Category: देहरादून

  • योग सिर्फ व्यायाम नहीं, जीवन जीने की भारतीय पद्धति है : सीएम धामी….

    योग सिर्फ व्यायाम नहीं, जीवन जीने की भारतीय पद्धति है : सीएम धामी….

    देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री आवास परिसर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी से योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह आंतरिक शांति और आत्मबोध की प्रक्रिया है। योग मन को स्थिर करता है और चेतना की गहराइयों तक पहुंचने का माध्यम बनता है।

    सीएम धामी ने कहा कि आज योग दुनिया के करोड़ों लोगों की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बन चुका है और भारतीय जीवन शैली को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिला रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने सदैव मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी है और योग हमारी सनातन संस्कृति का मूल स्तंभ है।

    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने योग को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दी और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। इस प्रस्ताव को 177 देशों का समर्थन प्राप्त हुआ, जो भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रमाण है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखंड योग और ऋषि-मुनियों की भूमि रही है। ग्राम स्तर तक लोगों को योग से जोड़ने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। योग से न केवल स्वास्थ्य लाभ हो रहा है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी बनाने हेतु एक नई योग नीति लागू की गई है।

  • मुख्यमंत्री ने की वन विभाग के साथ आवश्यक बैठक।

    मुख्यमंत्री ने की वन विभाग के साथ आवश्यक बैठक।

    देहरादून— मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सचिवालय में वन्यजीव बोर्ड की 21वीं बैठक के दौरान वन विभाग के अधिकारियों को वनों के संरक्षण के साथ ही वन संपदाओं को लोगों की आजीविका से जोड़ने की दिशा में विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ईकोलॉजी और ईकोनॉमी में संतुलन बनाते हुए आगामी 10 सालों के लिए विस्तृत प्लान करते हुए वन क्षेत्रों के आस-पास ईको-टूरिज्म की गतिविधयों को बढ़ावा दिया जाए।

    साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करने के साथ ही ऐसी घटनाओं में त्वरित मुआवजा वितरण के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि हल्द्वानी में जू एण्ड सफारी के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि वन विश्राम भवनों का रख-रखाव पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए राजस्व बढ़ाने के प्रयास किये जाएं।

    मुख्यमंत्री ने चौरासी कुटिया के जीर्णोधार से संबंधित कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने नवाचार पर जोर देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड वनों की बहुलता वाला प्रदेश है, इसलिए वन संपदाओं को आर्थिकी से जोड़ने के प्रयास किये जाए, इसके लिए वन विभाग और वित्त विभाग बैठक करें। महासीर के संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किये जाएं।

    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संरक्षित क्षेत्रों के अन्तर्गत एवं संरक्षित क्षेत्रों के 10 किमी. परिधि में आने वाले वन भूमि हस्तान्तरण एवं अन्य प्रकरणों पर कुल 25 निर्णयों पर अनुमोदन दिया गया।

    जिन्हें राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड को भेजा जायेगा। बैठक में श्री रूद्रनाथ यात्रा मार्ग को ई.डी.सी के माध्यम से संचालित किये जाने एवं केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग, गोपेश्वर के क्षेत्रान्तर्गत मिनी ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर की स्थापना के लिए भी सैद्धांतिक सहमति दी गई।

    बैठक में जानकारी दी गई कि 20वीं बोर्ड बैठक से अब तक राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड द्वारा उत्त्राखण्ड की महत्वपूर्ण 22 परियोजनाओं पर सहमति दी जा चुकी है।

    बैठक में जानकारी दी गई कि विगत 03 वर्षों में 75 हजार से अधिक बंदरों का बंध्याकरण किया जा चुका है। इस वर्ष 27 वन प्रभागों में 40 हजार बंदरों के बंध्याकरण का लक्ष्य रखा गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा गत बैठक में दिये गये निर्देश के क्रम में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटना के बाद प्रभागीय वनाधिकारी मौके पर पहुंचते हुए और पीड़ित परिवार को तत्काल अनुमन्य राशि प्रदान की जा रही है।

    वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 19.55 करोड़ रूपये का मुआवजा प्रदान किया गया। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2024 के अन्तर्गत राज्य में चार नये ईको पर्यटन जोन प्रारंभ किये गये हैं।

    वन मंत्री  सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। वन संपदाओं के सही उपयोग और इसे लोगों की आजीविका से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें नये डेस्टिनेशन विकसित करने की दिशा में कार्य करने होंगे।

    बैठक में विधायक  बंशीधर भगत,  दीवान सिंह बिष्ट, प्रमुख सचिव वन  आर. के सुधांशु, पुलिस महानिदेशक  दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव  आर.के.मिश्रा, सचिव  बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम,  नीरज खैरवाल और सबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री धामी की नई पहल,, स्वच्छता अभियान को देंगे और गति, अब हर दौरे पर चलेगा स्वच्छता अभियान।

    मुख्यमंत्री धामी की नई पहल,, स्वच्छता अभियान को देंगे और गति, अब हर दौरे पर चलेगा स्वच्छता अभियान।

    देहरादून—  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को और मजबूत आधार देते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने एक अभिनव पहल की घोषणा की है।

    अब मुख्यमंत्री जिस भी स्थान पर दौरे पर जाएंगे या जहां रात्रि विश्राम करेंगे, वहां अनिवार्य रूप से स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री धामी ने जिलाधिकारियों सहित सभी नगर निकायों, ग्राम पंचायतों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे इस पहल को मिशन मोड में लें और स्थानीय स्तर पर साफ-सफाई को प्राथमिकता दें। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों, युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों से भी अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें।

    मुख्यमंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के स्वच्छ भारत मिशन को गांव-गांव, गली-गली तक पहुंचाना हमारा संकल्प है। जहां-जहां मैं जाऊंगा या रात्रि विश्राम करूंगा, वहां स्वच्छता का संकल्प लिया जाएगा। यह सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का आंदोलन है।

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि वे राज्य के किसी भी तहसील दिवस में अचानक पहुंच सकते हैं, ताकि प्रशासन की जमीनी कार्यप्रणाली का आकलन किया जा सके और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो।

    यह पहल न केवल उत्तराखंड में सफाई व्यवस्था को नई दिशा देगी, बल्कि प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को जन-जन का अभियान बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

  • महिला आयोग की अध्यक्ष पहुंचीं पीड़िता से मिलने: आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई का आदेश….

    महिला आयोग की अध्यक्ष पहुंचीं पीड़िता से मिलने: आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई का आदेश….

    देहरादून  – दून हास्पिटल में एक नाबालिग किशोरी के चिकित्साल्य में अत्यंत गम्भीर अवस्था में भर्ती कराये जाने तथा नाबालिग के गर्भपात कराये जाने के सम्बन्ध में सूचना मिलते ही उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग एक्शन में आ गया। मामले की जानकारी मिलने पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल पीड़िता से मिलने के लिए दून अस्पताल पहुंची। उन्होंने मामले की गम्भीरता को देखते हुए वहां उपस्थित जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित बाल कल्याण समिति देहरादून की टीम से मुलाकात कर जानकारी ली।

    मामले में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने उक्त प्रकरण में गम्भीरता से जांच करते हुए अपराधियों के विरूद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही कराने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामलों में बिल्कुल भी चूक या ढिलाई नही होनी चाहिए, हमारे समाज मे वहशी दरिन्दे नासमझ नाबालिग किशोरियों को अपनी हवस का शिकार बना रहे है। तथा समाज के माहौल को दूषित कर रहे है ऐसे अपराधियों के विरुद्ध कठोर से कठोर कार्रवाई की जाये।

    मामले में जानकारी मिली है कि नाबालिग किशोरी अपनी बडी बहन के साथ ब्राहमणवाला में रहती है वहीं के एक पड़ोसी युवक कैफ पुत्र शहजाद निवासी ब्रहमपुरी द्वारा नाबालिग किशोरी को बहला फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया था जिससे वह गर्भवती हो गयी। पीडिता के लगभग 04 माह की गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर पर आरोपी कैफ द्वारा उसे जबरदस्ती गर्भपात की दवाई खिला दी। जिस कारण कल दिनाँक 9 जून 2025 की रात्रि को उसका स्वस्थ्य बिगड़ गया इसके उपरांत उसके परिजनों द्वारा 108 के माध्यम से दून चिकित्सालय लाया गया। जहां पीडिता का गंभीर स्तिथि में उपचार चल रहा है।

    जिससे आज राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने राजकीय दून चिकित्सालय में मुलाकात कर हाल जाना तथा उपचार कर रहे चिकित्सकों से पीड़िता के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य गीता जैन से पीड़िता को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए है वहीं उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट व बाल कल्याण समिति की सदस्य नीता काण्डपाल से भी पीड़िता की उचित देखभाल व स्वस्थ होने के उपरांत पीड़िता की काउंसलिग करने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही उन्होंने गर्भपात की दवा देने वाले चिकित्सक के विरुद्ध भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के लिए कहा है।

    मौके पर उपस्थित महिला उपनिरीक्षक द्वारा बताया गया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर आरोपी के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है तथा आरोपी कैफ पुत्र शहजाद निवासी ब्रहमपुरी थाना पटेलनगर को गिरफ्तार किया गया है तथा की प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है।

  • उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘संवाद’ कार्यक्रम में राज्य के समग्र विकास पर जोर दिया….

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘संवाद’ कार्यक्रम में राज्य के समग्र विकास पर जोर दिया….

    देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में आयोजित प्रतिष्ठित कार्यक्रम ‘संवाद’ में राज्य के समग्र विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के समग्र विकास के लिए यह आवश्यक है कि राज्य भी विकसित हों। इसके लिए प्रदेश के सभी विकासखंड, जनपद और पंचायतों को अपनी भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में कई योजनाओं के निर्माण और उन्हें आगे बढ़ाने की बात की।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “आपका बहुत स्वागत है। मिलना जीवन में ऐसा संयोग है। आपने कहा विकसित उत्तराखंड। सबसे पहले मैं आप सभी लोगों का स्वागत करता हूं। नरेंद्र मोदी जी के तीसरे कार्यकाल के 11 वर्ष पूरे हो रहे हैं। स्वर्णिम कालखंड के ग्यारह वर्ष पूरे हो रहे हैं। ऐसे में मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी का हृदय से अभिनंदन करता हूं, उनको बधाई देता हूं। उन्होंने जो विकसित भारत की बात की है, उसके लिए यह जरूरी है कि राज्य भी विकसित हों। लेकिन यह तभी संभव है जब उस राज्य के सभी विकासखंड, सभी जनपत, सभी पंचायत अपनी भूमिका का निर्वाहन करेंगे। जब ये विकिसत होंगे तो प्रदेश भी विकसित होगा। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हम इसी पर काम कर रहे हैं। इसी को ध्यान में रखकर कई योजनाओं का निर्माण किया गया है और इन्हें आगे बढ़ाया गया है।”

    कार्यक्रम में देश की जानी-मानी शख्सियतें, नीति-निर्माता, विचारक और विशेषज्ञ श्रोताओं से रू-ब-रू हुए। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण अमर उजाला के यूट्यूब, फेसबुक और एक्स पेज के अलावा अमर उजाला एप और वेबसाइट पर किया गया। इसके अतिरिक्त, एबीपी न्यूज चैनल पर भी कार्यक्रम का प्रसारण हुआ। मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य का समग्र विकास तभी संभव है जब प्रत्येक विकासखंड, जनपद और पंचायत अपनी जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य के समग्र विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और सभी से मिलकर काम करने की अपील की। इस कार्यक्रम ने राज्य के विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की प्रगति की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना गया।

  • धामी सरकार की प्रतिबद्धता से हो रही सुरक्षित चारधाम यात्रा, अब तक 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग।

    धामी सरकार की प्रतिबद्धता से हो रही सुरक्षित चारधाम यात्रा, अब तक 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग।

    देहरादून—  उत्तराखंड की प्रतिष्ठित चारधाम यात्रा 2025 में इस बार न सिर्फ श्रद्धालुओं की आस्था को बल्कि उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

    स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा के दौरान संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशन में राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं की ऐसी प्रभावशाली व्यवस्था की है, जिसके तहत अब तक 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच (स्क्रीनिंग) की जा चुकी है।

    स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि चारधाम यात्रा में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में वृद्ध, हृदय व सांस रोगियों के अलावा पहाड़ी क्षेत्र में पहली बार आने वाले लोग भी होते हैं। इनके लिए ऊंचाई, ठंड और ऑक्सीजन की कमी स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार स्वास्थ्य सेवाओं को त्रिस्तरीय स्तर पर सशक्त बनाया गया है।

    स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता इस वर्ष केवल तीर्थयात्रियों की संख्या ही नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है।

    इसके लिए हम तकनीक, विशेषज्ञता और मानव संसाधन तीनों पर समांतर रूप से कार्य कर रहे हैं। रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जैसे चारधाम जिलों में इस बार 49 स्थायी स्वास्थ्य केंद्र और 20 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (MRP) को सक्रिय किया गया है।

    वहीं ट्रांजिट जिलों–हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी – में भी मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

    यात्रा प्रारंभ बिंदुओं पर 57 स्क्रीनिंग कियोस्क लगाए गए हैं, जिनमें हरिद्वार और ऋषिकेश में 2-2, विकासनगर में 2 और पौड़ी के कालियासौड़ में 1 नया स्क्रीनिंग सेंटर जोड़ा गया है।

    केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु इस बार एक 17 बेड का नया अस्पताल भी सेवा में लाया गया है।

    विशेषज्ञ डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की रिकॉर्ड तैनाती चारधाम यात्रा मार्ग पर इस बार मानव संसाधन की तैनाती सरकार की गंभीरता को दर्शाती है।

    31 विशेषज्ञ डॉक्टर, 200 मेडिकल ऑफिसर, 381 पारा-मेडिकल स्टाफ यात्रा मार्ग पर तैनात किए गए हैं।

    इसके अलावा प्रति रोस्टर 24 अतिरिक्त मेडिकल ऑफिसर (कुल 336) 35 पारा-मेडिकल स्टाफ (कुल 420) भी शामिल हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती में 47 विशेषज्ञ राज्य स्वास्थ्य सेवा से, 13 विशेषज्ञ भारत सरकार से, और 5 विशेषज्ञ निजी मेडिकल कॉलेजों से लिए गए हैं।

    अब तक की गई स्क्रीनिंग में कई श्रद्धालु हाई ब्लड प्रेशर, सांस संबंधी समस्याएं या अन्य स्वास्थ्य स्थितियों से ग्रस्त पाए गए हैं। करीब 29 श्रद्धालुओं को आगे यात्रा न करने की सलाह देकर उन्हें सुरक्षा के दृष्टिकोण से वापस भेजा गया।

    वहीं, 369 श्रद्धालुओं को एंबुलेंस से और 33 को हेली एंबुलेंस सेवा से रेफर कर इलाज के लिए भेजा गया।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने केवल मेडिकल स्टाफ ही नहीं, बल्कि होटल, धर्मशाला स्टाफ, खच्चर चालकों और कुलियों को भी प्रशिक्षित किया है ताकि वे हाई रिस्क लक्षणों को पहचान सकें और समय पर रेफरल सुनिश्चित कर सकें। साथ ही, हाइपोथर्मिया जैसे जोखिम से बचाव हेतु भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया है।

    ई-स्वास्थ्यधाम” पोर्टल के माध्यम से स्वास्थ्य डेटा की निगरानी और आपात स्थिति की त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो पाई है। इसके लिए चारधाम जिलों को 50 टैबलेट दिए गए हैं

    जिससे सभी स्क्रीनिंग और मेडिकल रिलीफ पोस्ट पर डेटा डिजिटल रूप से संकलित हो रहा है। 13 भाषाओं में तैयार पर्चे, होर्डिंग्स और जानकारी संबंधित IEC सामग्री को स्क्रीनिंग प्वाइंट्स और होटलों में वितरित किया गया है ताकि हर राज्य से आने वाले तीर्थयात्री जानकारी से लाभान्वित हो सकें।

    यात्रा मार्ग पर 154 एंबुलेंस तैनात हैं, जिनमें 82 स्वास्थ्य विभाग की और 72 “108 NAS” सेवा की एंबुलेंस हैं। इस बार पहली बार हेली एंबुलेंस सेवा को भी जोड़ते हुए इसे एम्स ऋषिकेश के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिससे अत्यधिक गंभीर मरीजों को तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल सके।

    धामी सरकार श्रद्धालुओं की आस्था के साथ उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य की रक्षा को भी उतनी ही प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत लगातार अधिकारियों के साथ समन्वय में जुटे हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने यह भी कहा कि हमारा प्रयास यही है कि श्रद्धालु न केवल अपने आराध्य के दर्शन करें, बल्कि सुरक्षित व संतोषजनक अनुभव के साथ अपने गंतव्य तक लौटें।

  • मुख्यमंत्री ने किया युवा एवरेस्ट विजेता को सम्मानित।

    मुख्यमंत्री ने किया युवा एवरेस्ट विजेता को सम्मानित।

    देहरादून—  मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने माउंट एवरेस्ट को विजय करने वाले युवा पर्वतारोही  रोहित भट्ट को आज मुख्यमंत्री आवास में सम्मानित किया |

    इस अवसर पर  रोहित भट्ट ने अपनी अब तक की विभिन्न पर्वतारोहण यात्राओं और अनुभवों को साझा किया।

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतारोही  रोहित भट्ट को एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक आरोहण की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रोहित भट्ट जैसे साहसी युवाओं पर उत्तराखंड को गर्व है।

    उन्होंने न केवल कठिन पर्वतीय चुनौती को पार किया है, बल्कि हर युवा के हृदय में आत्मविश्वास का भाव भी जगाया है।

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर  “एक पेड़ मां के नाम” के लिए किया पौधारोपण।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर “एक पेड़ मां के नाम” के लिए किया पौधारोपण।

    देहरादून— मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया । इस अवसर पर उन्होंने सीता अशोक का पौधा लगाया।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की जनता से भी आह्वान किया कि वे इस पावन कार्य में सहभागी बनें और अपनी मां के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए प्रकृति की सेवा करें।

    यह अभियान मातृ सम्मान एवं पर्यावरण संरक्षण को समर्पित है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माता के नाम पर एक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

    इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण मंत्री  सुबोध उनियाल और मुख्य सचिव  आनंद बर्द्धन ने भी पौधारोपण किया।

  • बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन’ विषय पर संत निरंकारी मिशन का व्यापक वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान।

    बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन’ विषय पर संत निरंकारी मिशन का व्यापक वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान।

    हरिद्वार—  प्रकृति मानव जीवन की सदा-संगीनी रही है, उसकी छांव में सभ्यताओं ने आकार लिया, संस्कृतियाँ पनपीं और जीवन निरंतर रूप से विकसित होता रहा।

    किंतु जब मानवीय स्वार्थ ने संतुलन का दायरा लांघा, तब इस जीवनदायिनी प्रकृति को क्षतिग्रस्त होना पड़ा।

    मानव शायद यह भूल जाता है कि वह स्वयं भी इसी प्रकृति का ही एक अंग है। आज, पर्यावरणीय संकट की गूंज वैश्विक चेतना को झकझोर रही है और इसी अनुभूति के तहत संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा प्रतिवर्ष 5 जून को ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ आयोजित किया जाता है।

    इस वैश्विक पहल से प्रेरणा लेते हुए, संत निरंकारी मिशन की सामाजिक शाखा, संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन, सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के लोकमंगलकारी एवं दूरदर्शी नेतृत्व में, संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित थीम ‘बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन’ को केंद्र में रखते हुए देशभर के 18 प्रमुख पर्वतीय पर्यटक स्थलों पर 5 जून को प्रातः 8:00 से दोपहर 2:00 बजे तक एक व्यापक वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन करने जा रहीं है।

    यह प्रयास न केवल स्वच्छ, हरित एवं संतुलित पर्यावरण की दिशा में एक सशक्त कदम है, बल्कि यह आज की युवा पीढ़ी को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने और संरक्षण की भावना को व्यवहार में उतारने की एक प्रेरणादायक पहल भी है।

    एक ऐसा अभियान जो सेवा, सद्भाव और सजगता को जनचेतना से जोड़ता है।

    संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के सचिव जोगिंदर सुखीजा ने जानकारी देते हुए बताया कि मिशन वर्ष 2014 से ही संयुक्त राष्ट्र के ‘युनाईटेड नेशन एनवाईरनमेंट प्रोग्राम‘ पर्यावरण कार्यक्रम की थीम पर ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ आयोजित कर रहा है।

    यह एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि एक सतत जनचेतना अभियान है जो प्रकृति और मानवता के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंध को पुनः सशक्त करता है।

    इस महाअभियान के अंतर्गत देश के विविध प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण 18 प्रमुख पर्वतीय एवं पर्यटक स्थलों को सम्मिलित किया गया है,

    जिनमें उत्तराखंड के मसूरी, ऋषिकेश, लैंसडाउन, नैनीताल, चकराता एवं भवाली; हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और धर्मशाला; गुजरात का सापुतारा; महाराष्ट्र के महाबलेश्वर, पंचगनी, खंडाला, लोनावाला, पन्हाला एवं सोमेश्वर; सिक्किम का गीजिंग और कर्नाटक की सुरम्य नंदी हिल्स विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।

    ये स्थल न केवल प्रकृति की गोद में बसे हैं, बल्कि पर्यावरण जागृति के प्रति समर्पित ऐसे केंद्र बिंदु बन रहे हैं जहाँ निष्काम सेवा और सहभागिता एक साथ साकार हो रही हैं।

    इस अवसर पर मिशन के स्वयंसेवक, सेवादल सदस्य, श्रद्धालुजन एवं स्थानीय नागरिक एकजुट होकर प्रार्थना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे।

    तदोपरांत युवा स्वयंसेवक नुक्कड़ नाटकों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रचनात्मक संदेशों के माध्यम से प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभाव और समाधान पर जन-जागरूकता फैलाएंगे।

    पर्यावरण संरक्षण से समबद्ध युक्त तख्तियाँ व बैनर लिए मानव श्रृंखला बनाकर समाज को प्रेरित किया जाएगा।

    इस विश्व पर्यावरण दिवस पर संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन का यह समर्पित प्रयास एक सार्थक संदेश देता है, आइए, मिलकर पर्यावरण की रक्षा करें और भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुंदर और संतुलित पृथ्वी का निर्माण कर सके।

  • विकसित उत्तराखण्ड के लिए ग्राम स्तर से जनपद स्तर तक किए जाए कार्य:- मुख्यमंत्री

    विकसित उत्तराखण्ड के लिए ग्राम स्तर से जनपद स्तर तक किए जाए कार्य:- मुख्यमंत्री

    देहरादून—  2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे है।

    विकसित उत्तराखण्ड के लिए ग्राम स्तर से जनपद स्तर तक 2047 तक कैसा स्वरूप होगा, इस दिशा में जिलाधिकारियों द्वारा कार्य किये जाएं।

    समाज के अन्तिम छोर के लोगों तक पहुंचकर उन्हें जन कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ ही उनको मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में कार्य किये जाएं।

    ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल बैठक के दौरान सभी जिलाधिकारियों को दिये।

    मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने जनपदों में जनहित से जुड़े 5-5 बैस्ट प्रैक्टिस और नवाचारों पर कार्य किया जाए।

    उन्होंने कहा कि राज्य में सबसे पहले टीबी मुक्त होने वाले तीन जनपदों को पुरस्कृत किया जायेगा। सभी जिलाधिकारियों को नियमित स्वच्छता अभियान चलाने के साथ ही 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस से 25 जुलाई तक जनपदों में बृहद स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।

    एक पेड़ माँ के नाम अभियान को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने के साथ ही प्लास्टिक मुक्त उत्तराखण्ड के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।

    जलस्रोतों के संरक्षण और अमृत सरोवरों की कार्यप्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और प्रत्येक जनपद में इसके लिए नोडल अधिकारी बनाये जाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा मानसून अवधि में राज्य में औसत से अधिक बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसको ध्यान में रखते हुए पूरी तैयारी की जाए।

    यह सुनिश्चित किया जाए कि मानसून शुरू होने से पहले नालों की सफाई हो जाए। मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए पेयजल, विद्युत, सड़कों की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पानी की टंकिया स्वच्छ रखी जाएं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू, मलेरिया और कोरोना से बचाव के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए।

    अस्पतालों में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जाए। सभी जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड में रखा जाए। टोल-फ्री नंबरों को सभी जिलों एवं तहसीलों में सक्रिय किया जाए।

    जिससे नागरिक आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा रूट पर विशेष सतर्कता एवं सक्रियता बरती जाए। यातायात, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अतंरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए सभी जिलों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। व्यापक स्तर पर योग शिविरों का आयोजन किया जाए।

    15 जून को होने वाले कैंची धाम स्थापना दिवस के अवसर पर ट्रैफिक प्रबंधन के लिए यातायात व्यवस्था के साथ ही आवश्यकतानुसार अस्थायी पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की जाए।

    वैरिफिकेशन ड्राइव को और अधिक प्रभावी एवं तेज गति से संचालित किया जाए।

    अवैध रूप से बनाये गये आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेजों के विरूद्ध सख्त अभियान निरंतर जारी रखा जाए।

    सड़कों के किनारे अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। सरकारी कार्यालय में 1064 हेल्पलाइन से संबंधित बोर्ड एवं बैनर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किये जाए और भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दिया जाए और इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। एक जनपद दो उत्पाद पर विशेष ध्यान दिया जाए। सरकारी कार्यक्रमों में स्थानीय उत्पादों का उपयोग किया जाए, इसका पूर्णतः पालन किया जाए।

    जिलाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री घोषणाओं की नियमित समीक्षा की जाए। सभी जिलाधिकारी अपने जनपदों में लैण्ड बैंक की स्थिति पर विशेष ध्यान दें।

    वर्षा जल संचय की दिशा में और प्रयास किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनाग्नि प्रबंधन के लिए भी हर प्रकार से सुरक्षात्मक उपाय किये जाएं।

    बैठक में प्रमुख सचिव  आर.के. सुधांशु, उपाध्यक्ष एमडीडीए श्री बंशीधर तिवारी, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊँ कमिश्नर श्री दीपक रावत एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।