Category: देहरादून

  • 16वें वित्त आयोग की टीम के साथ मुख्यमंत्री की बैठक कल, त्रिस्तरीय पंचायत, नगर निकाय प्रतिनिधियों और राजनैतिक दलों के साथ भी होगी बैठक।

    16वें वित्त आयोग की टीम के साथ मुख्यमंत्री की बैठक कल, त्रिस्तरीय पंचायत, नगर निकाय प्रतिनिधियों और राजनैतिक दलों के साथ भी होगी बैठक।

    देहरादून—  16वें वित्त आयोग की टीम, आयोग के अध्यक्ष डॉ अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में रविवार को देहरादून पहुंच गई है।

    सोमवार को मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में राज्य सरकार की ओर से आयोग के सामने अपना प्रस्ताव रखा जाएगा।

    टीम दोपहर बाद नगर निकाय, पंचायत प्रतिनिधियों और राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करेगी।

    आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व वाले इस दल में आयोग सदस्य श्रीमति एनी जॉर्ज मैथ्यू,  मनोज पांडा,  सौम्या कांतिघोष आयोग के सचिव  ऋत्विक पांडे, संयुक्त सचिव  केके मिश्रा, संयुक्त निदेशक सुश्री पी अमरूथावर्षिनी शामिल हैं।

    रविवार को ओल्ड मसूरी रोड स्थित होटल हयात रीजेंसी
    पहुंचने पर टीम का ढोल दमाऊ की थाप पर पारम्परिक तरीके से स्वागत किया गया।

    टीम सोमवार को विभिन्न स्तर पर राज्य के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से विचार विमर्श करेगी।

    इसी क्रम में आयोग की टीम सोमवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी।

    जिसमें राज्य सरकार द्वारा अपनी तैयारियों को रखा जाएगा।

    इसके बाद आयोग की टीम मसूरी रोड स्थित होटल में नगर निकाय, त्रिस्तरीय पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के साथ ही विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करेगी।

    इससे पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने भी अध्यक्ष वित्त आयोग और सदस्यों का जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने पर स्वागत किया।

  • फिजिक्सवाला देहरादून ने पहले ही शैक्षणिक वर्ष में बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करने वाले 100 से अधिक छात्रों को किया सम्मानित।

    फिजिक्सवाला देहरादून ने पहले ही शैक्षणिक वर्ष में बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करने वाले 100 से अधिक छात्रों को किया सम्मानित।

    देहरादून—  एजुकेशन कंपनी फिजिक्स वाला (पीडब्ल्यू) देहरादून विद्यापीठ ने कक्षा 10वीं और 12वीं के 100 से ज़्यादा छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं और IOQM, NSO, IMO, ISSO जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में उनके प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। ये उपलब्धियां संस्थान के पहले ही शैक्षणिक सत्र में हासिल की गई हैं।

    सम्मानित किए गए छात्रों में 12 ने NSO, 18 ने IMO, 13 ने ISSO में सफलता हासिल की, और 2 छात्रों ने IOQM क्वालिफाई किया।

    बोर्ड परीक्षाओं में, कक्षा 10वीं और 12वीं के 20 से ज़्यादा छात्रों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए, वहीं 80 से ज़्यादा छात्रों ने CBSE और ICSE बोर्ड में 90 प्रतिशत से ऊपर अंक प्राप्त किए।

    इसके साथ ही जेईई मेन्स 2025 के नतीजों में भी केंद्र के छात्रों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। 8 छात्रों ने 99 परसेंटाइल से अधिक स्कोर किया, 12 से अधिक छात्रों ने 98 परसेंटाइल पार की, और 50 से ज़्यादा छात्रों ने जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालिफाई किया।

    मीडिया से बातचीत में पीडब्ल्यू देहरादून के प्रतिनिधियों ने इन नतीजों का श्रेय पर्सनलाइज्ड मेंटरिंग और छात्र केंद्रित अकादमिक माहौल को दिया।

    अलख पांडे, शिक्षक, संस्थापक और सीईओ, पीडब्ल्यू, ने कहा, “ये नतीजे नियमित मेहनत और सही संसाधनों की अहमियत का उदाहरण है।

    पीडब्ल्यू में, हम अलग-अलग बैकग्राउंड से आए छात्रों को उनके शैक्षिक लक्ष्यों की तैयारी में मदद करने की कोशिश करते हैं।”

  • उत्तराखंड : प्रशासनिक फेरबदल, तीन IAS अफसरों के बदले प्रभार।

    उत्तराखंड : प्रशासनिक फेरबदल, तीन IAS अफसरों के बदले प्रभार।

    देहरादून—   उत्तराखंड सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला जारी रखते हुए तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के प्रभार में परिवर्तन किया है। इसके तहत कुछ प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी नए अधिकारियों को सौंपी गई है।

    पहले से ही आबकारी विभाग का कार्यभार संभाल रहे हरिचंद्र सेमवाल को अब खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

    यह विभाग राज्य में राशन व्यवस्था और जनसुविधाओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण दायित्व है। सेमवाल पहले से ही एक संवेदनशील विभाग संभाल रहे हैं, और अब उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

    राज्य सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी विकास (आईटीडीए) के निदेशक पद पर भी बदलाव किया है।

    संयुक्त सचिव राजेन्द्र पत्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आईएएस निकिता खंडेलवाल को हटाकर आईएएस गौरव कुमार को नया निदेशक नियुक्त किया गया है।

  • महिलाओं ने एलयूसीसी के विरोध में देहरादून में किया प्रदर्शन।

    महिलाओं ने एलयूसीसी के विरोध में देहरादून में किया प्रदर्शन।

    देहरादून—   द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिप्ट को-परेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) के द्वारा पीड़ित महिलाओं ने देहरादून में धरना प्रदर्शन किया।

    LUCC से पीड़ित नागरिकों की आर्थिक मदद हेतु आपातकालीन राहत कोष बनाकर शीघ्र अति शीघ्र मदद के संदर्भ में देहरादून में सीटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र प्रेषित किया गया।

    सविनय निवेदन इस प्रकार से है कि उपरोक्त कंपनी हमारे उत्तराखंड के लगभग 25 लाख निवेशकों के खून पसीने के अरबों खरबों पैसे लूट कर फरार हो गई है जिसके कारण हमारे राज्यवासी भारी से भारी आर्थिक संकट हेतु शारीरिक मानसिक पारिवारिक सामाजिक तनाव से गुजर रहे हैं और पीड़ित नागरिकों का जीवन बहुत ही ज्यादा दयनीय स्थिति में है

    उनके परिवार बच्चों के जीवन और भविष्य पर भी इस LUCC महा घोटाला आपदा के चलते खतरा मंडरा रहा है बहुत से पीड़ित नागरिकों के घर में रोजमर्रा के जीवन यापन करने के लिए बच्चों की कॉपी किताब स्कूल ड्रेस खरीदने फीस देने के लिए फूटी कौड़ी तक नहीं है , बहुत ही दुःखी मन से कहना पड़ रहा है कि अपने ही राज्य में अपने शासन प्रशासन सरकारों के आगे हम मातृशक्ति की दुर्गति दोयम दर्जा के नागरिक जैसी बन गई है ।

    जहां मातृशक्ति को न्याय सुरक्षा मान सम्मान ना दिया जा रहा हो वहां धाम और धर्म की बात करना हम मानव जननी मातृ शक्ति के साथ मात्र एक छलावा बेईमानी जैसा है।

    महोदय हम पिछले 20 मार्च 2025 से आप तक अपनी बात पहुंचाने के लिए श्रीनगर पीपल चोरी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्मारक में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं।

    8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय दिवस के दिन एवं 8 अप्रैल को हम आपके आवास पर कूच तक भी कर चुके हैं, विभिन्न विभागों के अधिकारी गणों के माध्यम से सभी जगह पर पत्राचार भी कर दिया है , मगर महोदय जी बहुत ही ज्यादा दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि कहीं भी कोई भी हम मातृशक्ति की सुनावाई नहीं कर रहे हैं।

    आखिर हमारे राज्य और देश में ऐसा कौन सा विभाग आयोग अधिकारी गण मंत्रालय है जहां हम अपनी बात रख सके जो हमारे समस्याओं का समाधान तुरंत हो सके।

    आप ही बताइएगा महोदय जी जिसके कारण हम बहुत ही ज्यादा हताश और निराश हो चुके हैं, बहुत से पीड़ित नागरिक आत्महत्या जैसे दुखद जन हानि कदम उठाने के लिए मजबूर विवश हैं ।

    यदि चार धाम यात्रा शुरू होने से पहले आपने पीड़ित नागरिकों मातृ शक्ति का समस्याओं का समाधान नहीं किया तो हम मातृशक्ति राष्ट्रीय राजमार्ग को चक्का जाम करने चार धाम यात्रा को बाधित करने, आत्मदाह के लिए मजबूर विवश होंगे और यदि किसी भी पीड़ित नागरिक मातृशक्ति के साथ कोई भी ऊंच नीच जन हानि जैसी कोई घटना होती है तो इसकी पूरी की पूरी जिम्मेदारी आपकी होगी।

    महोदय जो हमारे शासन प्रशासन ने इस LUCC नामक कंपनी को लोगों को ठगने के लिए लाइसेंस परमिशन दिया और आपके द्वारा इसकी निगरानी क्यों नहीं की गई, यदि यह कंपनी फर्जी थी तो पिछले 8, 9सालों से हमारे राज्य में चल कैसे रही थी और यदि पंजीकृति थी तो भाग कैसी गई।

    इस कंपनी के निगरानी करने की जिम्मेदारी किसकी थी महोदय हम बहुत ही ज्यादा हताश हो गए हैं क्योंकि हमने आपको अपने बात पहुंचाने के लिए हर प्रकार के लोकतांत्रिक प्रयास कर दिए हैं मगर दुर्भाग्य है कि अभी तक आपकी ओर से हम पीड़ित नागरिकों मातृ शक्ति के लिए किसी भी प्रकार का राहत बचाव का कदम नहीं उठाया गया है जो बहुत ही ज्यादा निराशजनक दुर्भाग्यपूर्ण चिंतनीय विषय है ।

    अतः महोदय हम सभी पीड़ित नागरिक मातृ शक्ति आपसे हाथ जोड़कर विनम्र निवेदन करते हैं कि चार धाम यात्रा शुरू होने से पहले हमारी समस्याओं की जटिलता को समझते हुए अपने उत्तराखंड के पीड़ित नागरिकों व उनके परिवार बच्चों का जीवन भविष्य को मध्य नजर रखते हुए आपातकालीन राहत कोष बनाकर अपने नागरिकों को इस महा आर्थिक संकट से बाहर निकलने के लिए शीघ्र अति शीघ्र ठोस कदम उठाने का महान कष्ट कीजिएगा।

    हम सभी पीड़ित नागरिक मातृ शक्ति आपके जीवन भर आभारी रहेंगे अन्यथा महोदय हम मातृशक्ति बहुत ही दुःखी निराश हो गए हैं।

    इस देश प्रदेश में हमारा सुनने वाला कोई नहीं है इसलिए हम कभी भी कहीं भी राष्ट्रीय राजमार्ग चक्का जाम आत्मदाह करने के लिए मजबूर हैं और आजसिटी मैजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया और घंटाघर दर्शन लालचौक दून अस्पताल चौक कहचरी सांकेतिक जाम लगाया गया।

  • आंगनबाड़ी और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र 20 मई से : रेखा आर्या

    आंगनबाड़ी और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र 20 मई से : रेखा आर्या

    देहरादून—   प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 7000 से ज्यादा आंगनबाड़ी और सहायिकाओं को 20 मई से नियुक्ति पत्र मिलने जा रहे हैं।

    विभाग ने ज्यादातर पदों के लिए अनअंतिम सूची जारी कर दी है। शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने जल्द से जल्द अंतिम सूची जारी करने के निर्देश दिए हैं।

    शुक्रवार को विधानसभा भवन स्थित सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने आंगनवाड़ी नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा की।

    रेखा आर्या ने बताया कि हरिद्वार के अलावा 12 जनपदों की अनअंतिम चयन सूची जारी की जा चुकी है और हरिद्वार की अनअंतिम चयन सूची इस सप्ताह जारी हो जाएगी।

    कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों से कहा कि सूची पर जल्द से जल्द आपत्तियां मंगाई जाए और उनका निस्तारण तय समय सीमा में किया जाए।

    बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि 20 मई से नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे ।नियुक्ति पत्र प्रदान करने के लिए जिलावार कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

    बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री जच्चा बच्चा शुभ जीवन योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश की महिलाओं के गर्भ धारण करने के बाद से अगले 1000 दिन तक उनकी स्वास्थ्य देखभाल, पोषण और संतान उत्पत्ति के बाद बच्चों के लालन पालन में सहायता सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने इस योजना को अंतिम रूप देकर जल्द से जल्द कैबिनेट से पारित करने के निर्देश दिए हैं।

    बैठक में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना में जरूरी संशोधन कर उसे भी कैबिनेट से जल्द पारित करने के निर्देश दिए गए। इस योजना में एकल महिलाओं को रोजगार के लिए डेढ़ लाख रुपए तक की सब्सिडी जानी है।

    बैठक में सचिव चंद्रेश कुमार, निर्देशक प्रशांत आर्य, उप निदेशक विक्रम सिंह, आरके बलोदी, मोहित चौधरी व अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

    बैठक में महिला कल्याण कोष और मुख्यमंत्री महिला एवं बाल बहुमुखी सहायता निधि योजना पर भी चर्चा की गई ।

    कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना का संचालन आबकारी विभाग द्वारा लगाए गए सेस से प्राप्त धन से किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत आपदा, हादसा होने या किसी बच्चे के अनाथ होने समेत, दिव्यांग बच्चों व् महिलाओं को किसी संकट और परेशानी के समय त्वरित आर्थिक सहायता दी जाएगी।

    इसके तहत जरूरत के अनुसार ₹5000 से ₹25000 की सहायता राशि आवेदन के एक सप्ताह के भीतर देना सुनिश्चित किया जाएगा।

    राज्य में संचालित नंदा गौरा योजना के तहत फिलहाल 12वीं पास करने के उपरांत ग्रेजुएशन में एडमिशन ले लेने के समय पात्र बालिकाओं को 51 हजार रुपए की धनराशि दी जाती है।

    जल्द ही इस योजना के तहत ग्रेजुएशन या 12वीं के बाद कोई स्किल बेस्ड कोर्स पूरा करने पर भी सहायता राशि दी जाएगी

    ।शुक्रवार को हुई बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने इस योजना की समीक्षा करते हुए योजना में नए प्रावधान जोड़ने के निर्देश दिए ।

    उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी नए बदलावों का अंतिम प्रारूप तैयार करके जल्द से जल्द उनके समक्ष फाइल भेजें।

  • बर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए  सिविल डिफेंस की हुई समीक्षा बैठक

    बर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सिविल डिफेंस की हुई समीक्षा बैठक

    देहरादून—  डिप्टी कंट्रोलर एस के साहू द्वारा  सिविल डिफेंस के संबंध में डी ब्रीफिंग (समीक्षा बैठक) आयोजित की गयी,

    जिसमे उत्तर एवं दक्षिण प्रभाग के कुल 22 पोस्टों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

    समस्त वार्डनों को यह निर्देशित किया गया कि प्रशासन के निर्देशानुसार अपने अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाए।

    उक्त के अतिरिक्त यह भी निर्देश दिए गए कि वार्डन प्रतिदिन अपने अपने क्षेत्रों में जाकर सिविल डिफेंस का सायरन बजने पर आम जनता, स्थानीय लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए की पूर्ण जानकारी दें।

    जनता से अपील है कि वे घबराय नहीं तथा सिविल डिफेंस के साथ जरूरी सहयोग करें तथा डिप्टी कंट्रोलर द्वारा सभी वार्डनों को 24 घण्टे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए।

  • नैनीताल में ‘एक शाम सैनिकों के नाम’ कार्यक्रम का होगा आयोजन।

    नैनीताल में ‘एक शाम सैनिकों के नाम’ कार्यक्रम का होगा आयोजन।

    देहरादून—  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से गुरुवार को राजभवन में सैनिक कल्याण निदेशक ब्रिगेडियर अमृत लाल (अ0 प्रा0) ने शिष्टाचार भेंट की।

    इस अवसर पर राज्य में सैनिक कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

    राज्यपाल ने इस अवसर पर बताया कि सैनिकों के अद्वितीय समर्पण और सेवा भावना को सम्मानित करने हेतु आगामी 11 जून, 2025 को नैनीताल में ‘एक शाम सैनिकों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

    यह कार्यक्रम राज्यपाल द्वारा शुरू की गई अभिनव पहल का हिस्सा है। इससे पूर्व, इसी पहल के अंतर्गत देहरादून में भी सफलतापूर्वक यह आयोजन किया जा चुका है। अब इसे कुमाऊँ मण्डल में विस्तार देते हुए नैनीताल में आयोजित किया जा रहा है।

    कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के वीरता पदक प्राप्त सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं प्रदेश में उल्लेखनीय सामाजिक योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही, उन्हें प्रशंसा पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।

    राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड न केवल ‘देवभूमि’ है, बल्कि यह ‘वीरभूमि’ भी है। यहां के अनेक वीर सपूतों ने राष्ट्र की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।

    यह कार्यक्रम उन वीरों के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के वीरों ने अपने अदम्य साहस एवं शौर्य से यह सिद्ध किया है कि देवभूमि, शांति का संदेश देने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर वीरता की भी अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत कर सकती है।

  • मुख्यमंत्री अर्पित फाउंडेशन द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में हुए शामिल ।

    मुख्यमंत्री अर्पित फाउंडेशन द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में हुए शामिल ।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी गुरूवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में अर्पित फाउंडेशन द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में शामिल हुए।

     

    इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सवा करोड़ जनता के सहयोग और समर्थन का प्रतीक है, जिन्होंने हर ऐतिहासिक निर्णय में सरकार का साथ दिया।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहले नकल और पेपर लीक जैसी समस्याओं से युवाओं के सपने टूटते थे, राज्य में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पारदर्शिता से परीक्षाएं हो रही हैं और पिछले साढ़े तीन वर्षों में 23 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त करने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं।

     

    संसद में एक तिहाही आरक्षण, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना जैसी अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी दिशा में उत्तराखंड सरकार ने भी मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, महालक्ष्मी योजना, वात्सल्य योजना, आंचल अमृत योजना और पोषण अभियान जैसे कई प्रभावी कदम उठाए हैं।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पहला राज्य है जहाँ समान नागरिक संहिता को लागू किया गया है, जिससे समाज में समरसता और महिलाओं को समान अधिकार मिले हैं। लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य कर महिलाओं और बच्चों को कानूनी संरक्षण देने का कार्य किया गया है।

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण, लव जिहाद, लैंड जिहाद जैसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। दंगारोधी कानून और सख्त भू-कानून लागू कर राज्य को सुरक्षित और संरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। ये सभी निर्णय उत्तराखंड को एक आदर्श और सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में मजबूत नींव हैं। राज्य सरकार प्रदेश को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

     

    इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द मुनी महाराज, स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरी, स्वामी कृष्ण गिरी, स्वामी भरत गिरी, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री श्याम जाजू, विधायक श्री दुर्गेश्वर लाल, अर्पित फाउण्डेशन की अध्यक्ष श्रीमती हनी पाठक और सामाजिक और सैनिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • मॉक ड्रिल आज शाम 4 बजे से, बजेगा एयर रेड सायरन — देहरादून में पांच जगहों पर सुरक्षा अभ्यास

    मॉक ड्रिल आज शाम 4 बजे से, बजेगा एयर रेड सायरन — देहरादून में पांच जगहों पर सुरक्षा अभ्यास

    देहरादून- प्रशासन और सिविल डिफेंस ने आज बुधवार को होने वाली मॉक ड्रिल की तैयारियां पूरी कर ली हैं। शाम चार बजे से एयर रेड सायरन बजने के साथ मॉक ड्रिल शुरू हो जाएगी। इसके लिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का अभ्यास किया जाएगा। सिविल डिफेंस के स्वयंसेवी शहर में पांच इलाकों में इस तरह का अभ्यास करेंगे। मॉक ड्रिल को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सिविल डिफेंस के साथ बैठक हुई। इस दौरान सारी तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। इससे पहले शहर में आराघर चौकी, धारा चौकी, एनआईईपीवीडी, कलेक्ट्रेट और लक्खीबाग पुलिस चौकी पर लगे एयर रेड सायरन की जांच की गई। सभी जगह एयर रेड सायरन सही हालत में पाए गए। शाम चार बजे मॉक ड्रिल शुरू की जाएगी। इसके लिए बड़े-बड़े आवासीय भवनों, सरकारी भवनों से लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का अभ्यास किया जाएगा। इस अभ्यास में कोई चुनौती या खामी पाई जाएगी तो उसे दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए सबसे अधिक रिस्पांस टाइम को परखा जाएगा। मसलन सायरन बजने पर कितनी देर में सिविल डिफेंस ने मोर्चा संभाला।

     

    खतरों से भी लोगों को किया जाएगा आगाह 
    मॉक ड्रिल के दौरान भविष्य में होने वाले खतरों से भी लोगों को आगाह किया जाएगा। एयर रेड के समय लोग किस तरह अपनी जान बचा सकते हैं यह सब जानकारी इस मॉक ड्रिल में दी जाएगी। साथ ही ब्लैक आउट होने पर लोग किन किन वस्तुओं को अपने पास रखें और किनसे परहेज करें यह सब जागरूकता की जाएगी। इसे लेकर स्थानीय पुलिस को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। मॉक ड्रिल को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिलाधिकारी देहरादून ने सिविल डिफेंस के वार्डन के साथ बैठक कर सारी तैयारियों का जायजा लिया। सभी एयर रेड सायरन सही हालत में पाए गए हैं। बुधवार शाम चार बजे से मॉक ड्रिल शुरू की जाएगी।

     

  • पावरलिफ्टिंग की एशियाई चैंपियनशिप, उत्तराखंड में  खेल के नए युग की शुरुआत : रेखा आर्या

    पावरलिफ्टिंग की एशियाई चैंपियनशिप, उत्तराखंड में खेल के नए युग की शुरुआत : रेखा आर्या

    देहरादून—   सोमवार को राजपुर रोड स्थित होटल हयात सेंट्रिक में 2025 एशियाई सब जूनियर और जूनियर पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप और एशियन यूनिवर्सिटी पावरलिफ्टिंग कप का उद्घाटन किया गया।

     

     

    इस प्रतियोगिता में कुल 15 एशियाई देशों से 150 से ज्यादा एथलीट शामिल हो रहे हैं।

     

     

    प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 38 वें राष्ट्रीय खेलों के बाद एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता को आयोजित करना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इससे साफ दिखता है कि प्रदेश में स्पोर्ट्स कल्चर कितनी तेजी से बढ़ रहा है।

     

     

    खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह आयोजन प्रदेश के खेलों में एक नए युग की शुरुआत जैसा है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राष्ट्रीय खेल में भी हमने पावर लिफ्टिंग को एक कोर गेम के रूप में शामिल करने के लिए काफी प्रयास किया था।

     

     

    उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में 15 देश से आए करीब डेढ़ सौ एथलीट्स के बीच हमारे प्रदेश के भी 16 एथलीट्स मुकाबलों में शिरकत करेंगे। इससे स्पष्ट है कि उत्तराखंड को खेल भूमि बनाने का हमारा लक्ष्य सही दिशा की तरफ बढ़ रहा है।

     

     

    खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पावर लिफ्टिंग का खेल दुनिया भर में लोकप्रिय हो रहा है और बहुत संभव है कि जल्द ही यह ओलंपिक और एशियाड जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी एक कोर गेम के रूप में शामिल कर लिया जाए।

     

     

    इस अवसर पर विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, उत्तराखंड पावरलिफ्टिंग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम पठानिया, खेल निदेशक प्रशांत आर्य आदि मौजूद रहे।