Category: देहरादून

  • देहरादून के कन्या गुरुकुल परिसर में निवेशक जागरूकता कार्यक्रम “परिचय – वित्तीय साक्षरता का परिचय” हुआ आयोजित।

    देहरादून के कन्या गुरुकुल परिसर में निवेशक जागरूकता कार्यक्रम “परिचय – वित्तीय साक्षरता का परिचय” हुआ आयोजित।

    देहरादून—-  कन्या गुरुकुल परिसर, देहरादून में आज “परिचय – वित्तीय साक्षरता का परिचय” शीर्षक से एक निवेशक जागरूकता कार्यक्रम (IAP) सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

    इस सत्र का संचालन वित्तीय शिक्षा एवं जागरूकता के विशेषज्ञ और SEBI-प्रमाणित प्रतिभूति बाजार प्रशिक्षक (SMART) डॉ. सुनील मदान ने निःशुल्क किया। अंग्रेजी विभाग की शोध छात्रा, साईजासी रावत ने डॉ. सुनील मदान का परिचय कराया। यह सत्र विशेष रूप से स्नातकोत्तर छात्राओं के लिए डिज़ाइन किया गया था, जिसका उद्देश्य उन्हें वित्तीय साक्षरता के छह प्रमुख घटकों से परिचित कराना था।

    डॉ. सुनील मदान को परिसर समन्वयक प्रो. हेमन पाठक और अंग्रेजी विभाग की डॉ. रीना वर्मा द्वारा स्वागत चिह्न प्रदान किया गया। कार्यक्रम में स्नातकोत्तर छात्रों, शोधार्थियों और संस्थान के संकाय सदस्यों सहित 45 प्रतिभागियों ने उत्साहजनक भागीदारी की। इस सत्र का उद्देश्य प्रतिभागियों को वित्तीय साक्षरता, ज़िम्मेदार निवेश प्रथाओं और वित्तीय बाज़ारों के बारे में जागरूकता के मूल सिद्धांतों से परिचित कराना था।

    डॉ. मदान ने पीपीएफ, इक्विटी, एसआईपी सहित प्रारंभिक वित्तीय योजना बनाने, निवेश के विकल्पों को समझने और धोखाधड़ी वाली योजनाओं से खुद को सुरक्षित रखने के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने व्यक्तिगत और सामुदायिक, दोनों स्तरों पर एक स्थिर वित्तीय भविष्य के निर्माण में जानकार निवेशकों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

    इस इंटरैक्टिव सत्र को काफ़ी सराहा गया, जिसमें छात्रों ने सक्रिय रूप से चर्चाओं में भाग लिया और बचत, निवेश और वित्तीय सुरक्षा से संबंधित अपने प्रश्नों का समाधान किया। सभी विभागों के संकाय सदस्यों ने इस पहल की सराहना की और युवा महिलाओं को आवश्यक वित्तीय ज्ञान से सशक्त बनाने में इसकी प्रासंगिकता पर ध्यान दिलाया।

    कार्यक्रम का समापन अंग्रेजी विभाग की शोध छात्रा सृष्टि मालकोटी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने डॉ. सुनील मदान के योगदान और छात्रों एवं विद्वानों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की।

  • मंत्री रेखा आर्या ने जाना पूर्व सीएम खंडूड़ी के स्वास्थ्य का हाल।

    मंत्री रेखा आर्या ने जाना पूर्व सीएम खंडूड़ी के स्वास्थ्य का हाल।

    देहरादून—-   शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल भुवनचंद्र खंडूड़ी का हालचाल जानने उनके वसंत विहार स्थित आवास पर पहुंचीं।

    मुलाकात के दौरान उन्होंने उनके स्वास्थ्य लाभ की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

    रेखा आर्या ने कहा कि मेजर जनरल खंडूड़ी प्रदेश और देश की राजनीति में सदैव प्रेरणा के स्रोत रहे हैं।

    उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि खंडूड़ी जी दीर्घायु हों और समाज को अपने अमूल्य अनुभवों से आगे भी मार्गदर्शन देते रहें।

  • देहरादून में आपदा के बीच क्यों हुईं मंत्री और डीएम के बीच तनातनी ।

    देहरादून में आपदा के बीच क्यों हुईं मंत्री और डीएम के बीच तनातनी ।

    देहरादून—-   देहरादून में मंगलवार को बादल फटने की आपदा के बीच राज्य की प्रशासनिक और सियासी व्यवस्थाओं में टकराव की तस्वीर सामने आई।

    आपदा प्रभावित क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और जिलाधिकारी सविन बंसल के बीच तीखा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    वीडियो में मंत्री जोशी डीएम पर फोन न उठाने को लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर करते दिखे। उन्होंने कहा कि आपदा की रात मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों ने उनका फोन उठाया, लेकिन डीएम का फोन नहीं उठा।

    मंत्री ने डीएम से कहा, “अपना रंग-ढंग ठीक करिए।” जवाब में डीएम सविन बंसल ने हाथ जोड़कर चुपचाप वहां से दूरी बना ली। उनके साथ मौजूद एसएसपी अजय सिंह ने भी मंत्री से हाथ जोड़ते हुए वहां से निकल जाना ही बेहतर समझा।

    बताया जा रहा है कि मंत्री जोशी उस समय दिल्ली में थे और घटना की सूचना मिलते ही देहरादून रवाना हो गए।

    उन्होंने हालात की जानकारी के लिए कई अधिकारियों को फोन किया, लेकिन डीएम का फोन न उठने पर उन्होंने सार्वजनिक नाराजगी जताई। हालांकि डीएम ने बात को तूल न देते हुए संयम दिखाया।

    यह घटना आपदा प्रबंधन के बीच प्रशासन और सरकार के बीच समन्वय पर भी सवाल खड़े कर रही है।

  • दून आपदा प्रबंधन के अग्रिम मोर्चे पर डटे प्रदेश के मुखिया धामी,,,,, राहत कार्यों में झोंकी पूरी ताकत।

    दून आपदा प्रबंधन के अग्रिम मोर्चे पर डटे प्रदेश के मुखिया धामी,,,,, राहत कार्यों में झोंकी पूरी ताकत।

    देहरादून—   अपने 50वें जन्मदिवस के अवसर पर जहां आमतौर पर लोग जश्न मनाते हैं, वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दिन को प्रदेशवासियों की सेवा और आपदा राहत कार्यों के लिए समर्पित कर दिया।

    मंगलवार सुबह से ही मुख्यमंत्री आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर हालात की गंभीरता को समझने और राहत-बचाव कार्यों की दिशा तय करने में जुटे रहे।

    मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून जनपद के मालदेवता और केसरवाला क्षेत्रों का दौरा किया, जो हालिया अतिवृष्टि से सर्वाधिक प्रभावित रहे हैं।

    निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रभावित नागरिकों को हरसंभव सहायता और पुनर्वास का भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश में सड़कों, पुलों व सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे आमजन का जनजीवन प्रभावित हुआ है।

    उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि अवरुद्ध मार्गों को शीघ्र खोलने, और प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व बिजली की आपूर्ति तत्काल बहाल करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश में राज्य आपदा परिचालन केंद्र से लेकर जिला स्तर तक प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में जुटे हैं।

    उन्होंने कहा कि नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है, और सभी जिलाधिकारी स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री धामी नियमित रूप से जिलाधिकारियों से संपर्क में हैं। और उन्होंने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

    उन्होंने जनता से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

    आपदा की इस घड़ी में मुख्यमंत्री का यह सक्रिय और संवेदनशील नेतृत्व न केवल एक मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था की झलक देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जनसेवा ही उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। चाहे वह दिन उनका जन्मदिवस ही क्यों न हो।

  • इंस्टिट्यूट में फंसे 200 छात्र सुरक्षित निकाले गए….

    इंस्टिट्यूट में फंसे 200 छात्र सुरक्षित निकाले गए….

    देहरादून – देहरादून समेत उत्तराखंड के कई जिलों में देर रात बादल फटने और मूसलधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। भूस्खलन, जलभराव और सड़कें टूटने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई लोग लापता हैं और प्रशासन राहत व बचाव कार्यों में जुटा है।

    देहरादून: इंस्टिट्यूट में फंसे 200 छात्रों का रेस्क्यू

    देवभूमि इंस्टिट्यूट, पौंधा परिसर में जलभराव से 200 छात्र-छात्राएं फंस गए थे। सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने त्वरित कार्रवाई कर सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

    मौतें और लापता लोग

    • सहस्त्रधारा क्षेत्र में एक शव बरामद।
    • टपकेश्वर के पास शिखर फॉल में चार लोगों के बहने की सूचना।
    • मसूरी झड़ीपानी टोल पर भूस्खलन से दो मजदूर दबे, एक की मौत और एक घायल।
    • विकासनगर में पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आकर स्कूटर सवार युवक की मौत, दूसरा घायल।
    • करलिगाड़ क्षेत्र में दो लोग लापता।

    देवप्रयाग में भारी भूस्खलन

    देवप्रयाग में लगातार बारिश से भू-धंसाव हुआ, बस अड्डे के पास जमीन धंसी और रघुनाथ मंदिर के पीछे कमरे ढह गए। बद्रीनाथ-ऋषिकेश हाईवे बंद हो गया है और पेट्रोल पंपों को नुकसान पहुंचा है।

    सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त

    • पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी को जोड़ने वाला पुल बह गया, यूनिवर्सिटी में छुट्टी घोषित।
    • प्रेमनगर नंदा की चौकी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग टूटा।
    • मसूरी-देहरादून मार्ग और झड़ीपानी टोल के पास सड़कें टूटीं।
    • देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर लालतप्पड़ स्थित जाकन नदी पुल पर पानी पुल के ऊपर तक पहुंचा।

    प्रशासन अलर्ट पर, सीएम ने किया निरीक्षण

    सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। डीएम सविन बंसल और एसडीएम कुमकुम जोशी राहत कार्यों की कमान संभाले हुए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव कार्य कर रही हैं। पुलिस ने कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया है।

    मौसम विभाग का अलर्ट

    मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, चमोली, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर और नैनीताल में येलो अलर्ट जारी किया है। 21 सितंबर तक प्रदेशभर में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

  • उत्तराखंड भाजपा की नई प्रदेश टीम घोषित..,, जानिए कौन क्या बना,,,,

    उत्तराखंड भाजपा की नई प्रदेश टीम घोषित..,, जानिए कौन क्या बना,,,,

    देहरादून—   भाजपा ने प्रदेश पदाधिकारियों की घोषणा कर दी है।प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के निर्देश पर संगठन के विभिन्न मोर्चो और विभाग मे 42 लोगों को दायित्व दिये गए है।

    दीप्ति रावत, कुंदन परिहार और तरुण बंसल को महामंत्री बनाया गया है।

    वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर 8, प्रदेश मंत्री के पद पर 8 लोगों को नियुक्ति दी गयी है।

    पुनीत मित्तल प्रदेश कोषाध्यक्ष तथा मनवीर सिंह चौहान को तीसरी बार मीडिया प्रभारी बनाया गया है।

    रुचि भट्ट को महिला मोर्चा का अध्यक्ष तथा अन्य मोर्चो मे भी नियुक्ति की गयी है।

    उत्तराखंड बीजेपी की प्रदेश कार्यकारिणी हुई घोषित

    दीप्ती रावत, तरुण बंसल, और कुंदन परिहार बनाए गए महामंत्री

    सुरेश जोशी मुख्य प्रवक्ता

    मनवीर चौहान प्रदेश मीडिया प्रभारी

    महिला मोर्चे की अध्यक्ष रूचि चौहान भट्ट

    अनिल गोयल, राजेन्द्र सिंह बिष्ट और श्रीपाल राणा बने प्रदेश उपाध्यक्ष

    दीप्ति रावत, कुन्दन परीहार और तरुण बंसल को मिला प्रदेश महामंत्री का दायित्व

    सतिश लखेडा, आदित्य चौहान, नलिन भट्ट और दीपिका बोहरा को मिली प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी

    वही पुनीत मित्तल को प्रदेश कोषाध्यक्ष, जबकि साकेत अग्रवाल को सह-कोषाध्यक्ष बनाया

    सुरेश जोशी प्रदेश मुख्य प्रवक्ता और मनवीर चौहान बने मीडिया संयोजक

    इसके अलावा महिला मोर्चा की कमान रुचि चौहान भट्ट को, किसान मोर्चा की जिम्मेदारी महेन्द्र सिंह नेगी को सौंपी गई

    अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष बलवीर घुनीयाल और अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह राणा बनाए गए।

  • उत्तराखंड में संविदाकर्मियों का इंतज़ार खत्म, 2008 तक नियुक्त कर्मचारियों को मिलेगा स्थायी दर्जा….

    उत्तराखंड में संविदाकर्मियों का इंतज़ार खत्म, 2008 तक नियुक्त कर्मचारियों को मिलेगा स्थायी दर्जा….

    देहरादून – उत्तराखंड में लंबे समय से नियमितीकरण की राह देख रहे संविदाकर्मियों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने नई नियमितीकरण नियमावली-2025 का मसौदा तैयार कर लिया है। इसके तहत चार दिसंबर 2008 तक संविदा, दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ रूप से नियुक्त कर्मचारियों के नियमितीकरण का रास्ता खुल सकता है। यह प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के बाद 28 अगस्त को मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन की अध्यक्षता में इस संबंध में महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में सचिव कार्मिक शैलेश बगौली, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, अपर सचिव न्याय मनीष कुमार पांडे, अपर सचिव कार्मिक नवनीत पांडे और अपर सचिव वित्त गंगा प्रसाद शामिल रहे।

    बैठक में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों के आलोक में पूर्व नियमावलियों की समीक्षा की गई। पहले 2011 की नियमावली में 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वालों को नियमित करने का प्रावधान था, वहीं 2013 की नियमावली में यह अवधि घटाकर 5 वर्ष कर दी गई थी। हालांकि, इस पर 2018 में नैनीताल हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी।

    बाद में नरेंद्र सिंह बनाम राज्य मामले में हाईकोर्ट ने 22 फरवरी 2024 को आदेश दिया कि पांच वर्ष की सीमा को फिर से 10 वर्ष किया जाए। इसी आधार पर अब नई नियमावली तैयार की जा रही है।

    गौरतलब है कि इस नियमावली का लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो चार दिसंबर 2008 तक सेवा में आ चुके हैं। इसमें आउटसोर्सिंग एजेंसियों जैसे उपनल के कर्मचारियों को शामिल नहीं किया जाएगा।

    अब सभी की निगाहें आगामी कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं, जहां इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। यदि कैबिनेट की मंजूरी मिलती है तो हजारों संविदाकर्मियों को नियमितीकरण का रास्ता मिल जाएगा।

  • प्रधानमंत्री ने लिया बारिश से हुई तबाही का जायजा, सरकार हर पीड़ित के साथ।

    प्रधानमंत्री ने लिया बारिश से हुई तबाही का जायजा, सरकार हर पीड़ित के साथ।

    देहरादून— : उत्तर भारत में इस बार का मॉनसून कहर बनकर टूटा है। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी मानसून ने भारी तबाही मचाई है।

    हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में बारिश की भारी तबाही के मंजर पिछले दिनों दिखे हैं। पहाड़ों पर दरकते पत्थर, बादल फटने की घटनाएं और मैदानों में बाढ़ ने हजारों लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर दिया।

    हिमाचल में जहां भूस्खलन और बाढ़ से बड़ी तबाही हुई, वहीं पंजाब के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। उत्तराखंड में बादल फटने और भूस्खलन ने सबसे ज्यादा असर पर्वतीय इलाकों में दिखा।

    पीएम मोदी ने गुरुवार की शाम प्रदेश की स्थिति का जायजा लिया। काशी में भारत-मॉरीशस शिखर वार्ता में भाग लेने के बाद पीएम मोदी देहरादून पहुंचे।

    पीएम मोदी ने ली जानकारी—-
    हिमाचल प्रदेश को 1600 करोड़ और पंजाब को 1500 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को उत्तराखंड पहुंचे।

    यहां उन्होंने राज्य को 1200 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया। देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पीएम मोदी का स्वागत किया। खराब मौसम की वजह से प्रधानमंत्री हवाई सर्वे नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने आपदा प्रभावित इलाकों की विस्तृत प्रजेंटेशन के जरिए समीक्षा की।

    पीड़ित परिवारों से मुलाकात—–
    पीएम नरेंद्र मोदी ने आपदा प्रभावित इलाकों के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने और घायल होने वाले परिवारों के साथ सरकार खड़ी है।

    पीएम मोदी ने आपदा के समय में लोगों की सहायता में जुटने वाले एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के कर्मियों से भी मुलाकात की। उनका इस प्रकार के कार्य में योगदान देने के लिए धन्यवाद दिया।

    पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों को मुआवजा देगी। आपदा में अपनों को खोने वाले परिजनों को केंद्र सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है।

    वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है। पीएम ने जोर देकर कहा कि अनाथ हुए बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम के तहत विशेष सहयोग दिया जाएगा।

    पीएम मोदी ने दिया भरोसा—-
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड के साथ खड़ी है और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने आपदा प्रभावित धराली के पीड़ितों से भी बातचीत की और उनका दुख-दर्द सुना।

    पीएम मोदी ने आपदा राहत और बचाव कार्यों में जुटे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के कर्मियों से भी बातचीत की और उनके प्रयासों की सराहना की।

    प्रधानमंत्री की बैठक में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम धामी ने बैठक में राज्य सरकार की ओर से किए गए कार्यों की जानकारी पीएम मोदी को दी।

  • धामी कैबिनेट की बैठक में इन अहम प्रस्तावों पर लगी मोहर.,,,,,।

    धामी कैबिनेट की बैठक में इन अहम प्रस्तावों पर लगी मोहर.,,,,,।

    देहरादून—  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज बुधवार को मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हो गयी है। धामी कैबिनेट ने इस बैठक में अहम प्रस्तावों पर मोहर लगाई है।

    बैठक में कुल 6 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी है।

    बैठक के बाद मुख्यमंत्री सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसलों की जानकारी साझा की।

    उच्च न्यायालय अधिष्ठान कार्यालय में दो अधिवक्ताओं के पदों के साथ वरिष्ठ प्रमुख, निजी सचिव और आशुलिपिक पद सृजित किए गए।

    उधम सिंह नगर जिले में 9.918 हेक्टेयर भूमि जिला विकास प्राधिकरण को आवंटित की गई।

    पशुपालन विभाग के तहत कुकुट आहार सब्सिडी योजना को मंजूरी दी गई। यह योजना राज्य के 9 पर्वतीय जिलों में लागू होगी। इसके लिए ₹2 करोड़ 25 लाख 85 हजार की सब्सिडी दी जाएगी।

    उत्तराखंड सेवा का अधिकार का नवम वार्षिक प्रतिवेदन 2023-24 विधानसभा पटल पर प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।

  • “नारी 2025 एक एकेडमिक रिपोर्ट” सवालों के घेरे में,,आयोग के सवालों के आगे पीवैल्यू एनालैटिक्स कम्पनी के प्रतिनिधि नही दे पाए जवाब, प्रबंध निर्देशक को किया तलब।

    “नारी 2025 एक एकेडमिक रिपोर्ट” सवालों के घेरे में,,आयोग के सवालों के आगे पीवैल्यू एनालैटिक्स कम्पनी के प्रतिनिधि नही दे पाए जवाब, प्रबंध निर्देशक को किया तलब।

    देहरादून—-  देवभूमि उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून शहर को पीवैल्यू एनालेटिक्स कम्पनी द्वारा धारणा आधारित जारी राष्ट्रीय वार्षिक रिपोर्ट और सूचकांक (एनएआरआई) 2025 में महिलाओं के लिए असुरक्षित बताने के मामले में आज दिनाँक 8 सितंबर 2025 को उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग द्वारा कंपनी के प्रबन्ध निदेशक समन भेज कर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे।

    मामले में आज कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर मयंक ढय्या राज्य महिला आयोग में उपस्थित रहे। जहां पर उन्होंने कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर आयोग के सवालों पर वार्षिक रिपोर्ट व इंडेस्क में संदेहास्पद स्थिति के लिए क्षमा मांगते हुए कहा कि यह एक एकेडमिक रिपोर्ट है जिसका उद्देश्य किसी शहर की छवि को खराब करने का नही था।

    वहीं आयोग की अध्यक्ष व उपस्थित पैनल के समक्ष कम्पनी के प्रतिनिधि मयंक ढैय्या आयोग के सवालों जवाब नही दे पाए, उनके द्वारा दी गयी जानकरी पर्याप्त न हो पाने के कारण उन्होंने कहा इस रिपोर्ट को लेकर उनके पास अधिक जानकारी नही है, वो कम्पनी में बात कर के आपको जवाब दे पाएंगे जिसको लेकर आयोग अध्यक्ष ने फटकार लगाते हुए कहा अगली सुनवाई पर रिसर्च टीम व प्रबन्ध निदेशक को उपस्थित होने के निर्देश दिए है।

    महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने जानकरी में बताया कि कम्पनी के प्रतिनिधि के पास जानकारी का अभाव था जिस कारण इस मामले की सुनवाई इसी महीने की 15 तारीख को कर दी गयी है।

    उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अगली सुनवाई में कंपनी के प्रबंध निदेशक के साथ वार्षिक रिपोर्ट व इंडेस्क के प्रमुख इन्वेस्टिगेटर/ सहायक इन्वेस्टिगेटर को उपस्थित होना है तथा आयोग के समस्त सवालों के जवाब, रिसर्च व सर्वे के सभी दस्तावेज तथा सर्वे के लिए की गई सभी मीटिंगों व कार्रवाई की मिनट्स रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर आयोग को उपलब्ध कराए जाएं।

    वहीं कुसुम कण्डवाल ने कहा कि पीवैल्यु एनालेटिक्स कम्पनी द्वारा जारी वार्षिक रिपोर्ट व इंडेस्क में आयोग की टीम ने अनेको खामियां पाई है जिसके संतोषजनक जवाब आज की सुनवाई में नही मिल पाए है, जो कि पूरी तरह से संदेहास्पद है।

    वार्षिक रिपोर्ट व सर्वे में शामिल महिलाओं से पूछे गए सवालों को भी पब्लिक नही किया गया है, किन महिलाओं को सर्वे में रखा गया है क्या वह वर्किंग है या हाउस वाइफ है यह भी स्पष्ट नही है, टेलीफ़ोन के माध्यम से कोई गए सर्वे में किन प्रश्नों को रखा गया है वह भी स्पष्ट नही है साथ ही एकेडमिक रिसर्च के अनेकों अनेक मापदंड भी अधूरे है।

    ऐसे में अगर कंपनी की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नही प्रस्तुत किया गया तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।