर्ती हो, जैसा कि पिछली सभी भर्ती प्रक्रियाओं में होता आया है।

    2.IPHS मानकों के अनुसार कम से कम 2500+ पदों पर नई भर्ती हो।

    3.उत्तराखंड मूल निवासियों को भर्ती में प्राथमिकता दी जाए।

    4.ओवर-एज अभ्यर्थियों को आयु सीमा में विशेष छूट मिले।

    5.भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो, क्योंकि परीक्षा आधारित नई प्रक्रिया से कई योग्य अभ्यर्थी बाहर हो रहे हैं।

    पिछली भर्तियों पर भी विवाद—

    नर्सिंग सेवा संघ के अध्यक्ष विजय चौहान के अनुसार

    2016 में बैकलॉग पदों पर नियुक्तियां हुईं।

    2021 में नियमावली संशोधन के बाद 2600 पदों का विज्ञापन जारी हुआ, लेकिन आंदोलन के चलते प्रक्रिया रोक दी गई।

    बाद में सीनियरिटी के आधार पर लगभग 3000 नियुक्तियां 2025 तक कर दी गईं।

    अब सरकार ने फिर केवल 100 से अधिक पदों पर परीक्षा-आधारित भर्ती का विज्ञापन निकाला है, जिसे कर्मचारी गलत मान रहे हैं।

    नर्सिंग मंच का कहना है कि पहले जहां सीनियरिटी के आधार पर नियुक्तियां होती थीं, अब परीक्षा के जरिए भर्ती करना हजारों उम्मीदवारों को नुकसान पहुंचाएगा-खासकर उन लोगों को जो आयु सीमा पार कर रहे हैं।

    सरकार पर गंभीर आरोप—-

    नर्सिंग एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा

    धरना स्थल शहर से बाहर तय किया गया ताकि आवाज सरकार तक न पहुंचे।

    लिखित परीक्षा के बाद बने पोर्टल को तुरंत बंद किया जाए।

    भर्ती प्रक्रिया को पुरानी व्यवस्था (वर्षवार) के अनुसार लागू किया जाए।

    स्वास्थ्य संस्थानों में खाली पद तुरंत भरे जाएं।

    ओवर-एज अभ्यर्थियों को विशेष आयु-छूट दी जाए।

    क्या आगे?—

    बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी पहले ही मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर अपनी पीड़ा जता चुके हैं। उनका कहना है कि अगर सरकार ने जल्द परिस्थितियों पर निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। महिला कॉन्स्टेबल द्वारा थप्पड़ मारने की घटना ने इस विरोध को और भड़का दिया है।

  • बीमार होने पर नहीं रुकेगा पीआरडी जवानों का मानदेय:– कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का बड़ा फैसला।

    बीमार होने पर नहीं रुकेगा पीआरडी जवानों का मानदेय:– कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का बड़ा फैसला।

    देहरादून—-  पीआरडी जवानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब बीमार होने या अस्पताल में भर्ती रहने पर भी 6 महीने तक उनका मानदेय नहीं रुकेगा।

    सचिवालय स्थित एफआरडीसी सभागार में आयोजित बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को यह व्यवस्था लागू करने के स्पष्ट निर्देश दे दिए।

    पीआरडी जवानों की मांगों पर सहानुभूति भरा रुख—

    बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विभाग पीआरडी जवानों की हर जायज मांग पर सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्ण विचार करेगा।
    उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि..–

    “स्वयंसेवक” की जगह पीआरडी जवानों के लिए सम्मानजनक और उपयुक्त शब्द इस्तेमाल किया जाए।

    सहायता राशि में बढ़ोतरी की दिशा में भी कदम उठाए जाएं।

    बीमार होने की स्थिति में मानदेय नियमित रूप से जारी रहे।

    365 दिन रोजगार का भी मामला उठा

    बैठक में पीआरडी संगठन के प्रतिनिधियों ने 365 दिन रोजगार की मांग रखी।
    इस पर मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों को इस दिशा में ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    स्थापना दिवस की तैयारियों की समीक्षा–

    कैबिनेट मंत्री ने 11 दिसंबर को होने वाले पीआरडी स्थापना दिवस कार्यक्रम की तैयारियों का भी जायजा लिया और कहा कि इस बार समारोह बड़े स्तर पर और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाएगा।

    बैठक में मौजूद रहे अधिकारी–

    बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, विभागीय अधिकारी और पीआरडी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

  • उत्तराखंड :– नक्शा पास कराने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा आसान, जानिए कैसे ,,,,,,.

    उत्तराखंड :– नक्शा पास कराने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा आसान, जानिए कैसे ,,,,,,.

    उत्तराखंड—-  उत्तराखंड सरकार ने Ease of Doing Business को बढ़ावा देते हुए भवन नक्शा पास करवाने की प्रक्रिया को बेहद सरल और तेज कर दिया है।

    अब कम जोखिम वाले भवनों के नक्शे आर्किटेक्ट ही स्वीकृत कर सकेंगे, जिससे आम लोगों और बिल्डरों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

    आवास विभाग ने 4 सितंबर 2019 के शासनादेश में संशोधन करते हुए नई व्यवस्था लागू कर दी है। इस संबंध में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने आदेश जारी किए।

    क्या बदला है नियम?—-

    अब तक भवन मानचित्र स्वीकृति के लिए कई विभागों की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जो समय लेने वाली और जटिल थी। नई व्यवस्था में..

    कम जोखिम वाले भवनों के नक्शे को मान्यता प्राप्त आर्किटेक्ट ही सीधे स्वीकृत कर सकेगा।

    इसके लिए दो महत्वपूर्ण फॉर्म शामिल होंगे—

    SC-1_ आर्किटेक्ट/इंजीनियर का प्रमाण कि नक्शा सभी नियमों के अनुरूप है।

    SC-2 _स्ट्रक्चरल इंजीनियर का प्रमाण कि भवन संरचनात्मक रूप से सुरक्षित है।

    आर्किटेक्ट द्वारा स्वीकृति के बाद केवल संबंधित प्राधिकरण को सूचना देनी होगी।

    सबसे बड़ी राहत – 15 दिन में मंजूरी सुनिश्चित—

    नई व्यवस्था के अनुसार—-

    आर्किटेक्ट की ओर से सूचना भेजने के बाद, यदि 15 दिनों तक प्राधिकरण कोई आपत्ति नहीं देता, तो आवेदक निर्माण कार्य शुरू कर सकता है।

    यह नियम स्वचालित मंजूरी की तरह काम करेगा, जो प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाता है।

    क्या होगा फायदा?—-

    नक्शा पास कराने में लगने वाला समय काफी घटेगा।

    नागरिकों और बिल्डरों को बार-बार दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा।

    भ्रष्टाचार और अनावश्यक अड़चनों में कमी आएगी।

    निर्माण परियोजनाओं में गति और पारदर्शिता बढ़ेगी।

    छोटे मकानों और कम जोखिम वाले भवनों के लिए बड़ी राहत।

    सरकार का यह फैसला उत्तराखंड में निर्माण से जुड़े कार्यों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आर्किटेक्ट को अधिकार देने से नक्शा पास होने की प्रक्रिया तेज होगी और आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।

  • दहला देने वाली सुबह- कमरे में मिले तीन युवकों के शव,दम घुटने हुई से मौत..।

    दहला देने वाली सुबह- कमरे में मिले तीन युवकों के शव,दम घुटने हुई से मौत..।

    उत्तराखंड—  देहरादून के त्यूणी तहसील के भूठ गांव से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। रविवार सुबह राजकीय हाईस्कूल के एक कमरे में काम करने आए डिरनाड गांव के तीन युवक मृत मिले। तीनों राज मिस्त्री का काम करते थे और कई दिनों से गांव में रहकर निर्माण कार्य कर रहे थे।

    ग्रामीणों ने बताया कि सुबह काफी देर तक दरवाजा न खुलने और कमरे से तेज एलपीजी गैस की गंध आने पर सूचना प्रशासन को दी गई।

    नायब तहसीलदार सरदार सिंह राणा की टीम मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी तो तीनों युवक अचेत अवस्था में मिले। जांच में पता चला कि तीनों की मौत हो चुकी थी और गैस सिलिंडर पूरी तरह खाली था।

    मृतकों की पहचान प्रकाश, संजय (दोनों सगे भाई) और उनके रिश्तेदार संदीप के रूप में हुई है। राजस्व पुलिस की शुरुआती जांच में मामला गैस लीकेज से दम घुटने का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

  • मुकेश बोरा की पहल रंग लाई,,, मंत्री ने 43 पदोन्नतियों को दी हरी झंडी।

    मुकेश बोरा की पहल रंग लाई,,, मंत्री ने 43 पदोन्नतियों को दी हरी झंडी।

    देहरादून—   नैनीताल आँचल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि०, लालकुआँ के कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने दुग्ध विकास मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा से शिष्टाचार भेंट की।

    इस दौरान कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करते हुए प्रस्ताव मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

    बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि पिछले 14 वर्षों से लंबित पात्र 43 कर्मचारियों की पदोन्नति के प्रस्ताव को मंत्री द्वारा सहमति प्रदान कर दी गई। अध्यक्ष मुकेश बोरा ने मंत्री के समक्ष कई अन्य अहम मुद्दे भी उठाए, जिनमें—

    पर्वतीय क्षेत्रों में महिला डेरी सचिवों को मानदेय 50 पैसे से बढ़ाकर 1 रुपया करने की मांग व मैदानी क्षेत्र में सचिवों को पर्वतीय क्षेत्र की भांति किये जाने का प्रस्ताव रखा गया

    महंगाई भत्ते की पुरानी व्यवस्था बहाल करना,
    वर्ष 2016 से 2019 तक के सातवें वेतनमान के एरियर को अनुमन्य करना,
    1 लाख लीटर दुग्ध हैंडलिंग क्षमता के अनुरूप स्टाफिंग पैटर्न लागू करना,
    अत्याधुनिक एन.डी.डी.बी. प्लांट में मशीनरी की विशेषज्ञ स्थापना शामिल रही।

    मंत्री बहुगुणा ने कहा— “दुग्ध संघ दो कदम चलेगा तो सरकार पाँच कदम उसके साथ चलेगी। किसानों और दुग्ध उत्पादकों के हित में सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    दुग्ध क्षेत्र में सुधार और कर्मचारियों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए ऐतिहासिक निर्णय जल्द लिए जाएंगे।”

    मुकेश बोरा ने मंत्री के बयान पर कहा— “मंत्री सौरभ बहुगुणा द्वारा दिया गया विश्वास हमारे कर्मचारियों और किसानों दोनों के लिए उत्साहवर्धक है।

    सरकार और दुग्ध संघ के संयुक्त प्रयास से दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं का व्यापक समाधान संभव होगा।” उन्होंने मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय हजारों दुग्ध उत्पादकों और कर्मचारियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

    संघ के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि शेष मांगों पर भी शीघ्र निर्णायक कदम उठाए जाएंगे।

    भेंट के दौरान वित्त प्रभारी उमेश पठालनी, प्रशासन/विपणन प्रभारी संजय सिंह भाकुनी, पी एंड आई सुभाष बाबू, कारखाना प्रबंधक धर्मेन्द्र सिंह राणा, खलील अहमद, शांति कोरंगा, मुन्नी आर्या, मोहन जोशी, कमलेश कुमार, रमेश मेहता, रमेश आर्या, विपिन तिवारी, हेमन्त पाल, मीना रौतेला, राजू दुम्का सहित कर्मचारी मौजूद रहे।