Category: देहरादून

  • उत्तराखंड में डॉक्टरों की भर्ती:- स्वास्थ्य विभाग में 287 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया।

    उत्तराखंड में डॉक्टरों की भर्ती:- स्वास्थ्य विभाग में 287 पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया।

    देहरादून—   प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराखंड सरकार जल्द ही डॉक्टरों की 287 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।

    शासन ने इन खाली पदों पर भर्ती का प्रस्ताव **उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (UKMSSB) को भेज दिया है।

    इनमें 231 पद सीधी भर्ती और 56 पद बैकलॉग के रूप में शामिल हैं। प्रदेश के दूरस्थ और पर्वतीय इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सरकार इन नियुक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर कर रही है।

    सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को समय पर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और यह भर्ती प्रक्रिया उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को निर्देश दिए गए हैं कि खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए, ताकि जल्द ही राज्य के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

  • उत्तराखंड सरकार ने पेंशनरों को दी बड़ी सौगात,,,, जानिए किन को मिलेगा फायदा।

    उत्तराखंड सरकार ने पेंशनरों को दी बड़ी सौगात,,,, जानिए किन को मिलेगा फायदा।

    देहरादून—–   राज्य सरकार ने पेंशनधारकों को बड़ा तोहफा देते हुए उनके महंगाई भत्ते (डीए) में तीन प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है।

    अब पेंशनधारकों को 55 प्रतिशत के स्थान पर 58 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत का लाभ मिलेगा। वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।

    सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप पुनरीक्षित पेंशन प्राप्त करने वाले सभी पेंशनरों पर यह संशोधित दर लागू होगी। नई दर एक जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी।

    वित्त सचिव की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह राहत न केवल राज्य सरकार के स्थायी पेंशनभोगियों पर लागू होगी, बल्कि विद्यालयी एवं प्राविधिक शिक्षा विभाग के अधीन राज्य निधि से सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के पात्र शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। इन्हें शासनिक पेंशनरों के समान पेंशन की स्वीकृति प्राप्त है।

    सरकार के इस निर्णय से हजारों पेंशनभोगियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर ऐसे समय में जब महंगाई लगातार बढ़ रही है। पेंशनरों ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे राहत भरा फैसला बताया है।

  • तोता घाटी में हुआ दुखद हादसा,,, गहरी खाई में गिरी पिकअप,,,, देहरादून के तीन युवकों की हुईं मौत..।

    तोता घाटी में हुआ दुखद हादसा,,, गहरी खाई में गिरी पिकअप,,,, देहरादून के तीन युवकों की हुईं मौत..।

    उत्तराखंड—-  उत्तराखंड के ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हुआ।

    तोता घाटी के पास एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर करीब 250 मीटर गहरी खाई में जा गिरा, जिसमें देहरादून के तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।

    जानकारी के अनुसार, डोईवाला (देहरादून) निवासी मोहन सिंह पुत्र तारा सिंह (25), प्रवीण राठौर पुत्र दिनेश कुमार (25) और ताराचंद्र पुत्र सुरेश चंद (24) बीती 25 अक्टूबर की रात एशियन पेंट्स के गोदाम, कुआंवाला से पेंट और पुट्टी का सामान लेकर गोपेश्वर के लिए रवाना हुए थे। उन्हें 26 अक्टूबर की सुबह गोपेश्वर पहुंचना था, लेकिन वे वहां नहीं पहुंचे।

    सोमवार सुबह मोहन सिंह की मां बबली कौर ने पुलिस चौकी बछेलीखाल में अपने बेटे के लापता होने की सूचना दी।

    उन्होंने बताया कि बेटे का फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहा था। अंतिम मोबाइल लोकेशन साकनीधार क्षेत्र में मिली थी।

    सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी एसआई दीपक लिंगवाल पुलिस बल और परिजनों के साथ साकनीधार क्षेत्र में पहुंचे। तलाशी के दौरान तोता घाटी के पास दो पैराफिट टूटे हुए दिखाई दिए।

    नीचे खाई में देखने पर पेंट और पुट्टी का सामान बिखरा हुआ मिला। करीब 250 मीटर गहराई में एक पिकअप वाहन के अवशेष दिखाई दिए।

    इसके बाद एसडीआरएफ व्यासी टीम को मौके पर बुलाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान खाई से तीनों युवकों के शव बरामद किए गए। पुलिस ने शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    पुलिस ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

  • जनता को राहत: सीएम धामी ने दिए निर्देश कुमाऊं में गड्ढामुक्त सड़कें बनाने का अभियान शुरू….

    जनता को राहत: सीएम धामी ने दिए निर्देश कुमाऊं में गड्ढामुक्त सड़कें बनाने का अभियान शुरू….

    देहरादून/हल्द्वानी – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं के शहरी क्षेत्रों की खराब सड़कों पर सख्त रुख अपनाते हुए लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया है कि सभी जिलों की सड़कों को तत्काल गड्ढामुक्त किया जाए। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अब विभागीय अधिकारी सक्रिय हो गए हैं और सड़कों के मरम्मत कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

    दरअसल, अमर उजाला में 26 अक्टूबर को प्रकाशित एक विस्तृत रिपोर्ट में कुमाऊं क्षेत्र के कई जिलों — ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ — की जर्जर सड़कों की वास्तविक स्थिति उजागर की गई थी। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि लोक निर्माण विभाग द्वारा पैचवर्क पूरे होने के दावे के बावजूद कई प्रमुख सड़कों पर गड्ढे अब भी बने हुए हैं।

    मुख्यमंत्री धामी ने खबर का संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी जिले में सड़कों पर गड्ढे नहीं रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि “जनता को सुगम सड़क सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है,” और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने विभागीय सचिव को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है, जिसमें क्षेत्रवार सड़कों की स्थिति और पैचवर्क कार्य की प्रगति का ब्यौरा दिया गया है। अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि सभी शहरी सड़कों की मरम्मत कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं।

    कुमाऊं के निवासियों ने मुख्यमंत्री धामी के इस कदम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि जल्द ही सड़कों की दशा सुधरेगी और आवागमन में जनता को राहत मिलेगी।

  • उत्तराखंड में अब बाहरी वाहनों पर लगेगा ग्रीन टैक्स, जानिए कितनी लगेगी रकम और कब से होगा लागू..।

    उत्तराखंड में अब बाहरी वाहनों पर लगेगा ग्रीन टैक्स, जानिए कितनी लगेगी रकम और कब से होगा लागू..।

    देहरादून—-   उत्तराखंड सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

    अब राज्य में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा। यह व्यवस्था दिसंबर 2025 से लागू होगी। परिवहन विभाग का कहना है कि इस टैक्स से राज्य में स्वच्छता और हरित पहल को बढ़ावा मिलेगा।

    ऐसे होगी ग्रीन टैक्स की वसूली—-

    राज्य के अतिरिक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने बताया कि उत्तराखंड की सीमाओं पर लगे ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के नंबर दर्ज करेंगे। फिलहाल 16 कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें बढ़ाकर 37 कैमरे किया जा रहा है।

    इन कैमरों से मिले डेटा को विभाग द्वारा नियुक्त विक्रेता कंपनी को भेजा जाएगा। यह कंपनी सॉफ्टवेयर की मदद से राज्य में पंजीकृत, सरकारी और दोपहिया वाहनों को छोड़कर बाकी वाहनों की जानकारी भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के डेटाबेस में भेजेगी।

    वहां से वाहन मालिकों के वॉलेट नंबर ट्रेस कर संबंधित टैक्स राशि स्वचालित रूप से कटकर परिवहन विभाग के खाते में जमा हो जाएगी।

     

    इतनी देनी होगी टैक्स राशि—–

    वाहन श्रेणियों के अनुसार ग्रीन टैक्स की दरें तय की गई हैं।

    छोटे वाहन – ₹80
    छोटे मालवाहक वाहन – ₹250
    बसें – ₹140
    ट्रक – ₹120 से ₹700 (वजन के अनुसार)

    पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम—–

    परिवहन विभाग का मानना है कि इस पहल से न केवल राज्य में प्रदूषण पर नियंत्रण होगा, बल्कि स्वच्छ और हरित उत्तराखंड के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही, डिजिटल सिस्टम के ज़रिए टैक्स वसूली पारदर्शी और स्वचालित रहेगी।

  • धामी सरकार के चार साल, शिक्षाविदों ने रक्खी अपनी राय।

    धामी सरकार के चार साल, शिक्षाविदों ने रक्खी अपनी राय।

    नैनीताल—-। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर “धामी सरकार के चार वर्ष: उपलब्धियां” विषय पर एक विशेष विचार-विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया।

    कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षाविदों, कुलपतियों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने राज्य की विकास यात्रा पर अपने विचार साझा किए।

    कार्यक्रम की शुरुआत आयोजनकर्ता एवं मुख्यमंत्री मीडिया समन्वयक मदन मोहन सती के स्वागत भाषण से हुई। इस मौके पर मुख्यमंत्री के महत्वपूर्ण भाषणों के अंशों पर आधारित एक संकलन का भी विमोचन किया गया।

    नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अध्यक्ष एवं पूर्व यूपीएससी चेयरमैन प्रो. (डॉ.) प्रदीप जोशी मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने विकास, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का नया अध्याय लिखा है।

    उन्होंने नकल विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता (UCC) को देश के लिए आदर्श बताया और कहा कि युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करना धामी सरकार की विशेषता है।

    राज्य की प्रमुख उपलब्धियां—-
    कार्यक्रम में वक्ताओं ने चारधाम परियोजना, मंदिरमाला योजना, सड़क चौड़ीकरण, धर्मांतरण निवारण, अवैध अतिक्रमण हटाने, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, जैविक खेती, अनुसंधान, पर्यटन और फिल्म नीति 2024 जैसी योजनाओं को राज्य की पहचान में अहम बताया।

    कालाढुंगी विधायक बंशीधर भगत ने कहा कि राज्य में सर्वांगीण विकास हो रहा है। हल्द्वानी के मेयर गजराज बिष्ट ने कहा कि UCC, नकल विरोधी कानून और अवैध मदरसों पर कार्रवाई जैसे निर्णयों ने धामी सरकार को ऐतिहासिक बना दिया है।

    प्रो. (डॉ.) धनंजय जोशी ने युवाओं में नई ऊर्जा के संचार को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। वहीं प्रो. (डॉ.) सतपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड अब देश का अग्रणी ऑर्गेनिक राज्य बनकर उभर रहा है।

    उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) नवीन चन्द्र लोहनी ने नई शिक्षा नीति 2020 के सफल क्रियान्वयन और हर जिले में स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए जाने को सराहनीय कदम बताया।
    वहीं यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) दुर्गेश पंत और कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) दीवान सिंह रावत ने वैज्ञानिक अनुसंधान व तकनीकी विकास को राज्य की प्रगति की दिशा बताया।

    उत्तराखंड मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि फिल्म नीति 2024 से राज्य को ‘‘फिल्म डेस्टिनेशन ऑफ इंडिया’’ के रूप में नई पहचान मिली है।

    उत्तराखंड जनसंख्या विश्लेषण समिति के अध्यक्ष दिनेश मानसेरा ने बताया कि सरकार ने अवैध कब्जों से 9,000 एकड़ भूमि मुक्त कराई और आपदा प्रबंधन में तत्परता दिखाई।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षाविद, छात्र-छात्राएं और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड आने वाले वर्षों में विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

  • आपदाग्रस्त छेनागाड़,,,, मलबे में दबे सात शव बरामद, दो की तलाश जारी।

    आपदाग्रस्त छेनागाड़,,,, मलबे में दबे सात शव बरामद, दो की तलाश जारी।

    रुद्रप्रयाग/देहरादून—  बसुकेदार क्षेत्र के छेनागाड़ में 28 अगस्त को आई विनाशकारी आपदा के बाद लापता लोगों के शवों की बरामदगी का सिलसिला जारी है।

    शुक्रवार को दो शव मिलने के बाद शनिवार को मलबे से पाँच और शव निकाले गए हैं, जिससे आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।

    हालांकि, अभी भी दो लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में बचाव दल पूरी मुस्तैदी से जुटा है।

    विगत माह रात्रि के समय आई इस भीषण आपदा ने छेनागाड़ कस्बे का लगभग सम्पूर्ण हिस्सा मलबे के ढेर में बदल दिया था। तब से ही लापता हुए नौ लोगों (पाँच स्थानीय और चार नेपाली मूल के) की खोजबीन जारी थी।

    पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ होने के कारण राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि पिछले दो दिनों में सात शव बरामद किए गए हैं।

    उन्होंने कहा, “आपदा के बाद से ही लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा था। मौसम अनुकूल होते ही हमने बड़े बोल्डरों पर ब्लास्टिंग करके खोज कार्य को गति दी। शुक्रवार को दो और शनिवार को पाँच शव बरामद हुए हैं।”

    पहचान और पोस्टमार्टम जारी—–
    देहरादूनl बरामद किए गए शवों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। अब तक केवल एक शव की पहचान हो पाई है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा जा रहा है ताकि उनकी शिनाख्त सुनिश्चित की जा सके।

    जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया, “नौ लापता व्यक्तियों में से सात के अवशेष मिल चुके हैं। शेष दो लापता व्यक्तियों की खोज के लिए प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और स्थानीय विभागों की टीमें लगातार डटी हुई हैं।

    भौगोलिक परिस्थितियाँ अत्यंत कठिन हैं, लेकिन हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। रजवार ने आपदा में जान गंवाने वाले सभी मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि प्रशासन अंतिम व्यक्ति के अवशेष मिलने तक खोज अभियान जारी रखेगा।

  • उत्तराखंड सरकार की पहल युवाओं को मिलेगा फ्री प्रशिक्षण, खेल विभाग ने तैयार की SOP….

    उत्तराखंड सरकार की पहल युवाओं को मिलेगा फ्री प्रशिक्षण, खेल विभाग ने तैयार की SOP….

    देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड खेल विभाग ने सेना में अग्निवीर भर्ती से पहले युवाओं को तैयार करने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर ली है। इस योजना के तहत राज्य के सभी जिलों में युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे भर्ती की शारीरिक और मानसिक परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकें।

    प्रशिक्षण के लिए जरूरी पात्रता

    एसओपी के अनुसार, प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही, उन्होंने हाईस्कूल में न्यूनतम 45% अंक या उससे अधिक प्राप्त किए हों। राज्य के किसी शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत या सेवा में कार्यरत युवक-युवतियां भी इस प्रशिक्षण में हिस्सा ले सकेंगे।

    स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और ड्रेस कोड अनिवार्य

    प्रशिक्षण में शामिल होने वाले युवाओं को स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जमा करना होगा। साथ ही उन्हें खेल की टी-शर्ट, नेकर, स्पोर्ट्स शूज और मौजे पहनकर प्रशिक्षण में उपस्थित होना अनिवार्य रहेगा।

    एसओपी में यह भी साफ किया गया है कि प्रतिभागियों के शरीर पर टैटू या अप्राकृतिक स्थायी निशान नहीं होने चाहिए।

    सैन्य परंपरा को सशक्त करने का उद्देश्य

    खेल विभाग के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के युवाओं को सेना में करियर बनाने के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है। उत्तराखंड की गौरवशाली सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह प्रशिक्षण युवाओं में फिटनेस, अनुशासन और सैन्य जीवन की मूलभूत समझ विकसित करेगा।

    अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण

    राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि अग्निवीरों को सेवाकाल पूर्ण होने के बाद सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाएगा। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य की सैन्य परंपरा को और मजबूती मिलेगी।

    सरकार का उद्देश्य

    सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी इच्छुक युवा जानकारी या प्रशिक्षण के अभाव में अवसर से वंचित न रह जाए। इस पहल से उत्तराखंड के युवाओं को न केवल सेना में भर्ती की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा, बल्कि वे शारीरिक रूप से मजबूत और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित होंगे।

  • उत्तराखंड के युवाओं को सेना में भर्ती से पहले मिलेगा निशुल्क प्रशिक्षण,,, तैयार हुई एसओपी,।

    उत्तराखंड के युवाओं को सेना में भर्ती से पहले मिलेगा निशुल्क प्रशिक्षण,,, तैयार हुई एसओपी,।

    देहरादून—   मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड खेल विभाग ने सेना में अग्निवीर भर्ती से पहले युवाओं को तैयार करने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर ली है।

    इस योजना के तहत राज्य के सभी जिलों में युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे भर्ती की शारीरिक और मानसिक परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकें।

    प्रशिक्षण के लिए जरूरी पात्रता—-

    एसओपी के अनुसार, प्रशिक्षण के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। साथ ही, उन्होंने हाईस्कूल में न्यूनतम 45% अंक या उससे अधिक प्राप्त किए हों। राज्य के किसी शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत या सेवा में कार्यरत युवक-युवतियां भी इस प्रशिक्षण में हिस्सा ले सकेंगे।

    स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और ड्रेस कोड अनिवार्य—

    प्रशिक्षण में शामिल होने वाले युवाओं को स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जमा करना होगा। साथ ही उन्हें खेल की टी-शर्ट, नेकर, स्पोर्ट्स शूज और मौजे पहनकर प्रशिक्षण में उपस्थित होना अनिवार्य रहेगा।
    एसओपी में यह भी साफ किया गया है कि प्रतिभागियों के शरीर पर टैटू या अप्राकृतिक स्थायी निशान नहीं होने चाहिए।

    सैन्य परंपरा को सशक्त करने का उद्देश्य—/

    खेल विभाग के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के युवाओं को सेना में करियर बनाने के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है। उत्तराखंड की गौरवशाली सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह प्रशिक्षण युवाओं में फिटनेस, अनुशासन और सैन्य जीवन की मूलभूत समझ विकसित करेगा।

    अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण—-

    राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि अग्निवीरों को सेवाकाल पूर्ण होने के बाद सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाएगा। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य की सैन्य परंपरा को और मजबूती मिलेगी।

    सरकार का उद्देश्य–
    सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी इच्छुक युवा जानकारी या प्रशिक्षण के अभाव में अवसर से वंचित न रह जाए। इस पहल से उत्तराखंड के युवाओं को न केवल सेना में भर्ती की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा, बल्कि वे शारीरिक रूप से मजबूत और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित होंगे।

  • उत्तराखंड की रजत जयंती पर होगा भव्य उत्सव,,,10 दिन मनाया जाएगा जश्न।

    उत्तराखंड की रजत जयंती पर होगा भव्य उत्सव,,,10 दिन मनाया जाएगा जश्न।

    देहरादून—-   उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में प्रदेश सरकार इस बार भव्य स्तर पर रजत जयंती पर्व मनाने जा रही है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 1 नवंबर से 10 नवंबर तक पूरे राज्य में विविध कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी।

    इन दस दिनों तक उत्तराखंड अपनी संस्कृति, विकास यात्रा और जनभागीदारी का उत्सव मनाएगा।

    मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पर्व को जन-जन का उत्सव बनाया जाए।

    सभी जिलों में स्थानीय संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक परिधान प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। युवाओं के लिए खेल प्रतियोगिताएं, सामाजिक और विकासपरक गतिविधियाँ भी पर्व का हिस्सा रहेंगी।

    कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के 25 वर्षों की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर भी चर्चा की जाएगी। शासन स्तर पर विशेष सत्र आयोजित होगा, जिसमें पर्यटन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला जाएगा। साथ ही, राज्य की विकास यात्रा को प्रदर्शित करने वाले प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री स्वयं कई जिलों में होने वाले प्रमुख आयोजनों में शिरकत करेंगे और मॉनिटरिंग भी करेंगे।

    मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने कहा कि यह पर्व केवल सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि जनसहभागिता से सजा राज्यव्यापी उत्सव होगा। स्थानीय कलाकारों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

    इस वर्ष रजत जयंती पर्व की थीम होगी

    “नया उत्तराखंड, सशक्त उत्तराखंड”

    सरकार का उद्देश्य है कि यह पर्व न केवल बीते 25 वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव बने, बल्कि आने वाले 25 वर्षों के विकास संकल्प का भी शुभारंभ साबित हो।