Category: हल्द्वानी

  • सप्लाई से पहले पुलिस का शिकंजा,,, बैग से निकली तमंचों की खेप..।

    सप्लाई से पहले पुलिस का शिकंजा,,, बैग से निकली तमंचों की खेप..।

    हल्द्वानी—   नैनीताल पुलिस को अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। एसओजी और चोरगलिया थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरजनपदीय हथियार तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 8 अवैध तमंचे और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब आरोपी के आपराधिक इतिहास, हथियारों के स्रोत और पूरे सप्लाई नेटवर्क की गहन जांच में जुट गई है।

    SSP डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में जिलेभर में अपराधियों और अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल और सीओ लालकुआं अमित सैनी के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष तारा सिंह राणा के नेतृत्व में चोरगलिया थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम 27 जून को एमवीआर गेट क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी।

    इसी दौरान मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गलफार गेट की ओर जाने वाले मार्ग पर एक संदिग्ध युवक को घेरकर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके बैग से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए। बरामदगी के आधार पर आरोपी के खिलाफ थाना चोरगलिया में एफआईआर संख्या 30/2026 के तहत आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

    गिरफ्तार आरोपी

    रियासत पुत्र रईस अहमद (30 वर्ष)
    निवासी – ग्राम एवं पोस्ट नकुलिया, थाना सितारगंज, जनपद ऊधम सिंह नगर।

    बरामदगी

    02 देशी तमंचे (12 बोर) एवं 06 जिंदा कारतूस
    06 देशी तमंचे (.315 बोर) एवं 04 जिंदा कारतूस

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी इन हथियारों को कहां से लाता था, किन लोगों तक इनकी सप्लाई करता था और उसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    इस सराहनीय कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करते हुए एसएसपी नैनीताल ने ₹2,500 के नकद पुरस्कार की घोषणा भी की है।

  • अधिवक्ता परिषद देवभूमि — प्रथम प्रांत अधिवेशन सम्पन्न,,, पर्यावरण ,आपातकाल और फोरेंसिक विज्ञान पर हुआ गहन मंथन।

    अधिवक्ता परिषद देवभूमि — प्रथम प्रांत अधिवेशन सम्पन्न,,, पर्यावरण ,आपातकाल और फोरेंसिक विज्ञान पर हुआ गहन मंथन।

    हल्द्वानी–  अधिवक्ता परिषद देवभूमि (उत्तराखण्ड) के प्रथम प्रांत अधिवेशन के उद्घाटन सत्र के पश्चात आयोजित विभिन्न सत्रों में संगठनात्मक रणनीति से लेकर पर्यावरण संकट, संघ शताब्दी यात्रा और फोरेंसिक विज्ञान जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया। दो दिन चले इन सत्रों में प्रदेशभर से आए अधिवक्ताओं एवं बुद्धिजीवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    द्वितीय सत्र: संगठन
    द्वितीय सत्र “संगठन” विषय पर आयोजित हुआ। इस सत्र में प्रदेशभर के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संगठनात्मक संरचना, कार्यकर्ता विस्तार, न्यायालयीन सेवाओं में सुधार तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। सत्र में संगठन को जमीनी स्तर पर अधिक सशक्त बनाने तथा युवा अधिवक्ताओं को जोड़ने पर बल दिया गया।

    तृतीय सत्र: पर्यावरण आपातकाल
    तृतीय सत्र की मुख्य वक्ता उच्चतम न्यायालय की अधिवक्ता एवं प्रख्यात पर्यावरण कार्यकर्ता सुश्री सुबोही खान रहीं। “पर्यावरण आपातकाल” विषय पर बोलते हुए उन्होंने जल, जमीन, जंगल एवं सम्पूर्ण पर्यावरण को संरक्षित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “विकास और पारिस्थितिकी के बीच संतुलन समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अधिवक्ता समाज को पर्यावरणीय न्याय से जुड़े प्रकरणों में सक्रिय भूमिका निभानी होगी और जनता के साथ खड़ा होना होगा।” उन्होंने उत्तराखण्ड की संवेदनशील पारिस्थितिकी को देखते हुए अधिवक्ताओं से विशेष सतर्कता और जागरूकता का आह्वान किया।

    चतुर्थ सत्र: संघ की शताब्दी यात्रा एवं राष्ट्रहित
    चतुर्थ सत्र में पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शिवेंद्र कश्यप ने “संघ की सौ वर्ष की यात्रा एवं राष्ट्रहित सर्वोपरि” विषय पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माननीय सरसंघचालकों के प्रेरक जीवन और उनके मार्गदर्शन पर प्रकाश डाला। डॉ. कश्यप ने कहा कि “संघ आज सम्पूर्ण समाज को संगठित करने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने के संकल्प के साथ निरंतर अग्रसर है।” उन्होंने अधिवक्ताओं से समाज में एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय चरित्र के निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

    पंचम सत्र: विधिक क्षेत्र में फोरेंसिक विज्ञान
    पंचम सत्र में फोरेंसिक विज्ञान विशेषज्ञ श्री सत्य प्रकाश राय ने “विधिक क्षेत्र में फोरेंसिक विज्ञान” विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने अपराध अनुसंधान, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और अभियोजन में फोरेंसिक तकनीकों की बढ़ती उपयोगिता को रेखांकित किया। श्री राय ने कहा कि “फोरेंसिक विज्ञान आधुनिक न्याय प्रणाली का अभिन्न अंग बन चुका है और यह त्वरित एवं त्रुटिरहित निर्णय में सहायक सिद्ध हो रहा है।” उन्होंने अधिवक्ताओं को वैज्ञानिक साक्ष्यों की बारीकियों को समझने तथा न्यायालय में उनके प्रभावी उपयोग के लिए सुझाव दिए।

    षष्ठम सत्र (समापन सत्र): संकल्प और समापन
    षष्ठम सत्र में अधिवेशन का विधिवत समापन हुआ। क्षेत्रीय संयोजक श्री विपिन त्यागी ने सभी सत्रों के निष्कर्ष प्रस्तुत करते हुए कहा कि “यह प्रथम प्रांत अधिवेशन संगठन के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा।” सत्र में सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया कि अधिवक्ता परिषद उत्तराखण्ड की विधिक चुनौतियों के समाधान, त्वरित एवं सुलभ न्याय, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक समरसता के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगी।

    समापन पर आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री पीयूष तिवारी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। अधिवेशन का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

  • अधिवक्ता परिषद देवभूमि के प्रथम प्रांत अधिवेशन :- हुआ भव्य शुभारंभ,, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री बोले— त्वरित एवं सुलभ न्याय ही सुशासन का मूलमंत्र,।

    अधिवक्ता परिषद देवभूमि के प्रथम प्रांत अधिवेशन :- हुआ भव्य शुभारंभ,, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री बोले— त्वरित एवं सुलभ न्याय ही सुशासन का मूलमंत्र,।

    हल्द्वानी—   अधिवक्ता परिषद, देवभूमि (उत्तराखण्ड) के प्रथम प्रांत अधिवेशन का उद्घाटन सत्र आज एफ.टी.आई. परिसर में गरिमापूर्ण एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण में सम्पन्न हुआ।

    अधिवेशन का मुख्य विषय “सुलभ न्याय, समाज की सुरक्षा, उत्तराखण्ड की विधिक चुनौतियाँ एवं अधिवक्ता के दायित्व” रखा गया।

    कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत सरकार के माननीय केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री  श्रीहरि बोरेकर, प्रदेश अध्यक्ष जानकी सूर्या एवं क्षेत्र संयोजक विपिन त्यागी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ भारती, भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रख्यात विचारक माननीय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुआ।

    अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए उत्तर क्षेत्र संगठन मंत्री  श्रीहरि बोरेकर ने कहा कि अधिवक्ता परिषद 1992 में अपनी स्थापना के समय से ही उत्तराखण्ड सहित सम्पूर्ण भारत में विधिक क्षेत्र में सामाजिक दायित्व का निर्वहन कर रही है।

    उन्होंने कहा, “उत्तराखण्ड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। उस अंतिम व्यक्ति को ढूँढ़कर उसे न्याय दिलाना ही अधिवक्ता समाज का परम कर्तव्य है।”

    उन्होंने अधिवक्ताओं से समाज में विधिक जागरण लाकर विधि के शासन को सुदृढ़ करने तथा भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे तीनों नवीन कानूनों के माध्यम से त्वरित निर्णय सुनिश्चित करने में सहयोगी बनने का आह्वान किया।

    मुख्य अतिथि केन्द्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री  अर्जुन राम मेघवाल ने अपने सम्बोधन में स्पष्ट कहा कि भारतीय नागरिकों को त्वरित एवं सुलभ न्याय देना वर्तमान शासन का प्रमुख उद्देश्य है।

    उन्होंने कहा, “अंग्रेजों के समय में दण्ड देने की उद्देश्य से दण्ड संहिता बनाई गई थी, जबकि वर्तमान भारत सरकार ने न्याय देने की भावना से तीन नवीन कानून—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम—लागू किए हैं।

    इन कानूनों के माध्यम से त्वरित न्याय के साथ-साथ ई-कोर्ट, ई-पोर्टल, ई-एफआईआर, टेली-लॉ जैसी आधुनिक सुविधाओं से जनता को लाभ होगा।”

    केन्द्रीय मंत्री ने आगे कहा कि आज लम्बित मुकदमों का शीघ्रता से निस्तारण कर न्याय में विलम्ब न हो, इस पर निर्णायक रूप से कार्य करने का समय आ गया है।

    उन्होंने बताया कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए गौरक्षा, पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विधि निर्माण प्रक्रिया में अधिवक्ताओं का सक्रिय योगदान, संविधान के विभिन्न पहलुओं पर सामाजिक जागरण, न्यायिक सुधार तथा त्वरित न्याय हेतु न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि पर भी बल दिया जा रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि “नारी शक्ति वंदन” तथा आर्थिक-सामाजिक असमानता को समाप्त करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप योजनाएँ क्रियान्वित की जा रही हैं।

    इंडस्ट्री 4.0 के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक बेरोज़गारी बढ़ाने के बजाय रोज़गार के स्वरूप और अवसरों को बदलेगी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता कभी मनुष्य का स्थान नहीं ले सकती।

    उन्होंने “विकसित भारत” के लक्ष्य में त्वरित व सुलभ न्याय को सर्वाधिक महत्वपूर्ण बताते हुए परिवार प्रबोधन पर भी जोर दिया।

    क्षेत्रीय संयोजक  विपिन त्यागी ने अपने स्वागत भाषण में इस अधिवेशन को अधिवक्ता परिषद देवभूमि के इतिहास का एक निर्णायक पड़ाव करार दिया। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अधिवेशन संगठन को नई ऊर्जा और प्रभावी कार्ययोजना देगा।

    सत्र में हल्द्वानी आयोजन समिति के अध्यक्ष पीयूष तिवारी, नैनीताल के माननीय सांसद अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती जानकी सूर्या, प्रदेश महामंत्री अनुज शर्मा तथा प्रदेशभर से पधारे सैकड़ों अधिवक्ता, पदाधिकारी एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

    उद्घाटन सत्र राष्ट्रसेवा एवं त्वरित न्याय के संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ। अधिवेशन के आगामी सत्रों में उत्तराखण्ड की विधिक चुनौतियों, संगठनात्मक विषयों तथा राष्ट्र निर्माण में अधिवक्ता की भूमिका पर विस्तार से मंथन किया जाएगा।

  • हल्द्वानी में दुकानों के किराए में 50% तक मनमानी वृद्धि के खिलाफ व्यापार मंडल ने खोला मोर्चा,,, महापौर को सौंपा ज्ञापन,।

    हल्द्वानी में दुकानों के किराए में 50% तक मनमानी वृद्धि के खिलाफ व्यापार मंडल ने खोला मोर्चा,,, महापौर को सौंपा ज्ञापन,।

    हल्द्वानी—   नगर निगम क्षेत्र में दुकानदारों और व्यापारियों से मनमाने तरीके से किराया वसूली के खिलाफ आज सशक्त एकता उद्योग व्यापार मंडल (रजि0), उत्तराखंड ने महापौर, नगर निगम हल्द्वानी को ज्ञापन सौंपा।

    मंडल के अध्यक्ष तरूण वानखेड़े के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने बताया कि विगत कुछ समय से नगर निगम की दुकानों एवं निजी दुकानों के मालिकों द्वारा बिना किसी उचित आधार के हर 6 माह या 1 वर्ष में 20% से 50% तक किराया बढ़ाया जा रहा है। विरोध करने वाले व्यापारियों को दुकान खाली करने की धमकी देकर मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है।

    संगठन महामंत्री भुवन भट्ट ने कहा कि बढ़ती महंगाई, ऑनलाइन व्यापार की कड़ी प्रतिस्पर्धा और लगातार बढ़ते व्यावसायिक खर्चों के बीच किराए की यह बेतहाशा वृद्धि छोटे-मझोले व्यापारियों की कमर तोड़ रही है। हालात यह हैं कि अनेक व्यापारी अपना वर्षों पुराना व्यवसाय बंद करने को मजबूर हैं, जिससे नगर की आर्थिक गतिविधियों और रोजगार पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

    प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति अवस्थी ने कहा “हल्द्वानी में सैकड़ों महिला उद्यमी छोटी दुकान, ब्यूटी पार्लर, बुटीक चलाकर अपना घर चलाती हैं। 50% किराया वृद्धि से सबसे ज्यादा चोट महिला व्यापारियों पर पड़ी है। किराया नहीं दे पाने के कारण कई बहनों की दुकानें बंद होने की कगार पर हैं। क्या नगर निगम चाहता है कि महिलाएं फिर से चूल्हे-चौके तक सीमित हो जाएं?”

    महिला प्रदेश प्रभारी सीमा बत्रा ने कहा “वो खुद एक महिला हैं। हम उनसे माँ-बहन के नाते निवेदन करते हैं कि इस उत्पीड़न को रोकें। अगर मातृशक्ति का व्यापार उजड़ेगा तो हल्द्वानी का परिवार कैसे बचेगा? संयुक्त समिति में महिला प्रतिनिधित्व अनिवार्य हो, ताकि महिलाओं की समस्याएं सीधे सुनी जा सकें।”

    *ज्ञापन में 4 प्रमुख मांगें रखी गईं:—
    1. दुकानों के किराए में मनमानी वृद्धि पर तत्काल रोक लगाकर वार्षिक वृद्धि की सीमा तय की जाए।
    2. व्यापारियों के उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों व दुकान मालिकों पर सख्त कार्रवाई हो।
    3. किराया निर्धारण हेतु नगर निगम, दुकानदारों व व्यापारी प्रतिनिधियों की संयुक्त पारदर्शी समिति बने, जिसमें महिला प्रतिनिधि अनिवार्य हो।
    4. सभी दुकानों का रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य कर नगर निगम में पंजीकरण कराया जाए।

    प्रदेश प्रवक्ता संजय त्यागी ने चेतावनी दी, कि यदि शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी वर्ग आंदोलन को बाध्य होगा।व्यापारी हमेशा नगर के विकास में प्रशासन के साथ रहा है, पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    इस अवसर पर कार्यालय प्रमुख तेज सिंह कार्की, प्रदेश सचिव कल्पना रावत, कार्यकारिणी सदस्य राजेश कांडपाल, कार्यकारिणी सदस्य कैलाश चंद्र सती सहित सैकड़ों व्यापारी मौजूद रहे।

  • पेपर लीक से रोजगार तक– देश का छात्र भ्रष्ट व्यवस्था से लड़ रहा है : सुमित

    पेपर लीक से रोजगार तक– देश का छात्र भ्रष्ट व्यवस्था से लड़ रहा है : सुमित

    हल्द्वानी—   नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे छात्रों की गूँज’ अभियान के तहत शुक्रवार को हल्द्वानी के स्वराज आश्रम में कांग्रेस ने छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में NEET और JEE अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया और शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक, बढ़ते निजीकरण तथा युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।

    इसके बाद आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने अभियान के उद्देश्य मीडिया के सामने रखे।

    सुमित हृदयेश ने कहा कि आज का छात्र सिर्फ परीक्षा नहीं, बल्कि भर्ती घोटालों, पेपर लीक, वर्षों तक खाली पड़े पदों और शिक्षा के बढ़ते निजीकरण जैसी चुनौतियों से भी जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के सवालों पर गंभीर नहीं है, जबकि कांग्रेस पारदर्शी भर्ती, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार के लिए लगातार आवाज़ उठा रही है।

    उन्होंने छात्रों से कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत न हारने और आत्महत्या जैसा कदम कभी न उठाने की अपील करते हुए कहा कि हर समस्या का समाधान संभव है।

    महानगर कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि ‘छात्रों की गूँज’ केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का संकल्प है।

    उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है और कांग्रेस निष्पक्ष परीक्षा, समयबद्ध भर्ती तथा समान अवसर की मांग को हर स्तर पर मजबूती से उठाती रहेगी।

    कार्यक्रम में कांग्रेस के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। पूरे आयोजन का केंद्र शिक्षा, रोजगार और युवाओं की समस्याओं को लेकर संवाद और सुझाव रहा।

  • हल्द्वानी के लाल अजय महरा ,,, देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में वैज्ञानिक के रूप में देंगे योगदान,,।

    हल्द्वानी के लाल अजय महरा ,,, देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में वैज्ञानिक के रूप में देंगे योगदान,,।

    उत्तराखंड—  उत्तराखण्ड के हल्द्वानी का अजय देगा देश के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रमों में सहयोग। बी.ए.आर.सी.मुम्बई में चयनित होने के बाद एक वर्ष की ट्रेनिंग के कर मिलेगी नियुक्ति।

    मूलरूप से ओखलकांडा जिले के भद्रकोट निवासी अजय महरा का देश के परमाणु ऊर्जा विभाग में बतौर वैज्ञानिक चयन हुआ है। अजय महरा शुरू से ही होनहार और एक मेधावी छात्र रहे हैं।

    जिन्होंने सेंट लॉरेंस पब्लिक स्कूल हल्द्वानी से हाईस्कूल में 96% और इन्टरमीडिएट परीक्षा में 9.4 सी.जी.पी.ए.के साथ उत्तीर्ण की।

    इसके बाद अजय ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के दयाल सिंह कॉलेज से बी.एस.सी.की परीक्षा उत्तीर्ण की। यहां अजय को स्कालरशिप भी मिली।

    इसके बाद अजय ने हल्द्वानी के एम.बी.जी.पी.जी.काॅलेज से एम.एस.सी.फिजिक्स उत्तीर्ण की और जे.आर.एफ.नैट परीक्षा उत्तीर्ण की। इसी वर्ष आई.आई.टी.की ऑल इंडिया गेट परीक्षा में 22वीं रैंक हासिल की और देश के परमाणु ऊर्जा विभाग में ऑल इंडिया बेसिस पर फिजिक्स विषय के कुल 29 पदों में बतौर वैज्ञानिक चयन हुआ है।

    अजय महरा आज की पीढ़ी के लिए एक मिसाल हैं, जिन्होंने अपने पूरे कैरियर में कभी कोई ट्यूशन नहीं पढ़ा और ना ही किसी कोचिंग सेंटर को जॉइन किया। उन्होंने हमेशा सैल्फ स्टडी पर भरोसा किया।

    अजय महरा के पिता धरम सिंह महरा आसाम राइफल में नौकरी करते हैं तथा माता श्रीमती दीपा महरा का 3 वर्ष पूर्व कैंसर की बीमारी से देहांत हो गया था। पिता के नौकरी में होने के कारण बी.एस.सी.की पढ़ाई के दौरान अजय महरा ने माँ के इलाज के लिए लगातार सेवा की।

    अजय महरा की छोटी बहन काजल भी मेधावी छात्रा हैं। उसकी आई.आई.टी.जैम में ऑल इंडिया रैंक 325 रही है। अजय महरा ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। अजय महरा के मामा पंकज कुलौरा उत्तराखंड हाईकोर्ट और सैशन कोर्ट में अधिवक्ता हैं।

    अजय की इस सफलता पर रि.कर्नल डॉ.गिरिजा शंकर मुनगली, नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट, सिंथिया पब्लिक स्कूल के एम.डी.डॉ प्रविन्द्र रौतेला, सेंट लॉरेंस पब्लिक स्कूल के एम.डी.सुनील जोशी, महिलाशक्ति प्रदेशअध्यक्ष डॉ.रेखा पांडे, हेमंत सिंह बोरा, गोपाल सिंह गंगोला, अधिवक्ताशक्ति प्रदेशअध्यक्ष मनोज साहनी एडवोकेट, युवाशक्ति प्रदेशअध्यक्ष एवं रोटरी क्लब महासचिव आशीष दुम्का, कार्यकारी जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल हल्द्वानी जसविंदर सिंह भसीन, अधिवक्ता मोहम्मद अबरार, अनिल मुनगली, रेडिएंट हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जन डॉ.पुनीत गोयल, ताइक्वांडो संगठन के अध्यक्ष चंद्र विजय सिंह बिष्ट, विनोद कुमार कश्यप आदि ने बधाई दी है।

    #HaldwaniPride #BARCScientist #SuccessStory #UttarakhandTalent

  • हल्द्वानी में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत, डायरी ने खड़े किए सवाल..।

    हल्द्वानी में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत, डायरी ने खड़े किए सवाल..।

    हल्द्वानी—   उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक बेहद दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है। मध्य प्रदेश की रहने वाली 19 वर्षीय अंजलि जाटव, जो NEET परीक्षा की तैयारी के लिए हाल ही में हल्द्वानी आई थीं, अपने पीजी के कमरे में मृत मिलीं। सूचना मिलने पर पुलिस ने उन्हें तत्काल सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस के अनुसार, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। हालांकि कमरे से एक डायरी मिली है, जिसमें लिखी एक लाइन _”एक को छोड़ दिया है, दूसरे को नहीं छोड़ूंगी। अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। पुलिस ने इसे जांच के लिए सुरक्षित रखते हुए मामले की हर पहलू से पड़ताल शुरू कर दी है।

    अंजलि मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की निवासी थीं और 30 मई को हल्द्वानी स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया था। वह फिलहाल डेमो क्लास कर रही थीं और 29 जून से उनकी नियमित कक्षाएं शुरू होने वाली थीं। मुखानी क्षेत्र में स्थित एक निजी पीजी में रहकर वह अपने डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने की तैयारी कर रही थीं।

    पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले को संदिग्ध मानते हुए सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    घटना ने परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। मृतका के पिता ने पहले अपने बेटे को भी NEET की तैयारी के लिए हल्द्वानी भेजा था, जो वर्तमान में एम्स भोपाल में अध्ययन कर रहा है। अब बेटी भी उसी राह पर चलकर डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन उसका यह सपना अधूरा रह गया।

  • 56.25 लाख के 256 खोए मोबाइल लौटाकर नैनीताल पुलिस ने जीता लोगों का दिल।

    56.25 लाख के 256 खोए मोबाइल लौटाकर नैनीताल पुलिस ने जीता लोगों का दिल।

    हल्द्वानी—   अगर आपका मोबाइल कहीं खो जाए और महीनों बाद वह दोबारा आपके हाथ में लौट आए, तो इससे बड़ी खुशी शायद ही कोई और हो। कुछ ऐसा ही अहसास नैनीताल जिले के 256 लोगों ने किया, जब नैनीताल पुलिस ने उनकी उम्मीदों को हकीकत में बदलते हुए 56.25 लाख रुपये से अधिक कीमत के 256 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए।

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर गठित मोबाइल ऐप एवं साइबर सेल टीम ने अप्रैल 2026 से 24 जून 2026 के बीच नैनीताल पुलिस मोबाइल ऐप और CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की। तकनीकी जांच और IMEI ट्रैकिंग के जरिए पुलिस ने देश के 12 राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से कुल 256 मोबाइल फोन बरामद किए।

    इस अभियान का संचालन एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र एवं एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल के मार्गदर्शन में हुआ। वहीं क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन/हल्द्वानी अमित कुमार सैनी के पर्यवेक्षण तथा मोबाइल ऐप (साइबर सेल) प्रभारी उपनिरीक्षक मीनू गौतम के नेतृत्व में टीम ने दिन-रात मेहनत कर इस उल्लेखनीय सफलता को हासिल किया।

    बरामद मोबाइलों में 4 आईफोन, 35 सैमसंग, 59 ओप्पो, 50 वीवो, 26 रियलमी, 19 रेडमी, 14 पोको, 10 वनप्लस, 10 मोटोरोला, 10 इंफिनिक्स, 6 टेक्नो, 5 लावा, 5 आईटेल और 3 आईक्यू समेत विभिन्न ब्रांड के स्मार्टफोन शामिल हैं। इन सभी की कुल अनुमानित कीमत 56 लाख 25 हजार रुपये आंकी गई है।

    जब लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस मिले तो उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। सभी ने नैनीताल पुलिस और SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की इस जनहितकारी पहल की जमकर सराहना की।

    इस शानदार उपलब्धि के लिए उपनिरीक्षक मीनू गौतम, कांस्टेबल किशन सिंह कुंवर और कांस्टेबल रामचन्द्र प्रजापति की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पूरी मोबाइल रिकवरी टीम को 2,500 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की है।

    यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि आधुनिक तकनीक, त्वरित कार्रवाई और समर्पित पुलिसिंग से आम जनता का भरोसा और भी मजबूत होता है।

  • अधिवक्ता परिषद देवभूमि का प्रथम प्रांतीय अधिवेशन 27 एवं 28 जून को हल्द्वानी में,,।

    अधिवक्ता परिषद देवभूमि का प्रथम प्रांतीय अधिवेशन 27 एवं 28 जून को हल्द्वानी में,,।

    हल्द्वानी–   अधिवक्ता परिषद देवभूमि का प्रथम प्रांतीय अधिवेशन आगामी 27 एवं 28 जून, 2026 को एफ.टी.आई., हल्द्वानी में आयोजित किया जाएगा।

    अधिवेशन का शुभारंभ 27 जून को प्रातः उद्घाटन सत्र के साथ होगा, जबकि 28 जून को विभिन्न बौद्धिक, संगठनात्मक एवं वैचारिक सत्रों के उपरांत समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।

    अधिवक्ता परिषद देवभूमि की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती जानकी सूर्या ने बताया कि इस अधिवेशन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों सहित देश के विभिन्न भागों से अधिवक्ता, विधि विशेषज्ञ, विधि शिक्षाविद्, शोधार्थी, विधि के विद्यार्थी एवं न्याय व्यवस्था से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति सहभागिता करेंगे।

    उन्होंने कहा कि यह अधिवेशन अधिवक्ता परिषद देवभूमि के संगठनात्मक विस्तार, अधिवक्ताओं के बौद्धिक विकास तथा न्याय व्यवस्था से जुड़े समसामयिक विषयों पर गंभीर मंथन का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

    उन्होंने बताया कि अधिवेशन में केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

    इसके अतिरिक्त सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता  एस. डी. अवस्थी, फॉरेन्सिक विभाग के अपर निदेशक सत्यप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन मंत्री हरि बोरेकर तथा क्षेत्रीय संयोजक  विपिन कुमार त्यागी सहित अनेक विशिष्ट वक्ता विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त करेंगे।

    विशेष रूप से फॉरेन्सिक विभाग के अपर निदेशक  सत्यप्रकाश अधिवक्ताओं एवं उपस्थित प्रतिभागियों को फॉरेन्सिक विज्ञान, वैज्ञानिक साक्ष्यों के न्यायिक महत्व, अपराध अन्वेषण में आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा न्यायालयीन कार्यवाही में फॉरेन्सिक साक्ष्यों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे। उनके व्याख्यान से अधिवक्तागण एवं अन्य प्रतिभागी आधुनिक फॉरेन्सिक विज्ञान के व्यावहारिक पक्षों से लाभान्वित होंगे।

    अधिवेशन में Law Reforms (विधिक सुधार), Advocates Quality Development (अधिवक्ताओं की गुणवत्ता एवं क्षमता विकास), Law Research (विधिक अनुसंधान) सहित न्यायिक सुधार, अधिवक्ताओं की भूमिका, संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण तथा समाज एवं राष्ट्र के प्रति अधिवक्ताओं के दायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा एवं विचार-विमर्श किया जाएगा।

    प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती जानकी सूर्या ने बताया कि अधिवेशन की सभी तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। बाहर से आने वाले प्रतिनिधियों के आवास, भोजन, पंजीकरण, परिवहन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रूप से पूर्ण किया जा रहा है।

    उन्होंने प्रदेश के सभी अधिवक्ताओं, विधि के विद्यार्थियों तथा विधि व्यवसाय से जुड़े सभी व्यक्तियों से अधिकाधिक संख्या में अधिवेशन में सहभागिता कर इसे सफल बनाने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती जानकी सूर्या, अनुज शर्मा महामंत्री ,महामंत्री उच्च न्यायालय इकाई  अनिल कुमार जोशी, उपाध्यक्ष (लिटिगेशन) , राजेश कुमार राठौर,  तपन सिंह, विशेष आमंत्रित सदस्य (प्रांत) श्रीमती पुष्पा भट्ट, विशेष आमंत्रित सदस्य (प्रांत)  संजीव कुमार मंडल, हल्द्वानी नगर इकाई के अध्यक्ष पियूष तिवारी, हल्द्वानी नगर इकाई के महामंत्री  चंदन मेहता उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता का संचालन अधिवक्ता ललित मोहन जोशी सदस्य प्रदेश कार्यकारिणी ने किया |

    बैठक में सभी पदाधिकारियों ने अधिवेशन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इसे ऐतिहासिक एवं सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया तथा कार्यकर्ताओं से अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध, अनुशासित एवं पूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।

  • हल्द्वानी– इंस्पिरेशन की शिवांगी पांडे ने तुर्की में रचा इतिहास ,,,  वर्ल्ड एबिलिटीस्पोर्ट यूथ गेम्स में जीता गोल्ड।

    हल्द्वानी– इंस्पिरेशन की शिवांगी पांडे ने तुर्की में रचा इतिहास ,,, वर्ल्ड एबिलिटीस्पोर्ट यूथ गेम्स में जीता गोल्ड।

    उत्तराखंड—   नैनीताल जिले की होनहार पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी शिवांगी पांडे ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्तराखंड और पूरे देश का नाम रोशन कर दिया है।

    तुर्की के मर्सिन शहर में 14 से 21 जून 2026 तक आयोजित वर्ल्ड एबिलिटीस्पोर्ट यूथ गेम्स 2026 में शिवांगी ने एसएल-4 वर्ग की महिला एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

    इतना ही नहीं, उन्होंने मिक्स्ड डबल्स प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का एक और शानदार परिचय दिया।

    दुनिया भर के खिलाड़ियों के बीच हुए इस प्रतिष्ठित मुकाबले में शिवांगी ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को पछाड़ा और तिरंगे का मान बढ़ाया। उनकी इस उपलब्धि ने पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है।

    शिवांगी का यह सफर संघर्ष, मेहनत और जुनून की मिसाल है। इससे पहले भी वह युगांडा पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल 2025 में महिला एकल वर्ग में स्वर्ण तथा महिला युगल वर्ग में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। वहीं 7वीं राष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2026, हैदराबाद में राष्ट्रीय चैम्पियन बनने का गौरव भी उनके नाम है।

    इसके अलावा शिवांगी ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड पैरा बैडमिंटन चैम्पियनशिप 2026, बहरीन में भारत का प्रतिनिधित्व किया तथा एशियन यूथ पैरा गेम्स 2025, दुबई में कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया।

    राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उन्हें देश की उभरती हुई पैरा बैडमिंटन स्टार के रूप में स्थापित कर दिया है।

    खेल के साथ-साथ शिक्षा में भी शिवांगी ने अपनी प्रतिभा साबित की है। उन्होंने हाल ही में इंस्पिरेशन पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी से इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण की है। खेल और पढ़ाई दोनों क्षेत्रों में उनकी सफलता आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

    शिवांगी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अनुराग माथुर, प्रबंधक दीपक बलूटिया, चेयरपर्सन गीतिका बलूटिया सहित समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।