Category: देहरादून

  • वेतन और लंबित मांगों पर अड़े कर्मचारी, 9 सितंबर की वार्ता पर टिकी निगाहें….

    वेतन और लंबित मांगों पर अड़े कर्मचारी, 9 सितंबर की वार्ता पर टिकी निगाहें….

    देहरादून – उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी देहरादून मंडल के सभी कर्मचारियों को सूचित किया गया है कि आज दिनांक 8 सितंबर 2025 को महामंत्री जी के नेतृत्व में निगम मुख्यालय में एक शिष्य मंडल बैठक आयोजित हुई। बैठक में रोडवेज इंप्लाइज यूनियन तथा एससी-एसटी श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में वेतन एवं अन्य लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई।

    इस दौरान निगम के महाप्रबंधक एवं संचालक ने कर्मचारियों को अवगत कराया कि मामले को लेकर प्रबंध निदेशक महोदय की ओर से एक पत्र माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन को भेजा गया है, ताकि इस विषय पर उच्च स्तर पर 9 सितंबर 2025 को वार्ता की जा सके।

    बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि 9 सितंबर की वार्ता में कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकलता है, तो कर्मचारियों का धरना कार्यक्रम 9 सितंबर की मध्यरात्रि 12 बजे से प्रभावी हो जाएगा, जिसका अर्थ है कि 10 सितंबर 2025 से धरना आंदोलन शुरू होगा।

  • आपदा प्रबंधन और कानून व्यवस्था पर जोर, चारधाम यात्रा को लेकर सीएम धामी गंभीर….

    आपदा प्रबंधन और कानून व्यवस्था पर जोर, चारधाम यात्रा को लेकर सीएम धामी गंभीर….

    देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी भी जुड़े। बैठक में मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा, आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था, पुनर्निर्माण कार्यों और पर्यटन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विस्तार से समीक्षा की।

    सीएम धामी ने स्पष्ट कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता को त्वरित राहत, सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात समाप्त होते ही मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर प्रारंभ किया जाए। साथ ही आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने और कानून-व्यवस्था को सख्ती से बनाए रखने के निर्देश भी दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभागों को एक्टिव मोड में काम करने और आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

  • जबदस्त सड़क हादसे में तीन युवकों की दर्दनाक मौत।

    जबदस्त सड़क हादसे में तीन युवकों की दर्दनाक मौत।

    उत्तराखंड—   राजधानी देहरादून से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई है बताया जा रहा है यमुनोत्री हाईवे पर बंशीपुर के पास दो बाइकों में आमने-सामने की टक्कर हो गई।

    दुर्घटना में लंबरपुर बरोटीवाला निवासी वेदांश (20), आसन पुल वार्ड नंबर आठ निवासी धोनी कश्यप (20) और हरबर्टपुर के विवेक विहार निवासी रमनदीप (17) की मौत हो गई। दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इनका उपचार चल रहा है।

    वरिष्ठ उपनिरीक्षक विकासनगर कोतवाली अशोक राठौड़ ने बताया कि रविवार रात को दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बंशीपुर में राजस्थान मार्बल के पास दो बाइक की आपस में टक्कर की सूचना मिली। पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची तो पांच लोग घायल पड़े हुए थे।

    सभी को एंबुलेंस के माध्यम से हरबर्टपुर स्थित अस्पताल भेजा गया। वहां वेदांश और धोनी कश्यप की मौत हो गई। आसनपुल निवासी विवेक कश्यप, शाहपुर कल्याणपुर रामगढ़ निवासी अंकित और रमनदीप को धूलकोट स्थित निजी अस्पताल में रेफर किया गया। वहां रमनदीप की मौत हो गई। विवेक और अंकित गंभीर हालत में भर्ती हैं।

    उन्होंने बताया कि घायलों को उपचार के लिए धूलकोट स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भिजवाया गया है। वरिष्ठ उप निरीक्षक ने बताया कि घटना के दौरान बारिश हो रही थी और घटनास्थल पर अंधेरा था। उन्होंने बताया कि घटना की जांच की जा रही है।

  • बीजेपी संगठन में बड़ा बदलाव, कार्यकारिणी में महिला को दी जा सकती है बड़ी भूमिका….

    बीजेपी संगठन में बड़ा बदलाव, कार्यकारिणी में महिला को दी जा सकती है बड़ी भूमिका….

    देहरादून – भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कार्यकारिणी की सूची तैयार हो चुकी है और इसके जारी होने का नेताओं को बेसब्री से इंतजार है। खास बात यह है कि इस बार पहली बार संगठन में किसी महिला को बड़े पद पर जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

    सूत्रों के मुताबिक नई कार्यकारिणी में 31 पदाधिकारी शामिल होंगे। इनमें आठ प्रदेश उपाध्यक्ष, आठ प्रदेश मंत्री, तीन महामंत्री, एक महामंत्री संगठन, एक प्रदेश मीडिया प्रभारी, एक कोषाध्यक्ष और एक कार्यालय सचिव होगा।

    शुक्रवार को भी कई नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से उनके आवास पर मुलाकात की और सूची को लेकर अपनी उत्सुकता जताई। पार्टी कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर खासा उत्साह है कि इस बार संगठन की नई टीम में महिला नेतृत्व को भी अहम स्थान दिया जाएगा।

  • भूकंप से भूस्खलन का बड़ा खतरा, विशेषज्ञों ने जारी की जिलावार संवेदनशीलता रिपोर्ट….

    भूकंप से भूस्खलन का बड़ा खतरा, विशेषज्ञों ने जारी की जिलावार संवेदनशीलता रिपोर्ट….

    देहरादून – आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि उत्तराखंड के चार पर्वतीय जिलों में भूकंप के कारण भूस्खलन का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। ताज़ा शोध रिपोर्ट में रुद्रप्रयाग को सबसे ज्यादा संवेदनशील बताया गया है।

    विशेषज्ञों ने पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी को भी उच्च जोखिम वाले जिलों की सूची में शामिल किया है। यह अध्ययन पहली बार जिलावार आधार पर किया गया है। आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता उत्कृष्टता केंद्र, आईआईटी रुड़की द्वारा तैयार की गई यह रिपोर्ट 2 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुई है।

    रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप की स्थिति में इन जिलों में बड़े पैमाने पर भूस्खलन की संभावना है, जो जन-जीवन और बुनियादी ढांचे के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

  • शिक्षकों को सम्मान – शैलेश मटियानी अवार्ड से नवाजे गए 16 उत्कृष्ट शिक्षक..।

    शिक्षकों को सम्मान – शैलेश मटियानी अवार्ड से नवाजे गए 16 उत्कृष्ट शिक्षक..।

    देहरादून—   राजभवन, देहरादून में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में प्रदेश के 16 उत्कृष्ट शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार सम्मान से नवाजा गया।

    राज्यपाल ले. जन. गुरमीत सिंह ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह पुरस्कार पूरे शिक्षक समाज की तपस्या और समर्पण का प्रतीक है।

    उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान नहीं, बल्कि चरित्र, नैतिकता और राष्ट्र निर्माण के मूल स्तंभ होते हैं।

    राज्यपाल ले. जन गुरमीत सिंह ने शिक्षकों को राजभवन में आयोजित सम्मान समारोह में सम्मानित किया। वर्ष-2024 में चयनित 09 प्रारम्भिक शिक्षक, 05 माध्यमिक शिक्षक, 01 शिक्षक प्रशिक्षक एवं 01 संस्कृत शिक्षक को यह सम्मान प्रदान किया गया है।

    राज्यपाल ने पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे शिक्षक समाज की मेहनत और तपस्या का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले ही नहीं, बल्कि चरित्र, नैतिकता और जीवन मूल्यों के निर्माता होते हैं।

    राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार तक सीमित नहीं होना चाहिए, अध्यापक बच्चों को संस्कारवान, जिम्मेदार और राष्ट्रभक्त नागरिक बनाने में योगदान दें।

    राज्यपाल ने कहा कि माता-पिता के बाद गुरु ही बच्चों के सच्चे मार्गदर्शक होते हैं और बच्चों का भविष्य सही दिशा में ले जाने में उनकी सबसे बड़ी भूमिका होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक भारत को विश्वगुरु बनाने में शिक्षकों का योगदान निर्णायक रहेगा।

    राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड शिक्षा का एक प्रमुख केन्द्र रहा है, इसलिए हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि हम इस परंपरा को और मजबूत बनाएं।

    # शैलेश मटियानी पहाड़ के दर्द और संवेदनाओं को गहराई से समझने वाले कथाकार—

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपने अनुभव, ज्ञान और परिश्रम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य को संवारने की शिक्षकों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।

    मुख्यमंत्री ने शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शैलेश मटियानी पहाड़ के दर्द और संवेदनाओं को गहराई से समझने वाले कथाकार थे। उन्होंने कथा-साहित्य के साथ-साथ गद्य और सामयिक चिंतन में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी।

    शैलेश मटियानी ने भी अपनी कहानियों और उपन्यासों में उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों और ग्रामीणों के संघर्ष को शब्दों के माध्यम से पिरोया।

    प्रारंभिक शिक्षा में पौड़ी जिले से डॉ. यतेंद्र प्रसाद गॉड, चमोली से रंभा शाह, उत्तरकाशी से मुरारी लाल राणा, हरिद्वार से ठाट सिंह, टिहरी गढ़वाल से रजनी मंगाई, रुद्रप्रयाग से मिली बागड़ी, चंपावत से नरेश चंद्र, पिथौरागढ़ से दीवान सिंह कठायत, अल्मोड़ा से डॉ. विनीता खाती को सम्मानित किया जाएगा। जबकि माध्यमिक शिक्षा में पौड़ी गढ़वाल से पुष्कर सिंह नेगी, उत्तरकाशी से गीतांजलि जोशी, देहरादून से डॉ. सुनीता भट्ट, चंपावत से प्रकाश चंद्र उपाध्याय और अल्मोड़ा से दीपक चंद्र बिष्ट सम्मानित किया गया।

  • भूस्खलन से बनी झीलों का खौफनाक सच: उत्तराखंड में 23 बार आई आपदा….

    भूस्खलन से बनी झीलों का खौफनाक सच: उत्तराखंड में 23 बार आई आपदा….

    देहरादून – उत्तराखंड में भूस्खलन से बनने वाले मलबे के बांध राज्य के लिए गंभीर खतरा साबित हो रहे हैं। आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों के ताजा शोध में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि वर्ष 1857 से 2018 के बीच प्रदेश में ऐसे 23 मलबे के बांध बने, जो बाद में टूटकर भीषण आपदा का कारण बने।

    विशेषज्ञों का कहना है कि भूस्खलन से बनने वाली झीलें अस्थायी होती हैं और इनमें पानी का दबाव बढ़ने पर ये अचानक टूट जाती हैं। इसका असर निचले इलाकों पर बाढ़ और तबाही के रूप में दिखाई देता है।

    आईआईटी रुड़की की यह शोध रिपोर्ट इसी साल जनवरी में एक अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि पहाड़ी इलाकों में लगातार बढ़ते भूस्खलन और जलवायु परिवर्तन के कारण भविष्य में भी ऐसे खतरनाक बांध बन सकते हैं।

  • मानसून की तीव्रता बरकरार, पश्चिमी विक्षोभ ने बढ़ाई आफत….

    मानसून की तीव्रता बरकरार, पश्चिमी विक्षोभ ने बढ़ाई आफत….

    देहरादून – मानसून की गति अभी भी बरकरार है और मौसम ने अपना कहर जारी रखा है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने बारिश की तीव्रता को और बढ़ा दिया है। देहरादून सहित प्रदेश के कई जिलों में लगातार भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले एक-दो दिनों में इस स्थिति में कुछ राहत मिलने की संभावना है। फिलहाल जनता को नदी-नालों और ढाल वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रदेश में बारिश के चलते कई क्षेत्रों में जलभराव और जनजीवन पर असर पड़ने की संभावना है। अधिकारियों ने भी आपदा प्रबंधन की तैयारियों को तेज कर दिया है।

  • 13 महिलाओं को मिलेगा तीलू रौतेली पुरस्कार : रेखा आर्या।

    13 महिलाओं को मिलेगा तीलू रौतेली पुरस्कार : रेखा आर्या।

    देहरादून—   प्रदेश के प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए 13 महिलाओं का चयन किया गया है। पुरस्कार वितरण 4 सितंबर को किया जाएगा।

    महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए इस साल प्रदेश भर से कुल मिलाकर 13 महिलाओं का चयन किया गया है। इसके अलावा 33 महिलाओं को राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का पुरस्कार दिया जाएगा।

    यह आयोजन 4 सितंबर को आईआरडीटी के सभागार में किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमारी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अपनी सामर्थ्य से बढ़कर काम कर रही हैं और उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कई नए आयाम खड़े किए हैं।

    उन्होंने कहा कि इन सभी महिलाओं को सशक्त करना सरकार की जिम्मेदारी है, इस काम में सरकार बिल्कुल भी पीछे नहीं रहेगी।

    कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का असली काम हमारी आंगनबाड़ी बहने करती हैं और उन्हें इसका श्रेय मिलना चाहिए।

     

  • महिला शक्ति का सम्मान : तीलू रौतेली पुरस्कार से नवाजी जाएंगी 13 वीरांगनाएँ….

    महिला शक्ति का सम्मान : तीलू रौतेली पुरस्कार से नवाजी जाएंगी 13 वीरांगनाएँ….

    देहरादून – उत्तराखंड की बेटियों और महिलाओं के साहस व उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए इस वर्ष प्रदेश की 13 महिलाओं को प्रतिष्ठित तीलू रौतेली पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

    महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि 4 सितंबर को आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में इन सभी महिलाओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

    मंत्री ने कहा कि तीलू रौतेली पुरस्कार उत्तराखंड का सबसे बड़ा महिला सम्मान है, जो उन महिलाओं को दिया जाता है जिन्होंने समाज, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, महिला उत्थान, कला और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है।

    इसके साथ ही राज्यभर से चुनी गई 33 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

    इस अवसर पर मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि यह सम्मान उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगा जो संघर्ष और समर्पण के बल पर समाज में अपनी पहचान बना रही हैं।