Category: हल्द्वानी

  • अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल की युवा इकाई की कार्यकारिणी का हुआ गठन।

    अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल की युवा इकाई की कार्यकारिणी का हुआ गठन।

    हल्द्वानी–आज दिनांक 21/12/2024 को अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल की युवा इकाई की कार्यकारिणी का गठनप्रदेश अध्यक्ष अनुज कांत अग्रवाल और प्रदेश प्रभारी अतुल गुप्ता के नेतृत्व में प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुई।

     

    जिसमें सुमित साहु को युवा महानगर अध्यक्ष, आशीष कश्यप को युवा महामंत्री, रवि केसरवानी को युवा वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सुशील साहु को युवा सचिव, आशीष साहु को युवा संगठन महामंत्री, विपुल अग्रवाल को युवा मीडिया प्रभारी, दीपक साहु को युवा उपसचिव, सुमित सागर को युवा उपाध्यक्ष, उदय गुप्ता को युवा महानगर उपाध्यक्ष के पद से नवाजा गया।

     

     

    इस उपलक्ष पर प्रदेश अध्यक्ष अनुज कांत अग्रवाल, डिम्पल पांडे, प्रदेश प्रभारी अतुल गुप्ता, महानगर अध्यक्ष परमिंदर नागपाल, भूपेश बिष्ट, वरिष्ठ सामाज सेवी शाकिर हुसैन जी, लव बक्शी आदि गणमान्य सदस्य मौजूद थे और सब ने नवनियुक्त युवा पदाधिकारियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

  • गुरु गोविंद सिंह साहब के चारो पुत्रों की शहीदी की झांकी लगा दिया देश और धर्म पर न्योछावर होने का संदेश।

    गुरु गोविंद सिंह साहब के चारो पुत्रों की शहीदी की झांकी लगा दिया देश और धर्म पर न्योछावर होने का संदेश।

    हल्द्वानी–गुरु गोविंद सिंह जी के पुत्रों (चार साहिबजादो ) की शहीदी को समर्पित एक झांकी सिख फेडरेशन हल्द्वानी के सदस्यों द्वारा नैनीताल रोड स्थित वॉक वे मॉल में लगाई गई हैं।

     

    आज दिनांक 21 दिसंबर 1704 को 7 पौष को गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के परिवार का बिछौड़ा हो गया था। और 28 दिसंबर तक गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों पुत्र शहीद हो गए थे और माता गुजरी जी ज्योति जोत हो गई थी।

     

     

    सिख फेडरेशन ने कहा कि झांकी के माध्यम से वह संदेश देना चाहते हैं की गुरु गोबिंद सिंह जी के परिवार ने धर्म और देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछाव कर दिए, मासूम बच्चे भी कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटे।

     

    वर्तमान में समाज के सभी लोगों को गुरु गोबिंद सिंह जी के बताए हुए मार्गों पर चलते हुए देश को धर्म की रक्षा करनी चाहिए।

     

    इस दौरान अमनप्रीत सिंह कोहली, जसतरन सिंह कीर, मनमीत गुजराल ,विक्की नरूला, जस्सी चढ़ा, मोनू कपूर, गगनदीप कोहली, गुरुप्रीत सिंह प्रिन्स, सुखविंदर सिंह, गगनदीप सायली, जसप्रीत आनंद, परविंदर नागपाल, कुलबीर सिंह, गुरजीत सिंह कोहली, गुरनीत कोहली आदि सदस्य उपस्थित थे।

  • कौशल आधारित कार्यक्रमों के लिए NCVET की दोहरी मान्यता प्राप्त करने की दिशा में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने बढ़ाया कदम।

    कौशल आधारित कार्यक्रमों के लिए NCVET की दोहरी मान्यता प्राप्त करने की दिशा में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने बढ़ाया कदम।

    हल्द्वानी—उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने कौशल आधारित शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

     

    विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (NCVET) से दोहरी मान्यता के लिए आवेदन किया है, जिससे राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क (NCrF) के साथ संरेखित प्रमाणपत्र और डिप्लोमा कार्यक्रम संचालित किए जा सकें। यह पहल UOU की उद्योग-संबंधित कौशलों में छात्रों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

     

    वर्तमान में, UGC-DEB के नियमों के तहत मुक्त विश्वविद्यालयों को केवल कंप्यूटर एप्लिकेशन, प्रबंधन और पर्यटन अध्ययन जैसे क्षेत्रों में कौशल आधारित कार्यक्रम संचालित करने की अनुमति है, जिनमें व्यावहारिक या प्रयोगशाला घटक शामिल होते हैं।

     

    इन सीमाओं के बावजूद, UOU ने AICTE, NCTE, RCI और अन्य नियामक निकायों द्वारा अनुमोदित कई व्यावसायिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक चलाए हैं। अब, विश्वविद्यालय NCVET की मंजूरी से कौशल आधारित प्रमाणपत्र और डिप्लोमा कार्यक्रमों की पेशकश का मार्ग प्रशस्त करने के लिए प्रयासरत है।

     

    इस बारे में जानकारी देते हुए, प्रो. ओ.पी.एस. नेगी, कुलपति, UOU, ने कहा, “उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय हमेशा से भारत के सभी राज्य मुक्त विश्वविद्यालयों में अग्रणी रहा है।

     

    इस साल जून 2024 में, हमने सभी राज्य मुक्त विश्वविद्यालयों के स्टाफ सदस्यों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया। NCVET से दोहरी मान्यता प्राप्त करने के लिए हमारा आवेदन कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की पेशकश की दिशा में एक स्वाभाविक प्रगति है।

     

    NCVET की मंजूरी प्रक्रिया के तहत विशेषज्ञ समीक्षाओं की एक श्रृंखला आयोजित की गई, जो 18 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली में NCVET मुख्यालय में हुई अंतिम प्रस्तुति के साथ समाप्त हुई।

     

    यह प्रस्तुति उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नेगी ने NCVET की अनुमोदन समिति के समक्ष दी, जिसकी अध्यक्षता सचिव-कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय तथा वर्तमान में NCVET के चैयरमेन श्री अतुल कुमार तिवारी ने की।

     

    कौशल पाठ्यक्रमों के नोडल अधिकारी प्रो. जीतेन्द्र पांडे, ने बताया, “हमें उम्मीद है कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय जल्द ही कौशल आधारित पाठ्यक्रम संचालित करने की मंजूरी प्राप्त करेगा।

     

    हमारी योजना इंडस्ट्री के प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस नियुक्त करने की है, जो इन पाठ्यक्रमों को विकसित और संचालित करेंगे, ताकि छात्रों को उद्योग का वास्तविक अनुभव प्राप्त हो। हम जल्द ही कंप्यूटर एप्लिकेशन, प्रबंधन, सौर तकनीक, पर्यटन और आतिथ्य, तथा धार्मिक अध्ययन जैसे उभरते क्षेत्रों में कौशल पाठ्यक्रम शुरू करेंगे।

     

    इस पहल को आगे बढ़ाते हुए, डॉ. गोपाल भट्ट ने जानकारी दी कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय कौशल पाठ्यक्रमों के लिए क्वालिफिकेशन पैक (Qualification Packs) विकसित करने की प्रक्रिया में पहले से ही कार्यरत है। वहीं, प्रो. अशुतोष कुमार भट्ट, निदेशक, व्यावसायिक अध्ययन स्कूल, ने कहा, “हमारे व्यावसायिक कार्यक्रमों को जल्द ही पुनर्गठित किया जाएगा और उभरते क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रम पेश किए जाएंगे।

     

    इस पहल के साथ, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय उन छात्रों को आवश्यक कौशल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो आज के तेजी से बदलते रोजगार बाजार में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक हैं। कौशल आधारित शिक्षा पर यह ध्यान केंद्रित विश्वविद्यालय की स्थिति को एक प्रमुख शैक्षिक संस्थान के रूप में और अधिक मजबूत करेगा।

  • भारतीय जनता पार्टी के सम्भाग कार्यालय में 60वार्ड की रायशुमारी सम्मान जनक पूर्ण की गई।

    भारतीय जनता पार्टी के सम्भाग कार्यालय में 60वार्ड की रायशुमारी सम्मान जनक पूर्ण की गई।

    हल्द्वानी–पूर्व दर्जा राज्यमंत्री केदार जोशी, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री,राजेश कुमार, प्रदेश प्रवक्ता गौरव पाण्डे पर्यवेक्षकों द्वारा बताया कल दिनांक 21तारीख 11बजे से मेयर प्रत्याशी की रायशुमारी की जाएगी।

     

    केदार जोशी जी ने बताया की शान्ति पूर्ण रायशुमारी की गई है और संगठन में दो दिनों में सम्पन्न हुई ।

     

    रायशुमारी में कल विधायक पूर्व विधायक संसद प्रदेश पदाधिकारी जिला पदाधिकारी मंडल अध्यक्ष,व महामंत्री मोर्चा अध्यक्ष प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, जिला कार्यकारिणी सदस्य, कार्यकर्ता रहेंगे।

  • “रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर” तैयार, सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश परीक्षा फरवरी में।

    “रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर” तैयार, सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश परीक्षा फरवरी में।

    हल्द्वानी–राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वाधान में अनेक सेवा कार्य, समाज उत्थान के कार्य, शिक्षा के क्षेत्र में कार्य सहित व्यक्ति निर्माण व राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में अनेक कार्य किये जाते रहे हैं।

     

    शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के बाद से निरंतर कार्य कर रहा है। (स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, शारीरिक शिक्षा) साथ ही सैनिक शिक्षा के लिए संघ ने सैनिक विद्यालयों की स्थापना की है, जिसमें अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को सैनिक शिक्षा, नैतिक शिक्षा, व राष्ट्रबोध एवं राष्ट्रीय भावना उत्पन्न करने की दृष्टि से कार्य किया जा रहा है।

     

    *रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर* शिकारपुर, बुलंदशहर उत्तर प्रदेशउत्तरोत्तर प्रगति पर अग्रसर है यह विद्यालय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघचालक पूज्य रज्जू भैया की स्मृति में प्रारंभ किया गया है।

     

    इसके प्रवेश हेतु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आरंभ हो चुके हैं जो 5 फरवरी 2025 तक होंगे कुमाऊं क्षेत्र में एक परीक्षा केंद्र हरगोविंद सरस्वती विद्या मंदिर हल्द्वानी रखा गया है, जहां दिनांक 9 फरवरी 2025 को प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।

     

    इस विषय की विस्तार से जानकारी के आज अतिथि रेस्टोरेंट में पत्रकार वार्ता के दौरान श्रीमान गंगा राम जी वरिष्ठ प्रचारक, क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य विद्या भारती , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दिया ।

     

     

    प्रेस वार्ता में यशपाल जी प्रांत सह मंत्री सेवा भारती, सूरज जी जिला शारीरिक शिक्षण, अनुज गुप्ता सोशल मीडिया प्रमुख, आशीष सत्यवलीस्तम्भ लेखन प्रमुख व आनन्द मेर समेत प्रचार विभाग के जिला टोली सदस्य मौजूद रहे।

  • उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी को जल्‍द मिल सकती है यू जी सी ‘12 बी’ की मान्यता, सात सदस्‍यीय टीम ने किया दो दिवसीय ऑनलाइन निरीक्षण, कार्यक्रमों को संचालित करने में मिलेगी स्‍वायतता।

    उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी को जल्‍द मिल सकती है यू जी सी ‘12 बी’ की मान्यता, सात सदस्‍यीय टीम ने किया दो दिवसीय ऑनलाइन निरीक्षण, कार्यक्रमों को संचालित करने में मिलेगी स्‍वायतता।

    हलद्वानी–उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से अनुदान पाने का इंतजार अब जल्‍द खत्‍म होगा। यूजीसी ‘12 बी’ की मान्‍यता के लिए यूजीसी की सात सदस्‍यीय टीम ने 19 और 20 दिसम्‍बर को विश्‍वविद्यालय मुख्‍यालय में ऑनलाइन निरीक्षण किया।

     

    विश्वविद्यालय में यूजीसी की टीम द्वारा दो दिवसीय वर्चुअल निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य विश्वविद्यालय को ‘12 बी’ की मान्‍यता देना था। किसी भी विश्‍वविद्यालय को शोध एवं नवाचार के लिए माना जाता है, इसके साथ ही अकादमिक क्षेत्र में गुणवत्‍ता लाने के लिए भी अनुदान की आवश्‍यकता होती है।

     

    विश्‍वविद्यालयों में शोध व नवाचार तथा अकादमिक गतिविधियों में गुणवत्‍ता लाने के लिए अनुदान की आवश्‍यकता होती है, यूजीसी इस क्षेत्र में अनुदान तभी देती है जब विश्‍वविद्यालय यूजीसी के ‘12 बी’ की मान्‍यता प्राप्‍त कर चुकी हो।

     

    ‘12 बी’ की मान्‍यता के लिए विश्‍वविद्यालय की भौतिक संरचना, मानव संसाधन, अकादमिक गतिविधियों के साथ- साथ प्रशासनिक व्‍यवस्‍था का भी मूल्‍यांकन किया जाता है।

     

     

    इसी मूल्‍यांकन के लिए यूजीसी की सात सदस्‍यीय टीम ने विश्‍वविद्यालय के तमाम भवनों, निदेशालयों, विभागों, अनुभागों व प्रकोष्‍ठों का ऑनलाइन निरीक्षण किया। दो दिवसीय निरीक्षण में टीम ने दूसरे दिन सभी विद्याशाखाओं के निदेशक, विभागाध्‍यक्ष, समन्‍वयक व शिक्षकों तथा कार्मिकों से ऑनलाईन वार्तालाप कर सभी का फीडबैक लिया तथा समस्‍त विद्याशाखाओं में संचालित कार्यक्रमों, उनके उद्देश्‍य, उनमें पंजीकृत शिक्षार्थियों की संख्‍या तथा विभाग में कार्यरत शिक्षकों की जानकारी ली। इसके साथ ही विश्‍वविद्यालय में कार्यरत सभी कार्मिकों से भी फीडबैक लिया गया तथा उनके कार्य व समस्‍याओं की जानकारी ली गई।

     

     

    ऑनलाईन निरीक्षण में यूजीसी की ओर से विशेषज्ञ कमेटी के चेयरमैन प्रोफेसर केदार सिंह की अध्‍यक्षता में छ: अन्‍य सदस्‍य प्रोफेसर पंकज श्रीवास्तव, प्रोफेसर डी. एस. गुरु, प्रोफेसर उदय शंकर दीक्षित, डॉ. अजीत यादव और प्रोफेसर एच.सी.एस राठौर सदस्य थे। डॉ. अमोल एम आंध्रे इसके कोऑर्डिनेशन ऑफिसर रहे। यह वर्चुअल निरीक्षण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर ओम प्रकाश सिंह के नेतृत्व में सम्‍पन्‍न हुई। कुलपति ने कहा कि उन्‍हें उम्‍मीद है कि विश्‍वविद्यालय इस निरीक्षण में खरा उतरेगा और विश्‍वविद्यालय को यूजीसी से 12 बी की मान्‍यता मिलेगी।

     

     

    समस्‍त निरीक्षण कार्य विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. खेमराज भट्ट तथा विश्‍वविद्यालय के निदेशक अकादमिक प्रो. पी. डी. पंत के संयोजन में सम्‍पन्‍न हुआ। इस अवसर पर विश्‍वविद्यालय के वरिष्‍ठ प्रोफेसर डॉ. गिरीजा पाण्‍डेय, प्रो. रेनू प्रकाश, प्रो. मदन मोहन जोशी, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सोमेश कुमार, प्रो. जितेन्‍द्र पाण्‍डेय, प्रो. मंजरी अग्रवाल, प्रो. डिगर सिंह, प्रो. राकेश रयाल, प्रो. कमल देवलाल, प्रो. आशुतोष भट्ट, डॉ. शंशाक शुक्‍ल, डॉ. पी.के. सहगल, प्रशासनिक अधिकारी पी.एस. परिहार व अन्‍य अधिकारी, शिक्षक व कार्मिक मौजूद रहे ।

  • जिलाधिकारी ने बनाग्नि रोकने के उपायों हेतू की पूर्व तैयारी बैठक।

    जिलाधिकारी ने बनाग्नि रोकने के उपायों हेतू की पूर्व तैयारी बैठक।

    हल्द्वानी–जिलाधिकारी वन्दना की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में सम्पन्न हुई वनाग्नि रोकथाम हेतु पूर्व तैयारी बैठक।

     

    बैठक में विभिन्न विभागों के साथ वनाग्नि की रोकथाम हेतु आवश्यक उपाय आदि पर चर्चा करते हुए वार्षिक कार्ययोजना को अनुमोदित किया गया।

    जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी वनाग्नि काल में जिले में जानमाल की एक भी घटना घटित न होने पाए इस हेतु व्यापक तैयारी वन विभाग अभी से पूरी कर ले, इस हेतु वन विभाग संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अभी से कार्यवाही करना प्रारंभ कर ले।

     

     

    जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि की रोकथाम हेतु सबसे महत्वपूर्ण है,आम लोगों में इसके प्रति जागरूकता। इस हेतु विभिन्न माध्यमों से लोगों को जागरूक कराया जाय,उन्हें वनाग्नि से होने वाले नुकशान के बारे में बताया जाय। इसमें ग्राम स्तर पर पंचायतों,मंगल दलों,स्वयं सहायता समूहों व विभिन्न विभागों का सहयोग लिया जाय।

     

    जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि की रोकथाम में स्थानीय लोगों की भी भागीदारी सुनिश्चित हो इस हेतु ग्रामीण स्तर पर लोगों के साथ समन्वय बना रहे।

     

    आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा वनाग्नि रोकथाम हेतु स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित किए जाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन प्रस्तावित किया जाय, इस हेतु जिलाधिकारी ने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले के सभी इंटर कॉलेजों में शिक्षा विभाग के सहयोग से छात्र छात्राओं को भी वनाग्नि रोकथाम हेतु जागरूक किया जाय, ताकि वह भी अपने स्तर से अभिभावकों व अन्य को जागरूक करें।

     

    जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में वनाग्नि संभावित जितने भी संवेदनशील क्षेत्र व स्थान हैं उन स्थानों को वन विभाग चिह्नित करते हुए ऐसे स्थानों में अग्निशमन विभाग के माध्यम से अग्निसयंत्र/वाहन/फायर हाइड्रेंट आदि व्यवस्था स्थापित करें।

     

    जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के जिन क्षेत्रों में वनाग्नि की अधिक घटनाएं होती हैं ऐसे दो स्थानों में एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की तैनाती हेतु भी प्रस्ताव अभी से शासन को भेजा जाए।

     

    बैठक में जिलाधिकारी ने वन विभाग को निर्देश दिए कि जिले में वनाग्नि काल में बनने वाले सभी क्रू स्टेशनों को अभी से एक्टिव करते हुए उनमें सभी वनाग्नि की रोकथाम से संबंधित उपकरण रखे जाय वायरलेस व्यवस्था सुचारू हो जिन क्षेत्रों में वन विभाग की संचार व्यवस्था नहीं है ऐसे क्षेत्रों में पुलिस वायरलैस व्यवस्था हेतु पुलिस दूरसंचार विभाग का सहयोग लिया जाय।

     

    इसके अतिरिक्त वनाग्नि संवेदनशील क्षेत्रों में समय समय पर ड्रोनकैमरे के माध्यम से भी सर्वे व निरीक्षण किया जाय।

     

    जो व्यक्ति वनों में आग लगाते पाया जाता है तत्काल उसकी पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाय। जंगल क्षेत्रों या भीतर घूमने वाले व्यक्तियों पर भी पैनी नजर बनी रहे।जिलाधिकारी ने कहा कि हर संभव वह कार्य किए जाए जिससे वनाग्नि की घटना को रोका जा सके।

     

    उन्होंने कहा कि प्रत्येक फायर वाचर की सुरक्षा महत्वपूर्ण है इस हेतु व्यापक सुविधा उन्हें मुहैय्या कराई जाय,उन्हें पूर्ण उपकरणों से सुसज्जित कराया जाय। पूर्व प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाय।

    इसके अतिरिक्त बैठक में वनाग्नि रोकथाम के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की गई।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।

     

    वन विभाग द्वारा वनाग्नि की घटनाओं की निगरानी के लिए एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए। वनाग्नि घटना की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल कार्यवाही की जाय। उन्होंने कहा कि वनाग्नि रोकथाम के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी।

    बैठक में डीएफओ कुंदन कुमार,प्रकाश आर्या,हिमांशु बागड़ी,सीएस जोशी,हेम चंद्र गहतोड़ी,दिगंत नायक मुख्य अग्निशमन अधिकारी नरेन्द्र सिंह कुंवर अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

  • केसरवानी समाज के चुनाव 21 दिसम्बर को होंगे सुमित और आनंद सह चुनाव अधिकारी नियुक्त— वीरेंद्र गुप्ता (मुख्य चुनाव अधिकारी)।

    हल्द्वानी–केसरवानी समाज के चुनाव 21 दिसंबर को होंगे यह जानकारी देते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि समाज का चुनाव द्विवार्षिक कार्यकाल के लिए निर्धारित होगा ।

     

     

    चुनाव अध्यक्ष ,महामंत्री और कोषाध्यक्ष पदों पर होगे अध्यक्ष पद के लिए 50 वर्ष और महामंत्री व कोषाध्यक्ष पद के लिए 45 वर्ष उम्र निर्धारित की गई हैं।

    निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न करवाने के लिए सुमित केसरवानी और आनंद केसरवानी को सह चुनाव अधिकारी नियुक्त किया है।

     

    मुख्य चुनाव अधिकारी वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि चुनावी बैठक 21 दिसंबर को अतिथि रेस्टोरेंट में 3 बजे शुरू हो जाएगी।

  • दुकानों का अग्निकांड, फायर विग्रेट की लापरवाही पर भड़के व्यापारी, मुकदमा दर्ज करने की मांग।

    हल्द्वानी–प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने नया बाजार में हुए अग्निकांड में हुए व्यापारियों के नुकसान के लिए फायर ब्रिगेड को पूर्णतः जिम्मेदार ठहराया ।

     

     

    संगठन के महानगर अध्यक्ष राजीव अग्रवाल और प्रदेश संगठन प्रभारी विरेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यदि यह घटना दिन के समय हुई होती तो व्यस्तम बाजार में कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी।

     

     

    फायर ब्रिगेड अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकता हे इतने भारी क्षति के लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार हैं।

     

     

    जिला प्रशासन को इस अग्निकांड में हुई फायरब्रिगेड लापरवाही की जांच कर मुकदमा दर्ज करवाया जाना चाहिए, जिससे भविष्य में किसी भी बड़ी संभावित घटना को रोकने के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित हो सके ।

     

     

    संगठन के सभी पदाधिकारियों ने अग्निकांड पर हुए नुकसान पर रोष प्रकट किया ।

     

    जिला प्रशासन से मांग करने वालो में महानगर अध्यक्ष राजीव अग्रवाल प्रदेश संगठन प्रभारी वीरेंद्र गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष सुभाष मोंगा प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र फर्स्वाण राजेश पूरी प्रज्ञान भारद्वाज प्रमोद गोल्डी देवेश अग्रवाल पुरन लाल साह चमन गुप्ता गौरव अग्रवाल विनोद आनंद ऋषभ पाठक आदि हैं।

  • बालिकाओं द्वारा असुरक्षित स्थानों के चिन्हीकरण” विषय पर हुई कार्यशाला।

    बालिकाओं द्वारा असुरक्षित स्थानों के चिन्हीकरण” विषय पर हुई कार्यशाला।

    हल्द्वानी— जिलाधिकारी महोदया के निर्देशानुसार हल्द्वानी के बचे हुए स्कूलों में संवेदीकरण कार्यशाला शुरू की हुई जिसके क्रम में आज दिनांक 16 दिसंबर 2024 को *Delhi Public School, हल्द्वानी* में कार्यशाला संपन्न हुई। महिला एवम बाल विकास विभाग नैनीताल द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत “बालिकाओं द्वारा असुरक्षित स्थानों के चिन्हीकरण” विषय में कार्यशालाआयोजित की गई।

     

     

    इस कार्यशाला में जनपद के विभिन्न विभाग जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा एवम परिवीक्षा विभाग से आए हुए अधिकारियों द्वारा बालिकाओं से उनकी समस्याओं के बारे में चर्चा की गई।

     

    डिप्टी कलक्टर, नैनीताल श्रीमती ऋचा सिंह ने बालिकाओं से वार्ता करते हुए ऐसे स्थानों के बारे में पूछा जहां पर वह असुरक्षित महसूस करती हैं एवं अपना मोबाइल नंबर भी बालिकाओं को बताया ताकि बालिकाएं अपनी परेशानी बिना डरे साझा कर सके*, साथ ही बताया कि पिछली कार्यशालाओं में चिन्हित स्थानों पर समस्त संबंधित विभागों द्वारा लगातार कार्यवाही भी की जा रहा है।

     

     

    जिलाधिकारी महोदया द्वारा विभिन्न विभागों के लिए SOP भी जारी कर दी गई है एवं मुख्य सचिव महोदया द्वारा भी इन कार्यशालाओं को पूरे राज्य में करवाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। *बाल विकास अधिकारी शिल्पा जोशी ने बाल विवाह, घरेलू हिंसा एवं हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी।

     

     

    बालिकाओं द्वारा विभिन्न स्थानों को चिन्हित किया गया और साथ ही बताया गया कि चिन्हित जगहों पर शराब एवं ड्रग्स की बिक्री होती है, लड़के झुंड बनाकर कुछ दुकानों, होटल्स एवं ठेलों पर खड़े रहते हैं और नशे की हालत में आती जाती लड़कियों को छेड़ते हैं, कुछ सुनसान जगह में लड़के नशे में पीछा करते हैं और कुछ चिन्हित जगहों पर स्ट्रीट लाइट न होने के कारण अंधेरे में बालिकाओं को सुरक्षित महसूस नहीं होता है।

     

     

    कार्यशाला मे बालिकाओं ने कुछ सुझाव भी पेश किए जैसे शराब की दुकानों, ढाबों, होटलों का लगातार निरीक्षण, बाइक एवं गाड़ियों को तेजी से दौड़ाने पर कार्यवाही, बालिकाओं के लिए सेल्फ डिफेन्स की ट्रेनिंग, CCTV, चिन्हित जगह पर लगातार पुलिस पेट्रोलिंग, गलियों में स्ट्रीट लाइट, ऑटो एवं ई–रिक्शा स्टैंड पर एवम अन्य चिन्हित स्थानों पर गश्त आदि। *कार्यशाला के बाद टीम द्वारा बालिकाओं द्वारा बताए गए दर्जनों चिन्हित स्थानों का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया।

     

     

    इस कार्यशाला में चिन्हित स्थानों एवम कारणों के साथ समिति अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी महोदया को प्रेषित करेगी जिससे संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाएगा। *इन लगातार हो रहे कार्यक्रमों का उद्देश्य भय मुक्त वातावरण को बनाना है जहां बालिकाएं स्वयं को असुरक्षित ना महसूस करें और विश्वास के साथ कहीं भी आ जा सके, उन्हें आने-जाने में भय ना लगे और जिस भी क्षेत्र में छेड़छाड़ या बच्चियों को असुरक्षा महसूस हुई है उनमें जिलाधिकारी महोदया के निर्देशानुसार कार्यवाही की जा रही है।* कार्यक्रम में कॉलेज की शिक्षिकायें, बालिकाएं, बाल विकास सुपरवाईजर प्रियंका आर्या उपस्थित रहे।