Category: देहरादून

  • एसडीजी अचीवर अवार्ड 2024–25 के लिए नॉमिनेशन शुरू,,, आप भी कर सकते हैं दावेदारी जानिए कैसे??.

    एसडीजी अचीवर अवार्ड 2024–25 के लिए नॉमिनेशन शुरू,,, आप भी कर सकते हैं दावेदारी जानिए कैसे??.

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड में सतत विकास लक्ष्यों (SDG) पर बेहतरीन काम करने वाले व्यक्तियों, सामाजिक संगठनों, संस्थाओं और कॉर्पोरेट सेक्टर को सम्मानित करने के लिए SDG Achiever Award 2024–25 की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह पहल संयुक्त राष्ट्र (UNDP) और नीति आयोग की साझेदारी में की जा रही है।

    इस पुरस्कार का मकसद राज्य में एसडीजी लक्ष्यों को तेजी से हासिल करना, और जमीनी स्तर पर हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और सकारात्मक प्रयासों को पहचान देना है। इस बार खास तौर पर “SDG Localization”, यानी गांव और ब्लॉक स्तर पर किए गए सफल कामों को भी शामिल किया जाएगा।

    पहली बार शुरू हुआ ‘SDG Young Achiever Award’-

    इस वर्ष पहली बार 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के लिए SDG Young Achiever Award की घोषणा हुई है। इसमें वे युवा शामिल होंगे जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, जल संरक्षण, जैव विविधता, नशा मुक्ति, नवाचार और समाज परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सराहनीय योगदान दिया है।

    60 व्यक्तियों/संस्थाओं को मिलेगा सम्मान-

    राज्य भर से कुल 60 उत्कृष्ट व्यक्तियों और संस्थाओं को यह पुरस्कार दिया जाएगा। चयनित मॉडल को आगे अन्य क्षेत्रों और योजनाओं में भी लागू करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि उनके अच्छे काम का फायदा ज्यादा लोगों तक पहुंचे।

    कैसे करें नामांकन?-

    नामांकन 30 नवंबर 2025 तक आमंत्रित हैं।

    इच्छुक व्यक्ति/संस्था QR कोड या ईमेल [cppgg@gmail.com](mailto:cppgg@gmail.com) पर आवेदन भेज सकते हैं।

    नामांकन फॉर्म cppgg.uk.gov.in वेबसाइट पर उपलब्ध है।

    अधिक जानकारी के लिए
    डॉ. मुकेश नेगी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी
    संपर्क: 7500858662

  • संविधान दिवस पर पुलिसकर्मियों ने ली निष्ठा की शपथ, प्रभारी निरीक्षक रतूड़ी के नेतृत्व में वृक्षारोपण….

    संविधान दिवस पर पुलिसकर्मियों ने ली निष्ठा की शपथ, प्रभारी निरीक्षक रतूड़ी के नेतृत्व में वृक्षारोपण….

    रुद्रपुर – संविधान दिवस के अवसर पर मंगलवार को कोतवाली रुद्रपुर परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूड़ी ने सभी पुलिसकर्मियों और स्टाफ को संविधान की शपथ दिलाई।

    कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसके बाद प्रभारी निरीक्षक ने संविधान की प्रस्तावना का वाचन कर सभी को संविधान के प्रति निष्ठा, समानता, न्याय और बंधुत्व की भावना बनाए रखने का संकल्प दिलाया।
    उन्होंने कहा कि “संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि यह हमारे देश की आत्मा है, जो नागरिकों को अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है।”

    शपथ ग्रहण के बाद थाना परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूड़ी, एसएसआई अनिल जोशी तथा थाना के अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए परिसर में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए।

    पुलिस टीम ने इस अवसर पर यह भी संकल्प लिया कि वे न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में सदैव तत्पर रहेंगे, बल्कि समाज में पर्यावरण जागरूकता और संविधानिक मूल्यों के प्रसार के लिए भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

  • उत्तराखंड- कैबिनेट की बैठक में हुए बड़े फैसले,,,, इन अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी।

    उत्तराखंड- कैबिनेट की बैठक में हुए बड़े फैसले,,,, इन अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी।

    उत्तराखंड—  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी।

    कुल 10 प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष आए, जिनमें से अधिकतर को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:

    पर्यावरण संरक्षण का लेखा-जोखा सदन में रखा जाएगा

    कैबिनेट ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी रिपोर्ट को सदन पटल पर रखने पर सहमति दी। सरकार अब पर्यावरण सुरक्षा को लेकर किए गए कार्यों की विस्तृत स्थिति सार्वजनिक करेगी।

    अभियोजन विभाग में नए पदों को मंज़ूरी—

    अभियोजन विभाग को मजबूती देने के लिए कैबिनेट ने **46 नए सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) के पदों के सृजन की मंजूरी दी। इससे विभागीय कार्यप्रणाली और अदालतों में मामलों की पैरवी और अधिक प्रभावी होगी।

    ऊर्जा विभाग का वार्षिक प्रतिवेदन पेश—

    ऊर्जा विभाग का 2022–23 का वार्षिक प्रतिवेदन भी सदन में प्रस्तुत किया गया। इससे राज्य की ऊर्जा स्थिति, प्रगति और योजनाओं का पूरा ब्यौरा विधायकों के सामने रखा जाएगा।

     

    महिलाओं को रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक काम करने की अनुमति—

    श्रम विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने बड़ा निर्णय लेते हुए
    महिला कर्मकारों को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति प्रदान की है।

    यह अनुमति उनकी लिखित सहमति से ही होगी।
    नियोक्ता को महिला कर्मचारियों के लिए पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

    दुकान और आस्थापन अधिनियम में संशोधन–

    अध्यादेश के तहत अधिनियम की तीन धाराओं में संशोधन किया जाएगा।

    छोटे प्रतिष्ठानों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

    बड़े प्रतिष्ठानों को नए नियमों का अनुपालन करना होगा।

    शिक्षा विभाग के मामलों का पुनः परीक्षण–

    उदयराज इंटर कॉलेज काशीपुर सहित कुछ मामलों में पुनः परीक्षण का निर्णय लिया गया।
    चयन/प्रोन्नत वेतनमान और अतिरिक्त वेतन वृद्धि से जुड़े मुद्दों की भी दोबारा समीक्षा होगी।

    देहरादून नियो मेट्रो पर कैबिनेट की सहमति–/

    राजधानी में नियो मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर कैबिनेट ने अपनी सहमति दी है।
    आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा भेजे गए परामर्शों को भी प्रोजेक्ट में शामिल करने पर मंजूरी दी गई।

  • उपनल कार्मिकों के लिए बड़ी राहत ,,,, धामी सरकार ने किया यह फैसला।

    उपनल कार्मिकों के लिए बड़ी राहत ,,,, धामी सरकार ने किया यह फैसला।

    उत्तराखंड—  उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर UPNL (उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों कार्मिकों के हित में बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है।

    यह निर्णय 2018 में दायर रिट याचिका (संख्या 116/2018 – PIL) में उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा दिए गए आदेश और हाल ही में उपनल प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री की बैठक के बाद लिया गया है।

    सैनिक कल्याण विभाग के सचिव दीपेन्द्र चौधरी द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार—

    1.12 वर्ष या उससे अधिक सेवा वाले कर्मचारियों को बड़ा लाभ

    राज्य सरकार के विभागों/संस्थानों में UPNL के माध्यम से तैनात वे कार्मिक, जिन्होंने 12 वर्ष या उससे अधिक की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें अब समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत के आधार पर वेतनमान का न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ता (DA) दिया जाएगा।

    2.चरणबद्ध रूप से सेवा पूरी करने वाले अन्य कार्मिक भी लाभान्वित होंगे

    सिर्फ वरिष्ठ कार्मिक ही नहीं, बल्कि वे सभी UPNL कर्मचारी जिन्होंने चरणबद्ध तरीके से निरंतर सेवाएं पूरी की हैं, उन्हें भी जल्द ही न्यूनतम वेतन + महंगाई भत्ता उपलब्ध कराया जाएगा। शासन स्तर पर इसकी प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ाई जा रही है।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन निर्णयों से जुड़े औपचारिक आदेश जल्द ही जारी किए जाएंगे, ताकि कर्मचारियों को समय पर इसका लाभ मिल सके।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार UPNL कार्मिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उनके दीर्घकालिक लाभ के लिए लगातार सकारात्मक निर्णय लिए जा रहे हैं।

  • श्रम सुधार :- करोड़ों श्रमिकों के लिए नए युग की शुरुआत – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

    श्रम सुधार :- करोड़ों श्रमिकों के लिए नए युग की शुरुआत – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

    देहरादून—  उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए श्रम सुधार देश के कार्यबल के लिए नए युग की शुरुआत हैं।

    उन्होंने बताया कि चार नई श्रम संहिताएँ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

    सीएम धामी ने कहा कि इन सुधारों के दूरगामी और सकारात्मक नतीजे जल्द सामने आएंगे। राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ नई श्रम संहिताओं को लागू कर रही है।

    उन्होंने इन ऐतिहासिक सुधारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।

    उन्होंने कहा कि पुरानी श्रम व्यवस्थाओं के कारण असंगठित क्षेत्र का बड़ा हिस्सा सामाजिक सुरक्षा से वंचित था।

    न्यूनतम वेतन भी सीमित क्षेत्रों तक ही लागू था और पुरानी इंस्पेक्टर राज व्यवस्था ने व्यापार और उद्योग दोनों को नुकसान पहुंचाया। इससे न केवल कारोबार करना कठिन हुआ, बल्कि विदेशी निवेश पर भी नकारात्मक असर पड़ा।

    सीएम धामी के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा किए गए व्यापक श्रम सुधार अब इन सभी चुनौतियों का समाधान प्रदान करते हैं। नए प्रावधान श्रमिकों के हितों की मजबूती से रक्षा करते हैं और उन्हें सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराते हैं।

    नए श्रम कानूनों के प्रमुख लाभ—–

    सभी श्रमिकों के लिए सार्वभौमिक न्यूनतम वेतन और समय पर भुगतान

    हर कर्मचारी को अनिवार्य नियुक्ति पत्र

    40 करोड़ से अधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा

    महिला श्रमिकों को समान वेतन, समान अवसर और रात्रि पाली में काम की अनुमति

    निश्चित अवधि वाले कर्मचारियों को सिर्फ एक वर्ष में ग्रेच्युटी का अधिकार

    श्रमिकों के लिए नि:शुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच

    जोखिम वाले कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए 100% स्वास्थ्य सुरक्षा

    सीएम धामी ने कहा कि ये सुधार न केवल श्रमिकों को सुरक्षा और अवसर देंगे, बल्कि उद्योगों के लिए भी बेहतर, पारदर्शी और अनुकूल वातावरण तैयार करेंगे। इससे राज्य में निवेश बढ़ेगा और व्यापार करने में आसानी होगी।

    उन्होंने विश्वास जताया कि नए श्रम कानूनों से राज्य के श्रमिक और उद्योग दोनों व्यापक लाभ प्राप्त करेंगे और यही बदलाव भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

  • ई केवाईसी नहीं हुई तब भी मिलेगा राशन : रेखा आर्या।

    ई केवाईसी नहीं हुई तब भी मिलेगा राशन : रेखा आर्या।

    देहरादून—   अंगूठे के निशान स्कैन ना होने या फिर आंखों का रेटिना स्कैन ना होने के कारण अगर आपकी ई केवाईसी अभी तक नहीं हो पाई है तब भी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है ।

    आपका राशन मिलता रहेगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या के निर्देश पर विभाग ने शनिवार को इससे संबंधित आदेश सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को दिया है।

    प्रदेश के सभी जनपदों में राशन कार्ड धारकों की ई केवाईसी करने का काम चल रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 30 नवंबर को अंतिम तारीख घोषित किया है, लेकिन प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अभी बड़ी संख्या में ई केवाईसी नहीं हो पाई है।

    कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि जन मिलन के कार्यक्रमों में उन्हें कई बार इसकी शिकायत मिली कि अंगूठा स्कैन ना होने के कारण या रेटिना स्कैन ना होने के कारण या फिर घर के मुखिया के रोजगार के चलते बाहर होने के कारण उनकी ई केवाईसी अभी तक नहीं हो पाई है।

    कुछ अत्यंत बुजुर्ग और असाध्याय रोगों से पीड़ित लोगों की भी केवाईसी नहीं हो पाई है। ऐसे राशन कार्ड धारकों को यह चिंता थी कि नवंबर के बाद उन्हें राशन मिल पाएगा या नहीं।

    कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने विभागीय अधिकारियों को इन कारणों के चलते ई केवाईसी न हो पाने पर राशन वितरण व्यवस्था में शिथिलता बरतने के निर्देश दिए थे। इसके बाद खाद्य आयुक्त की ओर से शनिवार को सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि ऐसे मामलों में राशन वितरण नहीं रोका जाएगा। ऐसे परिवारों की ई केवाईसी करने के लिए उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

    इसके साथ ही राशन विक्रेताओं के बकाया लाभांश का भुगतान 3 दिन के भीतर करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

  • उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला,,,,,  छह माह तक लगाया प्रतिबंध।

    उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला,,,,, छह माह तक लगाया प्रतिबंध।

    उत्तराखंड—-  उत्तराखंड सरकार ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

    राज्याधीन सेवाओं में हड़ताल पर आगामी छह महीनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। कार्मिक सचिव शैलेश बगौली द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।

    सरकार का कहना है कि सार्वजनिक सेवाओं के सुचारू संचालन और जनता को निर्बाध सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

    शासन का मानना है कि हड़ताल के कारण आवश्यक सेवाओं में व्यवधान पैदा होता है, जिसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है।

    अधिसूचना जारी होते ही यह प्रतिबंध प्रभावी हो गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की हड़ताल को नियमों के तहत दंडनीय माना जाएगा।

  • सीएम धामी ने 170.13 करोड़ की विकास योजनाओं को दी वित्तीय स्वीकृति

    सीएम धामी ने 170.13 करोड़ की विकास योजनाओं को दी वित्तीय स्वीकृति

    देहरादून—  उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 170.13 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

    कुम्भ मेला-2027 की तैयारी के तहत राज्य स्तरीय एम्पावर्ड समिति द्वारा सुझाए गए 11 नए निर्माण कार्यों के लिए 37.34 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत—-

    टनकपुर (जिला चम्पावत) के नायकगोठ ग्राम पंचायत स्थित किरोड़ा नाले पर 480 मीटर और 120 मीटर स्पान पुल निर्माण हेतु 48.38 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।

    नई टिहरी स्थित विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए पूर्व में स्वीकृत 55.10 लाख के अतिरिक्त 36.74 लाख रुपये की अवशेष राशि को भी मंजूरी दी गई है।

    राज्य सरकार का यह कदम आगामी कुम्भ एवं स्थानीय विकास कार्यों को गति देने वाला माना जा रहा है।

  • उत्तराखंड : शासन का बड़ा फैसला : नो वर्क–नो पे लागू।

    उत्तराखंड : शासन का बड़ा फैसला : नो वर्क–नो पे लागू।

    उत्तराखंड—-  उत्तराखंड सरकार ने आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत उपनल कर्मियों की हड़ताल पर कड़ा रुख अपनाया है।

    शासन ने सभी विभागों, निगमों और संस्थानों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जो भी उपनल कार्मिक बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित हैं, उन्हें तत्काल चिन्हित किया जाए और उनकी अनुपस्थिति दर्ज की जाए।

    साथ ही, “नो वर्क-नो पे” नीति का सख्ती से पालन अनिवार्य किया गया है।

    शासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित विभागों को आदेशों से अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

  • कन्या गुरुकुल कैंपस, देहरादून में “सॉफ्ट स्किल्स” पर एक सप्ताह की कार्यशाला संपन्न।

    कन्या गुरुकुल कैंपस, देहरादून में “सॉफ्ट स्किल्स” पर एक सप्ताह की कार्यशाला संपन्न।

    देहरादून—  कन्या गुरुकुल कैंपस, देहरादून के अंग्रेजी विभाग द्वारा 13 नवंबर से 19 नवंबर 2025 तक आयोजित एक सप्ताह की सॉफ्ट स्किल्स कार्यशाला का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया।

    यह कार्यशाला प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक एमबीए हॉल में चली। इसमें लगभग 65 छात्र-छात्राओं एवं फैकल्टी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    कार्यशाला में अंग्रेजी के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्र लिए। कार्यक्रम इस प्रकार रहा:—–
    ● 13 नवंबर 2025 : डॉ. प्रियंका डैनी – संचार कौशल की बुनियादी बातें

    ● 14 नवंबर 2025 : डॉ. मोनी – अंतर वैयक्तिक एवं अंतर्वैयक्तिक कौशल

    ● 15 नवंबर v : डॉ. अदिति बिस्ट – बातचीत कौशल एवं व्यक्तित्व विकास

    ● 17 नवंबर 2025 : डॉ. गजाला खान – प्रेरणा, संवाद एवं हरित कौशल

    ● 18 नवंबर 2025: डॉ. बिद्युत बोस – एलएसआरडब्ल्यू कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना)

    ● 19 नवंबर 2025 : डॉ. अनामिका साहा गुप्ता – कार्यस्थल कौशल

    छात्रों ने इस कार्यशाला में प्रभावी संचार, आत्मविश्वास बढ़ाना, अंतर-वैयक्तिक संबंध मजबूत करना, प्रेरक संवाद, पर्यावरण-अनुकूल (ग्रीन) कौशल, भाषा के चारों मूल कौशल तथा कार्यस्थल पर आवश्यक व्यावसायिक कौशल जैसे अनेक महत्वपूर्ण जीवन कौशलों को व्यावहारिक रूप से सीखा।

    यह आयोजन प्रो. हेमन पाठक (संयोजक), डॉ. रीना वर्मा (संयोजिका) तथा डॉ. अनामिका साहा गुप्ता (सह-संयोजिका) के कुशल नेतृत्व एवं अथक परिश्रम से संभव हो सका।

    उनके दूरदर्शी मार्गदर्शन और मेहनत ने इस कार्यशाला को यादगार बना दिया।साथ ही, शोध छात्राओं श्रृष्टि मलकोटी, सैजासी रावत एवं इशिता भट्ट की कड़ी मेहनत, उत्कृष्ट समन्वय और अमूल्य योगदान के लिए सभी ने हार्दिक धन्यवाद दिया।

    उनकी सक्रिय भागीदारी के बिना यह कार्यक्रम इतनी सुचारु रूप से नहीं चल पाता।समापन सत्र में छात्रों ने कहा कि यह कार्यशाला उनके आत्मविश्वास और रोजगार-योग्यता को बढ़ाने में बहुत उपयोगी साबित हुई है।

    कन्या गुरुकुल कैंपस का अंग्रेजी विभाग इस प्रकार के कौशल-आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करने में सदैव अग्रणी रहा है।