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  • रजत जयंती पर प्राइम मिनिस्टर मोदी आ रहे हैं उत्तराखंड, देंगे 8000 करोड़ की सौगात।

    रजत जयंती पर प्राइम मिनिस्टर मोदी आ रहे हैं उत्तराखंड, देंगे 8000 करोड़ की सौगात।

    देहरादून—  उत्तराखंड राज्य स्थापना की 25वीं जयंती पर रविवार का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देहरादून पहुंचेंगे और राज्य को 8000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे।

    सरकार ने प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा से लेकर आमजन की सुविधा तक, हर व्यवस्था का बारीकी से ख्याल रखा गया है।

    सुबह करीब 11 बजे प्रधानमंत्री मोदी जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से वे सीधे देहरादून स्थित फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (FRI) के कार्यक्रम स्थल जाएंगे। यहां वे राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन करेंगे और अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले विशिष्ट नागरिकों से संवाद करेंगे।

    इसके बाद प्रधानमंत्री विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, जहां पूरे प्रदेश से लगभग एक से डेढ़ लाख लोगों के पहुंचने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने इसके लिए तीन लाख स्क्वायर फीट क्षेत्र में भव्य पंडाल तैयार कराया है।

    8000 करोड़ की योजनाओं की सौगात—

    राज्य स्थापना की रजत जयंती पर प्रधानमंत्री द्वारा 8000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया जाएगा। इसमें जमरानी बांध परियोजना सहित कई महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल हैं, जो राज्य की जल, ऊर्जा और पर्यटन व्यवस्था को नया आयाम देंगे।

    राज्य सरकार की तैयारी और जनता की उमंग—-

    आयोजन को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार ने विभागवार जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। प्रशासन का फोकस इस बात पर है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और समर्थकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, टिहरी, पौड़ी, काशीपुर और आसपास के जिलों से भारी जनसमूह के पहुंचने की संभावना है।

    भाजपा संगठन ने भी प्रशासन से अपील की है कि भीड़ प्रबंधन, यातायात और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए।

    उत्तराखंड से पीएम मोदी का भावनात्मक जुड़ाव—-

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव जगजाहिर है। 2013 की आपदा के बाद से ही उन्होंने राज्य के पुनर्निर्माण और पर्यटन विकास में गहरी दिलचस्पी दिखाई। केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण से लेकर ऑलवेदर रोड प्रोजेक्ट तक, उनके नेतृत्व में राज्य ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है।

    बिहार चुनाव में व्यस्त होने के बावजूद प्रधानमंत्री का इस अवसर पर उत्तराखंड आना, राज्य के प्रति उनके स्नेह और प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।

    राज्य की विकास यात्रा के 25 वर्ष—-

    उत्तराखंड के 25 वर्ष पूरे होने के इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी राज्य की विकास यात्रा का अवलोकन करेंगे। बीते ढाई दशकों में जहां राज्य ने शिक्षा, पर्यटन, ऊर्जा, और सड़क विकास में उल्लेखनीय प्रगति की है, वहीं केंद्र सरकार की योजनाओं ने यहां के युवाओं और किसानों को नई दिशा दी है।

  • दून के रियल एस्टेट सेक्टर में सनसनी ,,,, बिल्डर कपल शाश्वत और साक्षी गर्ग लापता,,, रेरा ने प्लॉट बिक्री पर लगा दी,,,,,,।

    दून के रियल एस्टेट सेक्टर में सनसनी ,,,, बिल्डर कपल शाश्वत और साक्षी गर्ग लापता,,, रेरा ने प्लॉट बिक्री पर लगा दी,,,,,,।

    देहरादून/हापुड़—-   उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के रियल एस्टेट जगत में इन दिनों हड़कंप मचा हुआ है।

    शहर के रायपुर-थानो रोड स्थित इंपीरियल वैली आवासीय परियोजना से जुड़े बिल्डर दंपती शाश्वत गर्ग और साक्षी गर्ग पिछले लगभग 20 दिनों से लापता हैं। दोनों 16 अक्टूबर की रात देहरादून से उत्तर प्रदेश के हापुड़ अपने परिजनों से मिलने पहुंचे थे, लेकिन 17 अक्टूबर को लौटने के बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका।

    परिवार की शिकायत पर हापुड़ पुलिस के जरिए मामला देहरादून पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद एसएसपी अजय सिंह ने मामले की गंभीरता देखते हुए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को उनकी तलाश में लगाया है। पुलिस के अनुसार, दोनों के मोबाइल फोन बंद हैं और उनकी अंतिम लोकेशन हरिद्वार में मिली थी।

    हरिद्वार में मिली दोनों कारें, CCTV में रिक्शे से जाते दिखे.

    पुलिस जांच में सामने आया कि लापता दंपती की दो कारें हुंडई क्रेटा (UK07-FK-0018) और हुंडई ट्यूसॉन (UK07-FL-9369) हरिद्वार में खड़ी मिलीं।

    सीसीटीवी फुटेज में शाश्वत और साक्षी अपनी कारें छोड़कर एक रिक्शे में जाते दिखाई दिए, लेकिन उसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। दोनों वाहनों को पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया है।

    लौटने का दिया था आश्वासन, फिर गायब—

    साक्षी के भाई सुलभ गोयल ने बताया कि 16 अक्टूबर को पूरा परिवार शाश्वत, साक्षी, उनका बेटा रिधान और माता-पिता हापुड़ पहुंचे थे। अगले दिन उन्होंने देहरादून लौटने की बात कही थी।

    भाईदूज के दिन शाश्वत ने परिवार को व्हाट्सऐप पर संदेश भेजकर जल्द लौटने का भरोसा दिलाया, लेकिन इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हुआ।

    तीन कंपनियों के डायरेक्टर हैं शाश्वत गर्ग–

    दस्तावेजों के अनुसार, शाश्वत गर्ग तीन कंपनियों के निदेशक हैं

    1.रिधान होम्स एलएलपी
    2.गोल्डन एरा इंफ्राटेक
    3.रिधान बिल्डवेल एलएलपी

    इनमें रिधान बिल्डवेल एलएलपी में केवल दो डायरेक्टर हैं शाश्वत और उनकी पत्नी साक्षी। कंपनी का नाम उन्होंने अपने बेटे रिधान के नाम पर रखा है।

    चार्टर्ड अकाउंटेंट उपेंद्र दुबे के अनुसार, इन कंपनियों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं मानी जा सकती। एलएलपी फर्म होने के चलते इसमें पार्टनरों की जिम्मेदारी सीमित होती है।

    रेरा ने लगाई इंपीरियल वैली में बिक्री पर रोक—-

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने रायपुर-थानो रोड स्थित इंपीरियल वैली परियोजना में प्लॉटों की बिक्री पर रोक लगा दी है।

    रेरा के प्रभारी अध्यक्ष अमिताभ मैत्रा ने यह निर्णय कमल गर्ग नामक निवेशक की शिकायत पर लिया। शिकायत में कहा गया कि बिल्डर के लापता होने के बाद पावर ऑफ अटॉर्नी धारक व्यक्ति परियोजना में प्लॉट बेचने का प्रयास कर सकता है।

    रेरा अभिलेखों के अनुसार, शाश्वत गर्ग ने असगर टेक्सटाइल नाम की फर्म के तहत विकास ठाकुर और साक्षी गर्ग के साथ मिलकर इंपीरियल वैली प्रोजेक्ट शुरू किया था। परियोजना का रेरा रजिस्ट्रेशन अप्रैल 2025 में कराया गया था, जबकि उसकी पावर ऑफ अटॉर्नी विकास ठाकुर के पास है।

    2020 में भी गायब हुआ था बिल्डर दंपती—

    यह कोई पहला मामला नहीं है जब देहरादून से किसी बिल्डर दंपती के लापता होने से रियल एस्टेट सेक्टर में सनसनी फैली हो।

    2020 में पुष्पांजलि इंफ्राटेक के डायरेक्टर दीपक मित्तल और उनकी पत्नी राखी मित्तल भी संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए थे।

    उन पर 90 खरीदारों से लगभग 45 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और 21 करोड़ रुपये के बैंक लोन डिफॉल्ट के आरोप हैं। पुलिस की जांच जारी है। इसके बावजूद अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है।

    फिलहाल रहस्य बरकरार—-

    इंपीरियल वैली प्रोजेक्ट के बिल्डर शाश्वत और साक्षी गर्ग का यह रहस्यमय गायब होना रियल एस्टेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस हरिद्वार, देहरादून और हापुड़ में सुराग तलाश रही है, लेकिन अब तक दोनों का कोई पता नहीं चल सका है।

  • विधानसभा में बनभूलपुरा पर तकरार, टकराये भाजपा और कांग्रेसी विधायक।

    विधानसभा में बनभूलपुरा पर तकरार, टकराये भाजपा और कांग्रेसी विधायक।

    देहरादून— – उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में बुधवार को हल्द्वानी के बनभूलपुरा को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

    बहस तब शुरू हुई जब भाजपा के वरिष्ठ विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने बनभूलपुरा को “नरक” बताते हुए कहा “ट्रेन से गुजरते वक्त लोगों के घरों के पर्दे ट्रेन से टकराते हैं, सरकारी ज़मीनों पर अवैध कब्ज़े हैं।”

    इस बयान पर हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश भड़क उठे। उन्होंने तीखा जवाब देते हुए कहा “मुन्ना सिंह चौहान नजूल पर बसे लोगों का अपमान कर रहे हैं। हल्द्वानी का 80% हिस्सा नजूल भूमि पर बसा है। ऐसे बयान देना जनता के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा है।”

    इस मुद्दे पर सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। कांग्रेस विधायकों ने भाजपा पर आम जनता को बदनाम करने का आरोप लगाया, वहीं भाजपा विधायकों ने अवैध कब्जों का मुद्दा उठाया। स्थिति इतनी गर्मा गई कि आदेश सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, प्रीतम सिंह, हरीश धामी, तिलकराज बेहड़ और भुवन सिंह कापड़ी जैसे कई विधायक अपनी सीटों से खड़े होकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने लगे।

    भूमिहीनों और योजनाओं पर भी गरमाया माहौल—-

    पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की बेटी और हरिद्वार ग्रामीण की विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि “प्रदेश में हजारों लोग भूमिहीन हैं। 2015-16 में भूमिहीनों को ज़मीन दी गई थी, लेकिन अब उनसे ज़मीनें छीनी जा रही हैं।”
    इसके बाद स्पीकर ऋतु खंडूरी ने माहौल शांत कराते हुए प्रीतम सिंह को बोलने का मौका दिया।

    प्रीतम सिंह ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा “अग्निवीर योजना से नौजवान तनाव में हैं, और नमामि गंगे में 26 हजार करोड़ खर्च करने के बावजूद हरिद्वार की गंगा आज भी स्वच्छ नहीं है।”

    स्पीकर ऋतु खंडूरी का समापन भाषण—-

    विशेष सत्र के समापन पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने राज्य की 25वीं वर्षगांठ पर सभी विधायकों और जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा “उत्तराखंड ने पिछले 25 वर्षों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। सभी दलों ने अपने-अपने स्तर पर राज्य के विकास में अहम योगदान दिया है। आज प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय करीब 3 लाख रुपये हो चुकी है और 2 लाख से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ है। राज्य स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ की श्रेणी में शामिल है।”

    नैनीताल विधायक सरिता आर्या ने धामी सरकार की सराहना की–

    भाजपा विधायक सरिता आर्या ने अपने संबोधन में कहा “मैं सीएम पुष्कर सिंह धामी और उनकी सरकार की आभारी हूं। बलिया नाला ट्रीटमेंट, नैनीताल की सड़कों का चौड़ीकरण और मानसखंड मंदिरों के विकास कार्य तेज़ी से चल रहे हैं। बेतालघाट में डिग्री कॉलेज खुल चुका है और क्षेत्र की सड़कों को गड्ढामुक्त किया जा रहा है।”
    उन्होंने आगे कहा कि **“यूसीसी लागू करके उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है, इसके लिए मुख्यमंत्री धामी को हार्दिक धन्यवाद।”

    सत्र एक दिन बढ़ा, अनिश्चितकाल के लिए स्थगित–/

    विधानसभा कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष की सहमति से सत्र को एक दिन के लिए बढ़ाया गया था। तीन दिनों तक चली चर्चाओं के बाद बुधवार शाम स्पीकर ने सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।

  • सीएम धामी बोले “गुरु नानक देव जी ने समाज को सच्चाई, सेवा और समानता का संदेश दिया”….

    सीएम धामी बोले “गुरु नानक देव जी ने समाज को सच्चाई, सेवा और समानता का संदेश दिया”….

    देहरादून – प्रदेशभर में आज गुरु नानक देव जी का 555वां प्रकाश पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। राजधानी देहरादून के गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा, रेसकोर्स में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुद्वारे पहुंचकर मत्था टेका और प्रदेशवासियों व सिख समुदाय को प्रकाश पर्व की शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी का जीवन संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने समाज में व्याप्त बुराइयों और भेदभाव को दूर करने के लिए अपने उपदेशों के माध्यम से लोगों को सच्चाई, ईमानदारी, समानता और सेवा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा —
    “गुरु नानक देव जी ने हमें सिखाया कि सच्चा धर्म मानवता की सेवा में है। उनका जीवन हमें समाज में भाईचारा, सद्भाव और आपसी एकता को बढ़ावा देने की प्रेरणा देता है।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी के उपदेश आज भी समाज को मार्गदर्शन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सद्भाव और एकता के मूल्यों पर आधारित उत्तराखंड के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    गुरुद्वारा परिसर में इस दौरान भव्य कीर्तन, शब्द गायन और गुरु का लंगर आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर सेवा और समर्पण की भावना का परिचय दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व हमें जीवन में निस्वार्थ सेवा, परिश्रम और ईमानदारी के महत्व की याद दिलाता है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाकर समाज में प्रेम, एकता और शांति का संदेश फैलाएं।

  • प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब, लोकसंस्कृति और विकास का संगम बना आयोजन….

    प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब, लोकसंस्कृति और विकास का संगम बना आयोजन….

    देहरादून – उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्षगांठ के अवसर पर राजधानी देहरादून में आयोजित दूसरे प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन ने एकता, भावना और उत्तराखंडियत की गूंज से माहौल को जीवंत कर दिया। इस अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे सैकड़ों प्रवासी उत्तराखंडियों ने अपनी मातृभूमि से जुड़ाव और विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “आप सभी प्रवासी उत्तराखंडी राज्य की आत्मा और असली ताकत हैं। आप जहां भी हैं, उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को जीवित रखे हुए हैं। अब समय है कि हम सब मिलकर आने वाले 25 वर्षों में उत्तराखंड को भारत का अग्रणी और आदर्श राज्य बनाएं।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रवासी उत्तराखंडियों को राज्य के विकास से जोड़ने के लिए कई पहलें कर रही है। ‘अपना घर उत्तराखंड योजना’, ‘एक जनपद दो उत्पाद’, ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से न केवल निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार भी खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि प्रवासी उत्तराखंडी अपने गांवों में लौटें, वहां निवेश करें और अपने अनुभव से पहाड़ की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएं।

    सम्मेलन में प्रवासियों ने अपने अनुभव साझा किए और प्रदेश के विकास में हर संभव योगदान देने की इच्छा जताई। उन्होंने पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखंडियों से अपील की कि वे राज्य की संस्कृति और परंपरा को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में अपनी भूमिका निभाएं।

    कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिली। पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और वाद्य संगीत ने सभागार को ‘उत्तराखंडियत’ की भावना से भर दिया। मंच पर जब ढोल-दमाऊं की थाप और झोड़ा-चांचरी की लय बजी तो दर्शक भावुक होकर झूम उठे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होना केवल जश्न का नहीं बल्कि आत्ममंथन का समय भी है। “हम सबको मिलकर यह संकल्प लेना होगा कि अगले 25 वर्षों में उत्तराखंड को स्वच्छ, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाएंगे।”

  • उत्तराखंड में बदला रहा मौसम का मिजाज,,,, सात जिलों में बारिश-बर्फबारी की संभावना।

    उत्तराखंड में बदला रहा मौसम का मिजाज,,,, सात जिलों में बारिश-बर्फबारी की संभावना।

    देहरादून—-   उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राज्य के कई इलाकों में ठंड बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देहरादून के अनुसार, आज उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून, टिहरी, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है।

    मौसम विभाग ने बताया कि राज्य के 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के आसार हैं, जिससे पर्वतीय जिलों में ठंड का प्रभाव और बढ़ सकता है।

    हालांकि, राज्य के शेष जनपदों में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। निचले इलाकों में सुबह के समय कोहरे की स्थिति देखने को मिली है, लेकिन फिलहाल विभाग की ओर से किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

    राजधानी देहरादून में आज आसमान साफ से लेकर आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान करीब 29°C और न्यूनतम तापमान लगभग 16°C रहने की उम्मीद है।

    वहीं, सोमवार को पंतनगर में अधिकतम तापमान 28.2°C और न्यूनतम 14.6°C, मुक्तेश्वर में अधिकतम 22.1°C और न्यूनतम 8.4°C, जबकि टिहरी में अधिकतम 21.5°C और न्यूनतम 9.8°C दर्ज किया गया था।

    मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषकर ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें और फिसलन भरी सड़कों से सावधान रहें।

  • उत्तराखंड विधानसभा में इतिहास दोहराया 10 साल बाद फिर राष्ट्रपति का संबोधन, रजत जयंती पर गूंजा सदन….

    उत्तराखंड विधानसभा में इतिहास दोहराया 10 साल बाद फिर राष्ट्रपति का संबोधन, रजत जयंती पर गूंजा सदन….

    देहरादून – राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र का शुभारंभ सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ऐतिहासिक संबोधन से हुआ। यह राज्य विधानसभा के इतिहास का दूसरा अवसर था जब देश के राष्ट्रपति ने सदन को संबोधित किया। इससे पहले वर्ष 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति स्वर्गीय प्रणव मुखर्जी ने विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित किया था।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने उद्बोधन में कहा कि “उत्तराखंड अपनी युवा ऊर्जा, मातृशक्ति और समर्पण की भावना के साथ आने वाले 25 वर्षों में विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा।” उन्होंने कहा कि राज्य की स्थापना श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में जनता की आकांक्षाओं और विकास की दृष्टि से की गई थी, और बीते 25 वर्षों में उत्तराखंड ने पर्यावरण, पर्यटन, ऊर्जा और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

    उन्होंने कहा कि “मुझे गर्व है कि उत्तराखंड ने महिला सशक्तिकरण में देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया है। सुशीला बलूनी, बछेंद्री पाल और वंदना कटारिया जैसी असाधारण महिलाओं की गौरवशाली परंपरा आज भी नई प्रेरणा दे रही है। मैं चाहती हूँ कि उत्तराखंड विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी और बढ़े।”

    राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तराखंड की धरती न केवल ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रही है बल्कि गढ़वाल रेजीमेंट जैसी सैन्य परंपराओं के जरिए इस भूमि ने देश की सीमाओं की रक्षा में भी अमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता विधेयक लागू करने के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य की प्रगतिशील सोच और लोकतांत्रिक परिपक्वता का उदाहरण है।

    राष्ट्रपति के अभिभाषण से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने उनका स्वागत करते हुए रम्माण कला पर आधारित स्मृति चिह्न भेंट किया और इसी कला पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी कराया गया। इस अवसर पर सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.), नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्रीगण, वर्तमान एवं पूर्व सांसद, और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि “उत्तराखंड और हिमालय भारत का ऑक्सीजन टावर हैं। राज्य की मातृशक्ति और प्रकृति के बीच आत्मीय संबंध हमारी पहचान है।” उन्होंने वन अधिकार कानून और पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा-स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का भी उल्लेख किया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण राज्यवासियों के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने सभी राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि “हम उन मूल्यों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिनके लिए उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ था।” मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड को “श्रेष्ठ राज्य” बनाने का संकल्प भी दोहराया।

    राज्यपाल ले. जन. गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि यह सत्र राज्य के विकास की नई दिशा तय करेगा। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों की यात्रा में उत्तराखंड ने पर्यटन, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। राज्यपाल ने कहा कि “विकसित उत्तराखंड का अर्थ केवल आर्थिक प्रगति नहीं बल्कि चहुंमुखी विकास है—जहाँ प्रगति और प्रकृति साथ-साथ चलें।” इस अवसर पर विधानसभा परिसर देशभक्ति और आत्मगौरव की भावना से गूंज उठा। राष्ट्रपति के संबोधन ने प्रदेश की नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर, सशक्त और संवेदनशील उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प दोहराने की प्रेरणा दी।

  • ऐतिहासिक दिन– राष्ट्रपति आज करेंगी उत्तराखंड विधानसभा को संबोधित।

    ऐतिहासिक दिन– राष्ट्रपति आज करेंगी उत्तराखंड विधानसभा को संबोधित।

    देहरादून—   राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। दौरे के दूसरे दिन यानी आज वे सुबह 11 बजे राज्य विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करेंगी।

    राष्ट्रपति के इस ऐतिहासिक संबोधन के साथ उत्तराखंड की नई विकास यात्रा को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से होगी, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी राष्ट्रपति का स्वागत भाषण देंगी। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी राष्ट्रपति के सम्मान में अपना वक्तव्य रखेंगे।

    इसके बाद राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह के अभिभाषण के पश्चात सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सदन को संबोधित करेंगी।

    अपने संबोधन में राष्ट्रपति देश की विकास यात्रा, उत्तराखंड की उपलब्धियों और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प पर प्रकाश डालेंगी। सूत्रों के अनुसार, वे सभी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से सामूहिक प्रयास के साथ इस लक्ष्य की ओर अग्रसर होने का आह्वान करेंगी।

     

    शाम को नैनीताल के लिए होंगी रवाना, रेड जोन घोषित—

    सत्र के बाद राष्ट्रपति शाम को देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट से हेलिकॉप्टर के माध्यम से नैनीताल के लिए रवाना होंगी। हल्द्वानी आर्मी ग्राउंड में राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर लैंड करेगा। सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।

    नैनीताल को रेड जोन घोषित किया गया है। जहां-जहां से राष्ट्रपति का काफिला गुजरेगा, उन सभी मार्गों पर आमजन की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।

    राजभवन की 125वीं वर्षगांठ समारोह में होंगी शामिल—

    राष्ट्रपति नैनीताल में राजभवन की स्थापना के 125 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष समारोह में शामिल होंगी। इस अवसर पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में राष्ट्रपति भवन के गौरवशाली इतिहास और धरोहर को प्रदर्शित किया जाएगा।

    4 नवंबर को करेंगी नीम करौली बाबा के दर्शन—

    राष्ट्रपति मुर्मू मंगलवार, 4 नवंबर को विश्वप्रसिद्ध कैंची धाम मंदिर पहुंचेंगी और नीम करौली बाबा के दर्शन करेंगी। यह पहला अवसर होगा जब कोई राष्ट्रप्रमुख बाबा के इस दिव्य धाम में पहुंचेगा। नैनीताल के डीएम ललित मोहन रयाल ने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

     

    पहले दिन पतंजलि विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह में हुईं शामिल–

    दौरे के पहले दिन रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचीं, जहां राज्यपाल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया।

    इसके बाद उन्होंने हरिद्वार स्थित पतंजलि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शिरकत की।

    इस अवसर पर बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। राष्ट्रपति ने समारोह में 54 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक पहनाकर सम्मानित किया।

    इसके उपरांत राष्ट्रपति ने देहरादून के राष्ट्रपति निकेतन परिसर में फुट ओवर ब्रिज का उद्घाटन किया।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंची उत्तराखंड,,,, सीएम और राज्यपाल ने किया स्वागत।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंची उत्तराखंड,,,, सीएम और राज्यपाल ने किया स्वागत।

    हरिद्वार/देहरादून—-  पतंजलि विवि के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं राष्ट्रपति, छात्र-छात्राओं को दिए मेडल,राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का एयरपोर्ट पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति का स्वागत किया।

    उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 साल पूरे होने पर रजत जयंती का जश्न शुरू हो गया है।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय दौरे पर आज उत्तराखंड पहुंचीं हैं। एयरपोर्ट पर सीएम धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह ने राष्ट्रपति का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इसके बाद वह हरिद्वार के लिए रवाना हुईं।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हरिद्वार स्थित पतंजलि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होगर छात्र-छात्राओं को डिग्री और मेडल दिए। इस दोरान सीएम और राज्यपाल भी मौजूद रहे।

    तीन नवंबर को विधानसभा के विशेष सत्र को राष्ट्रपति संबोधित करेंगी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नौ नवंबर को सैन्य धाम का लोकार्पण करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को वायु सेना के विशेष विमान से सुबह करीब सवा दस बजे देहरादून एयरपोर्ट पहुंचेंगी।

    राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राष्ट्रपति का स्वागत करेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति सेना के हेलिकॉप्टर से हरिद्वार जाएंगी।रात्रि विश्राम राष्ट्रपति निकेतन में होगा।

    सोमवार को राज्य स्थापाना दिवस के रजत जयंती पर विधानसभा के विशेष सत्र को 11 बजे संबोधित करेंगी। उसके बाद शाम को नैनीताल स्थित राजभवन में कार्यक्रम में शामिल होंगी।

    मंगलवार को राष्ट्रपति #कैंचीधाम स्थित नीब करौरी बाबा के दर्शन करने के बाद कुमाऊं विवि के 20वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर दून एयरपोर्ट पर पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेेंसियों ने रिहर्सल की। राष्ट्रपति के लिए चार हेलिकॉप्टर दो दिन पहले ही एयरपोर्ट पहुंचकर रिहर्सल कर चुके हैं।

    नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुनियाल गांव में सैन्यधाम का लोकार्पण करेंगे।

    #पीएम के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सैन्यधाम का निरीक्षण किया। सैन्यधाम में म्यूजियम, थियेटर और लाइट एंड साउंड शो जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिसके माध्यम से वीर बलिदानियों की गाथाएं और पराक्रम की जानकारी दी जाएगी।राज्य स्थापना के 25 साल पूरे होने पर रजत जयंती का जश्न शुरू हो गया है।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन दिवसीय दौरे पर आज उत्तराखंड पहुंचीं हैं। एयरपोर्ट पर सीएम धामी और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह ने राष्ट्रपति का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इसके बाद वह हरिद्वार के लिए रवाना हुईं।

    #राष्ट्रपति #द्रौपदीमुर्मू #हरिद्वार स्थित पतंजलि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। उन्होंने समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होगर छात्र-छात्राओं को डिग्री और मेडल दिए। इस दोरान सीएम और राज्यपाल भी मौजूद रहे।

    तीन नवंबर को विधानसभा के विशेष सत्र को राष्ट्रपति संबोधित करेंगी। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नौ नवंबर को सैन्य धाम का लोकार्पण करेंगे।

  • उत्तराखंड में डॉक्टरों की भर्ती:- स्वास्थ्य विभाग में 287 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया।

    उत्तराखंड में डॉक्टरों की भर्ती:- स्वास्थ्य विभाग में 287 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया।

    देहरादून—   प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराखंड सरकार जल्द ही डॉक्टरों की 287 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।

    शासन ने इन खाली पदों पर भर्ती का प्रस्ताव **उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (UKMSSB) को भेज दिया है।

    इनमें 231 पद सीधी भर्ती और 56 पद बैकलॉग के रूप में शामिल हैं। प्रदेश के दूरस्थ और पर्वतीय इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सरकार इन नियुक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर कर रही है।

    सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और यह भर्ती प्रक्रिया उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं कि खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए, ताकि जल्द ही राज्य के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।