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  • उत्तराखंड को केंद्र का उपहार, PM-ABHIM के तहत बनेगा हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर।

    उत्तराखंड को केंद्र का उपहार, PM-ABHIM के तहत बनेगा हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर।

    देहरादून—   प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के अंतर्गत उत्तराखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार से एक बड़ा और महत्वपूर्ण उपहार मिला है।

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्य में हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (HEOC) की स्थापना को मंज़ूरी दे दी है। यह सेंटर राज्य में स्वास्थ्य आपदाओं के दौरान त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस फैसले को राज्य की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “यह सेंटर आपातकालीन स्थितियों में हमारी तैयारियों को नई मज़बूती देगा। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”

    स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि HEOC के संचालन के लिए कुल 9 संविदा पदों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें वरिष्ठ सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार, सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार, डेटा विश्लेषक, हब इंजीनियर और डेटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं।

    इस परियोजना को वर्ष 2021 से 2026 की अवधि तक PM-ABHIM फंडिंग के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त होगी। इसके बाद आगे की निरंतरता योजना की स्वीकृति के अनुसार HEOC का संचालन किया जाएगा। एक अलग बैंक खाता HEOC के नाम से खोला जाएगा, जिससे निधि का हस्तांतरण और उपयोग पारदर्शी तरीके से हो सके।

    स्वास्थ्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शीघ्र ही संविदा पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी, जिससे HEOC को जल्द से जल्द कार्यशील बनाया जा सके। इस सेंटर के माध्यम से समयबद्ध प्रतिक्रिया,डाटा विश्लेषण और तत्काल निर्णय लेने की प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे आम जनता को आपदाओं के समय त्वरित स्वास्थ्य सहायता मिल सकेगी।

    देशभर में HEOC की स्थापना, भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना को मज़बूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इससे स्वास्थ्य आपात स्थितियों में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और महामारी जैसी स्थितियों में जवाबदेही और तैयारी कहीं अधिक प्रभावी होगी।

  • उत्तराखंड : निर्वाचन आयोग का बड़ा कदम, 11 राजनीतिक दलों को किया चुनावी प्रक्रिया से किया बाहर।

    उत्तराखंड : निर्वाचन आयोग का बड़ा कदम, 11 राजनीतिक दलों को किया चुनावी प्रक्रिया से किया बाहर।

    देहरादून—   भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में सक्रियता न दिखाने वाले 11 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को डीलिस्ट कर दिया है।

    यह कदम उन दलों के खिलाफ उठाया गया है जो वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से किसी भी विधानसभा या लोकसभा चुनाव में भाग नहीं ले पाए। आयोग ने इसे 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उठाया गया एक अहम कदम बताया है।

    निष्क्रियता के चलते हुई डीलिस्टिंग—

    चुनाव आयोग के अनुसार, कई राजनीतिक दल केवल चुनावों के समय सक्रिय होते हैं और एक बार चुनाव लड़ने के बाद उनकी गतिविधियां ठप पड़ जाती हैं। ऐसे दल आयोग के नियमों का पालन नहीं करते और रिपोर्ट जमा करने जैसी प्रक्रियाओं से भी दूर रहते हैं। इसी निष्क्रियता के चलते आयोग ने यह कार्रवाई की है।

    इन 11 दलों को किया गया डीलिस्ट (19 सितंबर 2025 को)–

    1. भारतीय कौमी दल पार्टी
    2. भारत परिवर्तन पार्टी
    3. भारतीय मूल निवासी समाज
    4. भारतीय अंत्योदय पार्टी
    5. राष्ट्रीय जन सहायता
    6. उत्तराखंड जनशक्ति पार्टी
    7. उत्तराखंड प्रजातंत्र पार्टी
    8. उत्तराखंड भारतीय ग्राम नगर विकास पार्टी
    9. भारतीय सम्राट सुभाष सी
    10. गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट
    11. पीपुल्स पार्टी

    इन दलों को मिला 30 दिन का समय—

    चुनाव आयोग ने डीलिस्ट किए गए दलों को 30 दिनों की अवधि में अंतिम अपील करने का मौका भी दिया है। यदि निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया, तो डीलिस्टिंग की प्रक्रिया अंतिम मानी जाएगी।

    दो दलों को नोटिस, जवाब देने की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर—

    इसके अतिरिक्त, आयोग ने भारतीय सर्वोदय पार्टी और उत्तराखंड प्रगतिशील पार्टी को नोटिस जारी किया है। इन दलों ने पिछले छह वर्षों में किसी भी चुनाव में भाग नहीं लिया है और वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट तथा खर्च विवरण भी आयोग को नहीं सौंपा है। इन्हें अपना पक्ष रखने के लिए 13 अक्टूबर 2025 तक का समय दिया गया है।

    क्या होते हैं रजिस्टर्ड दलों के फायदे?–

    राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग में पंजीकरण से कई लाभ मिलते हैं:

    आयकर में छूट– (आयकर अधिनियम की धारा 13 के तहत)
    चुनाव चिह्न का आवंटन
    प्रचार के लिए स्टार प्रचारकों की अनुमति
    प्रतीक आदेश के तहत मान्यता प्राप्त दलों को आरक्षित प्रतीक

    पहले भी हो चुकी है कार्रवाई—

    गौरतलब है कि इससे पहले 9 अगस्त 2025 को भी आयोग ने 6 दलों को डीलिस्ट किया था, जिनके नाम निम्नलिखित हैं:

    1. भारतीय जन क्रांति पार्टी
    2. हमारी जान मंच पार्टी
    3. मैदानी क्रांति दल
    4. प्रजामंडल पार्टी
    5. राष्ट्रीय ग्राम विकास पार्टी
    6. राष्ट्रीय जन सहायता

  • त्योहारों पर मिलावटखोरों की खैर नहीं….

    त्योहारों पर मिलावटखोरों की खैर नहीं….

    देहरादून – त्योहारों के सीजन में उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत राज्यभर में विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत दूध व दूध उत्पाद, खाद्य तेल, घी, मिठाई, मसाले, आटा, मैदा, बेसन और सूखे मेवे जैसे उत्पादों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

    नमूनों की होगी जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई

    स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि निर्माण इकाइयों से लेकर थोक/खुदरा विक्रेताओं और ट्रांसपोर्ट चैनलों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच कराई जाएगी। जांच में खामियां पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, लाइसेंस रद्द करने और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    हर सप्ताह आएगी जांच रिपोर्ट

    राजकीय खाद्य प्रयोगशालाओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी रिपोर्ट हर सप्ताह मुख्यालय को भेजें। रिपोर्ट के आधार पर तत्काल प्राथमिकता तय कर कार्रवाई की जाएगी। Schedule-IV और FSSAI मानकों का उल्लंघन करने वालों पर धारा-32 के तहत मुकदमे दर्ज होंगे।

    जनता कर सकेगी सीधे शिकायत

    डॉ. कुमार ने बताया कि विभाग की टोल फ्री हेल्पलाइन और WhatsApp नंबर पर आमजन सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं। सभी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होगी। साथ ही सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

    दिल्ली और उत्तराखंड की लैब्स से जांच

    खाद्य नमूनों की जांच दिल्ली स्थित FSSAI और उत्तराखंड की मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से कराई जाएगी। इनकी रिपोर्ट हर सप्ताह सार्वजनिक की जाएगी।

    मुख्यमंत्री धामी का संदेश

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता त्योहारों में जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। मिलावटखोरी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने के निर्देश दिए।

  • मुख्यमंत्री धामी ने विकास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय लिए….

    मुख्यमंत्री धामी ने विकास और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय लिए….

    देहरादून – देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में महक क्रांति नीति सहित छह अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। महक क्रांति नीति के तहत पहले चरण में 91,000 लाभार्थियों के माध्यम से 22,750 हेक्टेयर भूमि पर अरोमैटिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। अरोमैटिक प्लांट्स लगाने वालों को अब सब्सिडी भी मिलेगी – एक हेक्टेयर तक लगाने वालों को 80% और इससे अधिक भूमि पर 50% सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

    बैठक में उत्तराखंड कारागार के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई, जिसमें 27 पद स्थायी होंगे और बाकी पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाएंगे। इसके साथ ही 1872 ईडब्ल्यूएस भवनों के निर्माण में राज्य सरकार द्वारा 27 करोड़ रुपये अतिरिक्त राशि देने का निर्णय लिया गया। शिक्षा विभाग के तहत दूरदर्शन के शैक्षिक प्रसारण के लिए 8 नए पद स्वीकृत किए गए, जो एससीईआरटी टीवी चैनल के माध्यम से पढ़ाई से वंचित छात्रों के लिए लाभकारी होंगे।

    विशेष शिक्षा के पदों पर सितंबर 2017 से मार्च 2019 तक दूरस्थ शिक्षा से डीएलएड पास युवाओं को आउटसोर्सिंग के माध्यम से अवसर प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के टीईटी अनिवार्य फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करेगी। इसके अलावा, दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह के लिए अनुदान राशि 25,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दी गई है। मंत्रिमंडल के इन फैसलों से न केवल कृषि, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा क्षेत्र में सुधार होगा, बल्कि आमजन और लाभार्थियों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई है।

  • प्रेमनगर पहुँचे सीएम धामी, ‘GST बचत उत्सव’ में जनता से किया संवाद….

    प्रेमनगर पहुँचे सीएम धामी, ‘GST बचत उत्सव’ में जनता से किया संवाद….

    देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार शाम प्रेमनगर बाज़ार पहुंचे और ‘GST बचत उत्सव’ कार्यक्रम में शामिल हुए। यह आयोजन केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में की गई कटौती के लाभ सीधे जनता तक पहुँचाने और जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया गया।

    मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का दौरा कर व्यापारियों से नए जीएसटी स्लैब पर फीडबैक लिया और उनसे आग्रह किया कि घटे हुए करों का लाभ आम जनता तक अवश्य पहुँचाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कई आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों में कमी की है, जिससे हर वर्ग को राहत मिलेगी।

    सीएम धामी ने जनता से अपील की कि वे स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा – “जब हम अपने स्थानीय उत्पाद खरीदेंगे, तभी हमारे कुटीर उद्योग और छोटे कारोबारी मज़बूत होंगे और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प साकार होगा।”

    जनता से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सुधार और जनकल्याण साथ-साथ चल रहे हैं। जीएसटी दरों में कमी से गृहिणियों, छोटे व्यापारियों से लेकर हर आमजन को फायदा होगा।

    कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी की जोड़ी पर विश्वास जताते हुए कहा कि “घटी GST दरें जनता के लिए सरकार का उपहार हैं।” नागरिकों ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा कि दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर टैक्स कम होने से घरेलू बजट का बोझ हल्का हुआ है।

    इस अवसर पर बड़ी संख्या में व्यापारी, महिलाएं, युवा और वरिष्ठजन मौजूद रहे। कार्यक्रम में विधायक सविता कपूर, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • सीएम धामी बोले– जल्द होगी सभी समस्याओं का समाधान….

    सीएम धामी बोले– जल्द होगी सभी समस्याओं का समाधान….

    देहरादून – क्षत्रिय करणी सेना ने प्रदेश में सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने का नेतृत्व राष्ट्रीय सचिव शुभम सिंह ठाकुर और प्रदेश अध्यक्ष (युवा मोर्चा) रविन्द्र सजवान ने किया।

    इस दौरान करणी सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन की राह अपनाने को मजबूर होगा। मुख्यमंत्री धामी ने करणी सेना के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार इस मामले में गंभीर है और जल्द ही समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

    ज्ञापन सौंपने वालों में शुभम सिंह ठाकुर, रविन्द्र सजवान, मुकुल बहल, सुशांत थापा, राहुल कुमार राजपूत, कृष्ण ध्रुव दत्ता, राघव तोमर, सरिता कोटियाल, देवांश, आदित्य, शुभम थापा, अरुण, दिव्यांशु, शुभम बारी समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • आश्विन मास की प्रतिपदा से शुरू हुआ नवरात्र, हाथी पर विराजित माता दुर्गा का स्वागत….

    आश्विन मास की प्रतिपदा से शुरू हुआ नवरात्र, हाथी पर विराजित माता दुर्गा का स्वागत….

    देहरादून – उत्तराखंड में आश्विन मास की प्रतिपदा से शुरू हुए शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधिपूर्वक मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और राज्य की प्रगति के लिए विशेष प्रार्थना की।

    इस वर्ष नवरात्र का आगमन हाथी पर विराजमान माता के रूप में हुआ है, जिसे समृद्धि, राष्ट्र उन्नति और कल्याण का प्रतीक माना जाता है। मुख्यमंत्री ने शासकीय आवास पर सभी विधियों का पालन करते हुए पूजा-अर्चना की और मां आदिशक्ति भगवती से प्रदेशवासियों पर आशीर्वाद बनाए रखने की कामना की।

    ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि इस दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र और हस्त नक्षत्र का शुभ संयोग बना है, जो पूजा-अर्चना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। प्रदेशभर में मंदिरों और श्रद्धालु स्थलों पर भक्तों की भीड़ उमड़ी और माता रानी के जयकारों के बीच नवरात्र का स्वागत किया गया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे मां दुर्गा की भक्ति और पर्व की शुभता के साथ आपसी भाईचारे और राज्य की उन्नति के लिए कार्य करें।

  • पेपर लीक से भड़के अभ्यर्थी, परेड मैदान से निकला आक्रोश मार्च….

    पेपर लीक से भड़के अभ्यर्थी, परेड मैदान से निकला आक्रोश मार्च….

    देहरादून – उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की रविवार को हुई स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला तूल पकड़ गया है। पेपर लीक की जानकारी सामने आते ही प्रदेशभर के युवा सड़क पर उतर आए। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी देहरादून के परेड मैदान में एकत्र हुए और वहां से सचिवालय कूच किया। गुस्साए युवाओं ने सड़कें जाम कर सरकार और आयोग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

    बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने आरोप लगाया कि परीक्षा शुरू होने के महज आधे घंटे बाद यानी सुबह 11:35 बजे पेपर का एक सेट सोशल मीडिया पर लीक हो गया। बताया कि लीक हुआ पेपर और परीक्षा में वितरित प्रश्न पत्रों का मिलान करने पर कई प्रश्न समान पाए गए, जिससे पेपर की गोपनीयता भंग हुई है। दावा किया गया कि यह पेपर हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र से बाहर आया।

    संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि आपदा प्रभावित हालात को देखते हुए पहले ही सरकार और आयोग से परीक्षा स्थगित करने की मांग की गई थी, लेकिन इसे अनदेखा कर परीक्षा कराई गई। इससे प्रदेशभर के लाखों बेरोजगारों का भविष्य खतरे में डाल दिया गया है। आक्रोशित युवाओं ने सीबीआई जांच की मांग उठाते हुए साफ कहा कि जब तक इस मामले में कड़ी कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन तेज किया जाएगा।

  • अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाकर रिक्शा चालक से वसूले 14 हजार….

    अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाकर रिक्शा चालक से वसूले 14 हजार….

    देहरादून – ठगों ने अब पुलिस अधिकारियों के नाम का सहारा लेकर भोले-भाले लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताज़ा मामला आनंदबाग तल्ला गोरखपुर निवासी रिक्शा चालक नरेश कुमार के साथ सामने आया है। ठग ने खुद को देहरादून का एसपी बताते हुए नरेश को अश्लील वीडियो देखने के झूठे आरोप में फँसाने की धमकी दी और केस खत्म करने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की। डर और घबराहट में रिक्शा चालक ने दुकानदार के फोन पे से दो बार में कुल 14 हजार रुपये ठग को भेज दिए।

    नरेश मूलरूप से बिहार के बेतिया जिले के रहने वाले हैं और रोजाना रिक्शा चलाकर 100-150 रुपये की कमाई से अपने परिवार का गुज़ारा करते हैं। पीड़ित ने बताया कि रविवार सुबह अज्ञात नंबर से आए कॉल पर ठग ने कहा – “मैं देहरादून एसपी बोल रहा हूं, तुम्हें अश्लील वीडियो देखने के आरोप में गिरफ्तार किया जाएगा। नैनीताल से पुलिस तुम्हें लेने आ रही है। यदि गिरफ्तारी से बचना चाहते हो तो तुरंत 20 हजार रुपये जमा करो।”

    डरे-सहमे नरेश ने तुरंत कोतवाली के पास स्थित दुकान से 14 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ तो उन्होंने पुलिस को तहरीर सौंपी। कोतवाल राजेश कुमार यादव ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और ठग को पकड़ने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।

  • उत्तराखंड–  मॉनसून अंतिम पड़ाव पर — जाते-जाते  फिर बरसेगा पानी, सर्द मौसम की दस्तक देकर जाएगा..।

    उत्तराखंड– मॉनसून अंतिम पड़ाव पर — जाते-जाते फिर बरसेगा पानी, सर्द मौसम की दस्तक देकर जाएगा..।

    उत्तराखंड—-   उत्तराखंड में मौसम का मिजाज धीरे-धीरे करवट बदल रहा है। पहाड़ों से मैदानों तक महीनों तक झमाझम बरसने के बाद अब मॉनसून की विदाई का वक्त करीब आ गया है।

    मौसम विभाग की मानें तो अगले एक हफ्ते में मॉनसून उत्तराखंड को अलविदा कह सकता है। लेकिन जाने से पहले यह एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में हल्की फुहारों के साथ वापसी करेगा — और जाते-जाते ठंडक की शुरुआत का भी संकेत दे जाएगा।

    मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के मुताबिक, 23 सितंबर तक प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है। अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहेगा और धूप खिलेगी।

    हालांकि, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, देहरादून और नैनीताल जैसे पर्वतीय जिलों में आंशिक बादल और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।

    रविवार को देहरादून समेत कई इलाकों में दिनभर धूप खिले रहने से तापमान में इजाफा दर्ज किया गया। देहरादून का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग तीन डिग्री अधिक है।

    बारिश थमने के साथ ही पिछले दो दिनों से गर्मी का अहसास बढ़ा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह गर्मी अल्पकालिक है — जल्द ही ठंडी सुबहें दस्तक देने वाली हैं।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश से मॉनसून की आधिकारिक विदाई हो सकती है, जिसके बाद उत्तराखंड में भी यह प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर शुरू हो जाएगी।

    मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि फिलहाल मॉनसून की गतिविधियां कमजोर हो गई हैं। आने वाले दिनों में यह और भी सुस्त होगा, लेकिन अंतिम विदाई से पहले यह एक बार फिर खासकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश दे सकता है।

    उत्तराखंड में मॉनसून अब अंतिम दौर में है। इस मौसम की विदाई के साथ ही प्रदेश में धीरे-धीरे सर्द हवाओं की  शुरूआत हो जाएगी। पहाड़ों में सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस की जाने लगी है यानी जल्द ही गर्म कपड़े बाहर आने को तैयार रहें।