Category: देहरादून

  • रोशनी सोसाइटी को राष्ट्रीय सम्मान ,,,,,, मानसिक दिव्यांग बच्चों की उम्मीदों को दी नई उड़ान।

    रोशनी सोसाइटी को राष्ट्रीय सम्मान ,,,,,, मानसिक दिव्यांग बच्चों की उम्मीदों को दी नई उड़ान।

    लखनऊ/देहरादून—  मानसिक दिव्यांग बच्चों के अधिकारों और उनके पुनर्वास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उत्तराखंड की रोशनी सोसाइटी को वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित डा. रीता पेशावरिया मेनन एवं श्रीमती प्रेमलता पेशावरिया राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया है।

    यह पुरस्कार NIEPID (राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान) और परिवार महासंघ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित नेशनल पैरेंट्स मीट में दिया गया।

    यह सम्मेलन 28 से 30 नवंबर तक डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में हुआ, जिसमें देश के 25 राज्यों से आए 350 अभिभावकों और संगठनों ने भाग लिया।

    कर्नाटक के राज्यपाल और वरिष्ठ गणमान्य अतिथियों ने किया सम्मानित—

    रोशनी सोसाइटी को यह सम्मान कर्नाटक के महामहिम राज्यपाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री थावर चंद गहलोत, यूपी सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप, राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पंकज मारू, मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश अवस्थी, NIEPID डायरेक्टर डॉ. मेजर रामकुमार और यूपी के दिव्यांग आयुक्त डॉ. हिमांशु शेखर झा की उपस्थिति में दिया गया।

    पुरस्कार में प्रशस्ति–पत्र व 21,000 रुपये की सम्मान राशि शामिल है। गौरतलब है कि उत्तराखंड में यह सम्मान पाने वाली रोशनी सोसाइटी पहली संस्था है।

    रोशनी सोसाइटी पर बढ़ी जिम्मेदारी—

    पुरस्कार समारोह में सोसाइटी की अध्यक्ष शिवानी पाल, उपाध्यक्ष हेमा परगांई, सचिव गोविंद मेहरा, सदस्य ममता धामी और विशेष बालक ओजस्विन मौजूद रहे।

    अध्यक्ष शिवानी पाल ने कहा कि यह सम्मान रोशनी की जिम्मेदारी को और बढ़ाता है।

    वहीं सचिव गोविंद मेहरा ने यह पुरस्कार उन सभी मानसिक दिव्यांग बच्चों को समर्पित किया “जो आज भी समाज में उपेक्षा और कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।”उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में उनके अधिकारों और पुनर्वास के लिए और तेज गति से काम करेगी।

    गोविंद मेहरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई भूमिका–/

    इस नेशनल पैरेंट्स मीट में गोविंद मेहरा को परिवार संस्था की राष्ट्रीय एक्ज़ीक्यूटिव काउंसिल का सदस्य भी चुना गया है। जल्द ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

  • सीएम धामी ने “उत्तराखण्ड @25 :- लुकिंग बैक-लुकिंग फॉरवर्ड” पुस्तक का किया विमोचन।

    सीएम धामी ने “उत्तराखण्ड @25 :- लुकिंग बैक-लुकिंग फॉरवर्ड” पुस्तक का किया विमोचन।

    देहरादून–   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में “उत्तराखण्ड @25 : लुकिंग बैक-लुकिंग फॉरवर्ड” पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया।

    दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र और भारतीय लोक प्रशासन संस्थान द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक राज्य निर्माण के 25 वर्षों की विकास यात्रा, उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत दस्तावेज प्रस्तुत करती है।

    पुस्तक में क्या है विशेष?——

    इस पुस्तक में शासन-प्रशासन, आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण, पलायन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य-शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, कृषि, संस्कृति और पत्रकारिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विश्लेषण शामिल है। कुल 28 लेख प्रकाशित किए गए हैं, जिनमें 31 लेखकों व सह-लेखकों का योगदान रहा।

    राज्य की 25 वर्ष की उपलब्धियों पर सीएम का जोर—–

    सीएम धामी ने कहा कि यह पुस्तक न सिर्फ राज्य की प्रगति को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है, बल्कि आने वाले समय में नीति-निर्माण और शोध के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि 25 वर्षों की इस यात्रा में उत्तराखंड ने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया —-

    सतत विकास लक्ष्यों (SDG) में राज्य को देश में प्रथम स्थान मिला है।

    ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अचीवर और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर श्रेणी हासिल हुई।
    राज्य में बेरोजगारी दर 4.4% कम हुई है।

    लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस में ‘अचीवर’ और सिंगल विंडो सिस्टम में ‘टॉप अचीवर’ श्रेणी मिली।

    पर्यटन, मत्स्य विकास और किसानों की आय वृद्धि दर में भी उत्तराखंड ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

    समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने का गौरव भी उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है।

    प्रकाशन संस्थानों का आभार—–

    सीएम धामी ने पुस्तक के संपादक मंडल, लेखकों और प्रकाशन संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुस्तक उत्तराखंड के सतत, समावेशी और समग्र विकास की दिशा में प्रेरणा देने वाली साबित होगी।

    इस अवसर पर पुस्तक के मुख्य संपादक एन.एस. नपलच्याल, संपादक एन. रवि शंकर, डॉ. सुधारानी पांडेय, प्रो. बी.के. जोशी, पूर्व मुख्य सचिव इन्दु कुमार पाण्डेय, राधा रतूड़ी, पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक सम्मानित लोग उपस्थित रहे।

  • आईएफएस रंजन कुमार मिश्र बने उत्तराखंड वन विभाग के नए प्रमुख।.

    आईएफएस रंजन कुमार मिश्र बने उत्तराखंड वन विभाग के नए प्रमुख।.

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड सरकार ने 1993 बैच के भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी रंजन कुमार मिश्र को राज्य का नया प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) नियुक्त किया है।

    राज्यपाल ने उनकी पदोन्नति को मंजूरी देते हुए उन्हें सर्वोच्च वेतनमान लेवल-17 (₹2,25,000) में तैनाती की स्वीकृति प्रदान की है।

    रंजन कुमार मिश्र वर्तमान में प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) के पद पर कार्यरत थे। पूर्व विभाग प्रमुख समीर सिन्हा के सेवानिवृत्त होने के बाद अब विभाग की बागडोर मिश्र संभालेंगे।

    मिश्र वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और पर्यावरणीय परियोजनाओं में लंबे अनुभव वाले अधिकारी माने जाते हैं।

    उनकी नियुक्ति से वन विभाग में नई दिशा, सक्रियता और नीतिगत सुधारों की उम्मीद जताई जा रही है।

  • उत्तराखंड में बदलेगा मौसम,,, कड़ाके की ठंड के लिए रहें तैयार..।

    उत्तराखंड में बदलेगा मौसम,,, कड़ाके की ठंड के लिए रहें तैयार..।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 5 और 6 दिसंबर को पहाड़ी इलाकों में गर्जन के साथ हल्की बारिश और ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है।

    इसके चलते शुक्रवार रात से तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और प्रदेश में ठंड और बढ़ जाएगी।

    पहाड़ी इलाकों में पारा गिरने लगा—-

    1 दिसंबर को ही पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान नीचे आया है, जिससे सुबह और शाम की ठिठुरन बढ़ गई है। हालांकि दिन के समय मौसम शुष्क रहने के कारण तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दो दिनों में पारा और गिर सकता है।

    मैदानी जिलों में धुंध और कोहरा—-

    हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में हल्की धुंध छाई रही। कई जिलों के लिए सुबह और शाम के समय कोहरा पड़ने की चेतावनी जारी की गई है। मैदानी क्षेत्रों में उथला कोहरा या कुहासा रहने की संभावना है।

    देहरादून का मौसम—

    राजधानी देहरादून में आसमान सामान्यतः साफ रहेगा।

    अधिकतम तापमान – करीब 26°C
    न्यूनतम तापमान – लगभग 9°C

    सुबह और शाम की ठंड बढ़ने लगी है और अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है।

    पिछले 24 घंटों में मौसम का हाल—

    राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई। प्रमुख जगहों का तापमान इस प्रकार रहा..

    देहरादून – अधिकतम 26.4°C | न्यूनतम 8.3°C
    पंतनगर – अधिकतम 24.3°C | न्यूनतम 5°C
    मुक्तेश्वर – अधिकतम 23°C | न्यूनतम 7.8°C
    नई टिहरी – अधिकतम 20.5°C | न्यूनतम 6.4°C

    आगे का मौसम—

    मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक राज्य में मौसम सामान्यतः साफ रहेगा, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में ठंडी हवाएँ तापमान को और नीचे ले जा सकती हैं।

  • राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष नरेश बन्सल प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखण्ड के प्रमुख सरंक्षक पद पर नियुक्त ।

    राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष नरेश बन्सल प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखण्ड के प्रमुख सरंक्षक पद पर नियुक्त ।

    उत्तराखंड—  प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल केन्द्रीय कार्यकारिणी ने संरक्षक विनय गोयल के अनुमोदक पर राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष नरेश बंसल को संगठन को प्रमुख सरंक्षक पद पर नियुक्त किया गया।

    संगठन के प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि नरेश बंसल के संरक्षक पद पर नियुक्ति से राज्य के व्यापारी लाभवन्वित होंगे और संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे।

    नरेश बंसल के मनोनयन पर संरक्षक विनय गोयल, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष मोंगा, प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र फर्स्वाण ,संयोजक धर्म यादव, महानगर अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ,प्रदेश प्रभारी वीरेन्द्र गुप्ता, सह प्रभारी देवेश अग्रवाल, प्रदेश सचिव रामबाबू मिश्रा, राकेश गुप्ता टीटू, रणनीति सलाहकार दीपक माहेश्वरी ,शकील अहमद, कुंदन बिष्ट, प्रज्ञान भारद्वाज, कुंदन रावत ललित जायसवाल, नुसरत सिद्दकी, धर्मेंद्र गुप्ता ,मुनेश अग्रवाल ,प्रभजोत चंडोक, राजीव शर्मा आदि ने बधाई दी।

  • जनता तक सही जानकारी, समय पर और पारदर्शिता के साथ पहुंचे : — डीजी सूचना।

    जनता तक सही जानकारी, समय पर और पारदर्शिता के साथ पहुंचे : — डीजी सूचना।

    देहरादून—  महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने जिला सूचना अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी तेजी, सटीकता और पेशेवर तरीके से जनता तक पहुँचाएँ।

    उन्होंने कहा कि मीडिया से बेहतर समन्वय और पत्रकारों की समस्याओं का त्वरित समाधान विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी है।

    सूचना निदेशालय में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि जन-कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    सोशल मीडिया पर तथ्यात्मक, संतुलित और सकारात्मक सामग्री पोस्ट की जाए तथा अफवाह या अपुष्ट जानकारी से बचा जाए।

    सरकारी योजनाओं से जुड़ी सक्सेस स्टोरीज़ और रोचक लेख नियमित जारी किए जाएँ।

    उन्होंने जिला सूचना कार्यालयों की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि

    जिला स्तर पर मीडिया से समन्वय और मजबूत किया जाए।

    सभी सरकारी कार्यक्रमों की समयबद्ध कवरेज सुनिश्चित की जाए।

    आपदा व महत्वपूर्ण घटनाओं की कवरेज हेतु एसओपी तैयार की जाए।

    प्रेस सेवा पोर्टल व फिल्म शूटिंग की सिंगल विंडो प्रणाली के कार्य समय पर पूरे हों।

    डीजी तिवारी ने बताया कि विभाग को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए

    विभागीय पुनर्गठन प्रस्ताव शासन को भेजा गया है,

    खाली पदों को भरने के लिए अधियाचन भेजा गया है,

    जिला सूचना कार्यालयों की जरूरतों के अनुरूप बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी।

    नए भवन निर्माण हेतु भूमि तलाशने के निर्देश भी दिए गए।

    बैठक में संयुक्त निदेशक के.एस. चौहान, डॉ. नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ वित्त अधिकारी शशि सिंह, उप निदेशक रवि बिजारनियां, मनोज श्रीवास्तव सहित सभी जिला सूचना अधिकारी उपस्थित रहे।

  • विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन में बोले मुख्यमंत्री “हिमालय हमारा जीवन स्रोत, संरक्षण हमारी जिम्मेदारी”….

    विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन में बोले मुख्यमंत्री “हिमालय हमारा जीवन स्रोत, संरक्षण हमारी जिम्मेदारी”….

    देहरादून – ग्राफिक एरा सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन एवं 20वें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन–2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने विशेष अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर एनडीएमए के सदस्य डॉ. दिनेश कुमार असवाल की पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली महिला वैज्ञानिकों को सम्मानित किया। राज्यभर से चयनित वैज्ञानिकों को “Young Women Scientist Achievement Award–2025” और “UCOST Young Women Scientist Excellence Award” प्रदान किए गए। सम्मानित वैज्ञानिकों में डॉ. अंकिता राजपूत, डॉ. गरिमा पुनेठा, डॉ. ममता आर्या, डॉ. हर्षित पंत, डॉ. प्रियंका शर्मा, डॉ. प्रियंका पांडे, डॉ. प्रियंका उनियाल, पलक कंसल, राधिका खन्ना, स्तुति आर्या और देवयानी मुंगल शामिल रहीं।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विज्ञान, अनुसंधान और तकनीक आधारित नवाचार आपदा प्रबंधन को सशक्त और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की युवा महिला वैज्ञानिकों के शोध कार्य न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक हैं।

    केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तराखंड इस सम्मेलन के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है, क्योंकि हिमालयी क्षेत्र आपदा जोखिम के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील है। उन्होंने घोषणा की कि हरिद्वार, पंतनगर और औली में अत्याधुनिक मौसम पूर्वानुमान राडार लगाए जाएंगे, जिससे राज्य का मौसम चेतावनी तंत्र और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि “सिलक्यारा विजय अभियान” ने यह साबित किया कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मजबूत नेतृत्व से हर चुनौती पर विजय प्राप्त की जा सकती है।

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह तीन दिवसीय सम्मेलन हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन की चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श का मंच बनेगा। इसमें देश-विदेश से आए वैज्ञानिक, शोधकर्ता और नीति-निर्माता तकनीकी नवाचार और वैश्विक सहयोग के माध्यम से समाधान तलाशेंगे।

    उन्होंने कहा कि हिमालय केवल पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि भारतीय उपमहाद्वीप का जीवन स्रोत है। जलवायु परिवर्तन, अनियंत्रित विकास और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से इसका संतुलन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों के बीच समन्वय से ही इस संवेदनशील पारिस्थितिकी की रक्षा संभव है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए “4P मंत्र — Predict, Prevent, Prepare और Protect” को अपनाया गया है। सिलक्यारा सुरंग बचाव अभियान इसी नीति का जीवंत उदाहरण है, जहाँ 17 दिनों के अथक प्रयासों से 41 श्रमिकों को सुरक्षित निकाला गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब आपदा प्रबंधन को राहत एवं बचाव से आगे बढ़ाकर तकनीकी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सुदृढ़ बना रही है।

    उन्होंने बताया कि राज्य में डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर, जीआईएस मैपिंग, ड्रोन सर्विलांस और सेंसर आधारित झील मॉनिटरिंग पर कार्य किया जा रहा है। साथ ही, अर्ली वार्निंग सिस्टम को और प्रभावी बनाया गया है। जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए स्प्रिंग रिजुविनेशन अथॉरिटी (SARA) गठित की गई है, जिसके अंतर्गत पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन का कार्य चल रहा है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि “डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम” के माध्यम से प्लास्टिक वेस्ट प्रबंधन में उल्लेखनीय सफलता मिली है, जिससे अब तक 72 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स में उत्तराखंड को देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

    उन्होंने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति में प्रकृति को माँ के रूप में पूजने की परंपरा है। आस्था, परंपरा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को साथ लेकर चलना ही सच्चे विकास की दिशा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मेलन विश्व स्तर पर आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन नीति को नई दिशा प्रदान करेगा।

    कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सचिव नितेश झा, यूकॉस्ट महानिदेशक दुर्गेश पंत, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के चेयरमैन कमल घनशाला, विभिन्न देशों के राजदूत, केंद्र एवं राज्य सरकार के अधिकारी, देश-विदेश से आए शोधकर्ता, विशेषज्ञ और छात्र उपस्थित रहे।

  • उत्तराखंड आयुर्वेद वि.वि. में करोड़ों की हेराफेरी,,,, सीएम ने विजिलेंस को सौंपी जांच..।

    उत्तराखंड आयुर्वेद वि.वि. में करोड़ों की हेराफेरी,,,, सीएम ने विजिलेंस को सौंपी जांच..।

    उत्तराखंड—   उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में प्रशासकीय और वित्तीय अधिकारों के दुरुपयोग का मामला अब पूरी तरह मुख्‍यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के रडार पर आ गया है।

    करीब ₹13.10 करोड़ के संदिग्ध भुगतान पर उठे सवालों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने विजिलेंस विभाग को खुली जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं।

    मामले की पत्रावली पर स्वयं सीएम ने अनुमोदन प्रदान कर, स्पष्ट कर दिया है कि करोड़ों की हेराफेरी पर कोई समझौता नहीं होगा।

    सूत्रों के अनुसार, पिछले कई वर्षों में विश्वविद्यालय में हुए भुगतान संबंधी निर्णयों में अनियमितताओं के संकेत मिले थे।

    प्रशासनिक व वित्तीय अधिकारों के मनमाने उपयोग को लेकर शिकायतें लगातार सरकार तक पहुंच रही थीं। प्रकरण का परीक्षण करने के बाद सरकार ने इसे अत्यंत गंभीर मानते हुए सतर्कता विभाग को संपूर्ण जांच सौंपने का निर्णय लिया।

    मुख्यमंत्री धामी के निर्देश के बाद अब विजिलेंस विभाग पूरे मामले की गहन जांच करेगा,,कौन-कौन जिम्मेदार था, किस स्तर पर गड़बड़ी हुई और किस उद्देश्य से करोड़ों का भुगतान बिना उचित प्रोटोकॉल के किया गया।

  • उत्तराखंड पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल,,,, कई सीओ को मिली नई जिम्मेदारी।

    उत्तराखंड पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल,,,, कई सीओ को मिली नई जिम्मेदारी।

    देहरादून—   उत्तराखंड पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है।

     

    विभाग ने आधा दर्जन से अधिक पुलिस क्षेत्राधिकारियों (CO) को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं।

     

    प्रमोद शाह, शांतनु पाराशर सहित कई अधिकारियों को अपर पुलिस अधीक्षक (Additional SP) के पद पर तैनाती मिली है।

  • मतदाता सूची में नाम जोड़ना या हटाना हो तो तत्काल भरें फॉर्म,,,, विभाग दे रहा नया वोट बनवाने का मौका।

    मतदाता सूची में नाम जोड़ना या हटाना हो तो तत्काल भरें फॉर्म,,,, विभाग दे रहा नया वोट बनवाने का मौका।

    उत्तराखंड—  मतदाता सूची में नाम जोड़ना या हटाना तो तत्काल फॉर्म भरें। उत्तराखंड में अभी निर्वाचन विभाग नया वोट बनवाने का मौका दे रहा है।

    उत्तराखंड में चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण—- (एसआईआर) शुरू होने से पहले आप अपना वोट बनवा सकते हैं। नाम हटवा सकते हैं। पता बदलवा सकते हैं। एसआईआर शुरू होने के बाद यह प्रक्रिया रुक जाएगी, केवल आवेदन हो पाएगा।

    जिन मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में दो जगह है, वह तत्काल एक जगह से अपना नाम हटवा लें। दो जगह नाम होने पर आपको चुनाव आयोग के नोटिस का सामना करना पड़ सकता है। इसी प्रकार, जिन लोगों का वोट नहीं है, वह भी अपना वोट बनवा सकते हैं ताकि एसआईआर का हिस्सा बन सकें।

    उत्तराखंड में अभी यह पूरी प्रक्रिया गतिमान है। एक बार एसआईआर की घोषणा होने के बाद प्रक्रिया रुक जाएगी। केवल आवेदन होंगे, जिनका निस्तारण एसआईआर पूरा होने के बाद ही हो पाएगा।

    नया वोट बनवाने के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट—- voters.eci.gov.in पर ऑनलाइन फॉर्म-6 भरने की सुविधा उपलब्ध है। यहां आप अपने दस्तावेज को अपलोड करके नया वोट बनवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। दो जगह वोट होने पर एक जगह से डिलीट कराने के लिए इसी वेबसाइट पर फॉर्म-7 का लिंक दिया गया है।

    वेबसाइट पर फॉर्म-8 भरें—-
    अपने वोट में नाम, पता आदि में करेक्शन के लिए वेबसाइट पर फॉर्म-8 भरा जा सकता है। खास बात ये है कि इन सभी लिंक के साथ चुनाव आयोग ने गाइडलाइंस भी दी हुई है। आपको अपने मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की जरूरत पड़ सकती है।

    एसआईआर के दौरान केवल आवेदन—-

    एसआईआर शुरू होने के बाद केवल आवेदन कर सकेंगे। आवेदन का निस्तारण एसआईआर खत्म होने के बाद ही हो सकेगा। लेकिन जो लोग अपना वोट अभी बनवा लेंगे, वह एसआईआर में शामिल हो सकेंगे।