Category: देहरादून

  • चारधाम यात्रा– मौसम विभाग के एलर्ट पर एक्शन में आपदा प्रबंधन विभाग , एलर्ट को देखते हुए सभी प्रभावी सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश।

    चारधाम यात्रा– मौसम विभाग के एलर्ट पर एक्शन में आपदा प्रबंधन विभाग , एलर्ट को देखते हुए सभी प्रभावी सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश।

    देहरादून—   मौसम विज्ञान विभाग द्वारा उत्तरकाशी जनपद के लिए 7 और 8 मई को भारी से बहुत भारी वर्षा, बर्फबारी, आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि का रेड अलर्ट तथा शेष अन्य जनपदों के लिए 6, 7 एवं 8 मई को ऑरेंज तथा येलो अलर्ट के पूर्वानुमान जारी किया गया है।

     

     

     

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग  विनोद कुमार सुमन से जानकारी ली तथा जनपदों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए।

     

     

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उपाध्यक्ष, राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग  विनय कुमार रुहेला तथा सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग  विनोद कुमार सुमन ने सोमवार को सभी जनपदों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर एलर्ट को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

     

     

    इस संबंध में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने सोमवार को सभी जिलाधिकारियों को पत्र भी भेजा है।

     

    विनय कुमार रुहेला ने कहा कि  मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट को सभी जनपद गंभीरता से लें और सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित गति से रिस्पांस किया जाए।

     

    यदि अत्यधिक बारिश हो रही हो तो चारधाम यात्रियों को कुछ समय के लिए सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया जाए और बारिश रुकने के बाद ही उन्हें आगे रवाना किया जाए।

     

    बैठक के दौरान सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग  विनोद कुमार सुमन ने कहा कि  मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आपदाओं का प्रभावी तरीके से सामना करने के लिए समुदायों को जोड़ने की पहल प्रारंभ कर दी गई है।

     

     

    इस दिशा में शुरुआत टिहरी जनपद द्वारा की गई है। टिहरी के जिलाधिकारी  मयूर दीक्षित ने प्रत्येक गांव में पांच लोगों का एक समूह बनाया है, जो किसी भी प्रकार की आपदा घटित होने पर इसकी सूचना जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को देंगे।

     

     

    इनके नंबर डीईओसी में उपलब्ध रहेंगे। यदि इस ग्रुप के एक सदस्य का फोन नहीं लगेगा तो दूसरे के फोन पर संपर्क किया जा सकेगा। आपदा संबंधी किसी भी प्रकार की सूचनाओं के आदान-प्रदान में इस समूह की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी और उनके द्वारा दी जाने वाली सूचनाओं पर तीव्र गति से एक्शन लिया जाएगा।

     

     

    इससे सूचना मिलने पर प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत ही राहत और बचाव कार्य संचालित करने तथा आवश्यक राहत पहुंचाने में मदद मिलेगी।

     

    इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन  आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी  राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी,  रोहित कुमार, डॉ. वेदिका पन्त, डॉ. पूजा राणा,  हेमंत बिष्ट, सुश्री तंद्रिला सरकार आदि मौजूद थे।

     

     

    इसके अलावा सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास  विनोद कुमार सुमन ने कहा कि यात्रा मार्ग में जो भी भूस्खलन संभावित क्षेत्र हैं, वहां जेसीबी तथा अन्य उपकरणों की तैनाती सुनिश्चित की जाए और मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के प्रयास किए जाएं।

     

     

    उन्होंने कहा कि कैप यानी कॉमन एलर्ट प्रोटोकॉल के माध्यम से लोगों को मौसम संबंधी एलर्ट को लेकर एसएमएस भेजा जाता है। यह अलर्ट आम लोगों को समय पर मिल रहे हैं या नहीं इसकी भी जांच की जाए और इस संबंध में शीघ्र ही राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को अवगत भी कराया जाए।

     

    उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार के अलर्ट प्रत्येक नागरिक तक पहुंचें, इसके लिए ग्रामीणों को जोड़ते हुए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए तथा व्हाट्सएप के माध्यम से अलर्ट तथा आवश्यक जानकारियां प्रेषित करना सुनिश्चित किया जाए।

     

     

    इसके साथ ही सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास  विनोद कुमार सुमन ने कहा कि यदि लोग किसी भी प्रकार की आपदा से संबंधित सूचना दे रहे हैं तो उसे गंभीरता से लिया जाए और उस पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यदि कोई लोग भ्रामक सूचनाएं देते हैं तो ऐसे लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए।

     

     

    इसके साथ ही  सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास  विनोद कुमार सुमन ने कहा कि यदि यात्रियों को मौसम खराब होने के कारण ऐसे स्थान पर रोका जा रहा है, जहां पर दुकानें नहीं हैं, तो वहां यात्रियों के लिए जलपान की समुचित व्यवस्था की जाए।

     

    साथ ही दूसरे जनपदों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए और यदि यह महसूस हो कि किसी जनपद में बारिश के कारण यात्रियों को रोकने की स्थिति में यात्रियों की संख्या अधिक हो गई है, अथवा जाम लगने की संभावना हो तो यात्रियों को दूसरे जनपद में ही रोक लिया जाए।

     

     

    सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास  विनोद कुमार सुमन ने कहा कि मानसून से आने से पहले नालों की सफाई कर ली जाए ताकि जब मानसून आए तो उस समय जलभराव की दिक्कत ना हो।

     

    उन्होंने कहा कि अभी जो बारिश हो रही है, उसमें यह पता भी लग जाएगा कि किन क्षेत्रों में जल भराव हो रहा है और उसके कारण क्या हैं।

  • विधुत उपभोगताओं को राहत, जांनिये इस महीने  कितनी मिल रही छूट।

    विधुत उपभोगताओं को राहत, जांनिये इस महीने कितनी मिल रही छूट।

    देहरादून—  प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को इस माह  विधुत बिल में राहत मिलने जा रही है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) के तहत बिजली दरों में औसतन 89 पैसे प्रति यूनिट की छूट देने का ऐलान किया है।

     

     

    इसका लाभ उपभोक्ताओं को मई माह के बिजली बिल में मिलेगा।  यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि बीते वित्तीय वर्ष में बिजली खरीद की निर्धारित दरों की तुलना में निगम ने मार्च माह में बाजार से कम कीमत पर बिजली खरीदी है। एफपीपीसीए के प्रावधानों के तहत इसकी भरपाई उपभोक्ताओं को छूट के रूप में दी जा रही है।

     

     

    एफपीपीसीए के अंतर्गत कुल ₹101 करोड़ रुपये की छूट देने का आदेश जारी किया गया है। इससे पहले भी बीते महीनों में उपभोक्ताओं को बिजली दरों में राहत मिल चुकी है।

     

     

    जुलाई में 30 पैसे, अगस्त में 52 पैसे, सितंबर में 23 पैसे, अक्तूबर में 70 पैसे, नवंबर में 88 पैसे, दिसंबर में 85 पैसे और मार्च में ₹1.19 प्रति यूनिट की छूट दी जा चुकी है।

    विधुत बिल की विभिन्न श्रेणियों के लिए छूट दरें इस प्रकार हैं:—-

     

    घरेलू उपभोक्ता: 26 से 71 पैसे प्रति यूनिट,

    अघरेलू श्रेणी: 103 पैसे,

    सरकारी सार्वजनिक उपयोगिता: 97 पैसे,

    प्राइवेट ट्यूबवेल: 31 पैसे,

    कृषि गतिविधियां: 44 से 51 पैसे,

    एलटी व एचटी इंडस्ट्री: 95 पैसे,

    मिक्स लोड, रेलवे ट्रैक्शन व ईवी चार्जिंग स्टेशन: 89 पैसे,

    अस्थायी निर्माण आपूर्ति: 110 पैसे प्रति यूनिट छूट,।

     

     

    यूपीसीएल के अनुसार, बिजली खरीद की लागत में कमी आने से यह राहत संभव हो पाई है। उपभोक्ता अपने आगामी बिलों में इस छूट का प्रत्यक्ष लाभ देख सकेंगे।

  • मुख्यमंत्री ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव के लिए सभी को दिखानी होगी एकजुटता,,,     पीएम मोदी के नेतृत्व में देशहित में सब संभव।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव के लिए सभी को दिखानी होगी एकजुटता,,, पीएम मोदी के नेतृत्व में देशहित में सब संभव।

    देहरादून—    वन नेशन वन इलेक्शन  पर दृढ़ता से अपने विचार रखते हुए सीएम धामी ने कहा कि *एक राष्ट्र-एक चुनाव* केवल प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि देश के लोकतंत्र को और अधिक सशक्त, प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

     

    यह देशहित में क्रान्तिकारी कदम है | भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश में चुनाव लोकतंत्र का पर्व होते हैं, लेकिन जब प्रत्येक वर्ष, कभी इस राज्य में, कभी उस राज्य में, बार-बार चुनाव होते हैं, तो यह प्रक्रिया बोझ बन जाती है।

     

     

    उन्होंने कहा कि बार-बार आचार संहिता लगने से विकास कार्य ठप पड़ जाते हैं और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

     

     

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बार-बार चुनाव होने से चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक स्तर पर बार-बार संसाधनों का अपव्यय होता है व सरकारी ख़ज़ाने पर नकारात्मक असर पड़ता है।

     

     

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चुनावो के दौरान बड़ी संख्या में राज्य के शिक्षकों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पुलिस बल और केंद्रीय बल के जवानों को उनके मूल कार्य से हटाकर चुनाव ड्यूटी में लगाना पड़ता है, जिससे उनके मूल कार्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। एक राष्ट्र एक चुनाव को लेकर सबको एकजुटता दिखानी होगी|

     

     

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी भारतीय सर्वेक्षण विभाग सभागार देहरादून में स्वर्णिम देवभूमि फ़ाउंडेशन द्वारा *एक राष्ट्र-एक चुनाव विषय* पर आयोजित प्रबुद्ध जन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे |

     

     

     

    इस अवसर पर उत्तराखंड आए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व एक राष्ट्र एक चुनाव के राष्ट्रीय प्रभारी श्री सुनील बंसल का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का लगभग 11 वर्षों का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा है।

     

     

    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने नेतृत्व में पिछले एक दशक में जहां एक ओर देश में विकास और आर्थिक प्रगति के नए प्रतिमान स्थापित हुए, वहीं अनेकों ऐतिहासिक निर्णयों के माध्यम से भारत के लोकतंत्र को और भी अधिक मज़बूती मिली।

     

     

    चाहे जीएसटी लागू करना हो, तीन तलाक़ की समाप्ति हो,कश्मीर से धारा 370 खत्म करना हो, सीएए-एनआरसी का क़ानून बनाना हो, नारीशक्ति वंदन अधिनियम पारित करना हो या फिर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को लागू करना हो। इन सभी ऐतिहासिक निर्णयों ने भारत को एक नई दिशा दी है।

     

     

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में *एक राष्ट्र-एक चुनाव* के रूप में ऐतिहासिक क़ानून बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

     

     

    नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार यदि एक बार में चुनाव हों तो 12 हजार करोड़ रूपए तक की बचत होगी। हज़ारों करोड़ों की इस धन राशि को देश में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मज़बूत करने में लगाया जा सकेगा। इसके साथ ही, केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय रहेगा तो सभी कार्य निश्चित समय पर पूरे होंगे।

     

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार में चुनाव होने से वोटिंग टर्नआउट में भी बढ़ोत्तरी देखने को मिलेगी, क्योंकि बहुत सारे लोग जो दूसरे राज्यों में रहते हैं वो बार-बार वोट देने के लिए अपने गृह राज्य में जाने से कतराते हैं लेकिन जब तीनों स्तर के चुनाव एक साथ होंगे तो वो वोट देने अवश्य जाएँगे।

     

     

    अब समय आ गया है कि हम आधुनिक तकनीक, चुनाव आयोग की पारदर्शिता और जनता के सहयोग से इस संतुलन को पुनः स्थापित करें | मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अमेरिका, जापान, ब्राज़ील और स्वीडन जैसे देशों में एक साथ चुनाव की व्यवस्था हो सकती है तो क्या भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में ये व्यवस्था नहीं हो सकती?

     

     

    आदरणीय प्रधानमंत्री  मोदी जी जैसे दृढ़ और संकल्पित प्रधान सेवक हमारे पास हैं तो देश हित का कोई काम रुक जाए, ऐसा हो नहीं सकता| प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में तैयार किया गया जो ड्राफ़्ट लोक सभा में पेश किया गया, वो बहुत ही गहन शोध और विश्लेषण के बाद तैयार किया गया है। इस ड्राफ्ट में एक-एक परिस्थिति का ध्यान रखा गया है

     

     

    कि कैसे सभी राज्यों में ये व्यवस्था लागू करनी है और लागू करने के बाद यदि किसी राज्य की सरकार बीच में भंग हो गई तो उस स्थिति में कैसे चुनाव होंगे।

     

     

    फ़िलहाल इस क़ानून को व्यापक विचार विमर्श हेतु संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया है, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनको पूर्ण विश्वास है कि एक दिन ये *एक राष्ट्र-एक चुनाव* की व्यवस्था भारत में अवश्य लागू होगी और यह कानून भारत में लोकतंत्र को और अधिक मज़बूत करने में सहायक सिद्ध होगा।

     

     

    इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तथा एक राष्ट्र एक चुनाव के राष्ट्रीय प्रभारी श्री सुनील बंसल ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड में यूसीसी सबसे पहले लागू करने के लिए बधाई दी | उन्होंने ने कहा कि उत्तराखंड ने यूसीसी लागू कर देश के समक्ष एक आदर्श प्रस्तुत किया है| अन्य राज्य भी इसका अनुपालन करने लिए उत्सुक दिख रहे हैं | उन्होंने कहा की एक राष्ट्र एक चुनाव हर तरह से देश हित में है | इसके सम्बन्ध में व्यापक जन जागरूकता की आवश्यकता है |

     

     

    कार्यक्रम में राजयसभा सांसद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री  गणेश जोशी,  सौरभ बहुगुणा, प्रदेश महामंत्री संगठन  अजेय कुमार, पर्यावरणविद पद्म  अनिल जोशी, जागर गायिका पद्म श्रीमती बसंती बिष्ट, पद्म  कन्हेया लाल पोखरियाल सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, साधु संत विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन मौजूद रहे |

  • प्रदेशभर के वन क्षेत्र में ईको टूरिज्म की संभावनाएं तलाशी जाएंः मुख्य सचिव  ,,, ईको टूरिज्म की गतिविधियों में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाएं।

    प्रदेशभर के वन क्षेत्र में ईको टूरिज्म की संभावनाएं तलाशी जाएंः मुख्य सचिव ,,, ईको टूरिज्म की गतिविधियों में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाएं।

    देहरादून—  मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश में ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने के सम्बन्ध में अधिकारियों के साथ बैठक ली।

     

     

    बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रदेश में ईको टूरिज्म के क्षेत्र में और संभावनाएं तलाशी जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का अधिकतम भू-भाग वन क्षेत्र हैं, जो प्रदेश में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने में सक्षम है। उन्होंने ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ ही इसमें सामुदायिक सहभागिता बढ़ाए जाने की भी बात कही।

     

     

    पर्वतारोहण एवं ट्रेकिंग की अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम किया जाए तैयार किया जाना चाहिए।

     

    मुख्य सचिव ने कहा कि सभी गतिविधियों को निर्धारित समय पर शुरू किया जा सके, इसके लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाए और योजनाओं के कैलेंडर के अनुसार संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रकृति से बिना छेड़-छाड़ किए छोटे-छोटे प्रयासों से पारिस्थितिकी पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है।

     

     

    उन्होंने निर्देश दिए कि फॉरेस्ट वॉकिंग, नेचर ट्रेल जैसी गतिविधियों को बढ़ाया जाए। कहा कि पर्वतारोहण और ट्रेकिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने हेतु सिंगल विंडो सिस्टम में तैयार किया जाए, ताकि देश विदेश से सभी प्रकार की अनुमतियां एक बार आवेदन से प्राप्त हो सकें। उन्होंने वन विभाग को कैंपिंग साइट्स भी बढ़ाए जाने के निर्देश दिए।

     

     

    फॉरेस्ट से सम्बन्धित गतिविधियों के लिए एकीकृत वेबसाइट की जाए तैयार—

     

    मुख्य सचिव ने पर्यटकों की संख्या एवं राजस्व के लक्ष्यों को बड़ा रखने के निर्देश दिए। कहा कि आने वाले समय में योजनाएं लक्ष्यों के अनुरूप बनाई जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अलग-अलग प्रभागों में अलग-अलग संचालित हो रही पर्यटन गतिविधियों अथवा योजनाओं के लिए अलग-अलग वेबसाइट्स के बजाय एक एकीकृत वेबसाइट तैयार की जाए, ताकि पर्यटकों को एक ही जगह पर सभी सभी पर्यटन गतिविधियों की सम्पूर्ण जानकारी मिल सके।

     

     

    इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक (वन पंचायत) श्री बी. पी. गुप्ता एवं प्रमुख वन संरक्षक श्री रंजन मिश्र, मुख्य वन संरक्षक श्री पी.के. पात्रो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री ने किया ‘‘श्री गणेश मंगलाचरण’’ गीत का विमोचन।

    मुख्यमंत्री ने किया ‘‘श्री गणेश मंगलाचरण’’ गीत का विमोचन।

    देहरादून—  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में मंगलेश डंगवाल द्वारा रचित ‘‘श्री गणेश मंगलाचरण‘‘ का विमोचन किया।

     

     

    मुख्यमंत्री ने मंगल गीत को उत्तराखण्ड की सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने वाला बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास राज्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के साथ विश्व मंच पर राज्य की पहचान बनाने का भी माध्यम बनते हैं।

     

     

    श्री मंगलेश डंगवाल ने बताया कि यह रचना वैदिक परंपरा पर आधारित है जो उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जन कल्याण और आध्यात्मिक परिवेश के लिए समर्पित है।

     

     

    इस अवसर पर श्री अजीत राणा, श्री सुभाष भट्ट, डॉ. राकेश उनियाल, श्री प्रद्युम्मन असवाल आदि उपस्थित थे।

  • कैबिनेट मंत्री ने बालिका निकेतन और नारी निकेतन के नाम निर्मित हॉल का किया लोकार्पण ,, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियों को किया सम्मानित।

    कैबिनेट मंत्री ने बालिका निकेतन और नारी निकेतन के नाम निर्मित हॉल का किया लोकार्पण ,, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियों को किया सम्मानित।

    देहरादून–   महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि बालिका निकेतन की बच्चियों अपनी मेधा के बल पर समाज में महिला सशक्तिकरण का जीवंत प्रतीक बन रही है। इस अवसर पर मंत्री रेखा आर्या ने नारी निकेतन और बालिका निकेतन में दो नवनिर्मित हॉल का लोकार्पण भी किया।

     

     

    राजकीय महिला कल्याण एंव पुनर्वास केन्द्र मानसिक/सामान्य केदारपुरम में 164 अनाथ, परित्यक्त, निराश्रित महिलाएं रह रही है। बुधवार को महिला सशक्तिकरण एंव बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने यहां द्वितीय तल पर हॉल एंव अन्य निर्माण कार्य (लागत रू. 57.09 लाख) का लोकार्पण किया।

     

    इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने राजकीय बालिका निकेतन केदारपुरम के प्रथम तल पर हॉल एंव अन्य निर्माण कार्य (लागत रू.65.52 लाख) का लोकार्पण भी किया।

     

     

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जिस तरह बीते तीन-चार साल में बालिका निकेतन की लड़कियों ने स्कूल और कॉलेज में शानदार प्रदर्शन किया है, वह उनकी दृढ मानसिकता और संघर्षशीलता को दर्शाता है। मंत्री ने कहा कि कई लड़कियां सरकारी सेवा में सफल हुई है और कई अन्य पीसीएस जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में जुटी है।

     

     

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना एंव स्पॉन्सरशिप योजना से लाभान्वित बच्चों एंव उनके परिजनों से बातचीत कर मंत्री ने बच्चों की प्रगति की जानकारी ली।

     

     

    कार्यक्रम में मुख्य परिवीक्षा अधिकारी श्री मोहित चौधरी, परियोजना प्रबन्धक राकेश चन्द्र तिवारी, सहायक अभियन्ता प्रमोद चन्द कोठियाल, उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी अंजना गुप्ता, राजीव नयन एंव जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

  • पाकिस्तानियों का चिन्हीकरण कर तुरंत भेजे वापस;- मुख्यमंत्री

    पाकिस्तानियों का चिन्हीकरण कर तुरंत भेजे वापस;- मुख्यमंत्री

    देहरादून—  मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्चाधिकारियों की बैठक लेते हुए अध्यस्त पाकिस्तानी नागरिकों का चिन्हीकरण कर उनको तत्काल प्रभाव से वापस भेजने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।

     

     

    उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में चल रहे सत्यापन अभियान में भी तेजी लाने के साथ ही किराएदारों का सत्यापन न कराने वाले लोगों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।

     

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गलत अभिलेखों के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे लोगों के चिन्हीकरण में भी तेजी लाते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

     

     

    मुख्यमंत्री ने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले को देखते हुए अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत और पुख्ता बनाने के निर्देश दिए।

     

    उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो उसे तुरंत हिरासत में लिया जाए। साथ ही, इस संबंध में आम जनता को भी जागरूक किया जाए। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी के लिए टोलफ्री नंबर जारी किया जाए जिससे आम लोग सम्बन्धित नंबर पर जानकारी साझा कर सकें।

     

     

    बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु, श्री आर मीनाक्षी सुंदरम, डीजीपी श्री दीपम सेठ, गढ़वाल आयुक्त श्री विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक श्री ए.पी. अंशुमन, उपाध्यक्ष एम.डी.डी.ए श्री बंशीधर तिवारी मौजूद थे।

  • कन्या गुरुकुल परिसर, देहरादून में कश्मीर में लक्षित हत्याओं के विरोध में हुई मौन रैली।

    कन्या गुरुकुल परिसर, देहरादून में कश्मीर में लक्षित हत्याओं के विरोध में हुई मौन रैली।

    देहरादून–   कश्मीर में हो रही लक्षित हत्याओं, विशेष रूप से पहलगाम हमले के विरोध में कन्या गुरुकुल परिसर, देहरादून की छात्राओं, शिक्षिकाओं और कर्मचारियों के द्वारा मौन रैली निकली गयी।

     

     

    यह रैली कॉलेज परिसर से शुरू होकर डी.एल. चौक तक गई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राएं हाथों में विरोध प्रदर्शन वाले पोस्टर लेकर शामिल हुईं ।

     

     

    सभी ने शांतिपूर्ण ढंग से मार्च करते हुए पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

     

    डी.एल. चौक पहुँचने के बाद, हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इसके पश्चात शांति पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने एकजुट होकर कश्मीर में शांति और आतंक के अंत की प्रार्थना की।

     

     

    यह रैली न केवल पीड़ितों के प्रति संवेदना दर्शाने का माध्यम बनी, बल्कि कन्या गुरुकुल परिवार की ओर से एक स्पष्ट संदेश भी दिया गया — आतंक का विरोध और मानवता के पक्ष में एकजुटता दिखाना।

  • पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन से की शिष्टाचार भेंट, किच्छा क्षेत्र के बहुआयामी विकास को लेकर उठाए अहम मुद्दे

    पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने मुख्य सचिव आनंद वर्धन से की शिष्टाचार भेंट, किच्छा क्षेत्र के बहुआयामी विकास को लेकर उठाए अहम मुद्दे

    देहरादून- पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री राजेश शुक्ला ने आज सचिवालय में प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने श्री आनंद वर्धन को उत्तराखंड का मुख्य सचिव नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही किच्छा क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा की। शुक्ला ने मुख्य सचिव का ध्यान विशेष रूप से किच्छा में निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की ओर आकृष्ट किया। उन्होंने अनुरोध किया कि इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए ताकि क्षेत्रीय जनता को शीघ्र उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि एम्स के शुरू होने से न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। इसके साथ ही श्री शुक्ला ने खुरपिया में प्रस्तावित स्मार्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में किच्छा के उद्यमियों को उद्योग स्थापना हेतु भूमि आवंटन की आवश्यकता पर जोर दिया।

     

    उन्होंने मांग की कि किच्छा नगर के बीच वर्षों से संचालित उद्योगों को इस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में स्थानांतरित कर उन्हें पर्याप्त सुविधाओं से युक्त भूमि प्रदान की जाए, ताकि शहर के भीतर की भीड़भाड़ कम हो और प्रदूषण एवं ट्रैफिक जैसी समस्याओं से निजात मिले। पूर्व विधायक ने यह भी उल्लेख किया कि जैसे-जैसे एम्स का संचालन आरंभ होगा और कॉरिडोर में उद्योग स्थापित होंगे, किच्छा की जनसंख्या में तीव्र वृद्धि होगी। ऐसे में आवश्यक होगा कि नगर विकास को सुव्यवस्थित एवं दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ नियोजित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योगों को शहर से बाहर स्थानांतरित कर उनके स्थान पर व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए, जिससे बढ़ती जनसंख्या की आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके।

     

    श्री शुक्ला ने मुख्य सचिव को जानकारी दी कि 13 अक्टूबर 2024 को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की किच्छा यात्रा के दौरान राइस मिलर्स एवं उद्योगपतियों ने इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में भूमि आवंटन की मांग उठाई थी। इस पर मुख्यमंत्री ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया था। अब उन्होंने यह मुद्दा मुख्य सचिव के समक्ष रखते हुए त्वरित निर्णय की मांग की। मुख्य सचिव श्री आनंद वर्धन ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और इस पर शीघ्र सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने पूर्व विधायक श्री शुक्ला को भरोसा दिलाया कि उद्यमियों को भूमि आवंटन के मामले में प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। शुक्ला ने मुख्य सचिव को किच्छा आने का आमंत्रण भी दिया, ताकि वे स्वयं एम्स के निर्माण की प्रगति और स्मार्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की स्थिति की समीक्षा कर सकें। इस पर श्री आनंद वर्धन ने शीघ्र किच्छा दौरे का आश्वासन दिया।

  • महिला आयोग के हर पदाधिकारी की जिम्मेदारी, महिलाओं की सुरक्षा व उनके अधिकारों की रक्षा के लिए करे हर सम्भव प्रयास।

    महिला आयोग के हर पदाधिकारी की जिम्मेदारी, महिलाओं की सुरक्षा व उनके अधिकारों की रक्षा के लिए करे हर सम्भव प्रयास।

    देहरादून–  आज देहरादून में नंदा की चौकी सुद्धोवाला स्थित महिला सशक्तिकरण व बाल विकास निदेशालय के सभागार में उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल की अध्यक्षता में आयोग की नवनियुक्त उपाध्यक्षों व समस्त सदस्य के साथ आयोग की वित्तीय वर्ष-2025-26 की प्रथम बोर्ड बैठक आहूत की गयी।

     

     

    बैठक का शुभारम्भ सदस्य सचिव उर्वशी चौहान एवं विधि-अधिकारी, दयाराम सिंह द्वारा आयोग की अध्यक्ष के स्वागत व नवीन महानुभावों के परिचय के साथ किया गया।

     

     

    राज्य महिला आयोग की वर्ष 2025-26 की बोर्ड बैठक में आयोग की अध्यक्ष द्वारा सम्बोधित करते हुए कहा गया कि उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग में उपाध्यक्षों के पद पिछले 1.5 साल से रिक्त थे।

     

    उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धन्यवाद देते हुए कहा की वह महिलाओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। उनके नेतृत्व में राज्य की महिलाओं के विकास व सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं व प्रावधानों को संचालित किया गया है। कुसुम कण्डवाल ने कहा कि आयोग के नव नियुक्त उपाध्यक्षों के सहयोग द्वारा राज्य महिला आयोग के कार्य को बल मिलेगा।

     

     

    उन्होंने समस्त सदस्यगण व उपाध्यक्ष सायरा बानो व ऐश्वर्या रावत को आयोग के कार्यों से अवगत कराते हुए जानकारी दी कि आयोग परिवारों को जोड़े रखने के साथ महिलाओं की सुरक्षा व उनके अधिकारों के संरक्षण का काम करता है।

     

    प्रत्येक जनपद की सदस्य अपने-अपने जनपद के प्रशासनिक सेवकों अर्थात जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/ पुलिस अधीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं अन्य से समन्वय स्थापित करते हुए महिलाहित व सुरक्षा के लिए तथा पीड़िता को न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत जनपद पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग में आयोग के कार्यों को देखेंगी तथा वहीं उपाध्यक्ष सायरा बानो जनपद ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, अल्मोड़ा में कार्य देखेंगी।

     

     

    आज आयोजित हुई बोर्ड की बैठक में महिला सुरक्षा के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ ही राज्य के सभी 13 जिलों में महिलाओं को जागरूक करने को लेकर जनजागरूकता शिविर, विधिक कार्यशालाएं, जन सुनवाई के साथ पीड़िताओं को न्याय दिलाने तथा महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक व राजनैतिक रूप से समृद्ध करने के लिए विभिन्न प्रकार की कार्यशालाओं व बैठकों, निरीक्षण इत्यादि विषयों पर प्रस्ताव पारित हुए।

     

     

    मा०अध्यक्ष द्वारा समस्त सदस्यगणों को पिछले वर्ष 2024-25 में दर्ज केसों की संख्या के विषय में अवगत कराते हुए कुछ महत्वपूर्ण केसों के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी गयी।

     

    बैठक में अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल द्वारा उपाध्यक्षों व समस्त सदस्यगणों को कहा कि अपने-अपने जनपदों में बेहतरीन ढंग से कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया, जिससे कोई भी पीड़ित महिला स्वयं को असुरक्षित महसूस न करे। महिला आयोग के हर पदाधिकारी की जिम्मेदारी है कि महिलाओं की सुरक्षा व उनके अधिकारों की रक्षा के लिए करे हर सम्भव प्रयास करने होंगे। इसके लिए शासन व प्रशासन की सहायता से कार्य किये जायेंगे।

     

    बोर्ड बैठक में मुख्य रूप से निम्न प्रस्ताव पर चर्चा की गई…

    ● राज्य महिला आयोग का मुख्यालय देहरादून शहर के भीतर होना चाहिए, ताकि पीड़िताओं को काउंसलिंग हेतु आयोग मुख्यालय में आने के लिए में समस्या का सामना न करना पड़े।

    ● राज्य महिला आयोग की सदस्यगणों के मानदेय में अन्य राज्यों की भांति बढ़ोतरी की जाए।

    ● वन स्टॉप सेंटर जनपद के मुख्यालय में होने के कारण, ओएससी जनपद के कुछ क्षेत्रों से बहुत दूर हो जाता है ऐसे बड़े जनपदों में वन स्टॉप सेंटर दो स्थानों में संचालित किया जाए।

    ● समस्त जनपदों में वन स्टॉप सेंटर का स्मार्टीकरण किया जाए।

     

    वहीं आयोग की अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य महिला आयोग जून के बाद समस्त जिलों की वन स्टॉप सेंटर एवं नारी निकेतन तथा किशोरी संप्रेषण गृह एवम राज्य की समस्त कारागारों का निरीक्षण करेगा।

     

    उन्होंने कहा की महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए महिला आयोग जनपदवार मोनिटरिंग करेगा। साथ ही नए परिवारों के भविष्य को बचाने के लिए विवाह से पूर्व काउंसलिग तथा राष्ट्रीय महिला आयोग के निर्देशानुसार थीम “तेरे मेरे सपने” नाम से सास-बहु की काउंसलिंग को लेकर प्रत्येक जनपद में काउंसलिग के लिए सैल की स्थापना के लिए जिलाधिकारी स्तर पर प्रयास किये जायेंगे।

     

    आयोग की बोर्ड बैठक में हरिद्वार जिले से कमला जोशी, चम्पावत जिले से किरण देवी, नैनीताल जिले से कंचन कश्यप व उर्मिला जोशी, पिथौरागढ़ जिले से रचना जोशी, चमोली जिले से विजया रावत व वत्सला सती, रुद्रप्रयाग जिले से दर्शनी पंवार, ऊधमसिंह नगर से कंवलजीत कौर औंजला, देहरादून जिले से वैशाली नरूला, विमला नैथानी व रेनुका पाण्डे सदस्य उपस्थित रहे।

     

    बैठक के उपरान्त सदस्य सचिव, उर्वशी चौहान द्वारा आयोग की अध्यक्ष, उपाध्यक्षों, समस्त सदस्यगणों, विधि अधिकारी दयाराम सिंह, उप निरीक्षक स्वाति चमोली, प्रशासनिक अधिकारी नारायण तोमर, शानू रावत, सूरज रावत, वीरेन्द्र रावत एवं अन्य स्टाफ का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बैठक का समापन किया गया।